कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकुण्डलियाकहानीहाइकुघनाक्षरीबाल कवितातेवरीकव्वाली

पडौसी

पास पडौसी दुःख - सुख साथी, बैर कबहु न करियो कोय। बुरा समय जो आयो अचानक, उस पल सहायक कोय न होय।। Read more

गुरु

ज्ञान का दीपक जला रहा जो, मिटा रहा सबका अग्यान। गुरु बडे़ उस परमेश्वर से, गुरु चरणों का करलो ध्यान।। Read more

भाई की कलाई

भाई की सजी कलाई, जिसको बहना ने राखी बाँधी। रक्षा कवच बनी जिसे राखी, रुक गईं जीवन की आँधी।। Read more

मुक्तक

शोसल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी जा रही शोक मनाया जा रहा है.. बस दो दिन का और दिखावा फिर से किया जा रहा है ......... ... Read more

मित्र

मद मादक मदमस्त सा,घुला साँस में इत्र। मन मन्दिर महका गया, मोहक मनहर मित्र।। कैनवास पर फैलते, रंग बिरंगे चित्र। भाग्य कर्म ... Read more

तन्हां नहीं हूँ मैं ...!!

दर्द.. चुभन.. तड़प.. घाव.. मुझे आबाद रखने में इन सबका हाथ है, हाँ ... तन्हां नहीं हूँ मैं , तनहाई साथ है ...!! Read more

परछाई

चाहे कितना भी अधिक, श्वेत मनुज का अंग। उसकी परछाई मगर, होती काली रंग।। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

चंचल हुआ नवल भू यौवन प्रिय । पा स्नेहिल स्पर्श आलिंगन प्रिय। रूप रस गंध की सरिता मचली - करने वसंत का अभिवादन प्रिय। -लक्ष्मी... Read more

बाह्य मूल्यांकन

बाह्य मूल्यांकन कोट-पैंट टाई ने बाह्य व्यक्तित्व बना दिया आकर्षक गिटपिट भाषा ने बना दिया इक्किसवीं शदी का लेकिन अंदर आदम... Read more

बहन { दीदी }

बहन की आँखें कूट - कूट कर, भरी हुई हैं प्यार से। भाई की मिटें अमंगल घडीयाँ, बहना के दीदार से।। Read more

भाई

भाई - भाई का बाहुबल है, भाई से सीना चौड़ा हो। भाई रहे नजदीक भाई के, भाई से ड़र भी डौडा { दूर } हो।। Read more

पिता

पिता सभी को पेड़ की छाँया, जो घर की रक्षा करता। घर के सभी सदस्यों की वह, हर कठिनाई को हरता।। Read more

माँ

माँ की ममता है सुखसागर, सागर से गागर भरलो। माँ के चरणों की सेवा कर, निज जीवन उत्तम करलो।। Read more

.....

भूला तो नही होगा तू अभी कल की ही तो बात थी घर मे घुसकर मारा था तूझे बचा ले तू खुद को इतनी भी तेरी तो औकात नही थी हिंद की आग को... Read more

बसंत

1 बरसे बादल प्रीत के,प्यारी लगी फुहार भीग रहे अरमान है, झंकृत मन के तार बसंती हवा चली है, खिली भी कली कली है 2 भीगा हुआ बसंत... Read more

दोहे

1- प्रेम जगत में उच्च है, निम्न घृणा का रूप। प्रेम वृक्ष विश्राम दे, जब हो दुःख की धूप।। प्रेम दिवस को आइए, कर दे यूँ साकार। ... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल----- ग़हन कौन सा लग गया ज़िन्दगी को छुपी है कहाँ ढूँढ़ता हूँ ख़ुशी को रहे तीरग़ी का बसेरा ही दिल में तर... Read more

आदि सृष्टि से

एक कण से दूसरे कण तक.... एक प्राण से दूसरे प्राण तक.... पुरातन चेतन से नवचेतन तक.... न टूटने वाली निरन्तर सतत प्रक्रिया है आदि स... Read more

किस मशीनी दौर में रहने लगा है आदमी

किस मशीनी दौर में रहने लगा है आदमी ख़ून के आँसू फ़क़त पीने लगा है आदमी सभ्यता इक दूसरा अध्याय अब रचने लगी बोझ माँ-ओ-बाप को कहन... Read more

वैलेंटाइन-डे

वैलेंटाइन-डे *** देशी चमड़ी को विदेशी पहरन से सजाते है, प्रेम नाम पर पार्को होटलो में रंग जमाते है, सरेआम अश्लील फूहड़ता का नंगा न... Read more

मिट्टी की खुशबू

वतन की खुशबू मिट्टी में समाई माथे लगा लूँ सारी जिन्दगी की ये है कमाई मिट्टी के खिलोने खेलते बीता बचपन मिट्टी के घड़े... Read more

मेरी ग़ज़ल

नाजो नखरों में पली मेरी ग़ज़ल है कनक जैसी खरी मेरी ग़ज़ल इतने रंगों में रँगी मेरी ग़ज़ल फागुनी सी लग रही मेरी ग़ज़ल ये भिगो देती ... Read more

अव्वल

आगाज़ नया अंदाज नया, कुछ नया ही तुम कर दिखलाओ। इस भीड़ भरी हुई दुनियाँ में, तुम अपने को अव्वल पाओ।। Read more

प्रेममयी अभिलाषा - कविता

लागि है तोसे नजर एक बार देख तो इधर प्रेम का इजहार तो कर थक गए नैन मगर नैनों की भाषा समझ प्यारी जिंदगानी है मह... Read more

गीत

लिखना मैंने छोड़ दिया है’’ *********************** अपनी रैन-कथाओं को खत लिखना मैंने छोड़ दिया है वादों की प्रतिध्वनियों में ... Read more

वेलेंटाइन डे

बेलेन्टाइन डे बेलेन्टाइन डे मना, हो गई उनसे भूल, एक अपरचित को दिया, बस गुलाब का फूल | उनसे बोली वह प्रिये, बैठो... Read more

यूँ इस तरह से...

तुम इस तरह से ..सताओगे.. तो वफ़ा कौन करेगा...2 बनके हमदर्द रहेंगे ...2 ज़माने के दुःख-दर्द सहेंगे...ज़माने के दुःख दर्द सहेंगे... ... Read more

बड्ड़पन

घटिया सोच गिरावे नीचे, रखो बड्ड़पन मेरे यार। बडी सोच का जादू देखो, सत्कारे तुम को संसार।। Read more

खारा ही रहा

खारा ही रहा सागर की तरह मानव जीवन में मीठे जल की कितनी ही नदियाँ मिलीं फिर भी मानव जीवन सागर की तरह खारा ही रहा जबकी नदि... Read more

इश्क ,मोहब्बत ,प्यार

मेरी आज की रचना इश्क ,मोहब्बत ,प्यार पर तुम जानती हो , मैं कौन हूँ । यह मत समझना कि मैं नही जानता पर , मैं अभी मोन हूँ। ... Read more

ग़ज़ल:-- रूह से रूह जब मिलाओगे ।

ग़ज़ल:-- रूह से रूह जब मिलाओगे । ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" मतला रूह से रूह जब मिलाओगे । जिस्म का ख़्याल भूल जाओगे । हुस्न... Read more

गज़ल :-- हुस्न तेरा जो कातिलाना है ।

गज़ल :-- हुस्न तेरा जो कातिलाना है ।* काफिया :-- आना रदीफ़ :-- है ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" बहर :-- ये मुलाक़ात इक बहाना है 2122--... Read more

ग़ज़ल :-- दौलत मिली तो तौर तरीका बदल गया ।

ग़ज़ल :-- दौलत मिली तो तौर तरीका बदल गया । बहर :-- 221-2121-1221-212 रदीफ :- बदल गया काफिया :-- आ ✍🏻 अनुज तिवारी " इंदवार " त... Read more

ग़ज़ल :-- मेरे गद्दे में जरा सी घास भर दो ।

ग़ज़ल :-- मेरे गद्दे में जरा सी घास भर दो । ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" हसरतों में मैकदे की प्यास भर दो । ज़िंदगी में इक नया... Read more

चिटीं और परिस्थिति

धूल भरी रहती मैं लेकिन, परिश्रम से न मैं घबराती। कठिन परिश्रम करके मैं, खुशहाल जीवन को पास में लाती। धूल भरी हूँ............ ... Read more

जब जियादा चढाव होता है

ग़ज़ल - जब जियादा चढाव होता है। रास्तों में घुमाव होता है।। हो ही जाता है दूर लोगों से। तेज जिसका भी भाव होता है।। पेड़ आ... Read more

ये दिल - बुजुर्गों को समर्पित एक कविता

चेहरे पर झुरिया है सिर सपाट है आदत से मजबूर है ये दिल हर वैलेन्टाइन डे पर बिखर जाता है ये दिल बीवी का पेहरा है दरवाजे पर... Read more

मेरी कहानी पत्नी की जुबानी (हास्य )

पत्नी ने कहा : आओ जी मै आपके दाग धो दू मैने कहा : मै तो दूध का धुला हूँ तुम क्या धोओगी ? वह बोली : मुँह मेरा मत खुलवाओ शादी... Read more

मेरा वैलेनटाइनस त्योहार

बात बीते वर्ष की है इनके दोस्तों ने मस्ती मारना शुरु कर दिया कि तुम गिफ्ट क्या दे रहे हो और ना जाने क्या क्या! इन्होने मुस्कराते हु... Read more

कुर्ता भले सफेद...जोगीरा सा रा रा रा

कुर्ता भले सफेद...जोगीरा सा रा रा रा ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ नेता नोटों की गड्डी से खेल रहे हैं खेल जीवन अपना फीका फीका मिले नमक ना ते... Read more

गीत

आज पिताजी ************ आज पिताजी शहर छोड़कर गाँव लगे जाने बोल रहे हैं शहरों में अब साँस अटकती है घर में बैठी पड़ी ... Read more

दोहे

पगडंडी का पाट ************* खड़ा रेत पर मौन है, प्रौढ़ नदी का घाट. बाट देखता भीड़ का, पगडंडी का पाट. खेल रहा है फेसबुक, एक विल... Read more

राधा का कान्हा

भावों के मोती है रूप सलोना है सुन्दर है चित्र राधा सी है मित्र हे कान्हा तू तो बड़ा सलोना है कान्हा ! छेड़ता जब धुन ... Read more

शिव ताण्डव स्तोत्र

. ● शिव ताण्डव स्तोत्र ● जटा स्वरूप वन सघन उमंग गंग खेलती उछंग सिन्धु सी तर... Read more

शिव ताण्डव स्तोत्र

. ● शिव ताण्डव स्तोत्र ● जटा स्वरूप वन सघन उमंग गंग खेलती उछंग सिन्धु सी तर... Read more

" छू नहीं सके मलाल " !!

आनन पर खिलती मुस्कानें , समय ने बदली चाल !! वही शरारत भली लगे है , जो मन को हरषाये ! ऊपर वाला थोड़ा देता , ज्यादा है तरसाये ! ... Read more

"सच का आईना"

सच का आईना है तू, निर्मल जल से निर्मल है तू. ना जाने कितनेही राज खोले है तूमने, क्योकि सच का प्रतिक है तू... कितनेही मुखवटे ल... Read more

नियोजित शिक्षक का न्याय-निर्णय

जब न्याय में देरी होती है वह अन्याय की श्रेणी होती है तीन महीना बहस चला चार महीनों से सुरक्षित है कब आएगा फैसला ? नियोजित शिक... Read more

जीवन उर्जा

जीवन ऊर्जा तो एक हीं है, ये तुमपे कैसे खर्च करो। या जीवन में अर्थ भरो या, यूँ हीं इसको व्यर्थ करो। तुम मन में रखो हीन भाव, ... Read more

बसंत

पतझड़ बीता फिजाँ बसंती , मिली हमें सौगात पेड़ों की डाली डाली पर, उगे नये हैं पात हरा घाघरा पहन धरा ने , पीत चुनर ली ओढ़ गेंदा चं... Read more