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Category: कुण्डलिया

2.......कुंडलिया छंद.......?
1..कुंडलिया ***************************** नववर्ष मुबारक होय,फूलो-फलो मित्रों। फूलों से महको सभी,खुश रहो तुम मित्रों।। खुश रहो तुम मित्रों,जीवन सफल हो भैया। प्यार की बनी रहे,सभी पर... Read more
रामराज (कुण्डलिया) रावण का संहार कर, बुरे मिटा दो काम। रामराज कायम करो, बनकर के तुम राम। बनकर के तुम राम, गुरूर जरा तुम त्यागो।... Read more
??दुख की माँ सिर धुनेगी??
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद *************************** 1..कुंडलिया *************************** हँस फूलों की तरह तू,खिल चाँद-सा भैया। पार हो जाएगी रे, भव-सागर से नैया।। भव-सागर से नैया,ज़िन्दगी... Read more
रावण
आप सभी को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ ************ रावन पर था ज्ञान का, बहुत बड़ा भंडार लेकिन कर्मों से बना , दुष्टों का अवतार दुष्टों... Read more
प्रीतम की कुंडलिया..2
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद *********************** 1..कुंडलिया *********************** दशहरा यूँ मनाइए,मन का रावण ढ़ले। प्रेम के हवन-यज्ञ में,बुराई पूर्ण जले।। बुराई पूर्ण जले,पावन हृदय हो... Read more
प्रीतम की कुंडलिया
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद **************************** 1..कुंडलिया **************************** कल किसी के हाथ नहीं,बडे बोल न बोलो। सबका आदर करो तुम,अहं सहित न डोलो।। अहं सहित... Read more
कुंडलिया... प्रीतम कृत
**************************** कुंडलिया-1 **************************** मित्रता कृष्ण-सुदामा-सी,मन-भेद पता चले। भू-नभ का अंतर होय,हँस लगा गले मिले।। हँस लगा गले मिले,दोस्ती कुबेर-खजाना। जिसको ये मिला है,मिला प्रभु का... Read more
सुन प्रीतम की बात...संघर्ष
सुन प्रीतम की बात...कुंडलिया छंद *************************** जीवन तो संघर्ष है,हरपग में चुनौती। एक चुनौती धकेली,अगली खडी होती।। अगली खडी होती,सजग बने रहिए यार। शान से... Read more
कुण्डलियाँ
कुण्डलियाँ छंद *************** नफ़रत का अब घुल गया, धुआँ अनिल में आज। प्रेम मिटा कर हो गया, गंदा आज समाज।। गंदा आज समाज,घर- घर हुए... Read more
== नतीजे आएंगे ==
पता नहीं क्यों आज देश के बहुत हुए बदतर हालात। हत्या, उपद्रव, बाढ़, दुर्घटनाओं से पहुंचा जन-जन को आघात। जन-जन को आघात आकाओं को नहीं... Read more
जीऊतपुत्रिका व्रत
??????माँ?????? माँ बच्चों के दिर्घायु को रखती है उपवास। जीऊतपुत्रिका व्रत यह महिमा अगम अपार।। महिमा अगम अपार, व्रत निर्जल ही रहती। हर बाधा से... Read more
कुंडलिया-3...सुन प्रीतम की बात
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद दोहा+रोला=कुंडलिया छंद.......... 1-कुडलिया मरना जीना सत्य है, क्यों रोते हो बंधु। फूल झर टहनी से,मिले मिट्टी खो गंधु।। मिले मिट्टी... Read more
कुंडलिया-3... सुन प्रीतम की बात(3...कुंडलिया....3)
सुन प्रीतम की बात...कुंडलिया... छंद ***************************** 1-कुंडलिया सोच समझ फैसला लो,पछतावा न होगा। व्यर्थ गवाया पल अगर,वो आया न होगा।। वो आया न होगा,कीजिए कितने... Read more
ढ़ोंगी बाबा
दो कुंडलियां ********* 1 आशा सँग गुरमीत भी, काट रहा है जेल बाबाओं का देखिये, कितना सुंदर मेल कितना सुंदर मेल , बड़े दोनों अपराधी... Read more
कुंडलिया-3.... छंद.....दोहा+रोला=कुंडलिया
थका पथिक छाया चुने,गरीब माया चुने। चाह सभी को है लगी,रब सबकी ही सुने।। रब सबकी ही सुने,मनुज स्मिरण हरपल करो। पाखंड त्याग हृदय,सच एक... Read more
सुन प्रीतम की बात....कुंड़लिया छंद
***************************** 1.कुंड़लिया ***************************** तुम अपराध कर खुश हो,परिणाम सोचे बिन। विधाता ले बदला रे,अपराध को गिन-गिन।। अपराध को गिन-गिन,कैसे बचोगे भैया। एकदिन डूबेगी, यक़ीन से... Read more