कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

अधूरी है जिन्दगी

अपनों की यादोँ सेे भरी है* *जिंदगी* *सुख और दुःख कि पहेली है* *जिंदगी* *कभी अकेले बैठ कर* *विचार कर तो देखो* *मौत के बगैर अध... Read more

अवशेष

पलकों की छांव तले नेत्र ढूँढ रहे हैं अपने बहे हुए अश्कों के अवशेष जो कुछ दिन पहले महबूब की बेवफाई में बह गये थे ... Read more

दोहरी सोच

दोहरी सोच एक मँच पर एक समाज सेविका महिला पश्चिम परिधान मे स्वयं को लपेटे हुए व आधुनिक विचारों से ओत प्रोत अपने संबोधन मे... Read more

विदाई

आखों में आंसू संजोए हुऐ कर रहें हैं तुम्हे हम खुद से जुदा खुश रहो तुम सदा जहाँ भी रहो दे रहें है तुम्हे हम दिल से दुआ सुंदर ... Read more

नववर्ष मुबारक

दिल में बहार हो, ख़ुशी की फुहार हो, पूरी हर मुराद हो, जिन्दगी आबाद हो, जीने की उमंग हो, प्यार की तरंग हो, कोई भी नंग हो, न ही ... Read more

मुसाफिर

सुनो मुसाफिर सुनो मुसाफिर जाने वाले, बात जरा ये सुन जाना । घर में बैठीं आस लगाए, याद उसे भी कर लेना। 1.बिन माली के कोई पौधा,... Read more

आँखें

झील सी गहरी आखों में कोई राज छुपाए रहती हो राज के गहरे आँचल में कोई ख्वाब सजाए रहती हो ख्वाब के धुंधलेआइने में इक तस्वीर ब... Read more

ठहराव

गलत तो कभी नहीं था शायद पर गलत ठहराया जाता हूँ मैं हमेशा दुसरो को समझता रहा पर नासमझ ठहराया जाता हूँ मैं शिद्दत से की मोहब्बत मह... Read more

आज के रिश्ते

आज के युग के रिश्तों के माइने कुछ इस कदर बदल गए हैं कि चोली दामन का साथ सा रिश्ते भी कुर्ते-पजामे से ढीले हो गए हैं जो कभी गत क... Read more

मित्रता के भाव

मित्र दिवस अवसर पर प्रस्तुत हैं ये भाव जीवन में इनके आने पर होते पूरे सब चाव जब कभी तनाव में होता है कोई इन्सान मित्र राम बाण बन ... Read more

पंजाबी लोक बोलियां

1.बदला विच चन्न चमके अज मेरे माही ओणा मेरा धक धक दिल धड़के 2.सड़कां ते धूड़ पई अज माही विछड़ गया मेरे दिल विच्च टीस पई 3.कोठे ते ... Read more

धारा 370

न्यारा था जो हिन्द से अब तक आज हमारा हो गया स्वर्ग से सुन्दर जान से प्यारा कश्मीर हमारा हो गया एक देश में एक ही कानून का फतवा जारी... Read more

प्रेम भरी चिट्ठियाँ

अतीत के गर्भ में खो गई मेरी प्रेम भरी चिट्ठियाँ बेहतरीन थी प्रेम की चासनी में डूबी हुई चिट्ठियाँ प्रेयसी से अतरंग प्यार की भावन... Read more

सोच

सोचता हूँ जब कभी शून्यता के अक्ष पर एकांत में शान्त से गंभीरता के भाव से दिनकर क्यों दिन भर अथक असहनीय असीमित अधिकतम तापमान म... Read more

यादें

तनहाई में तन्हा होता हूँ तो अंगड़ाई और फिर लम्बी जम्भाई के साथ अक्सर वो याद आ जाती है दिलो दिमाग पर.छा जाती है जकड़ लेती है अपन... Read more

मेरी माँ

ओ मेरी माँ, तूँ हैं कहाँ, ढूँढता फिरूँ तुम्हे,यहां वहाँ वहां यहां सारा जहाँ ,मिली नहीं कहीं, गया जहाँ जहाँ वो दिन कितने अच्छ... Read more

कलयुगी दोहें

बनता कारज देख के लियो मुँह फुलाए । कारज बिगड़ जाए तो लियो मुख छिपाए ।। प्रेम कभी न कीजिए रहिए कपट कमाए । जब तक झगड़ा न हो कपटी स... Read more

मुलाकात

तारों भरी रात थी बात कुछ खास थी प्रेयसी से स्वपन में हो रही मुलाकात थी नींद गहरी में लीन था वक्त बहुत हसीन था आगमन के चा... Read more

बेटियाँ

बाबुल के आंगन की बेटियां होती हैं मोमबत्तियाँ कभी जलती हैं बुझती हैं जैसे होंती हैं फुलझड़ियाँ बड़े लाडो में पलती हैं फूलों सी ह... Read more

जीवन का पतझड़

रेगिस्तान सी विरान हो गई जिन्दगी ना हा भाव ना ही हाव है ना कोई शोक है बस ऱोक है बोझ तले दब गई है जिन्दगी रूक गई है थम सी गई है ज... Read more

रिश्तों मे गाँठ

भूल कर सारे वाद-विवाद मनमुटाव और अपवाद मिलजुल कर आगे बढते हैं परस्पर कर मीठा संवाद बीत गई सो बात गई रुठी हुई काली लम्बी रा... Read more

शहीदों को नमन

करबद्ध नमन सरहद पर तैनात जवान को रक्षा करते देश की सलाम हर जवान को दुश्मनों की गोलियां सहर्ष सीने पर खाते हैं ना कभी घबराते ... Read more

शिक्षा अभियान

सरकारी स्कूल सफल बनाएँगे झण्डा साक्षरता का फहराएँगे जन जन तक शिक्षा पहुंचा्के शिक्षा का अलख जगाएँगे देखो कोई छूट न पाए शिक्ष... Read more

हिन्दूस्तान हमारा है

हिन्दुस्तान हमारा है,जन गण के नयनों का तारा है। विश्व पटल पर नाम हमारा सारे जहाँ से न्यारा है।। तीन रंगों में जड़ा तिरंगा जिसकी ... Read more

प्यार केअफसाने

जब वो आए जिन्दगी में अफसाना हो गया तब से दिल उस हुस्न का दीवाना हो गया कहते हैं प्रेम की कोई परिभाषा नहीं होती आशिकों के बति... Read more

प्रेम शिकारी

प्रेम-शिकारी आ गए चाहत का मौसम आ गया दिल के लुटेरे आ गए चाहत का मौसम आ गया संभल जाओ ए दिल वालों आई है रुत प्यार करने की चित च... Read more

आजादी की यादें

आजादी याद दिलाती है शमा में जले परवानों की जो शहीद हो गए थे उन वीर शमशीर बलवानों की राजगुरू, सुखदेव,भगत सिंह जी चढती जवानी में ... Read more

रक्षाबंधन

कच्चे धागे की डोर नहीं यह रिश्ता है अनमोल बहना की भाई रक्षा करे यही रक्षाबंधन की खोल यह रिश्ता नहीं अब से हैं जब सृष्टि बनी तब स... Read more

प्रियतमा

प्रियतमा प्रियतमा कहाँ तुम चले गए लगा के दिल में आग कहाँ सरक गए मालूम नहीं हमें क्या खता हमारी थी हमको यूँ छोड़ने की क्यों जिद ... Read more

दोस्ती

दोस्तों को दोस्ती का क्या सिला दूँ उनसे मिले प्यार का मैं क्या सिला दूँ बचपन के दोस्तों के तो क्या कहने पचपन की उम्र में भी हैं... Read more

रौद्र प्रकृति

शान्त और शालीन थी प्रकृति बनती जा रही है निष्ठुर,उदण्ड, अदयामय और प्रतिक्रोधित नित मानवीय हस्तक्षेप से भौतिकवादी प्रहारों से व... Read more

प्रेम रंग

प्रेम रंग बड़ा निराला है,जीवन जीने का सहारा है प्रेम रंग मे रंग जाए,वो रंगीला सबसे प्यारा है मानव जीवन बड़ा अनमोल बारम्बार नहीं मि... Read more

आज के दोहे

क्रोध कभी न कीजिए,रखें शान्त स्वभाव प्रतिक्रोधी घातक अति,सुशांत में है बचाव लोभ मोह में कुछ न धरा,जनसेवा रहत कमात संसेवा का मे... Read more

तराने जिन्दगी के

दिल के तराने अचानक याद आ गए बीते दिन वो अफसाने याद आ गए मकान हमारे कच्चे पर दिल पक्के थे उस कच्चे घर में सब रहते इकट्ठे थे मका... Read more

सैनिक की नार

क्या व्यथा सुनाऊँ मैं सैनिक की नार की काँटों भरी है जिन्दगी कुमलाहीं नार की राह ताकती रहती अखियाँ पहरेदार की घर आगमन पर बातें ख... Read more

स्वपन

सपना जो देखा आँखों में साकार हो गया दिलदार मेरा प्यार रहमत नसीब हो गया खुशनसीब हूँ जो उनका साथ मिला साथ क्या मिला बेइंतहा प्यार... Read more

आज का डॉक्टर

कलयुगी डॉक्टर आज शैतान बन गया डॉक्टर जो भगवान था हैवान बन गया घटित हुई घटना इक बतलाता हूँ डॉक्टर की काली करतूत सुनाता हूँ मित... Read more

अन्ततर्भाव

जाना चाहता हूं. बहुत दूर इतना दूर कि कोई अपना न छू सके न देख सके न सुन सके और न ही कुछ सुना सके ,कह सके निभा के देख लिए सब रिश्... Read more

पुरुष से किस बिधि छल कर सकता हूँ...

मैं ही कृष्ण, मैं ही केशव, मैं ही तो हूँ मधुसूदन मैं ही सहस्रजीत (हजारों को जीतने वाले), मैं ही सहस्रपात (जिनके हजारों ... Read more

तलाशी जिंदगी

रास्तो की भीड़ थी , नकाबो के शहरों में ढूंढता तुझे कोई , हजारों की ढेरों में जलती बुझती रातों की ,रोशनी चुराई है तब जा के मैंन... Read more

दोहे

बने सिविल कानून अब,मिल जुल सबका योग। नही चलेगा रात दिन, हम सबको ये रोग। डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव Read more

दोहे

क्यों कर सब हैं फोड़ते, अपने अपने माथ। सम कानून बना चलें, हिन्दू मुस्लिम साथ। डा प्रवीण कुमार श्री वास्तव Read more

दोहे

संविधान शोधित करें,हो कानून समान। सिविल कोड कामन बनें, जनता की अब मांग। डा प्रवीण कुमार श्री वास्तव Read more

दोहे

न्यायालय सर्वोच्च ने दिया हमें आदेश। संविधान सम्मत बने लायें अध्यादेश। डाप्रवीण श्री वास्तव Read more

मुक्तक

मुख़्तसर सी बस एक बात है, दिल के जबां पे जो तेरा प्यार है। मरने नही देता, जीने नही देता जुदाई में भी तन्हा होने नही देता... Read more

मुक्तक

कभी कभी लगता है कह दूँ पुर्दिल, समय लगेगा जाने में कुछ सांसे अब भी अटकी हुई है, जीवन के खाली खाने में। कभी-कभी दिल कहता है कि,... Read more

"उपहार-स्वरूप कैमरा" #100 शब्दों की कहानी#

बरसो बाद रीना सखियों-संग पचमढ़ी पिकनिक मनाने गई, बहुत खुश थी । अपने कॉलेज के दिनों में अध्ययन में व्यस्त रहने के कारण कहीं जा ही नही... Read more

आजादी

निज स्वार्थ और श्रेष्ठता के मद में डुबे हुवे क्या तुम्हें आजादी की अनुगूँज सुनाई देती है कोई विराग नहीं कोई विच्छेद नहीं.... क्या... Read more

कई बार सोचती हूँ

कई बार सोचती हूँ तुम्हें पलट कर कह दूँ कि कोई नही रहता वहां क्यूँ तकते हो उसे...? क्या है गिला... ? जिसे कहते हो तुम उस से ... Read more

बरखा रानी का आगमन

चारो तरफ हरियाली छाई बरखा आई बरखा आई बादल गरजा, गड़-गड़-गड़ बारिश आई छम-छम-छम धरा का रुप हैं, अनुपम बिखरा चारो ओर, रंग हरा है... Read more