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बेटी मेरी प्यारी
Sonu Jain कविता Feb 21, 2018
*बेटी मेरी प्यारी* बेटी जब मुस्काती मेरी।। दिल की बगिया खिल जाती मेरी।। तुतली बातों में बहुत मजा है,, पीछे संग दौड़े सासू मेरी।। मेरे... Read more
बदलो चौकीदार को
Naresh Sagar गीत Feb 21, 2018
..........बदलो चौकीदार को ************* देखो चौकीदार को, चोरों के सरदार को अच्छे दिन वो वांट रहा, देश के गद्दार को फिर भी सबसे अच्छा है,... Read more
प्यार
Versha Varshney लेख Feb 21, 2018
प्यार क्या है ,क्या एक भीख है जो सबके सामने कटोरा लेकर खड़े रहने से मिल सकती है ?क्या प्यार को किसी की खुशामद करके... Read more
सहयोग
Sonu Jain कहानी Feb 21, 2018
सहयोग आज इस दौड़ भाग की जिंदगी में लोग चाह कर भी अगर किसी की मददत करना चाहे तो नही कर सकते।और लोग धनधान्य से... Read more
महुआ
🌹 🌹 🌹 🌹 महुआ मादकता भरा, मधुकर मदिर सुगंध। प्रेम पथिक प्यासा फिरे, प्रिय पागल प्रेमांध।। १ भोजन गरीब का रहा, खाते किशमिश मान।... Read more
ग़ज़ल
मैं ने ये जब सुना तो मेरा दिल दहल गया। सूरज का जिस्म आग की लपटों से जल गया। मौसम ने ऐसी आग लगाई थी... Read more
भाई भाई
तू हिंदू मैं मुस्लिम तू सिख मैं इसाई इसी रंजिश में बरसों से बट रहे हैं देखो यह भाई भाई खुद तो बट ही रहे... Read more
कुछ अच्छा कीजिये
Sonu Jain कविता Feb 20, 2018
* कुछ अच्छा कीजिये* हमे पास बुलाकर, दिल की बात कीजिये। सुख दुख सुनाकर, दिल को खुश कीजिये। हार कभी मानकर, जंग न लड़ा कीजिये।... Read more
तन्हा
मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है, वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा।
ग़ज़ल( बीते कल को हमसे वो अब चुराने की बात करते हैं)
सजाए मौत का तोहफा हमने पा लिया जिनसे ना जाने क्यों वो अब हमसे कफ़न उधार दिलाने की बात करते हैं हुए दुनिया से बेगाने... Read more
खुशी का पल
Sonu Jain कविता Feb 20, 2018
खुशी का जब पल आएगा,, दुश्मन भी गले लग जाएगा।,, पैसा जब पास खूब आएगा,, गैर भी रिश्ता जोड़ जाएगा पंछी भी ऊँची उड़ान भर... Read more
साहित्य साधकों के समक्ष चुनौतियाँ
साहित्य साधना ईश्‍वर के निकट ले जाने का एक सुगम मार्ग है, कारण एक सच्चा साहित्य साधक बिना कोई रागद्वेष पाले, प्रतिस्पर्धा का भाव मन... Read more
गर्भिणी
वो तिल तिल, तन मन से हार दौङती, गर्भिणी! चिंतातुर सी, बढता उदर लिये! झेलती चुभते शूल भरे अपनों के ताने, भोर प्रथम पहर उठती... Read more
मिला नही है अभी
मिला नहीं है अभी_मिलना बाकी है इन मंजिलों का तेरे क़दमों में झुकना बाक़ी है कर यकीन तू खुद पे, अभी बहुत कुछ होना बाकी... Read more
रिश्ते
रिश्तों को तो जोड़ती, सदा प्रीत की डोर मगर तोड़ देता इन्हें, मन के शक का चोर मन के शक का चोर,न आगे बढ़ने देना... Read more
वसंत
🌹 🌹 🌹 🌹 कण-कण सुरभित रस भरा, मधुरिम हुए दिगंत। चहुँ दिश कुसुमित यह धरा, सुषमा सरस वसंत।। १ प्रेमी प्रियतम नाम से, लिखा... Read more
ऊँघता चाँद
ऊँघ रहे हो चाँद गगन में, क्या मजबूरी ऐसी? राग अलाप किये बैठे हो, क्या जग है विद्वेषी? इतनी भोली मति है तेरी, उमर रही... Read more
हाइकु रचना : कलात्मक और दर्शनात्मक अभिव्यक्ति
हाइकु विधा को जापान के कविश्रेष्ठ बोशो (1644–1694) ने एक काव्य विधा के रूप में स्थापित किया जिसे आजकल संसार की अनेक भाषाओँ ने अपना... Read more