मुक्तक

व्यर्थ की उम्मीदें

पीड़ित व्याकुल मन के भीतर क्यों ये दर्द भरे हो रोगी तन-मन लिए पड़े हो ये क्या हाल करे हो दिल क्यों खंडहर बना रखा है साफ ... Read more

*मुक्तक*

करते हैं प्यार तुम्हें हम जान से भी ज्यादा । नहीं भूलेंगे मरकर भी ये पक्का रहा वादा ।। प्यार से बेशक़ तुम चाहे जान भी मांग लेना । ... Read more

【■ हालात ज़िन्दगी के ■】

------------------------------------------ हालात इस क़दर बिगड़े हैं ज़िंदगी के पत्थर से ज्यादा टुकड़े है ज़िन्दगी के। सँभालना चाहा जिन... Read more

आंसू

विधा-मुक्तक खुशी में भी आंसू निकल जाते हैं दुःख में तो और भी पिघल जाते हैं जी भर के रो लिया करो कभी- कभी रोने से मन मौसम बदल ज... Read more

वीर सेनानी - मुक्तक

(१)तिरंगा हाथ में लेकर, चले हैं वीर सेनानी। दमन शत्रु का करने की, जिगर में बात है ठानी। फौलादी इरादे हैं, इन्हें क्या रोक पाओगे,... Read more

ये बेचारी ग़म दुनियाँ

दुनियाँ चेलैंज देती है हमको और हम दुनियाँ जाने ना अब हमें, तो है ये बेचारी ग़म दुनियाँ दुनियाँ निकालेगी चाहेगी गिन- गिन कमियाँ ... Read more

क्या खूब भाई साहब अमीन सयानी

क्या खूब भाई साहब अमीन सयानी ये दुनिया तेरी आवाज़ की दीवानी क्या कहने हैं बिनाका गीतमाला के रहती दुनिया तक रहेगी तेरी निशानी Read more

!:::बुरी राहें चलना मत:::!

तारीफ़ों की आंच से पिघलना मत चिनगारियों से कभी जलना मत। बुरी राहें मंज़िल तक क्यों न जाएं, साथ उनके कभी तुम चलना मत। By-वि के ... Read more

प्रीत मंजिल का ख्याल है l

प्रीत मंजिल का ख्याल है l तेरी ही ओर, चाल है ll बस तू ही तो जवाब है l जहाँ प्रीत पे सवाल है ll अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

गिला कैसा

सभी को यार मन माफिक नहीं मिलते, अगर धोखा दे जाए तो गिला कैसा ! तुझे समझा खुदा मैंने, खता मेरी, मेरी किस्मत मुझे साथी मिला कैसा ... Read more

मुक्तक

मुक्तक 212 212 212 212 रात ख्वाबों में वो मुस्कराते रहे । मीठे सपने मुझे रात आते रहे। सुबह पूछे सबब देर में क्यों उठा, बोला सपन... Read more

मुक्तक

मुक्तक:- उसे पाकर जमाने में दुबारा खो नहीं सकता। जुदाई में मोहब्बत की मैं खुलकर रो नहीं सकता। दिलों में दर्द देती है बड़ी बेदर्द... Read more

सब ही घाटा, कुछ न फायदा l

सब ही घाटा, कुछ न फायदा l झूठ, कपट का सत्य कायदा ll जीवन जितना उड़ा चढ़ा चढ़ा l दुःख दर्द उतना ज्यादा ज्यादा ll अरविन्द व्य... Read more

गुब्बारा फूला, नर्म पड़ा व फटा l

गुब्बारा फूला, नर्म पड़ा व फटा l यह सत्य ना टूटा, ना है अटपटा ll प्यास, जिंदगी में जो लगा अटपटा l धीरे धीरे, अटपटापन है घटा ll ... Read more

पाप को तेरी ललकार सुनी है आज पुरी दुनियां ने

पाप को तेरी ललकार सुनी है आज पुरी दुनियां ने सत्य की सच्ची पुकार सुनी है आज पुरी दुनियां ने अत्याचारी दंभ भरेगा कब तक अपनी झुठी सत... Read more

हृदय में हौंसला राखिए

हृदय में हौसला राखिए ,समय अनुकूल आयेगा अभी राहों में काटें हैं बहुत ,पर फूल आयेगा ना घुटने टेकिए कुछ मुश्किलों के सामने भाई जो ध... Read more

मुक्तक

'पूछता है भारत' कब तक करोगे तिज़ारत मुद्दे के नाम पे टुच्चे बहस और सियासत । गले फाड़ कर जो ब्रेकिंग न्यूज़ हो दिखाते क्या ऐसे ह... Read more

जख्म

दर्द सीने में समा बनके पलने लगे है आंखो मैं आशु अश्क के झरने लगे है जख्म पर मरहम लगाने से क्या फायदा , क्योंकि मुझसे अपने ही आजकल जल... Read more

मुक्तक

रूह कांपे दिल मचलता एक तड़प सीने में है भूखे प्यासे दर भटकना क्या मजा जीने में है आंख से छलके ना आंसू गम है साया घना जब नशा चढ़त... Read more

मुक्तक

तुम निगाहों से अपनी ना कातिल करो रोज_हमको_सताने_से_क्या फायदा पास_आके_सनम_तुम_लगालो_गले रोज_दूरी_बढ़ाने_ से_ क्या_ फायदा Read more

मुक्तक

मेरी जिंदगी में तेरा साथ गर हो मै कांटो पे चलके खुशी ढूंढ लूंगा उदासी के पल में पलके भिगोकर मेरे हर लवो पे हंसी ढूंढ लूंगा Read more

मुक्तक

अभी तो बात ही की थी अभी सब राज बाकी है मुलाकातों के वो प्यारे अभी सब राज बाकी है तू ही है जान _तू जन्नत _तू ही है जिंदगी _मेरी ते... Read more

मुक्तक

जिंदगी है तो जी लो खुशी से, जिंदगी _का _भरोसा _नहीं है यहां अपनों के अपने ही दुश्मन, अब किसी_ का भरोसा नहीं है प्यार करके वो ... Read more

मुक्तक

दर्द सीने में समां बनकर जलने लगे है,आंखो से अश्क गम के झरने लगे है जिंदा तो हूं पर जिंदगी रूठी रूठी लगती है,मेरे अपने ही मुझे छलने ... Read more

मुक्तक

अश्क गमों के पी रहा हूं में,ना जाने क्यों घुटन भरी जिंदगी जी रहा हूं में ये मेरे दोस्त कभी मेरा भरोसा मत तोड़ना केवल उसी के सहारे ज... Read more

मुक्तक

ये जिंदगी बहुत खूब सूरत है तू,अपनों का प्यार ममता की मूरत है तू बस मेरी इक ही गुजारिश है तुझसे मेरे अपनों को धोखा ना देना क्योंकि अ... Read more

मुक्तक

कभी तू _पास ले आती _कभी दुत्कार देती है, कभी कातिल अदाओं से सनम तू मार देती है तू ही तो _जान तू _जन्नत तू ही _आरजू मेरी कभी हदसे... Read more

मुक्तक

राजनीति पर मेरा मुक्तक बनाना था जिसको राजा मदारी बना दिया फंदे _में _यूं _ फसाकर भिखारी बना दिया जो _चाहता था_ तुमको दिलो _ जान ... Read more

मुक्तक

ये जीवन आग दरिया ना विखरो तुम जवानी में ये दिलही दिल सुलगती है बुझे ना आग पानी में संभल जाओ मेरे कृष्णा जरा सोचो जरा समझो सभी मिल... Read more

मुक्तक

हमारे ख्वाब में आकर हमे तुम क्यो सताती हो कभी हमको मानती हो कभी खुद रूठ जाती हो सताना ना कभी हमको दिल ही दिल टूट जाएंगे जरा सी दो... Read more

मुक्तक

किया बादा भुलाते ना जो करते प्यार की बातें खुशी से जिंदगी जीते ना हंसती कटती चांदनी रातें छलकते ना कभी आंसू लगाते जो कभी काज... Read more

मुक्तक

किसको मालूम था बस मुलाकात मै आंखो आंखो में ही प्यार हो जायेगा मैंने _जाना_ना _था देखते_ देखते, मेरा _जीना_ ही_ दुश्वार हो जाएगा Read more

मुक्तक

प्यार के लम्हों के दम पर जी रहा मै आजकल गम के प्याले यूं खुशी से पी रहा मै आजकल प्यार कर हमने भुलाना ये कभी सीखा नहीं तेरी यादों ... Read more

मुक्तक

पल दो पल भी मुझे तन्हा होने नहीं देती मेरी चाहने वाली मुझे कभी सोने नहीं देती जिंदगी में मेरी गमो का साया बहुत है मगर तेरी याद मु... Read more

दुनियाँ को जाने दो अब यारों

यूं दोस्त हमसे रूठा नहीं करते यूं दोस्त दर्द छुपाया नहीं करते दुनियाँ को जाने दो अब यारों यूं यारों से दर्द बयां नहीं करते ।। ... Read more

मुक्तक --- शिक्षक जीवन !!!

मैं शिक्षक हूं किताबी है, जमाने जिंदगी मेरी। मैं पढ़ता हूं पढ़ाता हूं, इसी में दिल्लगी मेरी। मेरे कथनों या वचनों से अगर कोई संवर... Read more

सुख के साथी

सुख में सब तो रहते हैं। अपना मुझको कहते हैं। दुख में पर पास न आयें। घर में अपने छुप जायें। अब मैं सब जान गया हूँ। सबको प... Read more

करें सम्मान हिंदी का

हमारे देश में अब तक,हुआ अपमान हिंदी का। नहीं करता यहाँ कोई, कभी गुणगान हिंदी का। लड़ाई है बहुत लंबी, बने यह राष्ट्र की भाषा- दि... Read more

हिंदी दिवस ::मुक्तक विशेष !!!

(१)हिंदी हे वतन मेरा हिंदुस्तान कहता हूं। रग रग में बसी हिंदी जिव्हा पे राग रखता हूं। तू जननी हे मेरी जननी मै बेटा मात हूं तेरा, ... Read more

हिंदी हैं हम

हमारी आन है हिंदी, हमारी शान है हिंदी। हमारी रूह है हिंदी, हमारी जान है हिंदी। मरें भी हम तो हिंदी से,जिएँ ... Read more

हिंदी दिवस विशेष

केवल भाषा नहीं, ज्ञान है हिन्दी, हम भारतीयों की पहचान है हिन्दी, भारत माँ का सम्मान है हिन्दी। © बदनाम बनारसी Read more

चल रहे - मुक्तक

मेरा लिखना आप का पढ़ना कर्म दोनों ही कर रहे। चुन चुन कर उनमें से मोती, मस्तिष्क पटल में भर रहे। चल रहे... Read more

दिल ने लगाई लड़ाई l

दिल ने लगाई लड़ाई l सर ने की हाथापाई ll प्यास, दोनों भये नंगे l जीवन पे आफत आई ll अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

मुक्तक -जुनून ए इश्क

जुनून ए इश्क यह मेरा तेरी चौखट पर आया है। जख्म खाए मगर फिर भी तुझे ना भूल पाया है। मैं तेरा हूं मैं तेरा हूं भरोसा कर ले तू मेरा ... Read more

मुक्तक

★देखें दो मुक्तक- (१) कुछ कडुवी कुछ मीठी बातें। जीवन में देतीं सौगातें।। क्यों डरते हो इन बातों से, दिन आते जब होतीं रातें।। (... Read more

मुक्तक

जुबां लड़खड़ाए तो कोई नई ... लखड़ाने दो जो बात कहनी हो कह दो उसे फ़साने में ~ सिद्धार्थ शब्द सीधे और सरल थे अर्थ मगर कुछ खास था इ... Read more

मुक्तक

मुक्तक चिलचिलाती धूप में भी मांगते है भीख वो । जीवन यापन के लिए आज हुए मजबूर वो । जिंदगी की जंग को लड़ते रहते वो सदा, आंख से आं... Read more

आ गले मुझको लगाओ

2122 2122 2122 2122 जाँ न जाओ लौट आओ, यूँ न तनहा छोड़ जाओ। क्यों खफ़ा हो इस तरह तुम,बात क्या मुझको बताओ। मानता हूँ भू... Read more

मस्त जीवन, छूटना, छोड़ना l

मस्त जीवन, छूटना, छोड़ना l मस्त जीवन, अछूत रह छूना ll मस्त जीवन, छुपना व छुपाना l मस्त जीवन, छनना व छानना ll अरविन्द व्या... Read more

कुछ करो

मुक्तक पसीने की स्याही से, लिखूं इतिहास दुनियां में । करुँ मेहनत कठिन ऐसी, बनूं कुछ खास दुनियां में । हमारी कामयावी को, सभी देखे ... Read more