Feb 27, 2021 · कविता

वो मेरे पापा ही है जिनके लिए मैं जीना चाहता हूँ....!!

उन आँखों के सपनों को..मैं दिल से पूरा करना चाहता हूँ,
वो मेरे पापा ही है जिनके लिए मैं जीना चाहता हूँ…!!

उनके मन की उम्मीदों को मैं दिल से संजोना चाहता हूँ,
उनके लाखों दर्दो को, तकलीफो को..मैं जड़ से मिटाना चाहता हूँ,
जिन कांधो पर बैठकर कभी मेला घूमा करता था,
उन्हीं कांधो से जिम्मेदारी का.. बोझ घटाना चाहता हूँ…!
वो मेरे पापा ही है जिनके लिए.. मैं जीना चाहता हूँ….!!

नहीं चाहिए ज़माने की दौलत,
जो पापा के मन भाये… ऐसी शोहरत कमाना चाहता हूँ,
अब तक जो टूटे सपने पापा के, उन सपनों को सँवारना चाहता हूँ..!
पापा हमेशा कहते है कि…. “बेटा कुछ बनके दिखाओ.”
सफलता हासिल करके उन्हें मैं खुश करना चाहता हूँ..!
वो मेरे पापा ही है जिनके लिए मैं जीना चाहता हूँ….!!

कभी साइकिल से तो कभी पैदल ही… वो शहर जाया करते है,
मैं खुद की कमाई से… मेरे हीरो के लिए एक हीरो दिलवाना चाहता हूँ… उन्हें शहर घुमाना चाहता हूँ…!

मैं पापा के साथ पल दो पल, वक़्त बिताना चाहता हूँ,
मैं उनके साथ हँसना, गाना,रोना चाहता हूँ…
दूर से सही.. मैं उनके करीब जाना चाहता हूँ…
जिन्होंने बताया नशा काम का होना चाहिए…पर आज उन्हीं की मैं शराब छुड़वाना चाहता हूँ..!

जिंदगी के क्या मायने होते है… ये मैं उनसे जानना चाहता हूँ,
दिल का हाल सुनकर… उन्हें गले से लगाना चाहता हूँ…!
वो मेरे पापा ही है…जिनके लिए मैं जीना चाहता हूँ….!!
❤ My Father..My Hero❤

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💖Feel The Words 💖 👉मेरी हँसी को लोग ख़ुशी समझते है... पर किसी को नहीं...
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