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Category: लघु कथा

दूरी
_लघुकथा_ दूरी *अनिल शूर आज़ाद जंगल के बीच से निकलती सड़क के कारण जंगल की शान्ति भंग हो चुकी थी। दो भागों में बंट गये... Read more
अहम
प्रतिष्ठित साहित्यकार पुष्करनाथ साहित्य जगत का सर्वोच्च पुरस्कार गृहण करने जा रहे थे. यह पुरस्कार उनके उपन्यास 'स्वयंसिद्धा' के लिए दिया जा रहा था. नायिका... Read more
बचत
बबलू ने ददाजी के कमरे में चारों तरफ नज़र दौड़ाई. सब कुछ व्यवस्थित हो गया था. दादाजी के लिखने पढ़ने की मेज़ पर सब सामान... Read more
अनाम पल
_लघुकथा_ अनाम पल *अनिल शूर आज़ाद वह चौंक उठा! सचमुच उसका अपना ही चित्र था जो ट्रेन के दरवाज़े के साथ बैठी उस नवयुवती के... Read more
बिजिनेस पॉइंट
_लघुकथा_ बिजिनेस पॉइंट *अनिल शूर आज़ाद इस प्राइवेट स्कूल में पिछले सप्ताह ही उसकी नियुक्ति हुई थी। सप्ताह भर से बेहद बेकरारी से वह 'नियुक्ति-पत्र'... Read more
अनुकरण
_लघुकथा_ अनुकरण *अनिल शूर आज़ाद अभी-अभी वह फिल्म 'दीवार' का शो देखकर निकला था। अमिताभ के स्वाभिमान और शूरता का जोरदार प्रभाव पड़ा था उस... Read more
दुश्मन
_लघुकथा _ दुश्मन युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर लड़ते हुए वे दोनों, एक हैण्डग्रेनेड से बुरी तरह चोटिल होकर वीरान प्रदेश की इस गहरी खाई... Read more
उनका लिखना
_लघुकथा_ उनका लिखना *अनिल शूर आज़ाद तेज गति से आती एक अनियंत्रित बस ने एक युवक को कुचल दिया। तुरन्त ही वहां भीड़ इकट्ठा हो... Read more
अन्तर
_लघुकथा_ अन्तर *अनिल शूर आज़ाद आज वह बहुत खुश था। थोड़ी देर पहले गार्डन में प्रेयसी से हुई मुलाकात की मधुर यादें उसे रह रहकर... Read more
उसका बेटा
_लघुकथा_ उसका बेटा *अनिल शूर आज़ाद अपने पुत्र कलुआ को मुंशी-पुत्र का 'घोड़ा' बने वह देखती रही। एक..दो..दस..ग्यारह..और फिर बारहवां तसला उसने..मिस्त्री की परात में... Read more
चटर-पटर
__लघुकथा__ चटर-पटर *अनिल शूर आज़ाद पहले पूजनीय मां और अब..पापा का अस्पताल में दुखद निधन! मात्र सत्रह माह की अल्पअवधि में परिवार में हुए इन... Read more
डंडा
_लघुकथा_ डण्डा *अनिल शूर आज़ाद " आज फिर गलत लिखा..बेवकूफ कहीं का! चल बीस बार इसे अपनी कापी में लिख.." " नही लिखूंगा!" उसके स्वर... Read more
श्रीकृष्ण
_लघुकथा _ श्रीकृष्ण *अनिल शूर आज़ाद मैट्रिकुलेशन की परीक्षा उतीर्ण करते ही युवक श्रीकृष्ण नन्दगांव छोड़कर महानगर मथुरा पहुंच गए। वर्ष बीतते गए। इस बीच... Read more
चोट
चोट _____________________________________________________________________________________________________________________ बेटा जवान हो गया था, अब उनका। बहुत लालसा पाल कर रखी थी, उसने। काफी संघर्षमय जिंदगी उनकी गुजरी थी। पर हाय, उनके... Read more