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Category: मुक्तक

दोहा मुक्तक
अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड, मान शब्द दोहा मुक्तक............ आन बान अरु शान पर, बना रहे अभिमान अहंकार जिसने किया, उसका मर्दन मान... Read more
ख़त
************ "हुई दस्तक दरारों से,निकलकर इंतजार आया, खुली है खिड़कियाँ देखो,किसी अपने का तार आया।" --------------------- "लिफाफा बंद जैसी बेपता सी जिन्दगी ये थी, वो... Read more
शिकायतें
ख़फ़गी से भरी नहीं लगतीं शिकायतें उनकी, तंज करती सी नहीं लगतीं शिकायतें उनकी, शहद सी मिठास दावतों का इल्तिजाई लहजा, आदाब में झुकी सी... Read more
छः मुक्तक
छः मुक्तक ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ 1- तड़पता हूँ मैँ रोजाना सनम तेरी ही चाहत मेँ मगर ये तारिखोँ पे तारिखेँ खलतीँ मुहब्बत मेँ कभी तो जानेमन तुमसे... Read more
दोहा मुक्तक
दोहा मुक्तक......आप सभी गुणीजनों को हिंदी दिवस की हार्दिक बधाई..... "मुक्तक" रसना मीठी रसमयी, वाणी बचन जबान रसिका हिंदी माँ मयी, जिह्वा कंठ महान जस... Read more
इश्क़ का फलसफ़ा
मुहब्बत तो इबादत है तिजारत इसको मत कहिए ये जज़बाती हक़ीक़त है ज़रूरत इसको मत कहिए 'चिराग़'इस दिल के काग़ज़ पर लिखे हैं आंसुओं से... Read more
ईश छंद
जब चाँद से ठनी है छिटकी न चाँदनी है गमगीन हैं सितारे मिलती न रौशनी है बरसे न नैन देखो मिलता न चैन देखो सपने... Read more
हमारी हिंदी
नानक कबीर सूर तुलसी बिहारी मीरा जायसी रहीम रसखान की ये भाषा है राजकाज सकल समाज की ये वाणी और भारत के ज्ञान-विज्ञान की ये... Read more
मुक्तक - 2
चुल्हों में सभी के नहीं रोटियाँ बदन पे सभी के नहीं धोतियाँ। हजारों बिना रोटियों के मरे करों में सभी के नहीं बोटियाँ।। भाऊराव महंत... Read more
मुक्तक
माँ को मेरे ऐसा अक्सर लगता है। मेरा बेटा अब तो अफ़सर लगता है सूटबूट से जब भी निकलूँ मैं घर से कहती पूरब का... Read more
गणेश वंदना.
हे गजबदन गणेश गजानन गणनायक गुरु स्वामी हो. प्रथम पूज्यवर पार्वती-सुत गणपति अन्तर्यामी हो. विकट विनायक विघ्नेश्वर शुचि विद्यावारिधि सिद्धिप्रियः, कपिल कवीष कृषापिंगाक्षा सत्पथ के... Read more
मुझे सारा संसार हिन्‍दुस्‍तान लगता है
1 कुछ यूँ चले अम्‍नोवफ़ा की ताज़ा हवा शामोसहर। फ़स्‍ले बहाराँँ चारसू, जश्‍ने चराग़ााँँ शामोसहर। तालीमगाह-इल्‍मरसाँँ है तेरा शहर-मेरा शहर, तारीख़ बयाँँ करे सुखनवर, तुम... Read more