लघु कथा

मेरा वैलेनटाइनस त्योहार

बात बीते वर्ष की है इनके दोस्तों ने मस्ती मारना शुरु कर दिया कि तुम गिफ्ट क्या दे रहे हो और ना जाने क्या क्या! इन्होने मुस्कराते हु... Read more

गुलाब मिसरी (हास्य)

वेलेंटाइन डे से एक महिने पहले से एक सुंदर लड़की मोना को एक लड़का सुदीप रोज़ एक गुलाब का फूल दिया करता था🌹 मोना लाल गुलाब... Read more

माँ का आशीर्वाद

बेटा कब से आवाज दे रही हूँ कहाँ है ।" कहते हुए रमादेवी , सुरेश के कमरे की तरफ गयी । वहाँ सुरेश गुमसुम सा बैठा था । रमादेवी को चिंत... Read more

तकिया

"पिताजी जैसे ही मुझे मालूम हुआ आपने अपना छोड़ कर अलग किराये का कमरा लिया है तो मैं अपनेआप को रोक नहीं सकी और फौरन चली आई ।" संगीता... Read more

पहला दिन

आज मेरे विद्यालय में पांचवी कक्षा में मेरा पहला दिन था। सब कुछ नया था। सिर्फ दोस्त वहीं थे। नई कक्षा, नए अध्यापक/ अध्यापिकाएँ। मैं स... Read more

श्रृंगार

श्रृंगार शब्द सुनते ही मुझे एक कहानी याद आ जाती है। वो कहानी मेरी बड़ी बहन की है। तो चलिए सुनते है वो हंसीदार बचपन का श्रृंगार। एक दि... Read more

वह पागल औरत

पागल औरत चौराहे पर हंगामा हो रहा था लोग तरह तरह की बातें कर रहे थे : " न जाने किसका पाप पेट में पाले घुम रही थी यह पागल आज वह स... Read more

मकर सक्रांति की पार्टी

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर रात्रि के भोजन हेतु, कुछ मित्रों द्वारा आपसी सहयोग से बाटी-चोखे की पार्टी का आयोजन किया गया। आलू, बैंग... Read more

सच्चाई का हलवा

वह दुनिया का सबसे बड़ा बावर्ची था, ऐसा कोई पकवान नहीं था, जो उसने न बनाया हो। आज भी पूरी दुनिया को सच के असली मीठे स्वाद का अनुभव हो,... Read more

बेटा दामाद

" बाबू जी मुझे रिटायर हुए तीन साल हो गये मेरी पेंशन अभी तक नही बनी बाबू जी बडी परेशानी में हूँ।" रामलाल हाथ जोड़ कर पेन्शन प्रकर... Read more

लहराता खिलौना

देश के संविधान दिवस का उत्सव समाप्त कर एक नेता ने अपने घर के अंदर कदम रखा ही था कि उसके सात-आठ वर्षीय बेटे ने खिलौने वाली बन्दूक उस ... Read more

यादें बचपन की

पैंसठ साल के रामलाल दादा ने घर से बाहर निकलते हुए अपने पड़ोसी दोस्त दयाशंकर को आवाज दी : " चलो आज कन्चे खेलते है इसके बाद गिल्ली डं... Read more

रोटी

||रोटी || लघुकथा पुलियें की चढान घुटनों के दर्द को बढा देती है पर मंदिर जाने की आस्था नयी तरावट के साथ कदमो में जोश भरने लगती है... Read more

उस आदमी के लिए

उस आदमी के लिए मैंने नीलम ( पड़ोसन ) से कहा , " करवाचौथ आने वाला है । क्या कर रही हो ?? " कुछ खास नही। उसने रूखे स्वर में कह... Read more

अभागन

अभागन अरी ...ओ कलमुँही ...फूटे मेरे करम ...क्या कर रही है ‘फरस' का सिमेंट उखाड़कर ही दम लेगी क्या ? जा तैयार हो जा । उसकी तंद्रा... Read more

पिता की इच्छा

" हाँ माँ मैं आपको अभी थोड़ी देर में फोन करता हूँ अभी मिटिंग चल रही है ।" दिनेश ने माँ को जबाव दे कर फोन काट दिया और रमादेवी फ... Read more

चप्पल वाला दुध

रमेश को बहुत आश्चर्य हुआ।मोन उसके हाथ में चप्पल पकड़ा रहा था। रमेश ने लेने से मना किया तो मोनू रोने लगा। रमेश के मामा ने समझाया, भाई ... Read more

*** वो उड़ती हुई पतंग ***

।। श्री परमात्मने नमः ।। ***लघु कथा *** *** वो उड़ती हुई पतंग*** बचपन के वो सुहाने दिनों की याद करते हुए जब मकर संक्र... Read more

माता वैष्णो देवी की यात्रा

दो साल पहले मैं अपने माता पिता के साथ माता वैष्णो देवी की यात्रा पर गयी थी। वहां मेरे साथ एक संस्मरणीय घटना घटी। मुझे और मेरी बहन को... Read more

संस्मरणीय यात्रा

वैसे मैंने तो बहुत यात्रा की है। मगर उनमे से एक भी मेरे सपनो की यात्रा जैसी नहीं है। मुझे लगता है आप सभी को जानने का मन कर रहा होगा... Read more

गलत या सही

आज अठारह सालों के बाद अशोक और रश्मि किसी की शादी में मिले थे। "कैसी हो रश्मि? " अशोक ने पूछा। "अच्छी हूँ मुझे क्या हुआ है।" रूखा सा ... Read more

संस्मरण

बिलखते अहसास "वेल्यु आफ इंग्लिश!" मालिनी अध्यापिका है, बहुत मेहनती भी है और बच्चों के स्तर को समझकर ही उन्हें कुछ सिखाने के लिए प्... Read more

मेला

"आज मेले में तो मजा ही आ गया, है न माँ " रश्मि ने सोफे पर धप्प से बैठते हुए कहा। "हाँ बेटा! मेरा तो मन ही नहीं हो रहा था आज मेले से ... Read more

एक ऐसा भी नेता

"मुनमुन लाल सोच रहा हूँ कि आज मै अपना चित्र बनवा लूँ, आने वाले चुनाव में काम आएगी।" जयंति लाल जी मुँह एक ओर पान दबाए बड़े ही अदब के ... Read more

पर्यावरण

भूतपूर्व मेयर मि. गोयल का शहर में दबदबा है। बंगले के आसपास की अच्छी खासी जगह दबा रखी है। बंगले के विस्तार हेतु पिछवाड़े गरीब विधवा क... Read more

मर्म

मोहल्ले के सारे पुरुष इसी बात से दुखी थे कि सवेरे - सवेरे से रतनी काकी के चबूतरे पर औरतें इकट्ठा हो अपनी पंचायत शुरू कर देती थीं जिस... Read more

किसान

"हरिया! आजकल खेत में नहीं दिखते हो? कोई दूसरा काम मिल गया क्या?" रास्ते से जाते हुए बिचौलिये ,नत्थू सिंह ने पूछा । "मालिक क्या बताऊँ... Read more

नीम का पेड़

भूतपूर्व मेयर मि. गोयल का शहर में दबदबा है। बंगले के आसपास की अच्छी खासी जगह दबा रखी है। बंगले के विस्तार हेतु पिछवाड़े गरीब विधवा क... Read more

नींव का पत्थर

"पापा कल, 15 अगस्त है हमारी स्वतंत्रता प्राप्ति का दिन। " नन्हा बिट्टू पिता से बोला। "पापा पता है हमें नेताओं ने आजादी दिलाई है ... Read more

पानीपूरी और बरसात (हास्य )

यूँ तो मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते है पर जब सटते है तो फिर बाप रे बरसात के दिन थे ।एक बार हम बाजार गये । हल्की बून्दाबान्दी हो रह... Read more

वक्त की साज़िश

पिता की मृत्यु के बाद 12 वर्ष तक मांँ को संभाला तथा छोटे भाई व बहन को खुद की संतान से बढ़कर परवरिश दी सौरभ ने। सद्चरित्र व सुसंस... Read more

बेटियाँ

रक्षाबंधन के दिन मैं घर के बरामदे में बैठा हुआ था।तभी अचानक मेरी पडोसन राहुल की मम्मी दूसरी पडोसन पिंकी की मम्मी को आवाज दे रही थी, ... Read more

हाथी के दांत

"नमस्ते जी! कहाँ से आ रही हैं सास बहू घूम कर।" "अजी बहू को डाक्टर के पास ले गयी थी मिसेज सिंघल।" "ओ... क्या कोई गुड न्यूज है ज... Read more

अब और नहीं

शीर्षक - अब और नहीं ============ शादी की चालीसवी सालगिरह पर नेहा और सौरभ बहुत खुश नजर आ रहे थे। सुबह से ही नेहा रसोईघर में सौरभ के... Read more

रस्मे (हास्य)

हमारी शादी में विदा से पहले देवी पूजन कमरे में जाते समय सालिया रास्ता रोक कर खडी हो गयी और कोई गीत गाने को कहा लेकिन मुझे कुछ आता ... Read more

दामाद

बारात आने में थोडी देर थी । सब बाहर तैयारी में लगे थे और संध्या पुरानी यादो मे खोई गयी थी : " मेरी शादी की बात चल रही थी । घर... Read more

जोकर

इंतजार के पल खत्म..... आ रहे है नाटक के प्राण ...... जी हाँ! मशहूर जोकर मधुकर जी.... " और मधुकर बने महेश के लिए नाट्य भवन तालियों... Read more

संकल्प

विशाल पंडाल में लोगों की भीड़..."साथियों! भिक्षावृत्ति हमारे समाज का अभिशाप है".... "कई शिक्षित बेरोजगार भिक्षावृत्ति की ओर प्र... Read more

बर्थडे गिफ्ट

‌ ‌ ‌ ‌ ‌ ‌बंटी प्रतिदिन स्कूल या बाहर कहीं आते जाते अपने उस हम उम्र बच्चे राजू को देखा करता था जो आते जाते बस एकटक बंटी की ड्... Read more

लघुकथा - गुरु दक्षिणा

उसे सरकारी अस्पताल में कस्टमर काउंटर पर कार्य करते देख वृद्ध रामनाथ जी चौंक पड़े। "अरे! यह तो मेरा स्टूडेंट रहा है। चलो मिल लेता हू... Read more

भूल नहीं पाएंगे

(सत्य घटना का रेखाचित्र) बात कुछ वर्ष पूर्व की सर्दी के मौसम की ही है। मेरे दो जुडवां बेटे हैं इनमें से एक बेटे की कोई प्रतियोगी प... Read more

मेरा सांता

रात गहरा गयी थी, हल्की सी आहट हुई, सुनते ही उसने आँखें खोल दीं, उसके कानों में माँ के कहे शब्द गूँज रहे थे, "सफ़ेद कॉलर और कफ़ वाल... Read more

दोस्ती

हर बार की भांति इस बार भी परीक्षाएं समाप्त होने के उपरांत परिणाम निकलने के पश्चात यह पता चला कि राम और श्याम दोनों ही कक्षा में प्रथ... Read more

मौकापरस्त मोहरे

वह तो रोज़ की तरह ही नींद से जागा था, लेकिन देखा कि उसके द्वारा रात में बिछाये गए शतरंज के सारे मोहरे सवेरे उजाला होते ही अपने आप चल ... Read more

मोबाइल

लघुकथा शीर्षक - मोबाइल ================ -"अरी बहू कुछ तो ख्याल कर समाज का, बिटिया के पैरों में जंजीर डाल, जंजीर, ,,, इत्ता उड़न... Read more

इन्तजार

बाबूजी लगातार दरवाजे की चौखट को देख रहे थे दीपक की लो झपझपा रही थी । सुमन बडी उम्मीद से एकटक बरामदे में खड़े हो कर रास्ते मे आते... Read more

लघुकथा - सपनों का आशियाना

सोनी अंकल के मकान निर्माण का कार्य तेज गति से चल रहा है । हम सब छोटे बच्चों की टोली इसी फिराक में हैं कि कब शाम हो कब काम बंद हो और ... Read more

बुरी आदत - बाल मनोविज्ञान

****************************** ❆ लघुकथा सृजन - ❆ विषय - बुरी आदत ❆ तिथि - 06 दिसम्बर 2018 ❆ वार - बुधवार . . ▼ विषय अनुसार ... Read more

चट मगनी - पट ब्याह

************************** ❆ लघुकथा सृजन - ❆ विषय - चट मंगनी पट ब्याह ❆ तिथि - 06 दिसम्बर 2018 ❆ वार - बुधवार ▼ विषय अनुसार र... Read more

कॉपी - पेस्ट

****************************** ❆ लघुकथा सृजन - कॉपी - पेस्ट ❆ विषय - अति समझदारी, पड़ी भारी ❆ तिथि - 06 दिसम्बर 2018 ❆ वार - बु... Read more
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