लघु कथा

मायके का आराम

”बेटा रागिनी को अभी कुछ दिन और यहां रह लेने दो। थोड़ा आराम और कर लेगी। लड़की को तो मायके में ही आराम मिल पाता है। वहां जाकर तो फिर काम... Read more

ट्रैफिक जाम

रात्रि अपने आखिरी पहर में थी। रूपा की आंखों में नींद का कहीं नामोनिशान नहीं था। दिमाग में विचारों का आवागमन बराबर लगा हुआ था । जितना... Read more

पत्थर की किस्मत

शासन के दूत ने निर्माणाधीन पार्क का स्थलीय सत्यापन किया। साथ ही एक जाति विशेष से संबंधित स्थापित प्रतिमा की छतरी निर्माण और रंग रोगन... Read more

दोहरी सोच

दोहरी सोच एक मँच पर एक समाज सेविका महिला पश्चिम परिधान मे स्वयं को लपेटे हुए व आधुनिक विचारों से ओत प्रोत अपने संबोधन मे... Read more

दादी के बर्तन

बड़े हाकिम साहब की मां का निधन हो गया था। तेरहवीं के मद्देनजर घर में सफाई चल रही थी। इस बीच चंद्र पुराने बर्तन नजर आए, जो हाकिम साहब ... Read more

पिता का पत्र

प्रिय पुत्र इसमें कोई नयी बात नहीं है, जो मैं तुम्हें बताने जा रहा हुं। ये तो दुनिया में आम बात हो चुकी है, की लोग अपने पिता को ... Read more

दादी की दवाई

रामदुलारी 75 पार हो चुकी थीं। उन्हें कई दिन से खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत थी। बेटे को अपने काम से समय नहीं मिल पा रहा था जो दवा ल... Read more

खून का रिश्ता

चौथी बार फोन की घंटी सुनकर मालती का पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। उसने समझ लिया कि इस बार भी उसके बेटे रोहित का ही फोन होगा, ज... Read more

सरकारी दामाद

समाज का कल्याण करने वाले दफ्तर में दावत उड़ाई जा रही थी। इत्तफाक से वहां मेरा जाना भी हुआ। बिन बुलाए मेहमान की तरह मैं भी दावत में शर... Read more

रिश्तों में फर्क

”आज खाना ठीक से बना लेना, पापा जी आ रहे है”ं फोन पर रोहित ने अपनी पत्नी सीमा को समझाते हुए कहा। ”क्यों, रोजाना क्या खराब खाना बनता ह... Read more

धरती के भगवान

”अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बता रही है कि आपके जुड़वा बच्चे हैं, सिजेरियन केस है, आप कम से कम ₹ एक लाख का इंतजाम रखें और हां ज्यादा देर मत ... Read more

उफ़, यह प्यास!

पड़ोस में एक गरीब परिवार रहता था। उस घर में फ्रिज नहीं था। इस वजह से गर्मी मैं ठंडा पानी भी मयस्सर नहीं हो पाता था। कभी किसी की मेहर... Read more

[[[ युद्ध ]]]

युद्ध // दिनेश एल० "जैहिंद" धांय.. धांय... धांय ..... , तड़... तड़.... तड़.... , धडाम... धड़ाम.... की कर्कश आवाजों के साथ पहाडिय... Read more

××अप्रैल फुल××

अप्रैल फुल //दिनेश एल० "जैहिंद" विट्टू एक दस वर्षीय बालक था | वह पाँचवी कक्षा में गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता था | माँ-बाप... Read more

मेल बेबी

"बधाई हो, आपके परिवार में कन्या विराजी हैं।" नर्स ने लेबर रूम से बाहर आकर बताया। सीमा को पहली बार मां बनने की बेहद खुशी थी। उसकी नजर... Read more

सरकारी जांच

"28 हजार अपात्र पा रहे हैं पेंशन" इस खबर ने समाज का कल्याण करने वाले विभाग और अन्य सहयोगी विभागों को भी शर्मसार कर दिया था। अफसरों क... Read more

जोरू का गुलाम

दीपा के कैसे हाल-चाल हैं? उसके बच्चे कैसे हैं? ससुराल में वह खुश तो है न? पड़ोस वाली ताई आज कई दिन बाद आई थी। सो, बिटिया का हाल-चाल प... Read more

असली चेहरा

कमसिन मुनिया के अपहरण से इलाके में सनसनी फैल गई थी। हाल यह था कि गांव वाले अपनी बच्चिों को बाहर भेजने से डर रहे थे। सप्ताह भर की मशक... Read more

भेदभाव

हालांकि दीक्षा पढ़ने में काफी होशियार थी। इसके बावजूद अक्सर कुंठा उसके दिमाग पर हावी रहती थी। आए दिन अपने पापा से न जाने कितने सवाल क... Read more

धूल

लघुकथा शीर्षक - धूल ================== - " पापा, सब्जी ही ला दिया करो बाजार से ऎसा कब तक चलेगा" - " अरे पापा, कम से कम साफ सफाई... Read more

भारतमाता

लघुकथा- {भारतमाता} ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● आज विद्यालय आते हीं शोभना की नजरें 15 अगस्त की ईंचार्ज मैडम कलावती को ढूँढ रही... Read more

राजनीतिकरण

लघुकथा शीर्षक - राजनीतिकरण _____________________ पार्टी के दफ्तर में कार्यकर्ताओं की भीड़ "पार्टी जिन्दाबाद" के नारे लगा रही थी ... Read more

कड़वाहट

लघुकथा शीर्षक - कड़वाहट =============== सुनसान रात में राधेय तेज कदमों के साथ अपने घर की और चला जा रहा था... चाहता था कि झट से... Read more

"क्षणिक जी लेने दो इन प्यार भरे पलों को"#बच्चों की नई सोच नई दुनिया#

पायल ओ पायल चल उठ ना और कितनी देर तक सोएगी ? सोने दो न मॉं, एक रविवार ही तो मिलता है , सोने को । "बेटी मैं तो समझती हूँ न, मॉं जो ठह... Read more

अपनों से बढ़कर

"सारा घर उठाकर बहनों के यहां पहुंचा दो, इंसान पहले अपने बच्चों को देखता है यहां तो उल्टी गंगा बहती है। हे भगवान! ऐसा बाप किसी दुश्मन... Read more

संवेदना

"एक ज़बरदस्त टक्कर लगी और सब कुछ ख़त्म …" अपने मोबाइल से हवलदार सीताराम ने इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम को ठीक वैसे ही और उसी अंदाज़ में कहा, ... Read more

शर्म

लघुकथा शीर्षक - शर्म ================= एक वेश्या को चाहने वाले शहर के जाने माने इज्जतदार रईस ने उस से पूछा - "तुझे धंधा करते हुए... Read more

जादू-टोना

अमन के घर में तूफान बरपा हो चला था। हुआ यूं जब अमन अलमारी से कपड़े निकाल रहा था, उसको एक पेड़ की टहनी रखी नजर आई। अमन ने यह सब अपनी ... Read more

दिल की सफाई

उन्होंने खुद ही बोलना-चालना और मिलना-जुलना बंद कर दिया था। सीधे तौर पर बात कुछ भी नहीं थी, बस यूं ही किसी के पीछे, यानी भला बनने की ... Read more

लघुकथा

*हाई-कमान* समाज सेवी शिवलाल का शहर में ही नहीं आस-पास के क्षेत्र में भी सहृदयता व सज्जनता के लिए सम्मान था| उन्ह... Read more

लघुकथा

*जनहित* ज्यों ही नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुआ। विधायक महोदय ने चुनाव जीते हुए, सभी पार्षदों से संपर्क किया। कुछ... Read more

लघुकथा

*टूट-फूट* पड़ोसियों के साथ झगड़े में घायल दिनेश को परिजन सरकारी अस्पताल में ले गए। दिनेश के पिता ने फोन पर दिनेश के... Read more

लघुकथा

*बिकने का आरोप* नेताजी झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में गए। सभी झुग्गी वासी खुश हुए। नेता जी ने सबका हाल-चाल पूछा। यह बस्त... Read more

लघुकथा

जो नहीं काटता जागेश्वर अपनी बेटी सुजाता के साथ, अपने घर के सामने बैठा था| तभी उनके पास से एक कुत्ता गुजरा| सुजाता ने कुत्ते को ल... Read more

लघुकथा

नीति चमचे ने मंत्री से परेशानी जताते हुए कहा, "सरकार की नई नीति से करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए|" मंत्री जी बोले, "तो क्या हुआ?" ... Read more

लघुकथा

तुलना शहर से आकर, गाँव के बस अड्‍डे पर बस रुकी। बस से अन्य सवारियों के साथ, दो दशक पूर्व सेवा निवृत हुए, शिक्षाविद शिवलाल भी उतरे... Read more

लघुकथा

बात हजम नहीं हुई (लघुकथा) रेलवे स्टेशन पर रमेश बाबू, सुबह-सुबह पूछताछ खिड़की की अपनी सीट पर, बैठे ही थे। उनका मोबाईल फोन घनघना उठ... Read more

लघु कथा

लघु कथा ऐ.के.जोहरी को इनकमटेक्स आफिसमें प्रेक्टिस करते हुये अभी एक वर्ष ही हुआ था,7,8 फाइलें थी उसी में सन्तोष था | ऐक दिन सुनने क... Read more

डर होना जरूरी है

एक धनाद सेठ के घर मदन नाम का नौकर था उनका काम यह था कि उस घर में एक बच्चा था उस बच्चे की देखरेख करना और उसे खेलाना था पर वह बच्चा बह... Read more

लघुकथा--- दादी

दादी माँ की आकस्मिक मृत्यु के बाद दादी हमारी देखभाल के लिए यहाँ चली आयीं।पापा का पहले ही स्वर्गवास हो चुका था। अब घर में तीन जन थे... Read more

लघु कथा

लघु कथा राकेश मल्टी नेशनल कम्पनी में एक्ज्युकेटिव हेड था, बड़ी कम्पनियों में काम बहुत का बोझ तो अधिक होता है, घर पर 8 साल के अपने ल... Read more

भाई बनाम पड़ोसी

संयुक्त परिवार के बीच गृहस्थी ठीक-ठाक चल रही थी। बड़ी भाभी का व्यवहार वैसे तो ठीक था, लेकिन अंदरखाने उनका यही मानना था कि घर में जो ... Read more

लघु कथा

लघु कथा दीपाली की नियुक्ति सहायक अध्यापिका के रूप में नगर में हुई थी |उसका अध्यापन कक्ष दूसरी मन्जिल पर था और वह सीढियाँ चढ़ रही थी... Read more

अधिक बरसात आफत या फिर .......

" कहा था न रवि कि बरसात का समय है अनजान रास्ते से मत चलो । लो अब क्या करोगे ? गाड़ी भी बंद हो गई यहाँ कहाँ से मेकैनिक आयेगा । "-- झ... Read more

लुटेरी मीठी आवाज़

Share for Care... कल शाम एक लड़की का फोन आया था। बोली-सर, मैं जॉब के लिए एप्लाई कर रही थी। गलती से आपका नम्बर डाल दिया है। क्योकि म... Read more

नीच जाति

कमालपुर गांव में इस बात की खुशी मनाई जा रही थी। अखबारों और टी.वी. चैनलों को भी काम मिलने वाला था। मतलब, नेताजी का पलड़ा पूरी तरह से स... Read more

पैसो की इज्जत

ट्यूशन संगीता घर में सबसे छोटी बहू बन कर आयी है, रामलाल के तीन लड़के हैं जो नौकरी करते हैं । दो की शादी हो गयी है बहुएं ... Read more

वह यूं शर्मिंदा हुआ

नीता अपने पति विनेश की हरकतों से परेशान थी। रोजाना घंटों फोन पर बातचीत करना, फेसबुक और अन्य सोशल साइटों पर लगे रहना उसका नियम बन चु... Read more

असूलों वाले लाला छुन्नूमल

असूलों वाले लाला छुन्नूमल - शाम की शुरुआत हुई थी। लाला छुन्नूमल हलवाई की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ हो रही थी। एक कारीगर बड़ी सी ए... Read more

अखबार की हाई प्रोफाइल सोच

बात 17 जून 2011 की है। मुझे फादर्स डे पर स्टोरी करने का असाइनमेंट मिला था। शहर के एक मशहूर दिवंगत कवि की बेटी का फोन आया तो मैंने उन... Read more