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Category: मुक्तक

साथ अगर ....
साथ अगर जो तुम भी होते होता मजा बरसात में शोख़ नज़र की हाला होती ग़ज़ल बने हर बात में चूर नशेमन खो जाते हम...हसीं... Read more
मुक्तक
आज गुरु पूर्णिमा है दुर्दिनों के दौर में कमाल होगया । रज चरण चूम ली वो मालामाल होगया । भव पार उतरना है तो चरणों... Read more
क़िता
क़िता •••••••••••••••••••••••••••••• मुझपे इतना फक़त करम' करदे। दूर तनहाई के अलम' कर दे दस्तखत अपने प्यार का जानां' दिल के औराक़ पर रक़म' कर दे।... Read more
खिला कण कण
खिला कण कण,पुष्प महके, भ्रमर बहके, आम्र बौर आये कोयल कूके,पलाश दहके, मलय समीर, रवि मुस्काये पीताम्बरी नवयौवना धरा, को करके आलिंगनबद्ध मदन मद मस्त... Read more
बो रहा कोई विष बीज
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ बो रहा कोई विद्रोही विष बीज, पनपने मत दो देशद्रोह, आतंक का तावीज़ पहनने मत दो जागो राष्ट्र प्रेमियों बुलंद अपनी वाणी करो दंभियों... Read more
प्रेम खुमारी
पावन सदा पुनीत मृदुल सा जहान हो सुरभित पवन,रंगीन प्रकृति रूपवान हो रिश्ते प्रगाढ़, प्रेम खुमारी बनी रहे कोई न हो गरीब सभी का मकान... Read more
मन चंचल
मन चंचल, अधीन हम,पल-पल में भटकाये कभी चढ़ाये पर्वत , कभी धरा पटकाये ज्ञान की डोरी से अंकुश लगा यदि बांधे तिनके प्रस्तर सम,जीवन संतुलित... Read more
रेखाओं  के खेल
लक्ष्मण रेखा तोड़कर सिया के उर थी पीर रेखाओं के खेल ये कौन बंधाता धीर कुछ हद तक बंधन भी उचित हुआ करते हैं आज... Read more
भोला भाला रूप
भोला-भाला रूप बना कुछ साधू फैंके जाल कथा-कहानी सुनके जनता दंग,करते वो कमाल असलियत खुली, गुनाह सामने, उन्हें मिलती जेल अंधास्था, अन्धविश्वास कभी न करो,... Read more
लूट
मुक्तक। राष्ट्रवाद का झंडा कुचला, नेताओं ने लातों में। जनता को ठेंगा दिखलाया, बस बातों ही बातों में। ख्वाब दिखाते रहे रात भर, भोली भाली... Read more
*लूट*
इंसा इंसा को लूट रहा नश्वर माया ये कूट रहा बेमानी हुए रिश्ते-नाते डर ईश्वर का छूट रहा *धर्मेन्द्र अरोड़ा*