मुक्तक

मुक्तक

अमीरी नर्म बिस्तर पर गुजारे शौक़ से जीवन। ठिठुरती रात में बेबस पड़ा फुटपाथ पर निर्धन। कराहा कर्ज से जितना सताया सर्द ने उतना- क... Read more

मुक्तक

उम्र पढ़ने खेलने की माँगते हैं भीख क्यों? देश के भावी धरोहर पा रहें ये सीख क्यों? बेबसी से हो विकल ये बाल मन कुत्सित हुआ, मुख ... Read more

मुक्तक

कड़कड़ाती ठंड में वो काँपते नंगे बदन। भूख से बेकल हुए क्यों आज ये मासूम मन। पात्र भिक्षा का लिए बचपन खड़ा है राह में- दृश्य ऐसा... Read more

आँधियों से जंग

हुए बदनाम हम फिर भी मोहब्बत के थपेड़ों में अकेले चल नहीं पाए समझदारों के मेलों में शहर की आँधियाँ क्या रोकेंगी मुझे फिर प्यार ... Read more

एक हरषित परिवार

( एक हर्षित परिवार ) हमारी उन्नति देख शीना चौड़ा हुआ, पिता,| खुआँब पूरा देख रो पड़ी वो देवी रहे दे... Read more

गर्भस्थ बेटी की पुकार

मत दे मुझे जन्म ए मां गर्भ में ही मर जाने दे, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का ना तू झूठा नारा दे मां, धरती पर लाकर मुझे क्यों दरिंदो... Read more

चन्द अल्फ़ाज़

हमें जिन से ऱहम की उम्मीद थी उन्हीं ने सरे म़हफिल हमारी बेचाऱगी का मज़ाक बना डाला। उन दग़ाबाज दोस्तों से दुश्मन बेहतर है जो श़िद्... Read more

बनाये रिश्ता

पहले मधुर बनाये अपना स्वभाव अच्छा बोले अच्छा करें फिर शामिल करें भाई बहन ससुराल में शामिल करें नन्द भाभी सास इस तरह रिश्त... Read more

मैंने जितने छंद लिखे हैं

मैंने जितने छंद लिखे हैं प्रियवर तेरे नाम करूँ | कोरे कागज पर लिख कर के दिलबर तुझे सलाम करूँ | कभी भवानी,कभी राधिका और कभी सी... Read more

मैंने जितने छंद लिखे हैं

मैंने जितने छंद लिखे हैं प्रियवर तेरे नाम करूँ | कोरे कागज पर लिख कर के दिलबर तुझे सलाम करूँ | कभी भवानी,कभी राधिका और कभी सी... Read more

मुझे गद्दार कहना तुम

जो छींनू मैं तेरी रोटी मुझे गद्दार कहना तुम, मुकर जाऊँ कभी वादे से तो मक्कार कहना तुम। मुझे इल्जाम न दो आज ही इस बात की खातिर, न ... Read more

डाकिया

वो जो डाकिया है ना रोज गुजर जाता है दरवाजे के सामने से तुम्हें पता तो याद है ना। -सरितासृजना Read more

हम बच्चे कब बड़े होंगे ???

हम बच्चे कब बड़े होंगे ??? हम बच्चे कब बड़े होंगे ...... मन मर्ज़ी का काम करेंगे , परीक्षा से हम नहीं डरेंगे .. मार्क्स पर मारनहीं ... Read more

शेर

दोस्ती की तो क्या पूछिए जिंदगी का भरोसा नहीं अपनों ने ना गेर किया औरो ने परोसा नही Read more

मुक्तक

किसी की सादगी को देखकर इजहार मत करना छुरी से पीठ पीछे तुम किसी पर बार मत कराना ये दुनियां है बड़ी जालिम समझ पाना ... Read more

मदनारी छंद

मदनारी छंद ----------------- ढोलक मुरली अनहद बाजे, औरत मटकी पनघट साजे । सुंदर लगते रसफल ताजे, आज ह्रदय में, सजन विराजे ।। रमे... Read more

क्यूँ ऐसा प्यार करती हो

कभी तुम ना ना करती हो कभी तुम हामी भरती हो, खुदा जाने मेरे हमदम क्यूँ ऐसा प्यार करती हो ? मैं तेरी याद मे रातों जगा करता हूँ क्यूँ... Read more

मुक्तक

दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं। तड़पाते हालात की रवानी होते हैं। कभी होते नहीं जुदा यादों के सिलसिले- दौरे-आज़माइश की निशानी ... Read more

यूँ हीं धुँवा-धुँवा नहीं इस शहर में

यूँ हीं धुँवा-धुँवा नहीं इस शहर में, इश्क़ जल रहा है इस ठण्ड में ! Read more

हिंदी

हिंदी भाषा निज सम्मान है, भाषा से पहचान, भाषा निहित समाज है, भाषा से अरमान। मातृभाषा से अपनी, करते सब हैं प्यार- मातृभाषा बोल ... Read more

मोतियदाम छंद

जता कर प्रेम सखा हर बार , करें घनश्याम मनोहर प्यार !! कहे वृषभान सुता हर बार , करें ब्रजराज सदा इनकार !! रमेश शर्मा. Read more

लिबास ओढ़कर नया साल आ गया

लिबास ओढ़कर नया साल आ गया पुराना बिता नही,ज़ेहन में सवाल आ गया मुकर गए किए वादों से अपने फिर नए वादों का ज़ेहन में ख्याल आ गया। भ... Read more

जीना तुम ऐसे

कभी दिनकर की किरणों मे, कभी बादल की छांवोंं मेंं कभी उन तंग गलियों में, कभी खुशहाल गाँवों मेंं बिता के चार दिन इस जिन्दगी के जाना ... Read more

अर्जमंदों के लिए

अर्जमंदों के लिए कोई अजनबी नहीं होता, जो अज़ाब में पड़ा हो उसका मुवकिल होता है। वैसे तो हमारा कोई असरार है नहीं जो रहा होगा तो अश... Read more

तालुका

तालुका तो इंसान के होते है नज़रों से तो इज़हार किया जाता है। और रिश्ते तो दिमाग में बसते है दिल से तो सिर्फ प्... Read more

आशिक-दिवाना

तुम्हारे प्रेम में पागल, मैं आशिक पुराना हूँ। इधर तु भीड़ में पागल, उधर मैं भी दिवाना हूँ। ना जाने क्यूँ तुम्हारे बिन ये जिंदगी ... Read more

मैं क्या लिखता राम लिखाता

मैं क्या लिखता,राम लिखाता,वही स्वयम लिख जाता l उर में वह ही भाव जगाता, श्रेय मुझे मिल जाता l मैं भजता हूँ राम ना... Read more

सब्बे सत्ता सुखी रहे

ज्योति पर्व सा मन उज्जवल हो, और मिटे तम काला,, अत्त दीपो भव मंत्र सफ़ल हो, मन मंदिर में रहे उजाला,, मिटे अंधेरा पथ उज्जवल हो, सब्बे... Read more

"बेइज्जती"

बेइज्जती उनकी होती है , जो कुछ होते है और अक्सर कुछ होने का एहसास उनको होता है , जो कुछ नहीं होते है !! Read more

नये साल का चरागा

नये साल का यूं चरागा हुआ है, मंदिर में जैसे दिए जल रहे | जश्न मे डूबा हुआ सारा आलम, फूलों के मानिन्द दिल खिल रहे | दुआ कर रहा है... Read more

मुक्तक

.... अश्रुनाद मुक्तक सड़्ग्रह .... जब शीत सघन मुस्काता जग में निहार छा जाता अपने दिनकर का ... Read more

दो हजार बीस

अपनेपन की दोस्तो, लाज़ बचाए ईश! दस्तक देकर आ गया, दो हज़ार बीस!! दो हज़ार बीस, आपको खुशियां लेकर! विदा हो गया , उन्नीस तोहफ़े देक... Read more

मुक्तक

1. ये जो कुछ घंटे बचें हैं वो कैसे कटेगा... विश्व गुरु हुए तो देश शिष्य किस को धरेगा...?🤔 2. ख्वाहिशों के समंदर में दिसम्बर फिर ... Read more

मुक्तक

1. मुड़ के देखेंगे तो हमें साथ ही पाएंगे, हम दूर तलक आपका साथ निभाएंगे... नए साल में हम मिल के मुस्कुराएंगे... बधाई✨ ~ सिद्धार... Read more

--- तेरे चाहने से क्या ---

तेरी चाहत हो अगर पा लूँ मैं धन और दौलत तेरी चाहत हो समेट लूँ में सारी ताकत होना तो वो ही है तो राम ने लिख दिया तेरे चाहने ... Read more

--- ऐसी इच्छा नहीं ---

न ऐसी कोई इच्छा की नभ में उड़ जाऊँ न ऐसी की दुनिआ की भीड़ में खो जाऊँ चलता हूँ में अपनी मतवाली चाल सदा शाम होते ही घर लौट के आ ... Read more

---- शहीद ----

सरहद पर कफन लपेट कर सो गए हम अपने वतन की खातिर सो गए जिंदगी कम से कम तो आयी वतन के माँ की कोख को साकार कर के सो गए !! अजीत ... Read more

--- तोहफा सर्द हवा का ---

झूमता हुआ चला आया यह सर्द हवा का मौसम कभी झूमता था पर्वतों पर अब मार रहा यहाँ मौसम ठिठुर ठिठुर काँपता हुआ दिखा रहा जीवन न जाने... Read more

-- एक बार सोच --

कितना गहरा नाता है चल जरा तू सोच कोतुहल क्यूँ है मन में किस बात की सोच कल की तो खबर नहीं रह जालिम फिर इतना गंभीर हैतू, किस बात... Read more

--- मन व्याकुल ---

किस बात की सजा पर मन तेरा व्याकुल क्यूँ चलता है बन बन के वो चंचल छन छन बजता मन में भीतर कुछ् अलग सा होता हुआ यह घायल !! ... Read more

मुक्तक

आपको देखकर मै खुद को ही भुला बैठा तेरी यादों में सही खुद ही दिल रुला बैठा पास वो है ही नहीं आए जो ख्वाबों में मेरे दिलकी बांहों... Read more

माथे पर टीका

माथ पर टीका सजा अब आँख सुरमा भी लगा अब चल रहा है प्रेम परसंग हाथ मेंहदी तू सजा अब Read more

शेर

ना प्यार कभी करना, इजहार कभी करना टूटेगा दिल तुम्हारा , इककार कभी करना ये जख्मी सारी दुनियां, बेखोंफ है जमाना तुम हुस्न की परी... Read more

दिल की बात

यूं दूर न हमसे जाओ तुम, जरा पास हमारे आओ तुम तुमको जो कहना है कह दो, बस उत्तर देके जाओ तुम कृष्णकांत गुर्जर Read more

मुक्तक

यादों की ओढ़ी चुनर, पहन याद की पायल। जिनसे जख्मी है जिगर, दिल उनका है कायल। नहीं बदन पर चोट का, दिखता कोई निशान- आँखों से रिसता ... Read more

मुक्तक

विरह अग्नि में जलता तन मन, भभक उठी चिन्गारी । आँखें बंद करूँ या खोलूँ, सूरत दिखे तुम्हारी। भँवर याद में उलझी रहती,कैसे सहे जुदाई... Read more

मुक्तक

गंध मादक दे रही प्रिय रातरानी नेह में। लग रही ज्यों घोलती रति गंध चंदन देह में। चाँदनी बरसे गगन से राग कितने झर रहे - पूर्ण जग... Read more

धीर शरण्य !

नहीं कहीं कार्पण्य हूं मैं , न हीं गुणों में अग्रगण्य ; हूं केवल उनका शरण्य , धीर-वीर-व्रती वासी अरण्य ! Read more

मुक्तक

क्या हुआ जो लुट गयी है ज़िन्दगानी फिर सही काम तो आई वतन के ये जवानी फिर सही फख़्र करता हूँ हमारी हिन्द की है सर ज़... Read more

मुक्तक

कैसे तलें पकौड़ा के मँहगा हुआ है प्याज है भाव इसका जैसे कि सोना हुआ है प्याज मँहगाई के इस दौर में हम और क्या करें अम्बर... Read more