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Category: शेर

हुनर
हुनर गूंथे जाते है माला में पुष्प वही हर मौसम में खिलने का जो हुनर जानते है ।। मुरझाये पुष्प स्वयं ही अक्सर, शाखाओ से... Read more
शेर
।।फर्जी दुनिया।। बनते हैं शहंशाह, कहते हैं हम किसी से कम नहीं शेर हैं सब कागज़ के जनाब, है किसी में दम नहीं। ।।दिलबर।। दिलबर... Read more
Brijpal Singh शेर Jun 13, 2016
फज़ूल में बखान न करना अपनी काबलियत का दोस्तो, जिस दिन तुलना करना छोड़ दिया समझो तुम वाकई काबिल हो !
मगर
Brijpal Singh शेर Jun 13, 2016
लाख कोशिशे भी चाहे कर लो समझने और समझाने की ))))) मगर((((( कुछ अपने आँखें फिरा ही लेते हैं !!
तन्हाई
मेले लगे लग के चले गए लोग खेले खेल के चले गए वहीं रहे तो बस हम और हमारी तन्हाई।
'' सच ''
Brijpal Singh शेर Jun 7, 2016
न रहा स्वावलम्बी कोई ये भी रीत बरकरार है , मौत ही एक सच है यहाँ बाकी सब निराधार है !!