1) प्रकाशित कृतियाँ

1-जागा हिंदुस्तान चाहिए “काव्य संग्रह”
2-क्रौंच सु ऋषि आलोक “खण्ड काव्य”
3- पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं “रचना संग्रह”

दो कृतियाँ, “क्रौंच सु ऋषि आलोक” एवं “पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं” अमेजोन एवं फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध हैं..

2)- प्रसारित काव्यपाठ –
आकाशवाणी छतरपुर से कई काव्यपाठ प्रसारित हो चुके है.

Pt Brajesh Nayak नाम से चल रहे यू टयूव चैनल पर आकाशवाणी से प्रसारित मेरे कुछ काव्यपाठों को सुना जा सकता है.

3)-Awards:

अ) -उपाधियाँ
…………

1-“राष्ट्र भाषा आचार्य”
2-“जालौन रत्न”

ब) -सारस्वत सम्मान
……………………..

1-विद्यावाचस्पति
2-विद्यासागर

स) – सम्मान
……………….

1-“साहित्य गौरव”
2-“राष्ट्रभाषा भूषण”
3-“अमृत”
4-“प्रेम सागर”
5-“साहित्य सौरभ”
6-“श्रेष्ठ शब्दशिल्पी”
7-“श्रेष्ठ रचनाकार”
8-प्रतिभाशाली रचनाकार सम्मान
9-हिंदी सागर
10-हिंदी सेवी
11-अटल साहित्यरत्न

-उक्त के अतिरिक्त आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं द्वारा प्रशंसा पत्रों /सम्मान पत्रों /प्रशस्ति पत्रों /पुरस्कार आदि से अलंकृत किया जा चुका है.

4) My blog-

ptbrijeshnayak1961.blogspot.com

5)- पिता-श्री रामस्वरूप

6)-जन्मस्थान -ग्राम-कैथेरी, जिला-जालौन, उ. प्र.

7)-जन्मतिथि -08-05-1961

8)-पुत्र.
* पवन कुमार नायक ,
Lt CDR Indian navy

** रवि प्रकाश नायक ,
M Com

9)- पुत्रवधू-
इंजी. स्वाति द्विवेदी पवन नायक
M Tec

10)-पत्नी –
श्रीमती शिव कुमारी
………………………………………………………………………..

सम्पर्क सूत्र
…………….
सुभाष नगर ,कोंच,
जिला-जालौन,उ.प्र.
पिन- 285205
( केदारनाथ दूरवार स्कूल के पास )

एवं

डी-75 सनफ्रान अशोक सिटी,झांसी ,उ प्र, भारत.
(कानपुर ग्वालियर बाई पास पर)

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नूतन सद्आचार मिल गया

नूतन सद् आचार मिल गया अपनापन सद्भाव प्रेम सह विज्ञ सुजन व्योहार मिल गया गाँव-संस्कृति में कुरीतियाँ, धर्मांधता, अशिक्षा -साया ... Read more

रोमाँस है

उम्र क्या,जब जग गया प्रेमांस है ? मस्त मन है, जवानी को आँस है | हँसा बुड्ढा ज्ञान बनकर, जवाँ दिल, रूप-लिप्सा वस मिले,रोमाँस है | ... Read more

माँ, हर बचपन का भगवान

माँ, हर बचपन का भगवान | सजग सुकोमल मनभावन ममता का अमल वितान | जित देखो उत प्रेम-फुहारों से भरती सुत का दिल | सदा सुहावन लोरी गा... Read more

श्रीयुत अटलबिहारी जी

श्रीयुत अटलबिहारी जी राष्ट्र संस्कृति पालक बन की जन-रखवारी जी जनसंघी ने संघर्षों का अनुपम बिगुल बजाया राष्ट्र-भूमि पर मत्था ट... Read more

गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है

गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है हर महीना रार- सा अब लग रहा है सूना पीपल, पंखा विद्युत का चला वक्त भौतिक यार-सा अब लग रहा है ... Read more

वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है

कबड्डी खो -खो का बीता दौर है | गाँव में अब जुआड़ियों का शोर है | सूना मुखिया-द्वार सूनी डेहरी | वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है | .... Read more

धागा भाव-स्वरूप, प्रीति शुभ रक्षाबंधन

रक्षाबंधन पर्व में ,छिपा प्रेम सह ज्ञान | नहीं भूलना करें जब, पितु जी कन्यादान || पितु जी कन्यादान, रक्त- ऋण सु यश चुकाना | भौतिक... Read more

अमर कोंच-इतिहास

मुक्तक ........ कोंच भी आनंद-पथ सह ध्यान है | क्रौंच ऋषि -आलोक का प्रतिमान है | राष्ट्रहित में बढे पग, फिर ना रुके | वीरता के ... Read more

मिलन-सुख की गजल-जैसा तुम्हें फैसन ने ढाला है

आपकी जुल्फें चाँदी-सीं किंतु उन पर रँग काला है | मिलन-सुख की गजल-जैसा तुम्हें फैसन ने ढाला है | बुढापे की मस्त झुर्रीं, दे रहीं... Read more

जीत-हार में भेद ना,

जीत-हार में भेद ना,हो जाता जब प्रेम| दो उर,निज दिल हारकर, जीत बने सद्प्रेम || ................................ उर=हृदय,दिल बृज... Read more

कवि का परिचय( पं बृजेश कुमार नायक का परिचय)

नमन 'बृजेश कुमार' का, गुरुवर हो स्वीकार | 'नायक' शुभ उपनाम प्रभु, तुम सुबोध-आधार || तुम सुबोध -आधार, पढाई पढ बहुधंधी | पा ली श्रे... Read more

चूँ-चूँ चूँ-चूँ आयी चिड़िया

चूँ-चूँ चूँ-चूँ आयी चिड़िया बच्चों के मन भायी चिड़िया चंदा मामा के घर पहुँची खेल खिलौने लायी चिड़िया कक्षा में बोली पढ़ लो... Read more

सदा बढता है,वह 'नायक', अमल बन ताज ठुकराता|

जो नर-मन खुशमिजाज़ी का सुघड़ अंदाज बन जाता | उसी जीवन में आनंदी भरा गुणराज आ जाता | न जाने आगे-पीछे का, निरंतर आज में रहकर | सदा... Read more

सद्ज्ञानमय प्रकाश फैलाना हमारी शान है |

'नायक' बनकर जिऊँ हरदम,आज में, यह भान है | इसलिए ही अधर हर्षित,बाँटें शुभ, मुस्कान हैं | स्व हृदय में रखता सदा मैं, सूर्य-सम अंदाज ... Read more

कहाँ तुम पौन हो

निज गिरेवाँ झाँक,जानो कौन हो| अहंकारी या सजगता-गौन हो | सूत्र कहता,स्वयं को पहचान कर | जो बढोगे,फिर कहाँ तुम पौन हो | ............. Read more

सद्आत्मा शिवाला

इंसानियत के ख़ातिर, दूँ मैं प्रेम- प्याला | पीना अगर तो पी लो, सद्आत्मा शिवाला || बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान चाहि... Read more

प्रकृति

प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही देख लो बाग़ की मोहनी हर झलक दिल सुगंधी हवा से घिरा अब तलक... Read more

प्रकृति

वर्षा ऋतु सद्प्रीति का सुंदर भाव-विधान | क्षण-क्षण मिलन समान है कर लो अनुसंधान || प्रकृति -प्रेम सुख- धाम है त्याग दीजिए शोक |... Read more

कर्म-पथ से ना डिगे वह आर्य है

सजग कर दे राष्ट्र को आचार्य है | गुरु वही जो आत्मपथमय कार्य है | रीढ ,वह ही लोक की बनता सदा| कर्म-पथ से ना डिगे वह आर्य है | ..... Read more

इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ

छोड़ कर जग-द्वंद, मैं शुभ मुहब्बत गह हर्ष हूँ | दिल गलाऊँ ,मोमबत्ती-सम जलूँ , आदर्श हूँ | हिंद पावन औ सदा ही प्यारमय अतिशय सघन इ... Read more

शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का

तिरंगा बन गया लेकिन लट्ठ गह सद्ज्ञान का | इसी से ही उच्चता औ विवेकी धन ध्यान का मिला,फहराया अमन बन,विश्व के कल्याणहित | शुभ गगन... Read more

प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से

शुभ सुहिंदुस्तान हूँ, देखो मुझे आराम से | गुलामीं के निशाँ, दर्दीले-जवाँ पैगाम से | घाव गहरे दिए पर, मुस्कान का आलोक गह प्रकाशित... Read more

झाँसी की रानी /क्षिति पर तूफाँ-सा आया ,तलवार हाथ ले निकल पड़ी

क्षिति पर तूफाँ-सा आया,तलवार हाथ ले निकल पड़ी| देख फिरंगी की छाती पर, अश्व-टाप धर आज चढी| सुयश-वीरता खेल खेलती,झाँसी की क्षत्र... Read more

शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए

शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए ,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं | जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं || -राष्ट्र हमारा कल गुलाम ... Read more

सत् हंसवाहनी वर दे,

प्रार्थना ............. सत् हंसवाहनी वर दे, सत् हंसवाहनी वर दे | समता-ममता के पीयूष से, नव भारत भर दे | ... Read more

मनुआँ काला, भैंस-सा

गंगाजल के बीच में, तन धोबें बन भैंस | मनुआँ काला, भैंस-सा,जे अच्छे या भैंस || ................................................. Read more

अधीनता के ही तो आस-पास हैं

अभी तो ऊँच-नीच के कपाट हैं | कहीं हैं ठाटबाट ,कहीं टाट हैं| जातिवाद की भी हैं पहेलियाँ| चीखतीं हैं घर में सुप्त बेटियाँ| मनमय ... Read more

अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश

लेखन वह, जो राष्ट्रहित- सजग चेतनाकाश देकर, बने सु प्रीति सह मातृभूमि-उल्लास| सहजरूप गह, दिव्यता का छूू ले उत्कर्ष| अमर काव्य हर ह... Read more

कृतिकार पं बृजेश कुमार नायक की कृति /खंड काव्य क्रौंच सु ऋषि आलोक की समीक्षा

पुस्तक समीक्षा कृति का नाम -"क्रौंच सुऋषि आलोक समीक्षक-डा मोहन तिवारी " आनंद " प्रसिद्ध गीतकार बृजेश कुमार नाय... Read more

पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब

पर्यावरण बचा लो, कर लो बृक्षों की निगरानी अब | प्रकृति-प्रेम बिन गर्म हवाएं ,बन गईं रेगिस्तानी अब | हाल यही यदि रहा,रोएगा निश्चय... Read more

बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय||

विश्रामालय रेल का कुंच पड़ गया नाम| गोरों-शासन बाद तक ऋषि को किया प्रणाम|| ऋषि को किया प्रणाम कुंच स्टेशन भाया| संशोधित पुनि न... Read more

जो दहन होलिका का हुआ है तो क्यों?

जो दहन होलिका का हुआ है तो क्यों? मन नहीं मिलते हैं, दूरियाँ बढ रहीं | रक्षदल रूप का जो भी आकाश है | वह सदा ही अविकसित है, औ त्... Read more

सद् गणतंत्र सुदिवस मनाएं

सद् गणतंत्र सुदिवस मनाएं | जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं राष्ट्र हमारा कल गुलाम था आज स्वयं हम ही गुलाम है ... Read more

1-अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा2- अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा (दो गीत) राधिका उवाच एवं कृष्ण उवाच

1- राधिका उवाच अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया खगकुलों का सुकलरव महानाद है प्रीति -र... Read more

मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे

मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे जनसंख्या विस्फोट कर रहे बन कर के टुच्चे | दिव्य चेत बिन नाच रहा नर, बनकर नंगा बिना ज्ञान के बढ़े गरीब... Read more

धोकर के मन की कालिख सद्प्रीति खोज लो |काँटों में खिलो फूल-सम, औ दिव्य ओज लो

धोकर के मन की कालिख सद्प्रीति खोज लो कांटो में खिलो फूल-सम औ दिव्य ओज लो जिसने भी रक्त चूस सताया है दीन को धिक्कारो ऐसे जीव... Read more

यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो, ऐसा विज्ञान चाहिए

यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो ऐसा विज्ञान चाहिए जो सोए है उने जगाने का संकल्प महान चाहिए क्षिति नायक तेरे दुखिया मन में प्रकटे जैसे ... Read more

जगे युवा-उर तब ही बदले दुश्चिंतनमयरूप ह्रास का

युवक जाग जाए तो, विकसित राष्ट्र, भाल छूता विकास का | अगर सो गया , तब हिंसा औ अवनतिमय दुश्चक्र नाश का | जस मानव, वैसा स्वदेश है ... Read more

किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो/ वही तो नवराष्ट्र का उल्लास है

रोक सकते हो मुझे, तो रोक लो बढ़ रहा हूँ, चेतना आलोक लो काट डालो तुम हमारे अस्त्र सब किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो ... Read more

आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण

चेतनामय लोकहित जागो निपुण धरणि पर बैकुंठ का हो अवतरण राष्ट्र पुलकित कहेगा सम्मान से आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण ़़़़़़़़़़़़़:़़... Read more

धारण कर सत् कोयल के गुण

जागा अधिवक्ता पतला सा त्यागे तन के कीमती वस्त्र ले हाथ छड़ी जिस ओर बढा पीछे-पीछे पग थे सहस्त्र अनुपम- अतुलित बल का उद्भव ... Read more

युवकों का निर्माण चाहिए

युवकों का निर्माण चाहिए, युवकों का निर्माण चाहिए कलियुग के कलुषित तम हिय को,चीर सके वह बाण चाहिए सज्जनता की ढाल रो रही,काम-क्र... Read more

भारतवर्ष स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है

भारत पर स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है विश्वबंधु-दीपक बन जलने वाला सुंदर -प्यारा है लक्ष्मीबाई की कृपाण ने देख फिरंगी... Read more

कुत्ते भौंक रहे हैं हाथी निज रस चलता जाता

कुत्ते भौंक रहे हैं हाथी निज रस चलता जाता| कौन मूर्ख है आप बताओ किसका बल से नाता? श्वान कह रहा मेरे डर से भाग रहा है मोटा| मा... Read more

सुबह ना आए, सुजन यदि दीन है|

चेतना बिन नर ,कहाँ स्वाधीन है | ज्ञानमय आलोक तज,दमहीन है | तम जहाँ पर है, वहाँ पर कभी भी सुबह नाआए,सुजन यदि दीन है | बृजेश कु... Read more

वह सु रचना देश का सम्मान है | छिपी हो जिसमें सजग संवेदना|

राष्ट्रहित गह दिव्यता,दे चेतना | छाँट दे जो सहज में जन-वेदना | वह सु रचना देश का सम्मान है | छिपी हो जिसमें सजग संवेदना | रचना... Read more

हिंदी से प्यार करो

निज को सद् आचार करो औ प्रेमरूप त्योहार करो| भारतवर्ष प्रगति पाएगा, तुम हिंदी से प्यार करो| विश्व विजय की प्रबल साधना हमने की,... Read more

सुप्त तरुण, निज मातृभूमि को हीन बनाकर के विभेद दें

आत्मशुद्धिमय सजग सिपाही, बनकर युवजन लक्ष्य भेद दें| बिना जागरण के स्वदेश को भारऔर तम- द्वंद- खेद दें| समझ न सके राष्ट्र की पीड़... Read more

जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए

जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए ,जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए मानव मन के मन को धोने वाला पावन ज्ञान चाहिए गोदी में भूखा रोता है भारत माँ का... Read more

परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति

परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति के शुभ सुंदर मिलन-सम परशुराम की नीति| सदा बीरता की सुगति, सहित सघन शिव-भक्त | इसीलिए तो ... Read more