लेख

दलित साहित्यकार कैलाश चंद चौहान की साहित्यिक यात्रा : एक वर्णन

हिन्दी-दलित साहित्य के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कथाकार, उपन्यासकार, कुशल संपादक व प्रकाशक आदि बहुमुखी प्रतिभा के धनी कैलाश चंद चौहान ज... Read more

तुम्हें हमेशा दुखों का इंतजार करना चाहिए/brijpal singh

तुन्हें हमेशा दुखों का इंतज़ार करना चाहिये क्योंकि दुख ही हैं जो हमें समय-समय पर सीख देते हैं और बहुत कुछ सिखा जाते हैं, सुख का क्या ... Read more

सीख...

जीवन में हर क्षण कुछ सीखने को मिलता हैं, सीखने की कोई उम्र नहीं होती हैं । जिससे भी हमें उपयुक्त ज्ञान मिले उसे बेझिझक प्राप्त कर ले... Read more

ये दौर गलतफहमियों का/brijpal Singh

ये दौर है गलतफहमियों का। आप सवेरे-सवेरे जाग कर मोबाइल देखते हैं खासकर न्यूज से अपडेट रहने के वास्ते ऐसा किया जाता है सम्भवतः 90 प... Read more

*"गुरूदेव"*

*"गुरु* गुरु प्रत्यक्ष परमेश्वर का ही स्वरूप है, जो सांसारिक जीवन में विषय विकारों का मैल धोने के लिए गुरु का पवित्र ज्ञान सरोवर घ... Read more

इंसानियत

आज हमें अपने अंदर की इंसानियत पर गौर करने की ज़रूरत है आत्म समीक्षा करने की ज़रूरत है। क्या हम वाक़ई वैसे हैं जैसे एक इंसान को होना ... Read more

नेताओं की नीयत

हमारे देश के लोग जब राजनीति मे कदम रखते है तो ये कहते हुए रखते है कि अब और भ्रष्टाचार नही सहेंगे, हम देश की राजनीति को बदलकर रख दे... Read more

निजी स्कूलों को नियंत्रित कर सरकार शिक्षकों की भर्ती करे

#निजी स्कूलों को नियंत्रित कर सरकार शिक्षकों की भर्ती करे ( प्राइवेट पंजों से निकल राज्य के अधीन हो पूरी शिक्षा व्यवस्था, निजी... Read more

अब साइबर अपराध देश के सामने नई चुनौती

अब साइबर अपराध देश के सामने नई चुनौती -------------------------- --प्रियंका सौरभ हम जितनी तेज़ी से डिजिटल दुनिया की ओर बढ़ रहे ह... Read more

" सरयू नदी का अपवित्र व पवित्रीकरण "

हम अपने आप को बीसवी सदी का कहते हैं ठीक है उसको मानते भी हैं लेकिन इसका मतलब ये नही की हमने किसी के भी अपवित्र व पवित्रीकरण की शक्ति... Read more

" मोक्ष "

मोक्ष प्राप्ति के लिए किसी ख़ास शहर या मुक्ति भवन की दरकार क्यों ? मृत्यु के बाद की दुनिया किसने देखी है ? क्या सबूत है कि मंदिर में ... Read more

छोटू की चाय

वक्त बेवक्त कभी भी याद आ जाती हूं । किसी का दर्द तो थके हुए की थकान मिटाती हूं । लोग मुझे चाय कहते है। अक्सर इसी जर्मन की केतली म... Read more

डिअर कलम

डिअर कलम , मैने तुमको कभी थैंक्यू नहीं बोला । शायद मैने तुम्हारी मौजूदगी को महसूस करते हुए भी तुम्हें याद नहीं किया , तुम मुझे हम... Read more

आज मैने तुमको कुछ इस तरह याद फरमाया...

आज मैने तुमको कुछ इस तरह याद फरमाया... दो कुर्सियों को आमने सामने लगाया । एक पर खुद बैठा... दूसरे पर तुम्हारी यादों को बैठाया। फ... Read more

जुल्फ

बिखरने दो इन जुल्फो को , आज़ाद ही रहने दो । तुम मुझे..., मेरे मन को बांध सकते हो । पर में किसी को बांधे रखु , ये मुझसे नहीं होगा ।... Read more

बंदिशे

ख़यालो को आजाद रखा करो । बंदिशे और घुटन बहुत कुछ तबाह कर देती है । कभी खामोश बैठ देखे थे उसने कई ख़्वाब । हकीकत की दुनिया से ... Read more

सच...

सच बोलने में भी डर लगता है लोगों को आप को अगर सच बोलने में भी डर लगने लगे तो समझ लीजिए आप अपने साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भ... Read more

कुछ ख्वाब बुने ।

इस आसमां के तले, आज फिर कुछ ख्वाब बुने । दिल ने मन को खामोश रहने की हिदायत दी । और मन बावरा कभी इधर तो कभी उधर चले फिरे ।। ... Read more

“दिशाहीन होती युवापीढ़ी” एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

जब किसी के ह्रदय की वेदना अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाती है तो साधारण व्यक्ति हो या कितना भी गंभीर इंसान ही क्यों न हो हर कोई अपनी अभिव... Read more

अनुशासन

समय समय पर अनुशासन शब्द की व्याख्या विद्वानों द्वारा की जाती रही है। अनुशासन, दो शब्दों से मिलकर बना है, अनु+शासन। अर्थात अनु उपसर्ग... Read more

मतलबी दुनिया

मतलबी दुनिया अब आप कहेंगे बात तो ये सही कह रहा है मगर स्वयंभू हो न, खुद का टाइम आता है तो सब भूल जाते हो, कि हाँ ये दुनिया वाकई म... Read more

कोरोना रूपी रक्तबीज

आज कोरोना रुपी विश्व व्यापक महामारी रक्तबीज दैत्य की तरह फैलती ही जा रही है।इसने सभी को काल का ग्रास बनाया हुआ है।सम्पूर्ण मानवजाति ... Read more

इसीलिए वे खुश रहते हैं

आप पहाड़ों को देखो, आप पेड़ों की तरफ देखो, आप आसमां देखो, आसमां में उन तमाम सितारों को देखो, जीवों को देखों पंक्षियों को देखने की कोशि... Read more

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 23 जून पर विशेष

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 23 जून ,आधुनिक ओलम्पिक में भारत के सौ वर्ष पर समस्त भारतवासियों को शुभकामनाएं #पण्डितपीकेतिवारी (सहसंपादक... Read more

56 इंच का है अब सीन , मिट जाएगा चीन कमीना

56 इंच का है अब सीना ,मिट जाएगा चीन कमीना #पण्डितपीकेतिवारी (सहसंपादक) भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर जो कुछ गुजरे दिनों ... Read more

सेल्फी दिवस पर

सेल्फी दिवस 21 जून पर विशेष : #पण्डितपीकेतिवारी मी,माय सेल्फ एंड माय किल्फी आज की सेल्फी 21 जून को सेल्फी डे है। बच्चे का जन... Read more

    स्क्रीन के पीछे की दुनिया

स्क्रीन के पीछे की दुनिया अर्थात एक वास्तविक दुनिया और स्क्रीन के आगे की दुनिया अर्थात दिखावटी दुनिया इनके बीच जमीन आसमान का फर्क हो... Read more

पहला प्रेम-पत्र

❤️ #पहला_प्रेम_पत्र_विवाह_निश्चित_होने_के_बाद ❤️ सादर समीक्षार्थ प्राणेश्वरी मिलन की आकांक्षा... Read more

संत कोरियकोस चावरा

जब भगवान महान व्यक्ति को इस धरा पर भेजता है तो जन्म के साथ ही उसके माथे पर लिख देता है क्रांतिकारी, और फिर क्रांतिकारी के पथ में विश... Read more

तो बात है/brijpal Singh

तुम जीते जी प्यार करो उसे तो बात है, तुम जीते जी तारीफ करो उसकी तो बात है, तुम जीते जी अच्छा व्यवहार रखो उससे तो बात है, तुम जीते जी... Read more

आत्महत्या : एक गंभीर चिंतन

आत्महत्या के कारण का पता लगाने के लिए गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। यह गहन अवसाद की एक ऐसी मनोदशा है जिसमें मनुष्य एकाकीपन से ग्रस... Read more

भूख

विषय - भूख जुलाई का महीना जब स्कूल खुला सभी बच्चे स्कूल आने लगे।मुनिया भी स्कूल आई।कक्षा आठवीं में पढ़ रही थी। शिक्षा सत्र का प्र... Read more

जीवन में अध्यात्म का महत्व

आलेख - जीवन में अध्यात्म का महत्व ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ "ॐ संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् देवा भागं यथा पूर्वे सञ... Read more

पर्यावरण पर लेख

मानवीय कृत्यों का पर्यावरण पर प्रभाव ( विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ) ★★★★★★★★★★★★★★★ मानव जीवन में पर्यावरण का बहुत ही महत्वप... Read more

परिचय

परिचय नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)ए... Read more

लेख- आत्महत्या क्यों?

लेख- आत्महत्या क्यों? निवेदिता एक महाविद्यालय में प्रवक्ता पद पर कार्यरत थी। गेंहुआ रंग, मधुर वाणी, मुस्कराता हुआ चेहरा और आकर्षक... Read more

कुम्हार जाति : 'उपनामगत' संक्षिप्त अध्ययन

मध्यप्रदेश (सेंट्रल प्रोविंस) में 'कुम्हार' अनुसूचित जाति (एससी) में है , जहाँ बाबा साहेब आंबेडकर का जन्म हुआ था (महू में) । महार का... Read more

मानसून आई सूनी-सूनी

मानसून पूर्व आई आँधी-तूफान और मूसलाधार बारिश में ने मिट्टी के घर गिरा दिए, टीन के घरों को उड़ा दिए । पक्के मकानों की वेंटिलेशन को तोड़... Read more

राष्ट्रवादी चिंतक रामधारी सिंह 'दिनकर'

राष्ट्रवादी चिंतक और कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी का जन्म 23 सितंबर 1908 को बरौनी जंक्शन (बिहार) के पास के गाँव सिमरिया में हुआ था। प... Read more

सोमनाथ चटर्जी : निष्पक्ष लोकसभाध्यक्ष

10 बार लोकसभा सांसद, किन्तु ममता बेनर्जी से एकबार हार हुई । 'लोकसभा अध्यक्ष' के चैलेंजिंग रोल में रहे । उन्होंने बताया कि ऐसे पद प्र... Read more

मानवाधिकार कार्यकर्ती इरोम शर्मिला चानू

नवंबर 2000 से लेकर 9 अगस्त 2016 तक भूख हड़ताल रहना एक "अजीबो-गरीब" रिकॉर्ड है पर उन्होंने यह 'आमरण-अनशन' रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं कि... Read more

जब प्रेमिका 'जैनी' पत्नी बनी

मार्क्स को "कार्ल मार्क्स" बनाने में हम जिस प्यार की कहानी भूल रहे है उन्हें भी याद कर ले, तो प्रेम की इस अनोखी कहनी से हमें एक नया ... Read more

आत्महत्या : एक विश्लेषण

आत्महत्या : आखिर क्यों ******************** 'आत्महत्या'एक ऐसा शब्द है जो निश्चित रूप से हमे विचलित कर अनेक अनुत्तरित प्रश्न हमार... Read more

ये न करो

सफलता हमेशा , हर जगह इतनी जरूरी भी नहीं। टूट रहे हो भीतर से... मान लो...हर्ज क्या है ... हर कोई टूटा है कभी न कभी... उदास हो , कह द... Read more

हम इस दुनिया मे क्यो आये.......?

Tejpal लेख Jun 15, 2020
हम इस दुनिया मे क्यो आये .........✍️ . . आज हम जिस भी हालात में है उसके जिम्मेदार खुद है चाहे वे अमीर हो या गरीब। एक इंसान ही है... Read more

जिंदगी...... एक सफर

कितना बदल गया है इंसान, शायद यह बोलने मे जीतना अटपटा और अगूढ़ लगता है उतना ही सत्यता को समेटे हुए है l कहते है चलने का नाम जि... Read more

सोच

Tejpal लेख Jun 14, 2020
#छोटी सोच,व पैरो की मोच इंसान को कभी आगे बढ़ने नही देती... टूटीं कलम ,व लोगों की जलन कभी भाग्... Read more

आत्महत्या क्यों?

आत्महत्या क्यों? सुशांत सिंह राजपूत के आत्म हत्या की चौकाने वाली खबर आयी । आत्म हत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है । प्र... Read more

कब उन्हें मूल जन्मभूमि वापस मिलेंगे ?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद और पहले 'कश्मीरी पंडित' ! वर्ष 2018 में ट्विटर पर कुछ कश्मीरी पंडित पत्रकारों ने बर... Read more

दूसरे की हत्या का रहस्य सुलझानेवाले 'व्योमकेश बख़्शी' यानी सुशांत सिंह राजपूत 'आत्महत्या' कैसे कर सकते हैं ?

अपना 'वॉलीवुड' को क्या हो गया है ? इरफान, ऋषि कपूर से लेकर अब सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर ! कई मीडिया संगठनों के अनुसार, उन्हो... Read more