लेख

देश में बढती बेरोजगारी

बेरोजगारी दूर करना के उपाय : - 1 नौकरी पर निर्भरता कम करे 2 कोई काम छोटा नही होता छोटे व्यवसाय से काम शुरु आत करें 3 तक... Read more

***योग दिवस पर "* योग संकल्प"***

" योग दिवस " *योग हमारे शरीर से आत्मा को एक दूसरे के साथ जोड़ने वाली कड़ी है जो तनमन को जागृत अवस्था में लाती है और आत्मिक शांति प्रद... Read more

कष्टप्रद है मानसिक घाव और लगाव

शारीरिक कष्ट फिर भी ठीक हो सकता है..कितना भी कोशिश करो मानसिक घाव कभी ठीक नहीं होते..इंसान ज़िंदा रहते हुए भी मर सा जाता है..कितना अ... Read more

अतीत के अनुभव

अपने अतीत के अनुभवों से हम क्या सीखना चाहते हैं ये हमारी सोच और दृष्टिकोण पर निर्भर करता है..अगर हमारी सोच सुन्दर है तो हर जगह बेझिझ... Read more

रिश्ते रिस रहे हैं

बहुत से लोग सोचते हैं कि लोगों से मिलना जुलना एक फ़ालतू इंसान की निशानी है बल्कि मैं मानती हूं आजकल रिश्ते रिस रहे हैं..किसी के पास ए... Read more

***" विनम्र बनिए ***

***विनम्र बनिये *** जीवन में सदा विन्रम व सादगी से रहना चाहिए कपड़े ,गहने ,गाड़ी अन्य सुख सुविधाएँ उपलब्ध होते हुए भी इंसान में विन्र... Read more

*** " औरत का सफर '***

" औरत का सफर " जन्म लेने के बाद कुछ समय तक खेलने कूदने मौज मस्ती में व्यतीत हो जाता है फिर करीबन 10 साल बाद ही माँ कहती है घर के का... Read more

एक मां की खुशी में समाहित है पूरे परिवार की खुशी

जी हॉं दोस्‍तों एक बार फिर हाजिर हूँ, आपके समक्ष इस लेख के माध्‍यम से आशा करती हूँ कि आप अवश्‍य ही पसंद करेंगे । वो कहते ह... Read more

**अपेक्षा ही उपेक्षा का मूल कारण है *

*"अपेक्षा ही उपेक्षा का मूल कारण है"* हम सामाजिक परिवेश में रहते हुए पारिवारिक सदस्यों के बीच अनेक रिश्तेदारी में बंधे ही रहते हैं ... Read more

परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन | समीक्षा: परिंदे पत्रिका "लघुकथा विशेषांक"

पत्रिका : परिंदे (लघुकथा केन्द्रित अंक) फरवरी-मार्च'19 अतिथि सम्पादक : कृष्ण मनु संपादक : डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया 79-ए, दिलशाद गा... Read more

भारत । सलमान खान फ़िल्म

*ईद पर आज सलमान सर की मूवी भारत देखी फिल्म को देखकर बहुत कुछ सीखने को मिला जैसे कि* 1)वह काम करो जिसमें आपको इज्जत मिले 2) गलत... Read more

सच्चे सम्बन्ध हमेशा कायम रहते हैं

✍😊लोग यूं ही कहते हैं.. Whatsapp और Facebook समय की बर्बादी है..अच्छा लगता है मुझे जब हमारे अपने गुड मार्निन्ग..गुड नाईट के मैसेज़ कर... Read more

मेरे सपनें

Omi sen लेख Jun 5, 2019
काश सपनें सच हो पाते, तो इस संसार में कोई भी निराश व हताश नहीं रहता। जो हमें चाहिए और जो हम हासिल नहीं कर पाते, उनके बीच के द्वंद को... Read more

संस्मरण

यादें खट्टी मीठी ******************************************** ✍️प्रथम यात्रा घर से ससुराल तक✍️ **********************... Read more

सूरत अग्नि कांड

सूरत में हुए अग्नि कांड से रोंगटे खड़े हो जाते है। आंखों में अश्रु भर आते हैं। कानो में मासूमों के चिखने की आवाज गुंज उठती है। आत्मा... Read more

समय

.समय ही वो चीज़ है जो हमें सबसे ज्यादा चाहिए, पर ये वो भी चीज़ है जिसका हम निकृष्ट (गलत) उपयोग करते हैं। -विलियम पेन्न समय स... Read more

जीवन में संस्कारों का महत्व

आलेख - संस्कार चरणस्पर्श - आशीष पाने के साथ साथ वैज्ञानिक तौर से भी लाभकारी भारतीय संस्कृति में चरणस्पर्श का विशेष महत्... Read more

लेख

-कभी जो मिलो , तो जाने की जल्दी ना करना । फ़ुरसत में तो हम भी नहीं होंगे , पर आंखो से ओझल हो जाएं तो फिर अफसोस मत करना ।। -फिर मिल... Read more

ससुराल में पहला दिन और रस्‍मों की कुछ खट्टी-मीठी यादें

ससुराल में पहला दिन जी हां दोस्‍तों, आज बहुत दिनों के बाद इस मंच पर यह लेख लिख रही हूं, आशा है, आज अवश्‍य ही पसंद करेंगे । ... Read more

चुनाव का परिणाम

.जब 23 मई को अंतिम परिणाम आया उसके पहिले ही सारा संसार इस बात से वाकिफ हो चुका था कि अब मोदी जी की भाजपा निर्विरोध सरकार बनाने वाली ... Read more

सकारात्मक आदतें अपनायें I

एक पुरानी कहावत है कि बुढ़े कुत्ते को कलाबाजी नहीं सिखायी जा सकती है , लेकिन हम तो फ़िर भी इंसान ही है I हर व्यक्ती अपना अच्छा बुरा भ... Read more

त्योहार मनाने का बदलता स्वरूप

भारत त्योहारो और संस्कृति का देश हैं I हमारी त्योहारों के साथ आस्था और परंपरा जुड़ी होती हैं । त्योहार हमारी संस्कृति का आईना होते ह... Read more

नहीं रुक रहा नारी का पतन: आखिर कौन जिम्मेदार?

नहीं रुक रहा नारी का पतन: आखिर कौन जिम्मेदार? नारी ही बन जाती है नारी की दुश्मन, कुरितियो, कुप्रथाओ से डाह कर देती तन मन | ... Read more

बोली बना लेती है दिलो मे घर I

एक कहावत है - जैसा देश वैसा भेस, जैसी टोली वैसी बोली , अर्थात् हम खुद मे ऐसे कुशल हो कि जगह ,परिस्थिति देख कर खुद को बोलचाल तथा पह... Read more

आधुनिकता की अन्धी दौड़

हमे समाज में कई प्रकार के रूप देखने को मिलते है I कही बच्चो का शारीरिक शोषण तो कही मानसिक शोषण होता है I आधुनिकता की इस अन्धी व बेवप... Read more

इंजीनियरिंग : मखौल करते निजी संस्थान

इंजीनियरिंग और मेडीकल हमेशा से एक सपना रहा है | हर माँ बाप का सपना रहता है उनके बेटा या बेटी इंजीनियर या डॉक्टर बने | ये दो पेशे हमे... Read more

रिश्तों की कम होती अहमियत ....

आज के इस बदलते युग में जहाँ रिश्तों की परिभाषा बदली है साथ साथ रिश्तों की अहमियत भी बदल गयी है ।जब एक बच्चे का जन्म होता है तभी से व... Read more

***मातृत्व दिवस पर * "* माँ का आँचल"*

।। ॐ श्री परमात्मने नमः ।। ***" मातृत्व दिवस पर "*** "माँ का आँचल " " माँ के चरणों में चंद्रमा जो मन के देवता हैं और पिता के चरण... Read more

मनकही.......

मनकही.. . बचपन की यादें...... आज के समय मे जिंदगी कितनी फास्ट हो गई है किसी के पास किसी के लि... Read more

क्रान्ति की मशाल : क्रांतिकारी परिवर्तन की अभिव्यक्ति

★पुस्तक समीक्षा हंसराज भारतीय हिन्दी साहित्य में एक उभरता हुआ नाम है। उनकी रचनाये निरन्तर अनेको पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित होत... Read more

एक मतदान से देशनिर्माण

मेरे गांव में फिर से गाड़ियों कि कतारे आना शुरू हो गई है । ऐसा लग रहा है शायद चुनाव आ गए है । नेता जी फिर से गाँव के बड़े-बुढ़ो से आशीर... Read more

अंधभक्ति और उसका कहर

भक्त अपने भगवान के बारे में अलग अलग समय पर विभिन्न मुद्राओं विभिन्न स्थानों पर विभिन्न कल्पनायें करता है..वह कभी उसे आसमां में निहार... Read more

असाध्य महामारी

कौओं की पंचायत चौकीदारों की जमात फफूँद का रोग बेमौसम पनपती खरपतवार ऐसे महामारी रोग हैं जो लाइलाज़ प्रचंडता पर है. ... Read more

काश ऐसा हो कि हम अपने आप से हमेशा प्यार करें

जी हां पाठको एक बार फिर हाजिर हूं अपने कुछ महत्‍वपूर्ण विचारों को लेकर इस लेख के माध्‍यम से, आशा है कि आप जरूर सहमत होंगे । ... Read more

पृथ्वी है तो हम हैं (पृथ्वी दिवस पर विशेष)

दिनांक 22/4/19 लेख - पृथ्वी है तो हम है आज विश्व में यह विषय गंभीर चिंतन और चर्चा का है कि पृथ्वी को कैसे बचाया जाए । अगर हम ... Read more

गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों को देख लेने दो खुला आसमान

जी हां पाठकों, आपके बच्‍चों की वार्षिक परीक्षा के बाद सालाना छुट्टियां करीब हैं और आप हमेशा की ही तरह मशरूफ होंगे, बच्‍चों की फुर्स... Read more

हर बार पूछती हो " कैसे हो "

बम्बई 13 मई 1983 " स्वरा " पिछले मंगल को चिट्ठी मिली थी तुम्हारी पर जवाब अब दे रहा हूं लिहाजा मेरा जवाबी खत़ भी तुम्हे देर से... Read more

चुनावी रण

चुनावी रण मैं इस लेख का नाम इसलिए रख रहा हूं कि आप आज के लोकसभा चुनाव 2019 को बहुत करीब से देख रहे हैं। इस लोकसभा चुनाव में जितने गर... Read more

चुनाव क्या है?

आप सभी को मेरा सादर प्रणाम, नमन, वंदन सब कुछ जय हिंद चलिए आप लोगों से अपनी बात प्रारंभ करता हूँ आशा करता हूँ कि आप भारत की इस भूम... Read more

मां के प्रति हम सबका कर्तव्य

आज मैं सोचा रहा था और सोचते वक्त लगा कि शायद मां इस धरती पर हर एक मानव को पांच रूपों में स्पष्ट रूप से दर्शन देती हैं। इस आधार पर मै... Read more

सुविचार

सुविचार "ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है..! अंत में तलाश सिमट जाती है, इस सुकून में कि, जो मिला...वो भ... Read more

मानसिक क्षमता के विकास हेतु जरूरी है मस्तिष्‍क की जिमिंग

जी हां पाठको, मैं आपको यह बताना चाहती हूं कि स्‍वस्‍थ मन का स्‍वस्‍थ शरीर पर सीधा असर पड़ता है । मन को जकड़ते रोगो के वर्तमान दौर मे... Read more

मन के मंजीरे

मन के मंजीरे प्रौढ़ावस्था_ संघर्ष / सामंजस्य नई और पुरानी पीढ़ी में वैचारिक मतभेद हमेशा से चला आ रहा है। नई बात नहीं है, लेकिन जित... Read more

सर्वोपरि देश या कुर्सी

आज देश में 2019 के लोकसभा के चुनाव में राजनेताओं एवं राजनीतिक पार्टियों ने यह साबित कर दिया है कि हम सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं... Read more

प्रकृति

##मेरी ये पोस्ट उन पुरुषों के लिए है जो स्त्री को आज भी सिर्फ एक मोहरा मानते हैं और उनका शोषण करते हैं ।बाकी मित्र अपनी स्वस्थ प्रति... Read more

यात्रा

गुडीपाड़वा के शुभ अवसर पर सह-परिवार अपने माता से मिलना बहोत ही सुखद अनुभूति होती हैं । ऐसा अवसर बहुत कम आता है , जहाँ अपने सभी परिवार... Read more

***समस्त शक्ति वरदायिनी ; माँ दुर्गा

।। समस्त शक्ति वरदायिनी ; माँ दुर्गा जी ।। *शक्ति का आशय उस सत्ता से है जो सृष्टि की उत्तपत्ति तथा संहारकर्ता का मूल रूप है। ब्रम... Read more

मौसम-ए-चुनाव

नमस्कार आप सभी को। बहुत दिन हुए आपसे बात नहीं हुई मैं एक बार फिर से उपस्थित हूँ आप सभी के मध्य शरीर के मध्य भाग से मन नहीं हृदय की ... Read more

मैं भी कितना मूर्ख हूँ?

भारत मेरा, आपका और हम सबका देश आइए एक साथ मिलकर जय हिन्द कहते हैं ऐसा करने से देशभक्ति की भावना को बल मिलता है और हम सच्चे देशभक... Read more

बदलते परिवेश में पिता और पुत्री

राजा जनक व उनकी दुलारी सुपुत्री सीता आज भी भारतीय संस्कृति में पिता व पुत्री के मध्य स्नेह, प्रेम व वात्सल्य के सामंजस्य के अद्विती... Read more