कैसा आया काल कोरोना

-: कैसा आया काल कोरोना :-

चीन की है चाल कोरोना, बचा नहीं कोई भी कोना।
दुनियां पर भारी कोरोना, मार रहा मानव कोरोना !!

सब सीमाएं लांघके कोरोना अब भारत में आया हैं।
कितनों के घर उजड़ गए क्या कोहराम मचाया है !!

सन्नाटा छाया उन शहरों मे जो इसकी चपेट मे आयें है।
कोरोना खत्म कब होगा ये बुरे दिन कैसे अब आयें हैं !

घर है। “घर’ में कैद कौन- किसपे विशवास करे ।
कोई नहीं उपचार काल ख़ुद इससे आँहे भरे !!

कोई नहीं दवाई इसकी, आई कैसी मौत ये महामारी।
हाथ खडे कर लिए सबने व्याकुल हैं दुनियां ये सारी !!

अगर कोरोना से बचना है तो घर में ही रहना होगा।
लोकडाउन का पालन करके साथ देश का देना होगा!!

घर में रहलो बाहर क्या जाना देशी भोजन घर खाना।
थोड़े दिन अब घर मे रहलो बंद करो ये आना जाना !!

घर से बाहर जंहा भी जाएँ मास्क लगाकर ही हम जाएँ।
सामाजिक दूरी रखकर के कोरोना को अब तुरंत भगाएं!

कुछ अपवाद ऐसे भी होंगे बाज़ारो मे फिरते होंगे
लैके कोई रोग साथ मे ख़ुद परिवार के दुश्मन होंगे !!

जिसको नहीं जान ये प्यारी कोरोना से करले यारी।
छोड़छाड़ ये दुनियादारी मृत्युलोक की करे तैयारी !!

बाहर से आयें लोगों का कुछ कहके ना अपमान करे।
हाथ मिलाने से अच्छा है, हाथ जोड़ प्रणाम स्वीकारे !

मिलकर के सब करें सामना मोदीजी का है ये कहना।
चिकित्सको की बात मानकर अब है घर मे ही रहना!!

– भगवान सिंह चारण डीडवाना

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भगवान सिंह चारण
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