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कविता

zahatana zahatana

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कविता

September 21, 2016

नज़म
प्यारे बच्चे

अल्लाह को मे सजदा करूंगा
सुबह शाम माँ-बाप के लिए दुआ करूँगा

आधी – तुफानो से ना मे डरूंगा
मुश्किल – परेशानी का मुकाबला करूँगा

मशजिद मे जा जा के कलमा पडूंगा
कुरान मजीद को मे याद करूँगां

अड़ोस – पड़ोस मे मोहब्बत फेलाऊगां
इस्लाम को सब के दिल मे बसाऊंग़ा

अशरफ लोगो को उचाई पे ले जाऊंगा
बेताबी का आलम में बंद करूँगा

इताअत करने वालो की खुवाईश पूरी करूँगा
उस्ताद की हमेशा मे सेवा करूँगा

इकराम गली – मुहल्ले मे सब का करूँगा
ज़िद दी लोगो को घर जाके मनाऊंगा

किसी को कभी गलत रास्ता न दिखाउगा
सब को सही नेक राह पे चलाऊगां

गरीब आदमी को छोटा ना समझुगां
सब को बराबर में हक़ दूगां

लड़ाई – झगड़ा में ख़त्म करूगां
इन्सान को प्यार करना सीखाऊगां

आपस में भेद भाव ना करुगां
घर में सब से प्यार करुगां

इंसानियत को आगे बड़ाऊगां
गलत आदमी को में रूकोगां

पुरे देश को गीयानी बनाऊगां
इल्म में हर घर में ले जाऊगां

राजा कुमार
09810190869
RAJAKUMAR869@YAHOO.COM

Author
zahatana zahatana
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