Oct 12, 2019 · कविता
Reading time: 1 minute

Sangharsh संघर्ष

संघर्ष

हर बार अच्छा कर आगे बढ़ना भी सफलता हैं
हर बार पराजित , असफल , दुःखी होकर भी ,
आगे बढ़ना भी महानता हैंं

हर बार आत्मविश्वास कर, मनोबल बढ़ाना हैं
हर पराजय से हुुनर को निखार लाना हैंं

एक बार की भूल – गलती से संभल जाना हैं
ठो़कर तो लगना ही हैं , चौकस होना हैं

सरल , हारा व घायल को और कुचलते हैं
साहस , मनोबल की शक्ति को और गिराते हैं

जीवन में आगे बढ़ना हैं , बहरें हो जाना हैं
बहुत निरथर्क बातें मनोबल को ठेस पहूंचाते हैं

डटकर सामना करते हैं जो मुश्किलों से भरा,
सच्चेंं योध्दा वही कहलाते हैं

मानवता से सच्ची प्रीत रखना है ,
कड़वा धैर्य का घुट पीना हैं

सफलता का मिठ़ा फल पाना हैं
शक्ति के शरण जाना हैं

– राजू गजभिये

44 Views
Copy link to share
Raju Gajbhiye
63 Posts · 10.6k Views
Follow 1 Follower
परिचय - मैं राजू गजभिये , लेखक एवं मार्गदर्शन (Counselor ) हिंदी साहित्य सम्मेलन सचिव... View full profile
You may also like: