लघु कथा

"धैर्य एवं संयम का बांध" (लघुकथा )

आज फिर से तुम देर से कार्यालय आ रही हो वर्षा, अधिकारी ने वर्षा से डांटकर कहा । तुम्हें मालूम नहीं है ?? कितना सारा कार्य पूर्ण करना ... Read more

अजेय

लघुकथा शीर्षक - अजेय ====================== निर्मला मेमोरियल हॉस्पिटल का उद्घाटन, सेठ रघुनंदन प्रसाद अपनी डॉक्टर बेटी के हाथो से ... Read more

राजा को मिली लाभदायक उचित सलाह

राजा को मिली लाभदायक उचित सलाह जी हां, पाठकों जो कहानी बचपन में दादी-नानी से सुनी है, उसे अपने शब्‍द रूपी माला में पिरोते ह... Read more

संस्मरण (हास्य) नारदमुनी दोस्त

दिनांक 13/4/19 बात आज से 45 साल पुरानी है । मैं भोपाल में 9 वी में पढता था । स्कूल से कुछ दूरी पर सिनेमा हाल था , उस समय ... Read more

"विश्वास"

"विश्वास" . . . ट्रेन तेज रफ्तार से गुजर रही थी। गझण्डी टीसन के सिग्नल पर ट्रेन धीमी हुई तो खिड़की से बाहर झांक कर देखा ... Read more

सत्ता परिवर्तन

लघुकथा शीर्षक - सत्ता परिवर्तन =================== शादी के एक साल बाद मायके आयी थी सरला , उसकी सहेलियाँ और मौहल्ले की औरते, उसकी... Read more

जीवन में पुस्तकें

दिनांक 5/4/2019 आज मैं टी वी देख रहा था । तभी अलमारी में रखी पुरानी पुस्तक ने कहा : " क्या हमें भूला दिया ? ऐसे रख दिया यहाँ... Read more

अटल फैसला

लघुकथा शीर्षक - अटल फैसला ================= सुबह से शाम हो गई लेकिन नेहा के चेहरे पर, रवि ने मुस्कुराहट न देखी जो कॉलेज के दिनों... Read more

जन्मकुंडली

आज चोपड़ा जी आरती बिटिया को विदा कर के निश्चिंत हो गये थे। हों भी क्यों न यह शादी उनकी इच्छानुसार हुई थी। रमेश अरोरा के होनहार सुपुत... Read more

संतुलन

आज सरयू जंगल का माहौल ग़मगीन था। जंगल के राजा बब्बर शेर सूमो का बेटा, जंगल का राजकुमार डिमो गंभीर रूप से घायल था। उसके माथे, छाती और ... Read more

दूसरा बच्चा

कार गति से जा रही थी । रामलाल अपनी बेटी संगीता को एमबीए में प्रवेश दिलवाने लखनऊ ले जा रहे थे। अचानक कार हिचकोले लेने लगी रामला... Read more

नौकर

मालिक ने लिखाई का कार्य करने के बाद दवात जल्दी में फर्श पर ही छोड़ दी थी। नौकर रामू किसी काम से अंदर आया तो जल्दी में उसके पैर की ठोक... Read more

कर्फ्यू

लघुकथा शीर्षक - कर्फ्यू ================= घाटी में लगे कर्फ्यू से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था, कहीं से भी किसी परिंदे की ... Read more

पवित्र औरत

लघुकथा शीर्षक - पवित्र औरत ================= बाजार से लौटते समय सहसा मेरी दृष्टि एक शव-यात्रा पर पड़ी जिसमें बमुश्किल 5-6 लोग ह... Read more

सवेरा

लघुकथा शीर्षक - सवेरा =================== " अम्मा मेरा चुनाव चिन्ह याद रखना और वोट मुझे ही देना"- नेता जी ने अम्मा के पांव छू कर... Read more

होली  की  फुहारों के संग एक सगाई का रंग ऐसा भी

"अरे भाभी! थोड़ा जल्दी भी करो , हो गयी न तैयारी सब सगाई की? सुभाष अपनी निशा भाभी से बोल रहा था "। "अरे देवर जी! हो गई समझो, तैय... Read more

बचपन लौटा दो

सुबह से शाम होने आ गई थी झुरियों से भरे चेहरे वाला वह आदमी अपनी छोटी बच्ची को लिए डमरू बजाते हुए घूम रहा था पर उसको शहर में कही भ... Read more

कल भी और आज भी

शीर्षक - कल भी और आज भी ================== गाँव के रामजानकी मंदिर पर हर साल की भाति इस बार भी रामलीला का मंचन हो रहा था जिसमें अह... Read more

मां की सीख एवं संस्कार (महिला दिवस पर विशेष "कहानी")

छोटी सी मुन्नी आज फिर उदास मन लेकर स्कूल जा रही थी । मां ने कहा," नाश्ता करके ही जा बेटी", मुन्नी खाली पेट बिल्कुल मत जाना कभी । मुन... Read more

छेड़खानी

पूरा एक महीना अस्पताल में बिताने के बाद आज सौभाग्य को वहाँ से छुट्टी दे दी गयी। अपने घर आने के लिए वह बस में जा बैठा। जाड़े का मौसम थ... Read more

अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना आवश्यक (महिला दिवस पर विशेष

"क्षमा सहमी घबरायी हुई घर आई" आते ही मां ने पूछा क्या हुआ बेटी ? आज स्कूल से आने में देर क्यों हुई ? क्षमा ने बताया" आज न मां हम सभी... Read more

डायन

सुबह-सुबह नित्यक्रिया से निवृत्त होकर मैं बालकनी में टहल रहा था। चाय की तलब आ रही थी सो सुधा को आवाज लगाकर बेटी को आज का अखबार लाने ... Read more

उन्होने चाट फेंका क्यों

मैं ठेले के किनारे दाई तरफ खड़ा था | ठेलेवाला खेले के मध्य में चार्ट बना रहा था | दो तीन बच्चे और उनकी मां ठेले के सामने खड़े होकर ... Read more

एक प्यार ऐसा भी

जी हां पाठकों आज मैं आपको ऐसी ही प्रेम कहानी बता रहीं हूं कि जिसे पढ़ने के बाद आप यह सोचने को बाध्य जरूर होंगे कि प्रेम किसी भी उम्र... Read more

पापड

जनवरी का महीना था। कडाके की ठंड। रात के समय सुखिया फुटपाथ पर बैठा जाग रहा था। नींद आती भी तो कैसे। ठंड ने उसका जीना मुहाल कर रखा था।... Read more

पेट की आग

जून का महीना था और तपती दुपहरी में रिक्शेवाला सवारी को खींचता हुआ उसको उसके गंतव्य स्थान तक पहुँचाने के लिए पैडल मारता हुआ पसीने से ... Read more

देशभक्ति का जज़्बा

"वो बहुत किस्मत वाले होते हैं, जिन्हें खोने के बाद भी अपने मिल जाते है । वरना उनकी एक एक आहट सुनने को कान तरस जाते है । " 65 साल ... Read more

पछतावा

सोशल मीडिया पर अशोक की दोस्ती एक बडे शहर में रहने वाले गौरव से हो ग ई थी। अक्सर उनमें बातें होती रहती थी। गौरव उसे गंवार कहकर चिढाता... Read more

राजनीति

"क्या बात है आज बडे खुश नजर आ रहे हो। ये चेहरे पर गुलाल क्यों लगा रखा है? "तुम्हें पता नहीं विधानसभा के चुनाव का परिणाम आ गया है? ... Read more

तरीका

आज पांचवां दिन था मुझे चक्कर काटते हुए। केवल एक छोटा सा काम करवाने के लिए कई बातें सुननी पडी थी। आफिस वाले कभी कहते कि अभी टाइम नहीं... Read more

नेता और अभिनेता

'फिल्में और राजनीति' विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। एक उम्मीदवार से पूछा गया, "नेता और अभिनेता में क्या समानता है? " "उ... Read more

विरांगना का उदघोष

हर आंख में आंसू बह रहे थे, पर वह तो आंसू पी गयी थी, सुबक रहे थे जहां सब नर-नारी, वह दृढ-निश्चयी अडिग खडी थी, लोग दे रहे थे गमगीं... Read more

पैकेज

सुबह का वक्त था। एक महानगर के एक घर में मनीष अपने लानॅ में बैठे अपने पडोसी सुरेंद्र चौबे से बातें कर रहे थे।सुरेंद्र चौबे जी सुबह की... Read more

गर्व

पूरे देश की जनता के रक्त में उबाल आ रहा था। एक आतंकवादी ने 200 किलोग्राम विस्फोटक एक कार में रखकर सेना के जवानों से भरी बस से वह कार... Read more

फर्क

गौरव और उसकी पत्नी दो बच्चों के साथ कार से वृद्धाश्रम रह रहे अपने माता पिता से मिलकर सोसायटी में मिले अपने फ्लैट के लिए लौट रहे थे। ... Read more

मनोरम प्यार का तराना

कॉलेज की जिंदगी का भी एक अलग ही आनंद है, इसी तरह की कुछ कहानी है, "श्रीधर और सुरभि" की । तो चलिए मैं आपको सबको ले चलती हूं उस दुन... Read more

【1】 ] संगठन में ही शक्ति है

एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे। सारे जानवर जंगल में निर्भीक होकर विचरण करते और खुशी-खुशी रहते। किसी भी जानवर को जंगल में कोई ख... Read more

मै भी तो बेटी हूँ

कपूर साहब के यहां चल रही पार्टी पूरे सबाब पर थी, शहर के नामी गिरामी लोग इसमें उपस्थित थे, और हो भी क्यों न, कपूर साहब की इकलौती बेटी... Read more

प्यार की नयी शुरूआत

"उस शाम कंपनी का काम खत्म करके पूर्वी घर पहुंची, देर हो गई थी, थक भी गई थी " हाथ-मुंह धोकर रिफ्रेश हुई । मां ने बड़े प्यार से कहा, प... Read more

सेल्फी

'हैप्पी वैलेंटाइन डे' फोन पर रोहित की चहकती हुई आवाज आ रही थी । हिना उदास भरी आवाज में बोली' हैप्पी वैलेंटाइन डे टू यू टू डियर। तु... Read more

मेरा वैलेनटाइनस त्योहार

बात बीते वर्ष की है इनके दोस्तों ने मस्ती मारना शुरु कर दिया कि तुम गिफ्ट क्या दे रहे हो और ना जाने क्या क्या! इन्होने मुस्कराते हु... Read more

गुलाब मिसरी (हास्य)

वेलेंटाइन डे से एक महिने पहले से एक सुंदर लड़की मोना को एक लड़का सुदीप रोज़ एक गुलाब का फूल दिया करता था🌹 मोना लाल गुलाब... Read more

माँ का आशीर्वाद

बेटा कब से आवाज दे रही हूँ कहाँ है ।" कहते हुए रमादेवी , सुरेश के कमरे की तरफ गयी । वहाँ सुरेश गुमसुम सा बैठा था । रमादेवी को चिंत... Read more

तकिया

"पिताजी जैसे ही मुझे मालूम हुआ आपने अपना छोड़ कर अलग किराये का कमरा लिया है तो मैं अपनेआप को रोक नहीं सकी और फौरन चली आई ।" संगीता... Read more

पहला दिन

आज मेरे विद्यालय में पांचवी कक्षा में मेरा पहला दिन था। सब कुछ नया था। सिर्फ दोस्त वहीं थे। नई कक्षा, नए अध्यापक/ अध्यापिकाएँ। मैं स... Read more

श्रृंगार

श्रृंगार शब्द सुनते ही मुझे एक कहानी याद आ जाती है। वो कहानी मेरी बड़ी बहन की है। तो चलिए सुनते है वो हंसीदार बचपन का श्रृंगार। एक दि... Read more

वह पागल औरत

पागल औरत चौराहे पर हंगामा हो रहा था लोग तरह तरह की बातें कर रहे थे : " न जाने किसका पाप पेट में पाले घुम रही थी यह पागल आज वह स... Read more

मकर सक्रांति की पार्टी

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर रात्रि के भोजन हेतु, कुछ मित्रों द्वारा आपसी सहयोग से बाटी-चोखे की पार्टी का आयोजन किया गया। आलू, बैंग... Read more

सच्चाई का हलवा

वह दुनिया का सबसे बड़ा बावर्ची था, ऐसा कोई पकवान नहीं था, जो उसने न बनाया हो। आज भी पूरी दुनिया को सच के असली मीठे स्वाद का अनुभव हो,... Read more

बेटा दामाद

" बाबू जी मुझे रिटायर हुए तीन साल हो गये मेरी पेंशन अभी तक नही बनी बाबू जी बडी परेशानी में हूँ।" रामलाल हाथ जोड़ कर पेन्शन प्रकर... Read more
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