लघु कथा

तुम्हारा यू हर बार चले जाना

तुम्हरा बिना बोले चले जाना । ना कोई खबर ,ना कोई चिट्ठी , ओर बरसो बाद तुम्हरा इस तरह मेरे घर की दहलीज पर इस तरह आना ये कोई इत्तेफाक ... Read more

"परिणीता"

अम्‍मा-बाबुजी के गुजर जाने के बाद गुमसुम असहाय लता एक अबोली बनकर रह गई थी। बाबुजी खेती-किसानी करते थे और अम्‍मा भी घर... Read more

सेल्समैन

वैसे तो ज्यादातर खरीदारी मैं छोटी दुकानों या छोटे बाजार से ही करता हूँ, लेकिन जब भी मैं कभी किसी मॉल्स या बड़े बिग बाज़ार जैसे स्टोर स... Read more

जिम्मेदारी

थक गया हूं, जिम्मेदारियों का बोझ उठाते-उठाते,आखिर मेरी भी तो कुछ इक्छायें हैं। संतोष ने झल्लाकर अपनी माँ से कहा... पिताजी के गुजर ... Read more

6 साल बाद

6 साल बाद एक दौर को घने एहसासों का जिसे आज से 6 साल पहले जिया था। आज फिर से भावनाओं, संवेदनाओं के उसी भंवर में डूबा जा रहा हूँ। ... Read more

*"दिव्य दर्शन"*

*दिव्य दर्शन* हम सपरिवार गुजरात मे स्थित *पावागढ़* वाली मैया के दर्शन के लिए गये थे वहां माँ का मंदिर ऊँचे पहाड़ी इलाकों में बसा हुआ ... Read more

एक सत्य लघु कथा --आर के रस्तोगी

गुरुग्राम शहर के डी एल फेस वन में एक दम्पति रहते है | जिनकी उम्र लगभग 65 तथा 70 के बीच है उनके दो पुत्र जिनके नाम अरुण व वरुण ... Read more

अहिल्या

शीर्षक - अहिल्या ================== गाँव के रामजानकी मंदिर पर हर साल की भाँति इस बार भी रामलीला का मंचन हो रहा था जिसमें अहिल्या ... Read more

अपराधी

लघुकथा शीर्षक -अपराधी ================= " अरे, दादी आप बेवजह ही गौतम पर शक कर रही हो, वो कितना अच्छा है,,, जब से हमारे घर आया है,... Read more

*"धैर्यवान'*

*"धैर्यवान"* पूरे विश्व में केरोना विषाणु के संक्रमण से कोहराम मचा हुआ है इस समय सभी जगहों पर लॉक डाउन याने घरों में कैद हो गये हैं... Read more

लघुकथा

लॉकडाउन [ लघुकथा ] लॉकडाउन में सब बंद है| रामलाल तुम गाड़ी में कहाँ घूम के आए हो? घुमना तो क्या भाई श्यामलाल एक रिश्ते... Read more

बहुरूपिये का पुरस्कार

एक बहुरूपिये ने राजा भोज के दरबार मे आकर उनसे पांच स्वर्ण मुद्रा की याचना की । राजा ने कहा, मैं कलाकार को पुरस्कार तो दे सकता हूँ, प... Read more

लापरवाही

******************** ( लापरवाही )******************* *************************************************** सायरन बजा... Read more

दहलीज

लघुकथा " दहलीज " !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! कई वर्षों पश्चात ... Read more

क्रोध पर विजय

महात्मा बुद्ध का शिष्य पूर्ण उनके पास पहुंचकर हाथ जोङते हुए बोला, भगवान्, मै साधना -अध्ययन से ऊब गया हूँ । अब मै आपकी आज्ञा से सूनाप... Read more

सच को गलत ढंग से पेश करना

एक नाविक तीन साल से एक जहाज पर काम कर रहा था ।एक रात वह नशे मे धुत हो गया । ऐसी पहली बार हुआ था । कैप्टन ने इस घटना को रजिस्टर मे इस... Read more

इसका अंत कहा है

एक लालची किसान से कहा गया कि वह दिन मे जितनी जमीन पर चलेगा, वह उसकी हो जाएगी । बशर्ते वह सूरज डूबने तक शुरू करने की जगह पर वापस लौट ... Read more

अपलोड़

(प्रेमिका ने फेसबुक पर फोटो अपलोड किया और पुछा ---" कैसी लग रही हूं मैं ? )....... ( प्रेमी ने प्रेमिका की फोटो पर कमेंट किया ) "... Read more

उड़ान

लघुकथा " उड़ान " ************************************* " उड़ान" चाहे बचपन से लड़कपन में प्रवेश करते सपनों की हो ....या बा... Read more

उपहार

(((((((((((उपहार)))))))))) खत पढ़ते हुए राहुल की आंखों से लगातार आंसू बहे जा रहे थे ।जीवन का सबसे प्यारा उपहार उसके हा... Read more

खुबसूरत सपने

**************************************** @@@@@ (((खुबसूरत सपने))) @@@@@@ **************************************** ये लड़... Read more

आधी फिल्म

*************** ( आधी फिल्म )********** मेमसाब .... अपुन चोर नहीं है मेमसाब....! अपुन ने चोरी नहीं किया मेम साहब....!!अपुन चोर न... Read more

बदलते रिश्ते

" बदलते रिश्ते "(लघुकथा) **************************************** क्यों बरखुरदार क्या चल रहा है ये सब......?कब से चल रहा है........ Read more

राम कौन रावण कौन

===={{{ राम कौन ...रावण कौन ... }}}=== ************************************ भाईयों और बहनों .... आज दशहरे के पावन अवस... Read more

"आराम"

लाॅकडाउन के बाद समीर का आज चौथा दिन ही था ऑफिस बंद हुए । घर से कहीं जाना तो बंद था ही । सब कुछ बंद होने की वजह से घर में भी ऑफिस का ... Read more

"सही सूझबूझ से हुआ धोखे का खुलासा"

"आजकल तो सोशल-मीडि़या के मार्फ़त धोखा और जालसाजी एक आम बात हो गई है और आए दिन इस का हर कोई शिकार होता पाया भी जा रहा है, लेकिन मैं ऐस... Read more

प्रेम का अहसास

जब उसने कहा "जीवन में प्यार है तो सबकुछ है, प्यार नहीं तो कुछ भी नहीं" मुझे लगा - यह उसकी अपनी अनुभूती है ,... Read more

पाप

गाँव के बीच शिव मन्दिर में एक संन्यासी रहा करते थे। मंदिर के ठीक सामने ही एक वैश्या का मकान था।वैश्या के यहाँ रात−दिन लोग आते−जाते र... Read more

बूढ़ा बरगद

शीर्षक - बूढ़ा बरगद =================== आज फिर वो मन मसोस कर रह गया l कितनी आवाजें दी थी उन युवाओं को लेकिन सब ने अनसुना कर दिया ... Read more

नालायक़ बेटा

रामानंद बाबू को अस्पताल में भर्ती हुए आज दो महीने हो गये। वे कर्क रोग से ग्रसित हैं। उनकी सेवा-सुश्रुषा करने के लिए उनका सबसे छोटा ब... Read more

खुद्दारी( लघुकथा)

खुद्दारी ----------- जैसे ही गगन ने सड़क के किनारे , पेड़ के नीचे ,दोनों घुटनों को मोड़कर छाती से लगाए व्यक्ति के ऊपर कंबल डाला,वह... Read more

रावण का इंटरव्यू

- ये बताइए महाराज रावण, आपने माता सीता का हरण क्यों किया था? रावण- हरण!!! क्या मूर्खों जैसी बातें कर रहे हो? मैने तो सीता को आश्... Read more

"लड़कपन का प्यार निभाना तो है"

जी हाँ दोस्‍तों ज़िन्दगी के इस सफर में कॉलेज में प्रवेश के समय अधिकांश लोग इस लड़कपन के प्‍यार से गुज़रते हैं। जो प्‍यार को महसूस करते... Read more

इंतजार

प्रेम...प्यार...इश्क...मोहब्बत....लव सब एक ही एहसास के अलग-अलग नाम हैं। कब होगा? कैसे होगा? किससे होगा? क्यों होगा? ...कोई नहीं जानत... Read more

लालच

एक गांव में लोगों ने देखा कि एक व्यक्ति सड़क के किनारे पेड़ के नीचे घड़ा लेकर बैठा था। और चिल्ला चिल्ला कर लोगों को बुला रहा था रहा ... Read more

लेस्बियन

लेस्बियन (लघुकथा) हैलो! "कौन, आप पलक बोल रही हैं?" जी, मैं पलक ही बोल रही हूँ।आप कौन ? मैंने आपको पहचाना नहीं? मैं धनंजय बोल रहा ... Read more

औचित्य ( लघुकथा)

औचित्य ------------ फोन की घंटी बजने पर जब पुष्पा जी ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ़ से आवाज़ आई, नमस्ते मैडम, मैं कमला भंडारी बोल रही... Read more

डॉग लवर

ओमप्रकाश भारतीय उर्फ पलटू जी शहर के सबसे बड़े उद्योगपति होने के साथ ही फेमस डॉग लवर अर्थात् प्रसिद्ध कुत्ता प्रेमी भी थे। पलटू जी ने... Read more

सुनहरी धूप … संस्कारों की (लघुकथा)

सुनहरी धूप… संस्कारों की सुबह के इंतज़ार में निशा पूरी रात करवटें बदलती रही । 4:00 बज गए हैं… माधव ने कहते हुए करवट ली । थोड़ी देर... Read more

"संदली की पुकार को दें आकार" (लघुकथा)

" तुम कब तक यूँ अकेली रहोगी?", लोग उससे जब तब यह सवाल कर लेते हैं और वह मुस्कुरा कर कह देती है," आप सबके साथ मैं अकेली कैसे हो सकत... Read more

पीर

' पीर ' पड़ौस में शायद कोई उत्सव था । लाउड स्पीकर पर गीत बज रहा था-- मैंने प्यार तुम्ही से किया है......फाल्गुनी गीत सुन झुंझला सी उ... Read more

“मौज-मस्ती ले उड़ा गुलाल”

होली के उपलक्ष्य लघुकथा –“मौज-मस्ती ले उड़ा गुलाल” चारों तरफ सड़कों पर लड़कों की कई टोलियां ढोलक बजा गा रही ..” मौज-मस्ती ले उड़ा ग... Read more

"विवाह एक पवित्र रिश्ता"

सुबह-सुबह! अरे सुनते हो अजय! तुम स्‍कूल में ठीक से छोड़ आए न मनिषा को? वार्षिक परीक्षा है 12वीं की। क्‍यों चिंता करती हो आभ... Read more

लघु कथा,

आशीष अपने माता, पिता के साथ एक शादी समारोह से लोट रहा था कि सड़क दुर्घटना में ये तीनों शिकार हो गये, पिताजी ने तो अस्पताल पहुँचने के ... Read more

वात्सल्य

वात्सल्य पंडाल में स्वर्गवासी शिखा की बड़ी सी तस्वीर जिस पर गुलाब की माला चढ़ी हुई थी। मोहक तस्वीर उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर खी... Read more

पीर

पड़ौस में शायद कोई उत्सव था । लाउड स्पीकर पर गीत बज रहा था-- मैंने प्यार तुम्ही से किया है......फाल्गुनी गीत सुन झुंझला सी उठी । "क... Read more

लक्ष्य

लघु कथा -- लक्ष्य एक गांव में एक गरीब परिवार से सोनू राम नाम का आदमी रहता था। उसके दो बेटे और दो बेटियां थी पढ़ा लिखा कर बेटियों ... Read more

हालात

कुर्सी पर मोटा सा चश्मा लागए छेद्दन सिंह पैसो का हिसाब कर रहा था उसके सामने पंकज था जो कई दिनों से दिहाड़ी का काम कर रहा था,पंकज एक प... Read more

दहेज में डिग्री

"दहेज में डिग्री" जनवरी के महीने में बाहर बैठकर धूप सेंकते हुए गुरुदेव ने जब अखबार उठाया और खोलकर देखा तो उसमें सी. पी.एम. टी का र... Read more

रिक्शे वाले गुरु जी

रिक्शेवाले गुरु जी "नहीं, आशु बेटा,इस तरह नहीं बोलते।विभु तो तुमसे बड़ा है।"रिक्शे वाले गिरधारी चाचा ने कहा। आशु बोला, विभु भइया ... Read more