कवितागज़ल/गीतिकामुक्तकगीतलेखदोहेलघु कथाकहानीकुण्डलियाशेरहाइकुबाल कविताघनाक्षरीतेवरीकव्वाली

प्यार कम तो नहीं

मेरे लिए मेरा दिलदार, कम तो नही. उसी में है पूरा संसार, कम तो नही. जानता हूँ तुम एक हो और चाहने वाले बहुत. सनम मेरे भी है यहां ... Read more

मौसम कुछ कुछ सर्द सा...

आज मौसम कुछ कुछ सर्द सा था दिल में यादों का मर्ज़ सा था हम तड़प रहे थे दीद को तेरी भीगी भीगी अंखियां थी और सूना सूना लब्ज़ सा थ... Read more

बेजुबान पशु

क्या कहे अब इस मानव जाती को, ये मानव नहीं ये तो राक्षस हो गए, इनके भीतर की मानवतावाद ख़तम हो गई, ये जालिम मानव को क्या कहे ... Read more

क्या मानवता मर गयी है

स्तब्ध हू निशब्द हू देखकर माँ तेरे मानव कि दानवता कोई कैसे छीन सकता है माँ निवाला किसी के पेट का शर्मिंदा हू, आहत हू ज़ब... Read more

दीदार करेंगे जरूर

***** दीदार करेंगे हम **** *********************** रखो यकीन हम मिलेंगे जरूर गिले शिकवे हम हरेंगे जरूर जो दिल में था हमा... Read more

समसामयिक विश्लेषण

कुछ तो गुस्ताखी हुई होगी दोस्तों महफिलें सुनसान हैं श्मशान आबाद हैं संतोष श्रीवास्तव भोपाल Read more

मां का आंचल खींच रहा था

*बिछुड गई थी मां बेटे से* ================ मां का आंचल खींच रहा था शायद भूखा झींक रहा। था मां जागेगी यही सोचकर, कोशिश मे तल... Read more

छीन ली जाए दौलत सियासतदारों की...

घर में आजाये रौनक ग़रीब के भी जो, छीन ली जाये दौलत सियासतदारों की ✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी Twitter 👉@ Er_Wr_Haneef Other 👉@ Han... Read more

बरसों पुराना एक ठूँठ

बरसों पुराना एक ठूँठ यों ही खड़ा हुआ था– घर के आँगन में। सुना है वह कभी हुआ करता था एक विशाल वट वृक्ष। उसकी घनी छाँह में बड़े बड़े ग... Read more

इस समय का हीरों,

(इस समय का हीरों) आज भी इंसानियत जिन्दा हैं, सोनू सूद के आगे बहुतों शर्मिंदा हैं,। कुछ दे गये पैसा पीएम फंड में, उसमें देने ... Read more

सोचो जरा.......

ये हमारी संस्कृति है, कोई नहीं विकृति है। समझ नहीं पाये हम ही, समझ गए कुछ और ही। घर को लगे भूलने, बाहर लगे तांकने। भागने लगे ... Read more

****आवाह्न शक्ति का.........***

जागो हे शक्ति स्वरूपा जागो निर्मल जल धारा , जागो.... जागो करुणामयि विनाशिनी अब जागो बजा दो डंका शक्ति ज्योत का प्रेम से भर द... Read more

साथ वही है।

साथ वही जो मन मधुबन को सुरभित और पल्लवित कर दे साथ वही जो हृदय अंक को प्रेम के आलिंगन से भर दे। हाथों के खालीपन को जो पकड़ र... Read more

जिंदगीनामा

फ़ैसला करिये अब कोई तत्काल नहीं, मेरा क़त्ल हुआ है कोई इंतक़ाल नहीं, दुनिया भरम में है वो आदिल रहा मेरा, बात मुक़म्मल हो ऐसे तो अल्फ़ा... Read more

शीर्षक–"जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय"

शीर्षक–"जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय" रश्मि काफ़ी दिनों बाद गई सविता मौसी से मिलने तो उसने देखा कि 3 साल की पोती इरा बहुत ही शां... Read more

बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना

बाज बनकर अब मिलेंगे कुछ परिंदे देखना है इरादा आसमां छू के रहेंगे देखना ज़िंदगी में अपना मकसद पाना ही है ज़िंदगी हौसला इतना बढ़ा ... Read more

साथ

साथ वही है, जो खड़ा तुम्हारे साथ नही, बल्कि खड़ा तुम्हारे पीछे है, जिसके हाथों में तुम्हारा हाथ नही, बल्कि कंधा तुम्हारा, उसके ... Read more

हम ज़िंदा कब थे ?

हम ज़िंदा कब थे ? अगर हम जिंदा होते तो. किसी औरत का बलात्कार नही सहते, किसी व्यक्ति की निंदा नही करते, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ ... Read more

{{ सुनाने से न रुके }}

रोका था मैंने अपने दिल को, तुमपर आने से रुके कम्बख्त न वो रुका और तुम जाने से न रुके,, गीला तकिया सारी रात शिकायत करता रहा मुझसे... Read more

{{ यू नाश न कर }}

कहा हमे दिल लगाना आता है मेरे घर के रास्ते मे उसका घर आता है एक नज़र देख ले वो बस सौ दफा कोई काम निकल आता है दिल की बात जाने क्... Read more

आत्महत्या की नौबत क्यों आए?

जब इंसान का संघर्ष, विफल हो जाता, और संघर्ष वह नहीं कर पाता, तब निराशा का भाव प्रबल होकर, उसे जीवन जीने के, सारे विकल्प से हताश... Read more

रिश्ते........

गुमान था बहुत, अरमान था बहुत। अक्सर बातें होती थीं, कुछ अनकही यादें होती थीं। सोच यह कि काम आयेंगे एक-दूजे के, साथ नहीं छोड़ेंग... Read more

एक वसूल

सीखा है एक वसूल रास्ते से, मुड़ता तो हैं सिर्फ आगे बढ़ने को। पिछले मोड़ और चौराहे उसे याद नहीं रहते। -Tanu Read more

हमें समझ नहीं आया,

(हमें समझ नहीं आया) ऐ मैरे भारत वासियों, तुम सोच के तो बतलाना,। ऐ देश में कैसे आया कोराना, इसे कोन हैं लाया हमकों बताना,‌। ... Read more

सियासत का बाज़ार...

नफ़रत ऐसी पैदा हुयी सियासत के बाज़ार में, कि हिन्दू-मुस्लिम ही बचा आज अख़बार में ।। ✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी Twitter 👉@ Er_Wr_Haneef... Read more

खौफनाक आइना

नारीवाद का नारा देने वाले खुद उसका अपमान करते हैं, श्रद्धांजलि देने के नाम पर किसी को खरी खोटी खूब सुनाते हैं, करता कोई दूसरा गलत ... Read more

बद्दुआ में

किनारा कर लिया हर दुआ ने मेरे रुख से। शायद बद्दुआ में उठे हाथ दुआ से कहीं ज्यादा रहे होगें। -Tanu Read more

@ चलो चलते है.......!

कल आया अंफान आज और एक तूफान भारी, क्या ईश्वर इसी रूप में कर रहे प्रलय की तैयारी। जागने का है वक़्त सही, जगाने की ही है तैयारी म... Read more

हकदार

तू उनसे जाके पूछ मेरा हाल - ए - किरदार.... मेरी खबर, मुझसे ज्यादा रखते हैं, मेरे हकदार..... Read more

इंसानियत को श्रद्धांजलि

बरपाया जो प्रकृति ने कहर उसे बर्बरता का नाम दे रहे हैं, और किया जो इंसानों ने इसके साथ उसे विकास का नाम दे रहे हैं, इंसानियत को ता... Read more

एक ही कहानी

हर तरफ से ओढ़ा दी गई परेशानी है, वर्किंग हो या नहीं सबकी एक ही कहानी है। समाज की समझ का भला क्या कहें ? अपने हिसाब से बात हमें बन... Read more

सृष्टि की उत्पत्ति (भाग-२)

मनु सतरूपा प्रकटे ब्रह्मा से, सप्त ऋषि संग आए धरती पर कैसे रहना है, ज्ञान संग में लाए सत्य प्रेम और करुणा का, पाठ में तुम्हें पढ... Read more

" अनचाहा उपहार "

सपने देखते हैं किसी और के , वायदा कोई कर जाता है । हृदय में कोई बसता है , तन किसी और को सौंप दिया जाता है । रिश्ते की सच्ची नींव... Read more

" सम्भोग "

क्या पछताएंगे वो लोग , जिन्हें पता ही नहीं क्या है ये प्रेम रोग । उद्देश्य के पीछे ही भागते हैं कुछ लोग , प्यार के नाम पर करते है... Read more

डोर।

ना सुनाई देती है आहट कोई, ना होता है कोई शोर, कभी-कभी इस जीवन में यूँ ही, बंध जाती हैं कुछ डोर, बेनाम रिश्तों का दुनिया में, ... Read more

रिश्तों की अहमियत

घर तो हैं अब घर नहीं, सिर्फ ईंटों के मकान हुए। मिट रहे अब रिश्ते सभी, धन ही बस पहचान हुए। मोल-भाव शुरू हुआ है, ये रिश्त... Read more

(हाय! ये राजनीति)

नेताओं का काम है जो, वो निरंतर हर मौसम में ही करते रहतें हैं। राजनीति ही राजनीति, हर बार हर बात पर करते रहतें हैं। हत्या कर... Read more

जिंदगी के मरहले,

जिंदगी तेरी चौखट पर जूझ रहा हूँ, ग़म इतने की ग़म से ही पूछ रहा हूँ, इतना नहीं मयस्सर इफ़रात कर सकूं, टूटा हूँ और टूट के महफ़ूज रहा हू... Read more

सृष्टि की उत्पत्ति (भाग-१)

एक समय महाविष्णु अकेले, गहरे शून्य में सोए थे हलचल होती थी मन में, कुछ मंथन में वे खोए थे आया विचार सृष्टि रचने का, गहन और गंभीर... Read more

ग़ज़ल/गीतिका

तख़्त-ओ-ताज अमीरों को मिला करता है, ग़रीब फ़टी चादर हर वक्त सिला करता है, हम हैं परिन्दें इस कौम के असली वारिस, तस्वीर बनाने में तो ... Read more

मुक्तक

क़िरदार हुआ हल्का जो सनासाई में, अज़ाब है इतना दुश्वारी है बिनाई में, दुनिया तेरे क़दमों में और गिरूं कितना, उबर नहीं पाता हूँ दर्द-... Read more

अच्छी ख़बर दोगे क्या?

मैने देखा है जो कुछ भी वो कम तो नहीं, नज़रंदाज कर सकूं एसी नज़र दोगे क्या? माना है बेहद काँटों से भरी जिंदगी मेरी, सारे काँटे... Read more

3 जून विश्व सायकिल दिवस पर ,पर्यावरण एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से सायकिल चलाना भी एक सच्ची सामाजिकता है

3 जून विश्व साईकल दिवस पर विशेष पर्यावरण एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से साईकल चलाना भी एक सच्ची सामाजिकता है #पण्डितपीकेतिवारी ... Read more

अलगाव-मजबूरी से दूरी बेहतर।

अलगाव, इस शब्द का मतलब ये बिल्कुल नहीं की आप लोगों से मुंह मोड़ लें या विमुख हो जाएं, इसका मतलब ये है कि आपकी तरफ से आप दूसरों को यह... Read more

*"दो जून की रोटी "*

*"दो जून की रोटी"* चलते चलते वक्त का पहिया मानो जैसे थम सा गया है। दरबदर ठोकरें खाते हुए न जाने क्यों बिखर गया है। हौसले बुलंद है... Read more

बहार देखते हैं

कभी पानी तो कभी आग देखते हैं हम तेरी आंखों में एक रेगिस्तान देखते हैं..... भटक न जाएं इस भूल भुलैया में इसलिए बाहर से ही भीतर के ... Read more

प्रीत..

बनी रहे ऐसी ही प्रीत । खुश रहे सदा मन मीत।। जीवन में हो सुंदर गीत । खुशियाँ जाए न कभी बीत ।। तुम पाओ हर पल जीत । खु... Read more

ज़िन्दगी

वर्क ‌के हाशिये सी रही जिन्दगी मेरी... सब जगह लिखा गया पर मुझे छोड़ कर... ✍️✍️...दीप Read more

शरारत कर दो

अपनी नशीली आंखों से शरारत कर दो. मेरे टूटे लफ्जों को फिर से इबारत कर दो. अपनी मोहब्बत बसाकर मेरे दिल में. इस जिस्म ऐ खन्डर को इ... Read more

कल भी रहेगा...

कि जो आज है कल भी रहेगा, तेरा इंतिज़ार है कल भी रहेगा ।। यक़ीन है, तू आएगा लौटकर, और बेशुमार है कल भी रहेगा ।। ✍️#हनीफ़_शिकोह... Read more