मुक्तक

सब कह रहे हैं

सूनी सूनी रोड़ है । सूना सूना मोड़ है । सब कह रहे है, यही कोरोना का तोड़ है । घर में रहो डटे । लोगो से रहो कटे । सब कह रहे है, ... Read more

मुक्तक

दिया जलाएं अंधेरा मिटाने के लिए सोई हुई एकता को जगाने के लिए ये एक ऐतिहासिक पल होगा कोरोनावायरस हटाने के लिए नूरफातिमा खात... Read more

आदमी

आदमी खुद को ठीक से कहां जानता है ! लेकिन देखिए खुद से ज्यादा दूसरों को पहचानता है । सही जगह पर ग़लत आदमी बैठा है इसीलिए तो ... Read more

दीपक नही जलाये जी

जिनके दिमाग मे भूसा हो ,वो दीपक नहीं जलाये जी। क्या मालूम वो आग पकड़ले ,सारा भेजा जल जाये जी। यह बात बहुत ही गहरी है ,सबको मत समझाओ... Read more

चिराग जलना चाहिए

लाख झोंके आये हवा के साथ रहना चाहिए । वक्त की पुकार है ,आज चिराग जलना चाहिए ।। Read more

मन

फिर सपनों की रखवाली में निरत हुआ मन । तुम बिन सूनी फुलवारी से विरत हुआ मन । Read more

मुक्तक

फूल एक बार खिलता है सच आजीवन टिकता है खुद को बचा कोरोना से जिन्दगी एक बार मिलता है नूरफातिमा खातून" नूरी" ४/४/२०२० Read more

एक मुक्तक --आर के रस्तोगी

घर घर दीपक जलाना है हमे | हौशले के साथ बढ़ते जाना है हमे || रोक सके न कोई हमे इस डगर से | केवल कोरोना को हराना है हमे || आर के ... Read more

पगड़ी

सब #ख्वाहिशों को दफना कर एक #आरजू पाल रखी थी #हमने । जो #तकदीर' में नहीं था मेरे उसे #पाने की #ठान रखी थी हमने ।। #तूफान बनकर किसी... Read more

भूल जाओगे

तुम भी मुझको इक न इक दिन भूल जाओगे, अपने पीछे छोड ऊँची धूल जाओगे । कह रहे हो कसम देकर पर भरोसा क्या । छोड़ कर हृदय में मेरे शूल ... Read more

शायरी

एक वो था जो ख़राब जमाने से उठा, और, ये दुनियां हैरान हैं, कैसे ये सक्श उसके घराने से उठा। Read more

च़ंद अंदाज़े ब़याँ

तेरे प़ैकर से लिखे हुए ख़तों को जब खोल कर देखता हूं तो तेरे मोहब्ब़त की खुश़बू ज़ेहन पर ताऱी हो जाती है। हम तो समझे थे ऱाहे उल्फ़त ... Read more

शायरी

बढ़ कर तूफान के आग़ोश में दे दी ज़िन्दगी अपनी, अरे, मरने वाले तुझे कहां ज़ीने का हुनर आता था। Read more

ठिकाने से रहा

बच गया वो जो ठिकाने से रहा दूर कुछ दिन इस ज़माने से रहा लग गई जो तस्वीर जो दीवार पर ज़िंदगी में फिर तो आने से रहा Read more

ठिकाने से रहा

बच गया वो जो ठिकाने से रहा दूर कुछ दिन इस ज़माने से रहा लग गई जो तस्वीर जो दीवार पर ज़िंदगी में फिर तो आने से रहा Read more

मुक्तक

कोरोना द्वितीय विश्व युद्ध पर भारी है लाकडाउन हर जगह पर जारी है बचाव ही इसका इलाज है फिलहाल ये तो महाकाल है महामारी है ... Read more

मुक्तक

भूल मानवता रचे साजिश हँसे हैवानियत। चाल चीनी चल गया अब कौन लेगा कैफ़ियत। आज दहशत से भरा दिखता यहाँ इंसान है- लाश के अंबार देखो रो... Read more

दिल से उतर जाओ

किसी के #दिल में इतना #न_उतरो कि दिल से ही उतर जाओ , उन्हें इतना न #याद किया करो कि #खुद_को ही #भूल जाओ । उन्हें #रास नहीं आता... Read more

जहर पी कर

#क्या ? , #मोहब्बत का #व्यापार करना चाह रहे हो , #पागल हो जो #इश्क़ के #बदले तुम इश्क़ चाह रहे हो । #बदल गया है #जमाना मत ढूढ़ों ... Read more

"गुनाहगारों में शामिल हो गया हूँ"

चंद गुनाह करके गुनाहगारों में शामिल हो गया हूँ देख खुदा मैं तेरी दुनिया के काबिल हो गया हूँ और उसने मुहब्बत में मेरी तस्वीर बना... Read more

छंद चौपाई

याद मुझे बचपन की आई । कहती थी जो चाची ताई । चाहे जो भी कहे लुगाई । लड़ना मत आपस मे भाई । काम करो हरगिज मत ऐसा। आए घर में खोटा प... Read more

मुक्तक

यादों में यूं घर तुम न बनाया करो घर की दीवारें उदास होंगी कभी घर का भी दौरा कर आया करो वो जो उसका एक ख्याल टांग रखा है छत के झूम... Read more

मुक्तक

मुहब्बत पैरहन बदलती है कभी इस गली उछलती है कभी उस गली फुदकती है मुहब्बत सफ़र पे रहती है ~ सिद्धार्थ Read more

दिल

दिल है ये... दिल क्या तुम खीसे में रखते नहीं हो दिल की बातों को क्या अकसरहां समझते नहीं हो😜 बस लिय चलते हैं हम तो सीने पे दि... Read more

मुक्तक

खुशबू हो बिखर जाऊं मैं तुम इत्रदान न लाना की कैद हो जाऊं मैं। ~ सिद्धार्थ प्रेम में हो ... बने ही रहो लोग आज कल दूरियां बढ़ान... Read more

मुक्तक

सफाई कर घर में छुप जाएंगे ये हालात कभी न भूल पाएंगे अनुशासन में रहकर तो देखें कोरोना से हम जीत जाएंगे नूरफातिमा खातून "न... Read more

मुक्तक

थोड़ा आलसी बनकर दिखाइए लाकडाउन है घर रहकर दिखाइए जरूरत भर का सामान खर्च करें इस वक्त कन्जूस बनकर दिखाइए नूरफातिमा खातून" ... Read more

मुक्तक

तुम क्या मुझको मुझ में मिलोगे? मैं क्या तुमको तुम में कभी मिलूंगी? ये मिलना एक दूसरे को एक दूसरे के अंतर में क्या इसको सम्भव मैं... Read more

डर

@@@@@@@@@(( डर ))@@@@@@@@@@@@ +++++±++++++++++++++++++++++++++++++++ गुरबत से दिल का नाता क्या है कभी न जाना सांप सा लिपटा है जो ... Read more

मुक्तक

दुखी दिल से आह के सिवा क्या ही निकलेगा जब भी लब खुलेगा आग के सिवा क्या ही निकलेगा ~ Siddharth पहली बार पैदा हुए थे पहली बार ही म... Read more

प्रेम

प्रेम परिहास करता है कि दिल है तो दर्द सहो आंखे नम हो फिर भी होठों से हंसते ही रहो🤭 ~ सिद्धार्थ समंदर को सूखने से बचाने के लिए ... Read more

मचलती चाहतें

==========={ मचलती चाहतें }============== चाहतें मचलती रही ता-उम्र ........... तुम तक लौट आने की न उठे कदम इक बार फिर से ............ Read more

दो मुक्तक -आर के रस्तोगी

मंजिल बहुत है,तो अफ़साने भी बहुत है | जिन्दगी की राह में,इम्तिहान भी बहुत है || मत करो दुःख उसका,जो बीत गया है | दुनिया में खुश रह... Read more

बस्ता ( स्कूल बैग )

************(बस्ता स्कूल बैग)**************** ****************************************** *****************************************... Read more

जाने क्या था ..........

भीगी सी सर्द आंखें थीं..................लब मुस्कुरा रहे थे दिल में छिपा था कोई " रंज "........ शब्द गुनगुना रहे थे जाने क्या था मल... Read more

छिपे अश्क

तुम .......... तो जज्ब थे पलकों में .......छिपे अश्कों की तरह गर .......... नज़र से गिरे न होते..... ... अश्क जाया नहीं होता Read more

लुटे आशिकों की दुनिया

एक सी होती है ............ लुटे आशिकों की दुनिया कुछ शराबी ..............तो कुछ " शायर " बन जाते हैं Read more

जी हुजूरी

हर शख्स यहां " जी हुजूरी " का मुखौटा लगाए बैठा है कदर चेहरों की कहां " ओहदों " से दिल लगाए बैठा है Read more

अपने थे कौन ?

+±++++++++++++++++++++++++(अपने थे कौन)+++++++++++++++++++++++++++++ गैर थे कौन ........ अपने थे कौन ........... हम समझ न पाए हम... Read more

रे रूपसी रे, तू प्रीत जननी रे l

रे रूपसी रे, तू प्रीत जननी रे l रे रूपसी रे, तू पीर हननी रे l प्यास, कवि भावनायें को उभारने l रे रूपसी रे, तू भाव छननी रे l ... Read more

मुक्तक

है छोटी-सी ज़िन्दगी,खोना मत बेकार। पल-पल में जीवन भरा, खुशियों की भंडार। चुन-चुन कर मोती पिरो, अधरों पे मुस्कान- हो जाओ बिंदास ... Read more

कलम के सिपाही

हम तो बस दोस्तों कलम के अदना से सिपाही हैं जीवन में सीधी सरल व सच्ची सोच के अनुयाई हैं दर्द व उलझनों को शब्... Read more

प्यार का रंग

दिलों में अजीब से डर को हमने पाला है जब दिल चाहा इक दूसरे की ओर उछाला है दहसत फिर भी कहां कम हुई दि... Read more

शब्दों की तकदीर

शब्दों के सृजन की सहजता अनमोल होती है मन को छू जाते हैं कुछ शब्द जो कलम बोलती है सरलता से कही ... Read more

दिल मचलता क्यूं है

यूं किसी को देख कर दिल मचलता क्यूं है दिल में कोई अनजाना यूं उतरता क्यूं है नहीं जिसकी फितरत में रश्मे वफा निभाना ... Read more

कैसे दरिंदे शहर में मेरे

गिराते हैं हर पल ये बढ़ने न दे मेरे भय को मुझसे ये लड़ने न दे है कैसे दरिंदे शहर में मेरे परिंदो के पर काटे उड़न... Read more

बस तू ही नज़र आएगा

गर नशा ये मुहब्बत का चढ़ जाएगा जाने अब लौट कर होश कब आएगा क्यूं लगे हर बहर है हमें दिल - नशीं लिख दूं कुछ भी बस तू ही नज़र आएगा Read more

न सुनना और न कहना

न सुनना और न कहना l न लेना और न देना ll प्रीत यह भी, होवे है l न करना और न जीना ll अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

चंद अल्फ़ाज़

कुछ सोचकर लफ्ज़े इज़हार जज़्ब कर लेता हूं के उन्हे ब़दग़ुमानी का ए़हस़ास ना हो जाए । मैं समझता था कि वो पत्थर दिल़ हैं पर मेरे सोज़े... Read more

मुक्तक

हम दिल दिल खेलते हैं... हमारे पास दिल है क्या? बिछड़ गए हैं खुद से कब के हम ... इसका हमें इल्म है क्या? ❤️💛💚💙🖤💜 ~ सिद्धार्थ ... Read more