Skip to content
शेर:- धर्म और आस्था,
धर्म की कहानियां, असंतुष्ट लोगों ने लिखी हैं, संतुष्ट लोग तो, इसमें रोजगार खोजने में लगे है, . धर्म का मार्ग तो, खुद ही आस्था... Read more
चमकता है चाँद अँधेरे में तीरगी ए शब में तारे भी चमकते होंगे
चमकता है चाँद अँधेरे में तीरगी ए शब में तारे भी चमकते होंगे बागबाँ खिलता है जब फूलों का गुलशन भी महकते होंगे दरख़्त की... Read more
दिन में भी तुम रात में भी तुम हो मेरे अंदर छिपे जज़्बात में भी तुम हो
दिन में भी तुम रात में भी तुम हो मेरे अंदर छिपे जज़्बात में भी तुम हो बहती हुई फ़िज़ाओं के एहसास में भी तुम... Read more
आँखों में थोड़ा इंतज़ार होना चाहिए सन्म से थोड़ा प्यार होना चाहिए
आँखों में थोड़ा इंतज़ार होना चाहिए सन्म से थोड़ा प्यार होना चाहिए बढ़ चले है मंज़िल की और कदम राह में कांटो के लिए तैयार... Read more
अपना ऐसा मिजाज़ रहने दो खुद का खुद में राज रहने दो
म्यान में बंद उनकी तलवार रहने दो पर्दे के पीछे तब्बसुम का वार रहने दो बिन उनके ज़िन्दगी यार रहने दो हाथों में अपने अखबार... Read more
किरन
सुनो! क्या कर रही हो? इधर आओ खाना देने पिता जी को जाना हैं।अंदर से चीरती हुई आवाज आ रही थी । माँ आ रही... Read more
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 मदयुक्त भ्रमर के गुंजन सी, करती हो भ्रमण मेरे उर पर। स्नेह भरी लतिका लगती , पड़ जाती दृष्टि जभी तुम पर।। अवयव की... Read more
मुक्तक
होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है! मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है! उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से, जब भी... Read more
आहिस्ता आहिस्ता!
वो कड़कती धूप, वो घना कोहरा, वो घनघोर बारिश, और आयी बसंत बहार जिंदगी के सारे ऋतू तेरे अहसासात को समेटे तुझे पहलुओं में लपेटे... Read more
क्यू नही!
रो कर मुश्कुराते क्यू नही रूठ कर मनाते क्यू नही अपनों को रिझाते क्यू नही प्यार से सँवरते क्यू नही देख कर शर्माते क्यू नही... Read more
आस!
चाँद को चांदनी की आस धरा को नभ की आस दिन को रात की आस अंधेरे को उजाले की आस पंछी को चलने की आस... Read more