Jeevan kyun anmol hai

दौड़ रही है दुनिया क्यूँ
न जाने बख्शीश क्या मिलेगी
कुछ साँसे मिलेगी मुफ्त मे ???
या जीत की शक्ल मे हार मिलेगी।

क्या होती है पल की कीमत
साँसों का क्या मोल है
क्यूँ है इस संसार का बनना
जीवन क्यूँ अनमोल है???

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