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Category: शेर

शेर
ली साँस आज तक कितनी आँकते रहे हर शाम जिन्दगी तुझको जानते रहे अरमान का गला तुमने आज घोंट जब दिया हम तार टूटते दिल... Read more
शेर
हैसियत वो शय है कि जिसके आगे यार मोहब्बत नए ज़माने की, दम तोड़ देती हैं श्री राकेश "राज"
दर्द-ए-ग़म
दर्द-ए-ग़म = लेखिका- श्रीमति अलका जैन, रानीपुर झांसी 1, गर रोने से दर्दो ग़म का मिटना मुमकिन होता! तो दुखियों के अश्कों में जमाना बह... Read more
सुनो
सुनो, कुछ नही है तो यादो में आते क्यों हो पल - पल ख्यालो में आकर सताते क्यों हो न किस्मत अपनी, न जिगर तुममे... Read more
शेर
हो मेरी आदतों में' शामिल तेरी" कोइ आदत दूँ' मैं भी मुस्करा कभी यों बेवजह तिरे लिय वंदना मोदी गोयल
शेर
हो मेरी आदतों में' शामिल तेरी" कोइ आदत दूँ' मैं भी मुस्करा कभी यों बेवजह तिरे लिय वंदना मोदी गोयल
शेर
12.12.16 ******* दोपहर 1.15 समझ नहीं आता इस हुस्न को क्या नाम दूं एक हल्की स्मित सी मुस्कान को क्या नाम दूं ।। ?मधुप बैरागी... Read more
हिदायत
"मयस्सर जो कुर्सी है उसका अब तो वाजिब इस्तेमाल कर लो ऐ साहिब-ए-सद्र, शाम सियासत की बदसलूक न हो अंधेरी रात हुई गर तो ढल... Read more
शायरी
वो ख्वाबों की दुनिया,वो ख्यालो की दुनिया। कैसे दिखवाऊँ तुझे दिल के जज्बातों की दुनिया। तुमने कहा था साथ दूँगी तेरा तमाम उम्र "प्रीतम", कहाँ... Read more
पुरनूर चेहरा
Kapil Kumar शेर Dec 21, 2016
पुरनूर चेहरा मुस्कराहट ये, गवाही देती है दिल के करीब उसकी आहट सुनाई देती है ******************************** कपिल कुमार 19/12/2016
टुकड़े तेरे आइने के
Kapil Kumar शेर Dec 17, 2016
टुकड़े तेरे आइने के भी रखे हैं संभाल कर नजर आये तेरी सूरत शायद हो करम हमपे ********************************* कपिल कुमार 16/12/2016
सजदे में हुस्न के
Kapil Kumar शेर Dec 16, 2016
सजदे में हुस्न के झुकना ,कोई गुनाह नही उससे बेहतर खुदा के बाद कोई पनाह नही ******************************** कपिल कुमार 15/12/2016
शायरी
"शायरी" *************************** कतारे़ तो सिर्फ़ मेरे दुश्मनों की थी वहाँ..! जब देखा तो कई चेहरे जाने पहचाने निकलें..! **************************** जिन्हे हम कहते थें अक्सर वो... Read more