मुक्तक

मुक्तक

तेरी यादों के क़दम रुकते नहीं कभी। तेरी ज़ुल्फ़ों के सितम रुकते नहीं कभी। रोशनी ज़लती है हर दम अरमानों की- तेरी चाहत के वहम रुकते... Read more

जिद्दी मन

कहीं उडती हुई रेत का बबंडर थामने की जिद् है कहीं नफ़रत मे आमने सामने की जिद् है कहीं बद से बद्तर हो गई हैं यादों की बारिशें न ब... Read more

*मुक्तक*

उनकी चाहत में देखो हमारे चेहरे पर गजब का नूर आ गया ! हमने भी मोहब्बत उनसे इतनी की कि उनको गुरुर आ गया !! ऐ रब्बा सजा ना देना मेरे ... Read more

योग

"अंतरराष्ट्रीय योग दिवस " मुक्तक भौतिक सुखों को त्याग कर , सही दिशा में प्रयास कर, रहना अगर निरोग तुझे , मान... Read more

दो शेर

वो मेरा इम्तिहान लेता है सब्र भी मेरी जान लेता है सब उसे देखते हैं हसरत से जब परिंदा उडान लेता है इरशाद आतिफ़ अहमदाबाद Read more

जब क्रिकेट से मिलने बाकी खेल आए...

एक दिन सब खेल क्रिकेट से मिलने आए, मानो जैसे दशकों का गुस्सा समेट कर लाए। क्रिकेट ने मुस्कुराकर सबको बिठाया, भूखे खेलों को पाँच स... Read more

बाबूजी

माँ आँगन की तुलसी सी तो, मनीप्लांट से बाबूजी। चिंताओं में डूबे डूबे, दिखें क्लान्त से बाबूजी। घर बाहर की जिम्मेदारी, रहती उनक... Read more

नेता मुक्तक

नेताओं को दे रखे हैं , सरकार ने बंगले और मोटर कार । मगर देश की जनता पर कर्ज की भरमार। कर्ज़ की भरमार चैन से रह ना पाए। भूखा रहे प... Read more

मुक्तक

सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िंदगी कटती नहीं आसमां पर फूंकने से बदलियाँ छंटती नहीं झूठ के बल पर कोई चेहरा बगावत क्या करे आईने की सादग... Read more

मुक्तक

जरूरत हो तो मेरी लेखनी अंगार लिखती है, निर्भीकता से यह गद्दार को गद्दार लिखती है ये मेरी लेखनी ही है मैं जिसके साथ जीती हुँ, यही ... Read more

जिन्दगी एक धोखा

दिनांक 14/6/19 पिरामिड वर्ण 1 है झोंका तूफान परेशान होता इन्सान नैया कैसे पार हिम्मत रखो बढों 2 दे झोंका जि... Read more

पाओ सम्मान

दिनांक 14/6/19 विधा - पिरामिड वर्ण 1 है शाख लटकी भरे फल सीख जीवन नम्र बनों झुको पाओ मान सम्मान 2 ओ डाली सुगन्ध... Read more

कई सपने किये अर्पण

कई सपने किये अर्पण निभाने फ़र्ज़ को अपने कई अरमान भी बेचे चुकाने क़र्ज़ को अपने अकेले आज भी हैं हम समझ में ये नही आता कहाँ जायें ... Read more

बड़े अच्छे

बड़े अच्छे थे जो वादे सच्चे थे , नफे नुकसान का न था किसी को ज्ञान, नेकी करना और रब से डरना, जब थी सब जन की पहचान।।💥🌱🕉 अरुणा ... Read more

दिल पर दो मुक्तक----आर के रस्तोगी

दिल दिया है जब से तुझको , तडफन हो रही है मुझको | दिन तो कट जाते है लेकिन , राते करती है बैचेन मुझको || दिल देना कोई दिल्लगी ... Read more

अपना घर (पिरामिड वर्ण)

दिनांक 11/6/19 1 है घर सहारा परिवार हो छत और साथ खाऐ खाना जीवन खुशहाल 2 लें घर अपना हो सपना सब का पूरा आशीर्वाद म... Read more

मिल जाता

यू ही गर मिल जाता सब कुछ ही तो कोई खुदा को खुदा कहता नही है पंछी की गर बिती उम्र पिंजरे मे खुला छोडो जिंदा वो रहता नही है मुहो... Read more

सत्य पथ के हम पथिक हैं.

मध्य जीवन या मरण के ग्यान हम चुनते रहें. मित्र !तूफानों में कश्ती हम सहज खेते रहें. है सनातन सत्य केवल जीव या जीवात्मा. सत्य प... Read more

माँ

काल ही तो मारता विधि से बचाती माँ सदा काल यदि पीछे पडे़ उसको छिपाती माँ सदा. पंख उड़ने के दिये हैं फड़फड़ाना आपको. काल गति को था... Read more

मुक्तक

मैं शाम होते ही किधर जाता हूँ? मैं तेरे ख़्यालों से घबराता हूँ। इस क़दर ख़ौफ़ होता है यादों का- ज़ाम की महफ़िल में नज़र आता हू... Read more

हालात

मेरे मुल्क में ये क्या होता जा रहा है आदमी इंसानियत खोता जा रहा है आबरू मासूम की लूट कर कोई मस्त नींद में फिर सोता जा रहा है का... Read more

भूल जाता हूँ

भूल जाता हूँ ●●●●●●●●●●●●●●●●● मैं खाना भूल जाता और पीना भूल जाता हूँ फटे हों वस्त्र मेरे फिर भी सीना भूल जाता हूँ कि मुझसे बात ... Read more

शैतान की नीयत

शैतान की नीयत में खोट होता है. इन्सान क्यों खून के आँसू रोता है.? बाल - बाँका कर सकेगा न कोई, ऐसा न्याय क्यों. मजबूर होता है? ... Read more

बेबफाईया

बेबफाईया कुदरत से गर्मी और सूखा तड़पता इन्सान प्यासे कंठ Read more

मुक्तक

तेरी सूरत के अभी दिवाने बहुत से हैं। तेरी अदा के अभी अफ़साने बहुत से हैं। तस्वीरे-अंज़ाम को मिटाऊँ किस तरह? ज़ख़्मों के निशान अभ... Read more

पर्यावरण से छेड़छाड़

कुदरत के भी अपने ऊसूल है दोस्तों तुम उसे जीने दोगे तब वह तुम्हें मरने नही देगा Read more

मसूरी

मसूरी की पहाड़ियाँ १९८२ में बीरान थीं, मानवीय प्रयासों से हरी भरी हो गईं। पर्यटकों के वाहनों की भरमार है, हवाएं शी... Read more

कहां मन लगाएं (विश्व पर्यावरण दिवस पर मुक्तक)

कहां मन लगाएं ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुक्तक-१ ~~ सुनो जब रहेंगी नहीं ये हवाएं। घिरेंगी नहीं खूबसूरत घटाएं। मिलेंगी नहीं रा... Read more

जलन इतनी रखेगा तो...

जलन इतनी रखेगा तो... ■■■■■■■■■■■■■■■■■ हमेशा एक बन्दा जो सभी से बैर करता है वो अपना है मगर करता वही जो गैर करता है जलन इतनी रखेग... Read more

हँस लीजिये

हँस लीजिये ■■■■■■■■■■■■ छोड़िये एक भी आप दावत नहीं खाइये ठूसकर है शिकायत नहीं सिर्फ हँस लीजिये पागलों की तरह हाजमोले की कोई ज़रूर... Read more

दिल मे मेरे गांव बसता

दिल में मेरे गाँव बसता, जुबां पर यही नाम रहता, बड़े बूड़ो का सम्मान पाते, सबसे सदा राम राम करता, सूरज को भगवान मानते, चंदा यहाँ... Read more

कहना आसान है

बहुत ही आसान है सुंदर और प्रभावी व्याख्यान देना अथवा लिख देना। जीवन के कठिन तम पहलुओं को सहजता से उकेर देना। गांव के कठिन और जटिल ... Read more

चुपके से

माना तुम आज भी उसे चुपके से देखते हो , फिर जरूर तुम अपने आप को उस गलती के लिए कोसते हो ।। वक्त रहते तुमने नहीं संजोया रिश्ते नातो ... Read more

मुक्तक

हर शख़्स की क़हानी को नाम नहीं मिलता। हर क़ोशिश को क़ोई अंज़ाम नहीं मिलता। ठहरी हुई यादों में ज़ी लेते हैं मग़र- मंज़िल को पाने क... Read more

प्रेरणा :-

किसी को सुनाई दे या न दें मुझे तो सुनाई देती हैं। बैचैन दीदी की वो दुःख की आहें मुझे तो सुनाई देती हैं। कोई लाख समझे मै दूर हूं ... Read more

पांच मुक्तक

* मुक्तक- १ * ~ स्वार्थवश बहता मनुज जलधार के अनुकूल हैं। पर समझ पाता नहीं सबसे बड़ी यह भूल है। पार जाने के लिए दृढ़ शक्ति म... Read more

शरारत कर के बचपन में...

शरारत कर के बचपन में... ★★★★★★★★★★★★★★★★★ शरारत कर के बचपन में मुझे सोना बहुत आया चुराकर फल बहुत सारे उसे ढोना बहुत आया यूँ चढ़ने... Read more

बच्चों से घर होता रोशन-:

बच्चों से घर रहता रोशन,रोशन सारा जहान। किन्तु यकायक रह जाता है घर से पुन: मकान। चारों तरफ़ फरमाइशों का शोर गूंजता है। पहले मैं... Read more

धोखा एक सबक

धोखा तो यूँ ही बदनाम है दोस्तों वरना सीखो सबक धोखों से Read more

चरम प्रेम!

सौंदर्य शशि हो भूषण कनक का मोती रंग स्वभाव का हरियाली नव-पल्लव सी नजरिया बगुला हृदय हंस सा सीता रुप, मर्यादा राम की श्याम सी ल... Read more

असमय चले जाना :-

उसका असमय दुनिया से यूं चले जाना, दु:खों के सागर में गोते लगाकर अचानक यूं डूब जाना। लगता है जैसे कल ही की बात थी उसका इस बेसिक... Read more

"कहकर तुमने मुझको हीरा, खुद को जौहरी कर डाला"

मन की बातें आंखों से कह कर, तुमने क्या से क्या कर डाला। प्रेम पत्र में बांध शब्दों को, सब काम जरूरी कर डाला। एक ह्रदय था पास हमार... Read more

जीवन का ध्येय

दिनांक 29/5/19 पिरामिड वर्ण प्रतियोगिता 1 ले हर मानव ये संकल्प शुद्ध रखेंगे जल जमी वायु स्वच्छ सारी दुनियाँ 2 है ... Read more

हरा हो गया ।

मन की निर्मल तरंगों से तर्पण करें जब भी अर्पण करें दिल का दर्पण करें वाटिका से चुने कुछ सुमन शब्द के आइए उनको सादर समर्पण कर... Read more

बनो तो सही

तुम जरा दीप माला बनो तो सही इक क्षुधा का निवाला बनो तो सही कंठ में ले लिया जिसने सारा गरल शिव नही पर शिवाला बनो तो सही माँ... Read more

मुस्करना ज़िन्दगी है

इस तरह की जिन्दगी को क्यों भला मैं जी रहा हु जानते हो क्या मिलेगा इस तरह की सादगी में क्या कभी गुलशन खिलेगें इन विरानी वादगी म... Read more

अतीत की गलियों में

आज फिर अतीत की गलियों में लौट रहे हैं हम,। बिना बुलाए बिना गिले शिकवे पहुंच रहे है हम। वहीं पुरानी कॉलोनी जहां लोगों से कुछ कुछ ... Read more

मुक्तक

मैं हर ख़्वाब में एक मंज़र रखता हूँ। मैं ज़ख़्मों को दिल के अंदर रखता हूँ। कभी इम्तिहान ले लो मेरे सब्र का- मैं ख़ुद में ग़मों का... Read more

यूँ ही नहीं उतरता कोई दिल के क़ाशाने में

यूँ ही नहीं उतर जाता है कोई दिल के क़ाशाने में। कोई तो हुनर होता है यार उसके अफ़साने में।। ये हवाएँ जो लेकर आई हैं ख़ुशबुओं के पैग़ाम।... Read more

मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया

मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया गाँव से की लड़ाई मज़ा आ गया एक दाना नहीं घर में खाने को था ... Read more