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बेटी
गम में न करती हूँ , फरियाद किसी से , नाकाम हसरतों में भी, जी लेती हूँ । दे दे कोई जहर का प्याला ,... Read more
सुनो बेटियों
सुनो बेटियों अब ‘समय’ समझदार हो गया है, देखो तुम्हारे साथ खड़ा है. ‘समझ’ सामयिक हो गयी है तभी तुम्हारे समीप आ चुकी है. ‘सोच’... Read more
दोस्त
उम्र बित गये, दोस्त बनाते बनाते । सफर कट गये, उन्हें निभाते निभाते। पर वो दोस्त मेरा, कही खो सा गया । जो चलता था,... Read more
पुरस्कार
कविता पुरस्कार - बीजेन्द्र जैमिनी जब से मुझे मिला है पुरस्कार कोई मेरे पाँव छूँता है कोई मुझे आर्शीवाद देता है देखते ही देखते मैं... Read more
बेटी
माँ बाबा आज करो ज़रा हिसाब,  दे दो आज मेरे सवालों के जवाब,  क्यों भाई को अपना बनाया, और मुझे सदा धन पराया? उसके सपने... Read more
बेटी
माँ बाबा आज करो ज़रा हिसाब,  दे दो आज मेरे सवालों के जवाब,  क्यों भाई को अपना बनाया, और मुझे सदा धन पराया? उसके सपने... Read more
बेटियाँ
बेटियाँ घर की रौनक रोशनी समाज की लाडली माँ की आँगन की किलकारी फुलवारी I बेटियाँ होती प्यारी निभाती फर्ज महानता का करती संघर्ष जीवन... Read more
बेटी
1. ईश्वर के इस मृदुल दान का ब्याज सहित ऋण बेटी है माँ की ममता और मधुरता का सम्मिश्रण बेटी है देख रहे हो नित्य... Read more
"बेटी" मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं ! मैं तो अपने पापा जी की अच्छी वाली बेटी हूं !! भ्रूण हत्या... Read more
स्त्री
स्त्री ..... अक्सर तुनकमिजाज सी लगती कभी बहुत रोती कभी बहुत हंसती। छोटी छोटी चीजों को मचल जाती अक्सर ...... और बडे बडे अभाव झेल... Read more
मुहब्बत?
मुहब्बत को तेरी छुपा के सारे जहान से ; हमने तेरी आहट सुनी है तितलियों के कान से !! @lakhnawiji (7071497236) www.facebook.com/lakhanwiji
माँ.......!!
तेरी आँखों में उठी हर मलालें देख लेता हूँ ; न बिखरा हो टूटकर शीशा पर दरारें देख लेता हूँ !! #माँ @लखनवी जी
बेटी
मेरी भी जमी है, है मेरा आसमां ; मुझे भी जीने का अधिकार चाहिए ; माँ-पापा आप दोनों का थोड़ा सा प्यार चाहिए ! न... Read more
मकर सक्रांति
सौ.सुमिता राजकुमार मूंधड़ा मकर संक्रांति ___________ समय - समय पर देते हैं , हमारे त्यौहार हमें संदेश । प्यार से रहना सीखो बंधु , छोड़... Read more