लेख

"हौसला बुलंद"

कमजोर ना बना इस तरह जिंदगी को ये जाने दिल जल्द आयेगा खुशी का पल चलो हम मुस्कुराहट से शुरुआत करते है Read more

हर बार पूछती हो '' कैसे हो '' -3

बम्बई 21 जून 1983 प्रिय " स्वरा " पिछले कई एक दिनो से मैं तुम्हारे पत्र की प्रतिक्षा मे था । आज भी आधा दिन गुजर जाने के बाद ... Read more

व्यवाहरिक छलावा और गुलाम भारत.

एक *व्यवहार एक *वाद और एक ही *विवाद एक *जरूरत एक *आदत और एक ही *फसाद धर्म और उसके उत्पाद. -----////--//-/-------//-- इन सबसे जन... Read more

भ्रष्टाचार क्यों??

🖋️ #भ्रष्टाचार_क्यों..? 🖋️ _____________________________________________ -----------------... Read more

ऐसे करें हिंदी भाषा के पेपर की तैयारी ( सीबीएसई बोर्ड परीक्षा )

*ऐसे करें हिंदी भाषा के पेपर की तैयारी** नई दिल्ली : सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं नज़दीक हैं । 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के विद्यार्थिय... Read more

संस्कार अच्छे हो जीवन में

जिन्दगी में संस्कारी होना जरूरी है । संस्कार इन्सान को मानवता सिखाते है । बेटा बेटी बहू हो या दामाद सब संस्कारी चाहते है और संस्क... Read more

गणतंत्र दिवस, 2020 के अवसर पर विशेष कवरेज...

सम्भल जिले की प्रतिभाएँ, जिनसे ले सकते हैं प्रेरणा... सम्भल। 'कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो ... Read more

अभिमन्यु चक्रव्यूह में फंस गया है तू...

सरकारी नौकरी की अपनी खूबियां, सीमाएं और मर्यादाएं हैं। इन बंधनों में थोड़ी बहुत सुरक्षा, अधिकार और सम्मान तो है मगर ठहराव की गहरी उक... Read more

"देख कितनी काली है"

"देख कितनी काली है "अफ्रीकन" सी"... ये लाइन हमारे देश में कहीं न कहीं आये दिन सुननेको मिल ही जाती है... फिर छाजे वो मजाक हो या कुछ ... Read more

कृष्ण विनायक फड़के बाल साहित्य समीक्षा सम्मान से नवाजे गए डॉ. उमेशचन्द्र सिरसवारी

चन्दौसी (सम्भल, उत्तर प्रदेश)। चंदौसी के गाँव आटा निवासी बाल साहित्यकार डॉ. उमेशचन्द्र सिरसवारी को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ ... Read more

"बचपन से सीख"

कभी खो जाता हूं अपने बचपन की यादों में इस कदर मालूम पड़ता है सपना था वह मेरा अब नींद से जागा हूं बड़ी रुखसत के बाद । कुछ अजीब सा ... Read more

*मकर संक्रांति पर्व*

*मकर संक्रांति पर्व"* मकर संक्रांति की ऐतिहासिक मान्यताएं - ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान *भास्कर* अपने पुत्र *शनि* से मिलने स्व... Read more

मन के विचार

जब अपने लोग ही टांग खींचने लगे तो गैरो की तो बात ही कुछ अलग है कहते है कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती सच में आज एहसास हुआ कुछ ब... Read more

दिल के विचार

हे दुनिया तू क्या समझती है में तेरा गुलाम हूं अरे हम तो उड़ते परिंदे है आज यहां है कल वहां भी होगे हम दुनिया को अच्छा बनाने चले थे ... Read more

"बच्ची सी बात"

लोग खामोशी को अपना आशियाना समझ बैठे है तकदीर तो उसने लिखी , और मिटा दी मुझे पता नहीं लोग "बच्ची सी बात" को क्यों गले से लगाकर बै... Read more

"कुछ पल मुमकिन नहीं"

अहम लालच को जरा सा छोड़कर के चलिए हर इंसान अच्छा लगेगा जरा मुस्कुरा के चलिए कुछ लोगों का साथ चलना मुमकिन नही पता है थमा है हाथ तो... Read more

सामाजिक हिंसा

मनुष्य ने इस पृथ्वी पर जब से जन्म लिया है। तब से उसमें प्राथमिक रूप से दो गुण विद्यमान रहे हैं । एक राक्षसी गुण और दूसरा दैवीय गुण ... Read more

उत्तरायण उत्सव (मकर संक्रांति)

यह सत्य है कि मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा में परिस्थितियों का बहुत बड़ा योगदान होता है। लेकिन खुशियों का संबंध मनुष्य की प्रकृति औ... Read more

" नज़रीया से मानसिकता का सफर "

हैलो किट्टू ❗ आज मैं तुम्हें ऐसे अनुभव के बारे में बताना चाहती हूं जो बहुत समय से मैंने अनुभव करते आ रही हूं । 👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁... Read more

व्यवस्था और लोकतांत्रिक सुविधाएं

व्यवस्था कई भांति की होती है. एक सार्वजनिक व्यवस्था जिसका संबंध सीधे प्रकृति और अस्तित्व से है उससे इंसान केवल सगज रहकर आपदाओं से ... Read more

मेरी जीवन यात्रा

जीवन में प्रथम पदार्पण पर मेरी दुनिया थी मेरी मां की गोद और उसका आंचल । शैशवावस्था में उसने मुझे हाथ पकड़कर चलना सिखाया प्रकृति का ... Read more

सीएए-एनसीआर-एनपीआर : देशहित नहीं, केवल राजनीतिक हित

किसी भी देश और समाज में तीन तरह का वर्ग रहता है- एक वह जिसे देश में कुछ भी हो, उसे फर्क नहीं पड़ता है. वह ‘मस्त रहो मस्ती में, आग लगे... Read more

*जीवन प्रबंधन का तरीका*

*" जीवन प्रबंधन का तरीका"* हमारे जीवन में प्रबंधन करने का तरीका राम जैसा है या कृष्ण जैसा है......? ? हिंदू पुराणों में दो महाग्र... Read more

जीवन परिचय

*****नवोदित ख्याति प्राप्त कवि "आकाश महेशपुरी" एक परिचय***** भगवान महात्मा बुद्ध ... Read more

*"कर्जदार "*

*"कर्जदार'* सृष्टि की रचना में अदभुत शक्तियाँ विद्यमान है लेकिन हम उसे अपने जीवन में सदुपयोग करते हुए कभी कभी दुरुपयोग करने लगते है... Read more

पशुओं से बलात्कार : एक मानसिक विकार

अगर मैं कहूं कि बलात्कार एक मानुषिक प्रवृत्ति है तो शायद आप इसे मनुष्य का अपमान समझेंगे। लेकिन अगर आप इसे पाशविक प्रवृत्ति कहेंगे तो... Read more

---देख तमाशा लकड़ी का ---

जीवन जब शुरू हुआ तो लकड़ी के साथ ही हुआ और जब अंत हुआ तब भी लकड़ी के साथ हुआ संस्कार हुए तो लकड़ी से हुए खेलना सीखा तो लकड़ी... Read more

अर्णव कलश एसोसिएशन ने साहित्य रत्न सम्मान-2019 से सम्मानित किया रुपेश को

बिहार के सिवान जिले के चैनपुर के निवासी श्री भीष्म प्रसाद के सुपुत्र को साल 2019 की साहित्य सेवा के लिए "साहित्य रत्न सम्मान" से सम्... Read more

"रुपेश को साहित्य रत्न सम्मान-2019 सम्मान मिला"

बिहार के सिवान जिले के चैनपुर के निवासी श्री भीष्म प्रसाद के सुपुत्र को साल 2019 की साहित्य सेवा के लिए "साहित्य रत्न सम्मान" से सम्... Read more

प्राकृतिक आपदाएं : कितनी प्राकृतिक, कितनी मानवीय

सभी आपदा मनुष्य द्वारा उत्पन्न माने जा सकते हैं। क्योंकि कोई भी खतरा विनाश में परिवर्तित हो, इससे पहले मनुष्य उसे रोक सकता है। सभी आ... Read more

दिशाहीन छात्र राजनीति

राष्ट्र के रचनात्मक प्रयासों में किसी भी देश के छात्रों का अत्यन्त महत्वपूर्ण योगदान होता है। समाज के एक प्रमुख अंग और एक वर्ग के रू... Read more

हिन्दू धर्म

*02* *दो लिंग :* नर और नारी । *दो पक्ष :* शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। *दो पूजा :* वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)। *दो अयन :* उत्त... Read more

कुछ सवाल

क्या एक अच्छा वक्ता ? अच्छा शासक हो सकता है. क्या नींव भरने के बाद ? मकान के डिजाइन में संभावनाएं बचती हैं ? क्या धर्म/मजहब... Read more

" जिंदगी का हिस्सा "

हेलो किट्टू ! कहते हैं सब कि ' लगाव दिल से होना चाहिए । ' क्या यह पूर्णतः सही है ❓ नहीं । कभी किसी के जिंदगी का हिस्सा बनो या... Read more

झाडफूंक और चिकित्सा

भारत विभिन्नताओं का देश है. यह परिवेश हर क्षेत्र में झलकता है. चिकित्सा के क्षेत्र में ईलाज में भी. ईलाज से पहले बीमारी का उद्गम/... Read more

चित्त की बात

महीने में एक बार बरसो में बार बार मौका जरूर मिलता है अपनी गलती सुधारने का मौका मिले तो उसे चित्त के साथ मौका समझो क्योंक... Read more

सूर्यग्रहण : पढ़े-लिखे लोग भी दिशाहीन

आज 26 दिसंबर, गुरुवार को इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण था. हालांकि यह पूर्ण सूर्यग्रहण नहीं था. यह ग्रहण भारत में सुबह 8 बजे ग्रहण लगा ... Read more

*"कर्मयज्ञ"*

*"कर्म यज्ञ"* कर्म प्रधान विश्व रचि राखा । जो जस करहिं तस फल चाखा।। तुलसीदास जी की चौपाई यह प्रमाणिकता लिये हुए है कलयुग में रामा... Read more

राम की प्रतिक्षा

#राम_की_प्रतिक्षा _________ देवत्व व असुरत्व के इस द्वंद, वैमनस्य व अंतर्विरोध के बीच प्रकृति, अपने अधिष्ठान पुरुषोत्तम के प्रतिष... Read more

युगपुरुष वाजपेयी जी

25 दिसम्बर । यह तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि इसी तारीख को भारत के महान नेता श्री अटल बिहारी ... Read more

ऐसा क्यों

मेरा अनुभव ऐसा क्यों , कि अमीरों के बच्चे पैसे की अधिकता के कारण और गरीबों के बच्चे पैसे की कमी के कारण संस्कार,सम्मान और शोषण ... Read more

" प्यार का कोई प्रकार नहीं "

हेलो किट्टू ! 🤱जैसे मान लीजिए आपका एक छोटा बच्चा / बच्ची है । बच्चे तो सारे ही बहुत सुंदर होता है उनके प्रति सबके हृदय में आकर्षण... Read more

बेबस सरकार-व्यंग्य वार्ता

बेबस सरकार अम्बर भाई जगह-जगह शराब की नुक्कड़ दुकानें खुली है, किंतु आजकल बड़बड़ाते, लड़खड़ाते कोई बंदा दिखाई नहीं देता। अरसा हो गय... Read more

प्रेरणा का आतंक -व्यंग्य वार्ता

प्रेरणा का आतंक शीर्षक दो मित्र चाय की दुकान पर मिले तो गुफ्तगू इ स तरह शुरू हुई। प्रवीण - अंबर भाई यह प्रेरणा एप क्या है शिक्... Read more

सर है आपका, हेलमेट भी आपका होना चाहिए।-व्यंग्य वार्ता

सर है आपका ,हैलमेट भी आपका होना चाहिए। व्यंग्य लेख जब दो मित्र चाय के स्टॉल पर मिले, तो गुफ्तगू कुछ इस तरह शुरूहुयी। अंबर भाई ... Read more

पीर परायी जानो रे -व्यंग्य वार्ता

पीर परायी जानो रे। दो मित्र ,चाय स्टाल पर मिलते हैं। चाय की चुस्कियों के मध्य गुफ्तगू शुरू हुई । प्रवीण -अंबर भाई, आजकल राष्ट्र... Read more

" गरिमा की उलझन "

हेलो किट्टू ! आज मैं तुम्हें एक अपने सहेली की जीवन के सच्ची घटनाओं को बताने जा रही हूं कि किस प्रकार उसके मासुमियत , विश्वास , प... Read more

कुछ बाते अधूरी

एक तरफ हम और एक तरफ तुम ओर एक तरफ हमसफ़र की यादों की डोरी जो चले साथ जिंदगी के प्यार इश्क़ मोहब्बत न पूरी हा मुझे अच्छी तरह याद ह... Read more

प्लीज! मोदी जी, झूठ बोलना बंद कीजिए ना!! संदर्भ : भारतीय नागरिकता संशोधन कानून

आप और आपके भ्रातासम अमित शाह जी इस कानून को लेकर देश में ऐसा भ्रम फैलाने में जुटे हैं कि जैसे इस कानून को लाकर आपने देश के लिए कोई म... Read more

अहम्

उस दिन मै खिन्न मन से घर से निकला। मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा था। क्योंकि लोग मेरी बात मान नहीं रहे थे । और अपनी अपनी मर्जी की कर ... Read more