कविता · Reading time: 1 minute

har ma ki kamna परिवार रहें खुशहाल सभी

परिवार रहें खुशहाल सभी
करें इक दूजे का सम्मान सभी
सेवाभाव हो सबके मन में
ईर्ष्या को दूर भगाएं सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

मर्यादा का पालन करके
अपने बनाये नियमों पे चलके
बातचीत से हल निकालकर
मिलजुलकर काम करें सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

सुख-समृद्धि आए घर में
रोग-दोष न आएं घर में
आचार-विचार न बिगड़ें किसी के
अच्छी जीवनशैली अपनाएं सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

मतभेद भले ही हो जाएं
मनभेद कभी न होने देना
सद्गुणों को अपना करके
तुलना करने से बचें सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

लालच के जाल, न फंसे कभी
व्यर्थ के विवाद, न पड़ें कभी
बनायें रखें एका हर हाल में
चाहें, परिवार की भलाई सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

शुभ संकल्पों और संस्कारों से
बचकर रहें सदा अहंकारों से
क्रोध-लोभ की आग बुझाएं
सदा हंसमुख रहें सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

अच्छाई की करें प्रसंशा
सादा जीवन हो सबकी मंशा
याद रखें सदा महापुरूषों की शिक्षा
घर के खर्चों में हाथ बंटायें सभी
परिवार रहें खुशहाल सभी

आशीष श्रीवास्तव, भोपाल मप

8871584907

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