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मैं नेता हूँ
मेरी एक रचना मौजूदा चुनावों एंव मौजूदा नेताओं को सोचते हुए आपका भी बिचार चाहूंगा मैं नेता हूं जातिवाद का पाठ सिखाने आया हूँ |... Read more
माँ
स्वार्थ में डूबे हुुए सब,माँ ही बस निष्काम थी | माता तेरी नेेह-बोली,प्रात-सा शुभ घाम थी | मोह यदि थोड़ा, तो क्या, पोषण हमेशा प्यार... Read more
धार्मिक कौन
धार्मिक कौन (लघु कथा) नवरात्रों की शुरुआत हो चुकी थी। घर घर में व्रत उपवास भजन कीर्तन पूजा पाठ आदि से मोहल्ले का लगभग हरेक... Read more
पतझड़ से बहार
तेरे प्यार की कस्ती में सवार हो चली हूँ में पतझड़ सी थी में अब बहार हो चली हूँ में एक नजर जो डाली मुझपर... Read more
प्रणय
"प्रणय निवेदन" करता हूं, तुमसे अपने ह्रदय का, "प्रणय निवेदन". आ जाओ मेरी इस, जीवन सरिता मेँ, कविता रुपी धारा बनकर। आ जाओ मेरी, जीवन... Read more
माँ
रचनाकार का नाम -बृजेश कुमार नायक (Brijesh Nayak) विधा-मुक्तक जब तलक माँ साथ थी, आनंद का आधार था| मातृ-शुभआवाज में अनुपम सु-पावन प्यार था| वह... Read more
ग़ज़ल
तुम जो सीने लगो यार मज़ा आ जाये। आओ कुछ ऐसे करें प्यार मज़ा आ जाये। मैं ने मुद्दत से नहीं देखा सुहाना मंज़र। तेरा... Read more
मुक्तक
तेरे बिना छायी हुई हरतरफ उदासी है! तेरे बिना अब भी मेरी जिन्दगी प्यासी है! उम्र थक रही है मेरी मंजिल की तलाश में, तेरे... Read more
परदेश
एक दिन परदेश छोड़कर तुझे दूर अपने “देश ” है जाना , सखी, तू क्यों होती है उदास , तुझे “पिया” घर है जाना I... Read more
कान्हा
दे दो दर्शन तरस रहा, आंखों से सावन बरस रहा श्याम मेरे कब आओगे, नैनो की प्यास बुझाओगे वर्षों से मन भटका है, अब तुझ... Read more
विजेता
विजेता उपन्यास तीन परिवारों की कहानी है। आज पृष्ठ संख्या ग्यारह में पढ़िए तीसरे परिवार का जिक्र। यहाँ से भाग तीन शुरु होता है। शमशेर... Read more