कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

गीता ज्ञान और आज

श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया गीता-महाज्ञान का था उपदेश दिया जब अर्जुन ने हथियार थे डाल दिए सब अपने थे जो खड़े हथियार लिए भाई... Read more

याद

भूली हुई कहानी कोई, अक्सर याद आती है , जब खिलते है नए फूल पुरानी डाली पर, जब मीठी धूप छन कर आये छत पर, जब तितलियाँ अठखेलियाँ करे... Read more

मुक्तक

१. मेरे उलझे हुए ख्वाबों की ताबीर में वो बस सगा सा दिखे अपनी ताबीर में वो ~ सिद्धार्थ २. बीते जून का झगड़ा था, मन से मन का रगड... Read more

मुक्तक

१. कुछ कुछ अपने कुछ पराये लगते हो तुम मुझे जिंदगी के सताये लगते हो ! ...सिद्धार्थ २. ये सूरज जल रहा है, या हम तुम जल रहे हैं ... Read more

मुक्तक

१. नजर से दूर दिल से भी दूर जाओग क्या ? हमें अपने ख्याल से निकाल पाओगे क्या ? ~ सिद्धार्थ २. एक कहानी से कई और कहानी निकल आते... Read more

टूटा हुआ द़िल

जब दिल ही टूट गया तो द़र्दे द़िल की आवाज निकलेगी कैसे ? प्यार का दामन छूट गया है तो इश्क की मंजिल मिलेगी कैसे ? अब भटकता है ... Read more

प्याज

श्रंगार छंद हुआ अच्छे दिन का आगाज़। जेब में रखकर घूमो प्याज़। प्याज़ मिलता है मँहगे दाम। नमक मिर्ची से चलता काम। नहीं अ... Read more

गौरैया

विधा.. लावणी छंद ★★★★★★★★★ बिन वर्षा जंगल सूखा है, सूखे सब ताल तलैया। सूखी टहनी पर बैठी हूँ,मैं गुमसुम-सी गौरैया। उजाड़ दि... Read more

उन्वान – # बंदिश #

पापा मेरे जीवन का तेरे जीवन से मेल नहीं तुम स्वतन्त्र स्वछन्द जीते मेल- जोल सही. ठण्डी हवा सादगी भरा जीवन सदा ही जिया आज हर पल बं... Read more

सिलसलेवार सिलसिले

कुछ सिलसिले सिलसलेवार चले रुक न सके कम नहीं हुये खत्म होते भी तो कैसे हो गये हम इतने पढ़े लिखे. अनपढों ने खिंचा जिसे उस आस... Read more

चाँद

रूठता है तो कभी खुद मान जाता चाँद सबको अपनी इन अदाओं से लुभाता चाँद लोरियों में आ के बच्चों को सुलाता चाँद रोज सपनों की नई ... Read more

संतुलन

दिल और दिमाग को संतुलित रखिए यही जिंदगी की चाबी है । Read more

कब बदलेंगे ढंग !!

जैसे ही मैंने कहे, सत्य भरे दो बोल ! झपटे झूठे भेड़िये, अपनी बाहें खोल !! चूहे बनकर जी रहे, हम बिल्ली के संग ! कब बदलेगी सोच ये,... Read more

बने भेड़िये मंत्री

बने भेड़िये मंत्री लूट-खून दंगें कहीं, चोरी भ्रष्टाचार !! ख़बरें ऐसी ला रहा, रोज सुबह अखबार ! पीड़ित पीड़ा में रहे, अपराधी हो ... Read more

बेटियाँ और छद्म राष्ट्रवाद

हिरण गाय शेर भगेरे चीते से भी कम आकी गई मेरी लाडो. ये छद्म राष्ट्रवाद है तू राष्ट्रवाद से बाहर है कहाँ छुपाते उन्हें कैसे... Read more

दवंग बेटी

" बेटी तेरी नौकरी से तो मुझे हमेशा चिंता लगी रहती है ? समय खराब है ।" रमा ने बेटी श्यामा से कहा । वह एक कम्पनी में काम करती है औ... Read more

बना ले तू मधुर संबंध

बना ले तू मधुर संबंध , छोड़ मोह माया बंधन । जगा ले सोई चेतना , कर ले अब ईश वंदन ।। सुख नाता तोड़ गया, प्रेम का पड़ा अकाल । म... Read more

ग़ज़ल- जल रही है नारियां पद्मावती के भेष में..

जल रही है नारियां पद्मावती के भेष में। टूटती मर्यादा नित क्यों राम तेरे देश में।। लुट रही अस्मत सभा में, बेटियों की अब यहाँ। म... Read more

ग़ज़ल

अगर यकी नहीं आता तो आजमाओ मुझे, अरे, सच में अंदर से टूट गया हूं, तू कहे तो बिखर कर दिखाऊं तुझे। अजब आग है दिन-रात जलती है लोगो... Read more

जिंदगी और पहल

नृत्य प्रकृति करती है अस्तित्व मेरा द्रष्टा हर संयोग उससे जुड़े हुआ, कोई रोता है कोई हँसता, तरंगों का खेल है, सर्प नहीं देखता... Read more

लगे घूमने तंत्र

बोलें किसको मूर्ख अब, किसे कहें विद्वान ! इस जग में जब एक सा, लगता हर इंसान !! होने लगे विकास के वहाँ लुप्त तब यंत्र । जहाँ सिय... Read more

"मेरी नई पहचान" (संक्षिप्त कहानी)

मेरी लेखनी, बनी जीवन-संगिनी । जीवन में कुछ कठिन पल भी आए, तब ऐसा लगा मानो लेखनी रूठ गई हो,जैसे ही हुई लेखनी से पुनः मुलाकात, मुझे मि... Read more

"संडे कहीं खो गया" (संक्षिप्त कहानी)

दीदी बहुत याद आती है नाना-नानी की । वो शनिवार को स्कूल की जल्दी छुट्टी होना, मम्मी का शनिवार-रविवार को स्पेशल-डिश बनाना, कभी-कभी हम... Read more

"मम्मी का संडे" (संक्षिप्त कहानी)

पापा टीचर ने सब बच्चों से पूछा, आप संडे कैसे बिताते हैं? आखिर सबका होलीडे होता है । फिर एक-एक करके सब लगे बताने, मम्मी के हाथ का स्प... Read more

हास्यव्यंग

याद आती है वो मगर खुद आती नहीं हिचकी आती है भूल पड़ती नहीं नाम लेती है वो नाक बहती है याद उसकी छींकें बढ़ाती है कभी ठण्... Read more

सचिन के दोहे

नारायण उर मे बसें, भटक रहा है जीव। दुग्ध बिना कैसे मिले, जग को उत्तम घीव।। कष्ट सहन होता नहीं, रघुवर देखो आज। दुष... Read more

ओशी

मेरी प्यारी बेटी ओशी (Oshi ) बहुत -बहुत प्यार। आज तुम्हारा जन्म दिन है, खुश हूँ मैं बहुत खुश, तुम्हारे पास होती तो गले लग... Read more

अबला और शास्त्र

हिरण गाय शेर भगेरे चीते से भी कम आकी गई मेरी लाडो. कहाँ छुपाते उन्हें कैसे लतियाते मिल बैठकर आज बतियाते सोमरस सुरापान प... Read more

अनुभवों के किस्से

अनुभवों के किस्से ---------------------- कभी मौका मिले तो अधेड़ उम्र पिता के हाथों को गौर से देखिएगा. हाथों पर पड़ी लकीरें न जाने... Read more

धोखे और सलीके

आज समाज आहत ! धोखे से नहीं ! सलीके से आहत है ! चिंता है राम घनश्याम री, ✍️ कथा गाथा पकडे माथा प्रकृति अनजान सी भेष कब से पहच... Read more

【 23】"*" आखिर कौन उजाड़े प्रकृति को? "*"

रूह तक कांप जाती है, सोचकर मेरी दर्द से काटते हैं लोग यहाँ, पेड़ों को गर्व से Read more

मुक्तक

1. सूरज ससुराल जा रहा है... रात के दामन में मुँह छिपा के रोयेगा सुबह सबेरे मैके आके अपना ओज बिखेरेगा ...सिद्धार्थ 2. दम है अ... Read more

भाग के आग में बेटी

ये है देश मै औरतों कि इस्थिति, मगर आधी अधूरी। ज्यादा मामले तो संज्ञान में आते ही नहीं और लोग संसद मै बैठ बकैती करने में, और हैदराब... Read more

राष्ट्रहित

कबूतर उतरे नहीं उतारे गए है दाना डाल कर ललचाए गए हैं अब शिकारियों का तांता लगेगा पाव पाव मांस राष्ट्रहित में बटेगा फिर डकार के स... Read more

लेख

#हाउड़ी मोदी का #नारा कस के #बुलन्द करने वाले देश ने कस के तमाचा जरा है भक्तों के गाल पे । लेकिन भक्त तो ठहरे भक्त उसे भी चुम्मा ... Read more

लेख

#हाउड़ी मोदी का #नारा कस के #बुलन्द करने वाले देश ने कस के तमाचा जरा है भक्तों के गाल पे । लेकिन भक्त तो ठहरे भक्त उसे भी चुम्मा ... Read more

बनो सहारा

जीवन सुगम बन गया जब मिला आसरा ईश का बनो सहारा जरूरमंदों के साथ उन्हें पाओगे मिलेंगी दुआएं हर कदम जीवन सफल पाओगे दे... Read more

हैवानियत की घटनाओं और सोचने की जरुरत

विगत दिनों हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर प्रियंका के साथ हैवानियत का मामला प्रकाश में आया । मामले के सभी पक्षों एवं वास्तविकता को जान... Read more

इंसाफ हुआ है

एकदम सही ये जुर्म के खिलाफ हुआ है छुपा न कुछ भी पूरा साफ साफ हुआ है दक्षिण की खबर सुनके लग रहा है ये भारत में आज असली इंसाफ हुआ ... Read more

जानता हूं मैं

जीवन के कठिन रस्तों पे चलना जानता हूं मैं मुझे गिरने की न चिंता संभलना जानता हूं मैं चाहे गम हो या खुशियां मुझे न फर्क कोई है समय... Read more

तीन मुक्तक दहेज के

दामन में अपने पाप को सहेज न लेना सुखों के बदले जलालत की सेज न लेना उनको भी हक शादी का है जो गरीब हैं सोचके इस बात को दहेज न लेना ... Read more

जय श्री राम

बस एक शब्द बसे जिसमें सभी तीरथ व चारों धाम सभी संताप मिट जाते जो हृदय से ले लो उनका नाम वो रक्षक है मर्यादा के और भक्तों के वत्सल ... Read more

सकारात्मक सोच

किसी गाँव में दो साधू रहते थे. वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गाँव में आंधी आ गयी और बहुत जोरों की बारिश होन... Read more

पुस्तकें सच्ची मित्र

किताबें होती इंसान की सच्ची मित्र बनाती हैं ये इंसान का अच्छा चरित्र हो रहा हो इंसान जब कहीं पर बौर ना हो कोई साथी ,ना हो कोई... Read more

दिल डरता है..

तुम करीब हो फिर भी, अनजाना सा इक डर साथ चलता है, जहन में तुझ से अचानक, बिछड़ जाने का ख्याल पलता है, कहीं ऐसा न हो वक़्त, ले हमा... Read more

सुलगे सुलगे दिवस मिले, सहमी सहमी रात मिली

सुलगे सुलगे दिवस मिले, सहमी सहमी रात मिली फूल मिले या काँटे हमको ,आँसू की सौगात मिली जीवन पथ पर पहले से ही, हमको बिछी बिसात मि... Read more

'धिक्कार पौरुषाई पर'

जब कूक उठी तब मीठी थी, क्यों हूक उठी अब कर्कश है। है बेटी क्या ये जगती वालो, कोई खेल तमाशा सर्कस है ? जब चाहा तब अपमान किया, इच्... Read more

【12】 **" तितली की उड़ान "**

तितली उड़ी उड़ के चली, तितली ढूंढे फूलों की गली फूलों की गली जब उसे ना मिली, तितली ने देखी एक नई कली {1} तितली उड़ कर कली से मिली... Read more

व्यंग

लोग चिथरा भभूतरा पहन कर यदि नए नए आइटम और सामान के दर्शन करा रहे है और खुद सुंदरता पर गुमान कर रहे है तो हमें देखने में क्या हर्ज ह... Read more

सच और झूठ

हम जो कुछ सुनते हैं और जो कुछ देखते हैं वह हमेशा सच नहीं होता ।क्योंकि आजकल झूठ को भी सच की तरह बनाकर पेश कर दिया जाता है। और तो औ... Read more