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चुप्‍पी तोड़ें
चुप्‍पी तोड़ें आतंकियों का धर्म नहीं होता, आईये इनके विरूद्ध आवाज उठायें, हमारी चुप्‍पी नासूर बन गई है, आएं चुप्‍पी तोड़ें देश हित में कुछ... Read more
दिवाली दिलवाली
आओ कुछ अलग सी मनाये दिवाली ना शोर, न धमक, न धमाके वाली कुछ सुकून ढूंढे, कुछ दे आये इस बार हो दिवाली थोडी दिलवाली... Read more
बूढी दिवाली
इक दूजे से पूछे दो बूढी नजरे सवाली आयेगा बेटा क्या ,चंद रोज मे है दिवाली आऊंगा इस दफा हर बार यही कह देता है... Read more
ग़ज़ल रचनाएँ
तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत... Read more
ग़ज़ल रचनाएँ
लिखना पढना छोड दिया तू बात करे हथियारो की,,,,,,,,,,,, किसने तेरे दिल में भर दी ये बाते अंगारो की ।।।।।।।।।।। कोमल तेरे दिल को आखिर... Read more
ग़ज़ल रचनाएँ
मिट्टी से भी खुशबू आये गाँव हमारा ऐसा है,,,,,,,,, जैसे खोई जन्नत पाये गाँव हमारा ऐसा है ।।।।।।।।। तेरी आँखो का हर आँसू पौँछे प्यार... Read more
चलो अबकी बार हटकर दिवाली मनाएं हम
चलो अबकी बार हटकर दिवाली मनाएं हम, शहीद जवानों के नाम एक दीया जलाएं हम। करने को रौशनी उन शहीद जवानों के घरों में, लगाकर... Read more
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में रमेशराज के व्यवस्था-विरोध के गीत
|| 'नव कुंडलिया 'राज' छंद'-1 || ------------------------------------- दिन अच्छे सुन बच्चे आये आये लेकर बढ़े किराये , बढ़े किराए , डीजल मंहगा डीजल मंहगा ,... Read more
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में रमेशराज के 4 प्रणय गीत
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में प्रणय गीत-1 ----------------------------------- जब वो बोले मिसरी घोले मिसरी घोले हौले-हौले हौले-हौले प्रिय मुसकाये प्रिय मुसकाये मन को भाये मन... Read more
दिया जलता रहा
NIRA Rani कविता Oct 27, 2016
दिया जलता रहा सचमुच दिया जलता रहा घनघोर स्याह रात थी हॉ अमावस की रात थी वो दिया जलता रहा शायद उम्मीदो का दिया था... Read more
बाद| तुम्हारे जाने के कल::: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट १२१)
Jitendra Anand गीत Oct 27, 2016
गीत:: बाद तुम्हारे जाने के कल ----------------------------------- ( शेष भाग ) व्यर्थ की हठता आज विवशता , कल परवशता मत रोये ।। क्षणिक सुखों के... Read more
बनें सभी सत्पथ अनुगामी ::: जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट११९)
Jitendra Anand गीत Oct 27, 2016
गीत व्यर्थ की हठता ,आज विवशता, कल परवशता मत रोये क्षणिक सुखोंके लिए विवश हो, पल अनगिन अनमोल गये ।। काम- क्रोध ,ममता विष त्यागें... Read more
तेरी यादों के साये में जिंदगी का चिराग जल रहा है
तेरी यादों के साये में जिंदगी का चिराग जल रहा है, वक़्त ठहर गया है बस सूरज निकलकर ढ़ल रहा है। तुम्हारे इक वादे पर... Read more