लेख

पुस्तक- मिट्टी मेरे गांव की

पुस्तक - "मिट्टी मेरे गांव की"- बुन्देली काव्य संग्रह:- लेखिका - जयति जैन "नूतन" बुंदेलखंड में जन्मी लेखिका ने अपनी मातृभाषा ... Read more

***कृष्ण भक्ति***

*"श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ..हे नाथ नारायण वासुदेवाय'* *"सच्चिदानंद रूपाय विश्वोतपया दिहेतवे तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय व... Read more

प्रेम विवाह

प्यार पूजा है। प्यार इबादत है। प्यार ही संसार है। प्यार ही दुनिया है। प्यार के बिना इस दुनिया में कुछ नहीं है। कुछ ऐसे ही प्रेमी जोड... Read more

देश की मुख्यधारा ही दोषपूर्ण

आजादी से पहले का हिंदुस्तान संवैधानिक देश भारत से पहले यह मुल्क कैसा रहा होगा जब आजादी के 73वें वर्ष सभ्यता, संस्कृतिवान्, सना... Read more

*कराटे एवं योग की निशुल्क प्रशिक्षण डीजेन्द्र एवं रोहित द्वारा दिया गया*

*कराटे एवं योग की निशुल्क प्रशिक्षण डीजेन्द्र एवं रोहित द्वारा दिया गया* कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बसना में विगत रविवा... Read more

भुलक्कड़ हूँ मैं

भुलक्कड़ हूँ मैं // दिनेश एल० "जैहिंद" कहते हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे ये स्मरण-शक्ति आदमी के पल्ले से ठूँठ के पे... Read more

नानी के घर

नानी के घर // दिनेश एल० "जैहिंद" इहे कवनो तीन-चार साल के रहल होखेम | हम अपन घर के आस-पास, द्वारे या अँगना में खेलते होखेम | हम... Read more

दाम्पत्य में नोक-झोंक

दाम्पत्य में नोक-झोंक //दिनेश एल० "जैहिंद" जीवन का ये सफर अकेले नहीं कटता | एक साथी की जरूरत होती है | महिला को पुरुष की तो पुरु... Read more

रिश्तों में कैंची

++रिश्तों में कैंची++ @दिनेश एल० "जैहिंद" स्स्स्सा..... ! कैंची भी गजब की चीज है ! जहाँ घुसती है, वहाँ जोड़ नहीं सकती, काटती ह... Read more

एक फ़रिश्ता : गुलशन कुमार

एक फ़रिश्ता : गुलशन कुमार #दिनेश एल० "जैहिंद" मुझे मेरा कोई फरिश्ता नहीं मिला | लेकिन मैं एक ऐसे शक्स को दूर से जानता हूँ, जो फर... Read more

गुड़िया क्यों पीटी जाती है ।

गुडिया क्यों पीटी जाती है- विन्ध्य प्रकाश मिश्र विप्र की कलम से- भारतीय संस्कृति संस्कार में कन्या पूजनीय होती हैं पर य... Read more

सर झुका सकते नहीं

शकील बदायूंनी के जन्मदिन पर विशेष: इंसाफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के फ़िल्म गंगा ज... Read more

लेख

सच की आवाज को मिला रेमन मैग्सेसे सम्मान ; ये अजीब बिलकुल नही, अप्रत्यासित भी नही इसे होना ही चाहिए था और हुआ भी। बहुत खुशी कि ... Read more

सरकारी और प्राइवेट

एक दिन की बात है की एक छोटी सी शहर में सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी की मुलाकात हो गई। दोनों ने हाथ मिलाए और हालचाल होने लगी। इसी क... Read more

लेख

क्यूँ पूछते हो 'सनम' क्या है हाल तेरा काफूर बस होने को ही है जलाल मेरा ; सभी मुस्लिम औरतों को बधाई, तीन तलाक बिल के पास होने पर।... Read more

कुछ लोग ज्यादातर गलत समझते हैं

जी हाँ दुनिया का एक बहुत बड़ा तबका ऐसा है, खासकर भारत में जहाँ धर्म धार्मिकता के नाम पर लोगों को सोच को सीमित किया गया है, ऐसा इसलिय... Read more

नशा मुक्त देश हो अपना

हम जगह-जगह देखते है हमारे आस पास के लोग कई प्रकार का नशा करते हैं सबसे ज्यादा नशे की चपेट में युवा लोग आ जाते हैं युवाओ ने नशे को फै... Read more

शैक्षिक स्तर का ह्रास

आजकल शिक्षा में तो बहुत तेजी से इजाफा हो रहा हूं लेकिन उसका स्तर गिरता जा रहा है। यह बहुत ही चिंता का विषय है। भविष्य के लिए यह अच्छ... Read more

लेख

*शिक्षा नीति पर समीक्षा के लिए मनाया पखवाड़ा* *मानव संसाधन विकास मंत्रालय को नवोदय क्रांति ने भेजे सुझाव* भवानीमंडी:- (राजेश पुर... Read more

भारत में महिलाओं की सुरक्षा

भारत में महिलाओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। आजकल महिलाओं के प्रति बढ़ते हुये अत्याचारों को देखकर देश की महिलाओं को बिल्कुल सु... Read more

ताकि पानी को न तरसें

पर्यावरण बचाने के साथ ही जल संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है। जल संरक्षण को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के अनुप... Read more

आदमी परिचय का मोहताज़ है

*लोग यानि भीड़ *आदमी यानि बोझ तले दबा हुआ, *मनुष्य मतलब मन-अनुकूल *व्यक्ति यानि एकल *इंसान मतलब प्रकृति पर्सनैलिटी के दायरे स... Read more

गौरैया

नटखट बचपन में तरंगे पैदा करने के लिए गौरैया का नाम जरूर आता है। बच्चा गौरैया या ऐसी ही चिडि़ंयों को देखकर मचलता जरूर है। बात कोई बहु... Read more

धर्म को अधर्म न बनाएं

धर्म एक ऐसा रास्ता है जो हमें बेहतर ढंग से जीना सिखाता है। अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करता है। बुराई से दूर रखने की नसीहत देता है... Read more

बरसात (एक विचार )

देश में पानी के बहाव जगह पर अतिक्रमण से , बरसात का पानी बाढ़ जैसे हालात पैदा करते है जिससे तबाही मचा जाती है और लोग बारिश को ... Read more

तकनीक का दुरुपयोग गलत

आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसमें तकनीकी सोच के बिना काम हो सके। इस लिहाज से तकनीक का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। इसके साथ ही यह भी... Read more

समाचार

राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान समारोह में राजेश पुरोहित विलक्षणा समाज सारथी सम्मान से सम्मानित* भवानीमंडी:- सामाजिक संस्था विलक्षणा एक ... Read more

प्रेम - आस्था और ऑनर किलिंग

मैं लगभग पिछले १५ दिनों से इस विषय पर लिखने की रूपरेखा बना रहा था | इस बीच सोशल मीडिया पर एक घटना वायरल हो गयी, इस घटना से इस विषय प... Read more

धन प्रेमी इलाज कराएं

जैसे-जैसे मेरी उम्र में वृद्धि होती गई, मुझे समझ आती गई कि अगर मैं Rs. 3000 की घड़ी पहनू या Rs. 30000 की दोनों समय एक जैसा ही बताएंग... Read more

*** "गुरु की महिमा " ***

"* गुरु की महिमा *" गुरुर ब्रम्हा गुरुर विष्णु गुरुदेवो महेश्वरः। गुरुर साक्षात् परमं ब्रम्हा तस्मे श्री गुरुवे नमः।। गुरु प्रत... Read more

गुरुपूर्णिमा

उपदेश की नींव पर यह प्रचारक समाज क्या कभी उदाहरण बन पायेगा. तुलसी, वट,पीपल को पूजने वाले लोग. क्या कभी इनके गुणों से लाभान... Read more

दलित कविताएँ क्रांति का आह्वान हैं। - आर. डी. आनंद

पुस्तक समीक्षा... नवोदित कवि नरेंद्र वाल्मीकि ने "व्यवस्था पर चोट" नामक बेहतरीन कविता संग्रह को संपादित किया है; जिसमें कुल 36 दल... Read more

राष्ट्र प्रेम के अवसर

आधुनिकता की चाशनी में लिपटा परिवेश, भौतिकवादी संस्कृति में डूबा देश का जनमानस, पागलपन की हद तक पश्चिमी सभ्यता की नकल आदि। अगर इस समय... Read more

नास्तिकता नकार या स्वीकार

धर्म की स्थापना वा धर्म की हानि दोनों का प्रकृति वा अस्तित्व पर एक समान नुकसान. मनुष्य किसी भी विचारधारा का हिस्सा बनकर सर्व... Read more

हिंदुस्तान की अंतिम दुकान

#संस्मरण और यहीं अपना उस दिन का अंतिम पड़ाव रहा, साथ में दो विद्वानज़न तो थे ही, मगर वो यहाँ तक आये नही, मेरे लिए वाकई ये जगह नई थी,... Read more

असमानता के विरुद्ध अघोषित युद्ध है "तो सुनो" - नरेन्द्र वाल्मीकि

■ पुस्तक समीक्षा... जो समाज अपने इतिहास को नही जानता हैं, जो समाज अपने इतिहास को भूल गया है, वह समाज अपनी आने वाली पीढ़ियों को अँध... Read more

"डिक्शनरी"

"डिक्शनरी" कई बार सोचा इस विष्य पर लिखूं मगर लिख नही पाई, आज लिखने का मूड बना तो सोचा दे मारती हूँ देखूं क्या निकल कर आता है स... Read more

ताजमहल ने शायरों को खूब लुभाया

सभी जानते हैं कि बादशाह शाहजहां अपनी बेगम मुमताज़ से बहुत प्यार करते थे। उन्होंने अपनी बेगम की याद में संगमरमर की इमारत तामीर कराई थी... Read more

स्टडी इन इंडिया

स्टडी इन इंडिया - राहुल, तेरा क्या प्लान है अब’ रुचित ने पूछा। दोनों मित्रों ने बारहवीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी। ‘रुचि... Read more

गाय को चाहिए सभी का आश्रय

गाय की रक्षा के मुद्दे पर आए दिन अराजकता फैल रही है। समाज के कुछ कथित गौ सेवकों को गाय की रक्षा का काम मिल गया है। यह बात दीगर है कि... Read more

बचपन की  ऐसी सखी की याद जो सिखा गई जिंंदगी जीने का जज्‍बा

जी हां दोस्‍तों, फिर हाजिर हूँ एक नये ब्‍लॉग के साथ, जिसमें बचपन की ऐसी याद का जिक्र कर रहीं हूं, "जिसने मेरे जीने का अंदाज़ ही बदल ... Read more

℅℅ माँ : एक ईश्वरीय भेंट ℅℅

माँ : एक ईश्वरीय भेंट / दिनेश एल० "जैहिंद" हरेक बेटों की तरह मैं भी खुद को अपनी माँ के बहुत करीब पाया | यद्यपि हर बेटों के साथ कु... Read more

आलेख

शख्सियत *नैनीताल उतराखण्ड की कवयित्री गौरी मिश्रा ने किया देश का नाम रोशन* *देश की सुप्रसिद्ध कवयित्री गौरी मिश्रा की काव्य या... Read more

शकेब जलाली, दुश्वारियों से जन्मा शायर

1934 में जन्मे शायर शकेब जलाली को यहां कम लोग ही जानते हैं। वह हिन्दुस्तान में पैदा हुए उर्दू शायर थे। उनका असली नाम सैयद हसन रिजवी ... Read more

किसान खेती बंद कर दे तो...?

इतना सोचने भर से रूह कांप उठती है कि किसान ने खेती बंद कर दी तो…? कहने का तात्पर्य यह है कि देश भर की राजनीति किसाना के आसपास घूमती ... Read more

वह ग़ज़ल जो शकील बदायूंनी को इल्म से फ़िल्म तक ले गई

ज़िंदगी के कुछ लम्हे बहुत यादगार होते हैं, जो कामयाबी के रास्ते खोल देते हैं। यहां तक कि इंसान को अर्श से फ़र्श तक पहुंचते देर नहीं ... Read more

शिक्षक हुए सम्मानित

*शाला प्रवेश उत्सव में शिक्षक हुए सम्मानित* ग्रीष्मावकाश के बाद शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पुरुषोत्तमपुर में धूमधाम से मनाया गया शा... Read more

परिचय

परिचय डीजेंद्र कुर्रे का निवास पीपरभौना बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है ।साहित्यिक उपनाम "कोहिनूर" है ।इनकी जन्म तिथि 5 स... Read more

पंचतत्व की सेवा (सदविचार)

प्रकृति की सेवा ही मातृभूमि का ॠण उतारना है पंचतत्व में विलीन शरीर और पंचतत्व की सेवा ही मातृभूमि समतुल्य है पृथ्वी अग्नि वायु... Read more

मृत्यु एक उमंग

मृत्यु के बाद भी कुछ ऋण होते हैं जो मनुष्य पर चढ़े रहते हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में पांच प्रकार के ऋण बताए गए हैं देव ऋण, पितृ ऋण... Read more