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Category: लेख

तेवरीः तेवरी है, ग़ज़ल नहीं   +रमेशराज
तेवरी, कोरे रूप सौन्दर्य, व्यक्तिगत प्रेमालाप, थोथी कल्पनाशीलता, सामाजिक पलायनवादी दृष्टि से विमुख एक निश्चित अंत्यानुप्रासिक व्यवस्था से युक्त वह विधा है जिसमें मानवतावादी चिन्तन... Read more
हिन्दीग़ज़ल में कितनी ग़ज़ल?  -रमेशराज
हिन्दी में ग़ज़ल अपने विशुद्ध शास्त्रीय सरोकारों के साथ कही या लिखी जाए, इस बात पर किसे आपत्ति हो सकती है। ग़ज़ल का ग़ज़लपन यदि... Read more
हिन्दी ग़ज़़लकारों की अंधी  रति  + रमेशराज
ग़ज़ल विशेषांकों की कड़ी में अपनी भी एक कड़ी जोड़ते हुए संपादक श्री श्याम अंकुर ने ‘सौगात’ का अप्रैल-2009 अंक ‘ग़ज़ल-विशेषांक’ के रूप में निकाला।... Read more
तेवरी इसलिए तेवरी है  [आलेख ] +रमेशराज
तेवरी एक ऐसी विधा है जिसमें जन-सापेक्ष सत्योन्मुखी संवेदना अपने ओजस स्वरूप में प्रकट होती है। तेवरी का समस्त चिन्तन-मनन उस रागात्मकता की रक्षार्थ प्रयुक्त... Read more
प्राइमरी स्कूल ख़ामोश हैं !
Shalini Tiwari लेख Feb 13, 2017
दास्तान: आज भारत के अधिकतर क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से समाज को प्राथमिक शिक्षा बाँटता हुआ प्राइमरी स्कूल गाँवों, कस्बों या शहरों के एक कोने... Read more
गुणात्मक शिक्षा मे अभिभावकों का योगदान।
आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विशेषकर सरकारी पाठशालाओं मे दी जाने वाली शिक्षा आजकल बहुत सारे प्रयोगों से गुजर रही है।अभी तक पुरी तरह सभी शिक्षाविद् इस... Read more
राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है
राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे आराध्य होने के साथ-साथ हमारे गौरव का प्रतीक है | ये देश जो राम के आदर्शों का साक्षी... Read more
परिवार के बिखराव में क्या दोषी नहीं है नारी ?
परिवार एक ऐसी संस्था है जो पुरूष और नारी दोनों के योग से बनती है जहाँ पुरूष परिवार को आकार प्रदान करता है वहीं नारी... Read more
बजट - 2017
बजट - 2017 - पैनकार्ड धारक को 12,875 की सालाना छूट - तीन लाख से अधिक नकद लेनदेन पर रोक - 350 आँनलाइन कोर्स के... Read more
वाणी की देवी वीणापाणी और उनके श्री विगृह का मूक सन्देश (वसंत पंचमी विशेष लेख)
वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में तीन ऋतुएं बताता है जबकि भारत के प्राचीन ग्रंथों में छ: ऋतुओं... Read more
योग
Jamuna Mishra लेख Jan 30, 2017
हमारे सनातन धर्म मे मानव कल्याणकारी मानसिक शारीरिक आत्मिक स्वास्थ संमृधि हैतु रिऋि मुनि व संत योगियों द्वारा योग की खोज की गयी योग मात्र... Read more
पलायन
आज के भारत में रोजगार की तलाश में पलायन आम बात हैं, चाहे वो पढ़ा लिखा अभिजात्य वर्ग का हो या अनपढ़ गरीब नागरिक |... Read more
फोन का प्रभाव
Mamta Rani लेख Jan 27, 2017
आज कल व्यक्ति सोशल साइट्स और सेल्फ़ी के इतने आदि हो चुके है कि अधिकतर समय फ़ोन में ही लगे रहते है।और दिन भर मैसज... Read more