Apr 5, 2020 · कविता

Sls-ns लो दीपक जला जंग में

अपने मन में यह किया विश्वास जंग में होगा सब मगल
होगा अब हर बुराई और पाप का अंत इस जग से
लो दीपक जला जंग में किया अन्धकार को समाप्त ।।
मन मे अनेक ख़ुशी पुलकित हो रही दीप जलाने के बाद
मानो इस आसमान के नीचे आ गया पुरा हिंदुस्तान
लो दीपक जला जंग में किया अन्धकार को समाप्त ।।
दीपक की लोह छोटी है मगर इस अंधियारे के लिए बड़ी है
माना हमने अंधियारा बहुत है लेकिन दीया में भी दामहै
लो दीपक जला जंग में किया अन्धकार को समाप्त।।

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