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Category: लघु कथा

स्त्री/ पुरुष
रोहिणी के आफिस में आज वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन उसी के जिम्मे था ,पूरे दफ्तर में उसकी कार्यकुशलता के चर्चे थे,थक कर शरीर... Read more
ये हैं आशिक़ी
एक बार हमारी प्यारी किशोरी राधा रानी से कृष्ण ने पूछा ,कुंज गली मे कोई एतबार नही करता , कहते है सब छलिया मुझे ।... Read more
आज संभाग में कठपुतली चंद जी का वार्षिक दौरा था,उनके पहुँचने में चंद लम्हे बाकी थे पर तैयारी पूरी हो चुकी थी। सब चाक चौबंद,सफाई... Read more
कुल दीपक
निरंजन की पडोस वाली भाभीजी आज जैसे तय करके आईं थी कि उसे समझा कर ही जायेंगी ,बेटी कैसी हो? अरे निरंजन भई तुम्हारी बेटी... Read more
फर्क
" मम्मी दादी की तबीयत अब कैसी है ? पहले से कुछ सुधार हुआ है या नहीं बहुत मन कर रहा है। उन्हें देखने को... Read more
वह बूढ़ी
मैं बस में बैठा था । अचानक कुछ लोग एक बूढ़ी को पकड़कर बस में चढ़ा दिया । बूढ़ी काफी गुस्से में थी । बस... Read more
नाम में कुछ है
विद्यालय का यह रिवाज़ था कि जो भी कर्मचारी सेवा निवृत होता था, उसे पूरा विद्यालय मिलकर विदाई देता था | उस दिन एक चतुर्थ... Read more
माँ
????ॐ नमःशिवाय???? लघु कथा , आज दुर्गा बहुत परेशान है।रात के दो बज रहे है।धरती -आकाश सब सो चूके है।पर,उसके आँखों में नींद कहाँ,गला दर्द... Read more
क्षुधा
रात का वक्त,रास्ता एकदम सुनसान था। आकाश को छूती स्ट्रीट लाइटें अपने-अपने कर्म में व्यस्त थी। दूर गगन में तारे टिमटिमा रहे थे और चांद... Read more
शक
शक"एक लघु कथा कहते हैं शक का इलाज तो हकीम लुक़मान के पास भी नहीं था। शक को कई समस्याओं की जड़ माना जाता है।इस... Read more
फुटाने
आठ से दस वर्षीय तीन बालक एक किराना दुकान पहुंचे।दूकानदार वृद्ध था। " क्या लेना है ? " " दो रूपये के फुटाने ।" दूकानदार... Read more
सौभाग्य
आज बेटे की ईन्जिनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने पर उसके दीक्षान्त समारोह में उपस्थित माँ अपने अतीत में गोते लगाने लगी।आज उसे देखने लड़का व... Read more
लघुकथा : पर्दे की ओट
पर्दे की #ओट // दिनेश एल० "जैहिंद" ( #सोपान परिवार द्वारा दैनिक लेखन प्रतियोगिता में चुनी गई दैनिक श्रेष्ठ लघुकथा ) “पुराने रिवाजों को तोड़कर... Read more
"शक" लघु कथा बदलते परिवेश में मौसम से बदलते अनगिनत रिश्ते दबे पाँव आकर दस्तक देते हैं और जीवन में कुछ पल ठहर कर मौन... Read more
नाक
नाक " जब तुमसे कह दिया कि नाक छिदवा लो तो समझ में नहीं आता!", प्रकाश ने परिधि से नाराज़ होते हुए कहा। " मगर... Read more