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Category: मुक्तक

दश हरा
ख्वाब को बिस्तर से उठा कर के सो जाओ नेता को भी आँख दिखा कर के सो जाओ मनाना ही है ग़र तुझे आज दशहरा... Read more
इक रेशमी रुमाल
दीवाना कर गया मखमली सवाल आपका था वो हक़ीक़त या फिर इक ख्याल आपका ******************************** ढूंढता रहा रात भर निशां तेरे ख्वाबों में मै मिला... Read more
मेरा ठिकाना-८ --मुक्तक---डी के निवातियाँ
दरख्त मिटे गए मिटा परिंदो का आशियाना खेत खलिहानों को मिटा, बना लिया घराना इस कदर विकास हावी हुआ इस जमाने में पशु पक्षी दूजे... Read more
रूह का हिस्सा
आंख के आंसू है......दरिया नहीं जो सूख जायेगा तुम उतार फेंको मुहब्बत का लिबास ये मेरी रूह का हिस्सा है ......... मेरे संग जायेगा
मेरा ठिकाना-७---मुक्तक---डी के निवातिया
तेरे दिल के खंडहर में पड़ा है फटा-टुटा बिछाना कल होते थे जहाँ पल गुलजार, आज है वीराना अल्फाज लंगड़े हो गये, जज्बातो की ज़ुबाँ... Read more
' मधु-सा  ला ' चतुष्पदी शतक [ भाग-1 ]  +रमेशराज
चतुष्पदी -------1. नेताजी को प्यारी लगती, केवल सत्ता की हाला नेताजी के इर्दगिर्द हैं, सुन्दर से सुन्दर बाला। नित मस्ती में झूम रहे हैं, बैठे... Read more
' मधु-सा  ला '  चतुष्पदी शतक [ भाग-2 ]   +रमेशराज
चतुष्पदी--------26. बेटे की आँखों में आँसू, पिता दुःखों ने भर डाला मजा पड़ोसी लूट रहे हैं देख-देख मद की हाला। इन सबसे बेफिक्र सुबह से... Read more
' मधु-सा  ला ' चतुष्पदी शतक [ भाग-3 ]  +रमेशराज
चतुष्पदी--------51. त्याग रहे होली का उत्सव भारत के बालक-बाला बैलेन्टाइनडे की सबको चढ़ी हुई अब तो हाला। साइबरों की कुन्जगली में श्याम काम की बात... Read more
' मधु-सा  ला ' चतुष्पदी शतक [ भाग-4 ]   +रमेशराज
चतुष्पदी--------76. आज हुआ साकार किसतरह सपना आजादी वाला, आजादी के जनक पी रहे आज गुलामी की हाला। सारे नेता बन बैठे हैं अंग्रेजों की संतानें,... Read more
मेरा ठिकाना-4---मुक्तक---डी के निवातियाँ
क्या करोगे जानकर तुम मेरा ठिकाना मैं ठहरा घुमक्कड़ रिवाजो का दीवाना रहता हूँ सफर -ऐ- जिंदगी में देह संग जाने कब छूट जाये ये... Read more