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II जमाने का मेला II

संजय सिंह

संजय सिंह "सलिल"

गज़ल/गीतिका

February 11, 2017

एक मेला लगा लोग आने लगे l
माल जो बिक गया लोग जाने लगे ll

एक बहाना बनाना बड़ा काम था l
हाल अपना बताने जमाने लगे ll

वो ना आए मुलाकात होती नहीं l
सरहदों पे उसे फिर बुलाने लगे ll

देखता रोज ही आईना मैं मगर l
अक्स मेरे हि मुझको चिढ़ाने लगे ll

जो भी होता नियत गीता का ज्ञान है l
आप अपना पराया बताने लगे ll

ऊंची बातें करो सोच ऊंची रखो l
आसमा से नजर तुम मिलाने लगे ll

संजय सिंह “सलिल”
प्रतापगढ़ ,उत्तर प्रदेश l

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Author
संजय सिंह
मैं ,स्थान प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश मे, सिविल इंजीनियर हूं, लिखना मेरा शौक है l गजल,दोहा,सोरठा, कुंडलिया, कविता, मुक्तक इत्यादि विधा मे रचनाएं लिख रहा हूं l सितंबर 2016 से सोशल मीडिया पर हूं I मंच पर काव्य पाठ तथा मंच... Read more
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