कुण्डलिया

खुशामद

कभी खुशामद क्यों करे, सक्षम और समर्थ। जो कथनी मुँह से कहे, भिन्न रखे ना अर्थ। भिन्न रखे जो अर्थ, दोगला वह कहलाए। जिसके मन मे... Read more

कुण्डलिया- सुबह सुबह की नींद

कुण्डलिया- सुबह सुबह की नींद ■■■■■■■■■■■■■■■■■ होते ही सूरज उदय, टूटी यह उम्मीद। जिसको कहते हैं सभी, सुबह सुबह की नींद। सुबह सुब... Read more

आश्वासन

आश्वासन सबको दिया, निपटाया निज काम। उल्लू सीधा कर लिया, फिर क्यों करे सलाम। फिर क्यों करे सलाम, बेवज़ह तर्क न बनता। अपना बनता का... Read more

कुकृत्य सुकृत्य

चिल्लाने से कब भला, होइ कुकृत्य सुकृत्य। सत्य सत्य रहता सदा, रहे असत्य असत्य। रहे असत्य असत्य, दबदबा काम न आए। सत्य करे जब नृत्... Read more

कर्मफल

सबको मिलता कर्मफल, राजा हो या रंक। राजपाट सब हारकर, बने युधिष्ठिर कंक। बने युधिष्ठिर कंक, ठाठ मिल गए धूल में। पंकज थे अब पंक, क... Read more

दो कंधे मजबूत

करूँ साधना राम की, माँगूँ इतनी बूत। बोझ सह सकें सौ गुना, दो कंधे मजबूत। दो कंधे मजबूत, बोझ औरों के बाँटें। बनें देव के दूत,... Read more

कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद- कौआ बोला व्यर्थ में ,मैं जग में बदनाम। वाणी कर्कश या मधुर,देना प्रभु का काम। देना प्रभु का काम ,रंग, पद, प... Read more

निंदा, ईर्ष्या, रोष

नासे बल गुण गृहण को, जो देखो परदोष। अवगुण इतने अहितकर, निंदा ईर्ष्या रोष। निंदा ईर्ष्या रोष, आत्मिक शांति नसाते। मन के बैरी कोष... Read more

यार

सबका है संसार में, स्वार्थपरक व्यवहार। हमको वे ही ठग लिए, जिनको समझा यार। जिनको समझा यार, हमें समझें अविवेकी। सच में बड़ा गँवार,... Read more

दास

बैठे भूतल पर सदा, तजि आसन की आस। उदासीन को जगत में, कौन बनावे दास। बनते कभी न दास, हृदय सुख- दुख से रीते। पतझर या मधुमास, ... Read more

सात्विक दान

दान सात्विक है वही, जानि न पावे कोय। दक्षिण कर के दान की, बामहिं खबरि न होय। बामहिं खबरि न होय, न जाने लेने वाला। रखे स्वयं को ... Read more

घमण्ड

फूले मनुज घमण्ड में, पावे नहीं प्रसार। नेकी के पाखण्ड में, रहे सदा बीमार। रहे सदा बीमार, रोग दूजों में झाँके। कर न सके उपचार... Read more

कद्र समय की कीजिए

कद्र समय की कीजिए, समय बड़ा बलवान। सब समान इसके लिए, निर्धन या धनवान। निर्धन या धनवान, गले में बाँधे सुतली। नाचें संत सुजान, ... Read more

सरल बना ले भाव

पानी हो यदि हरि कृपा, सरल बना ले भाव। सबके भीतर व्याप्त हरि, झपट पकड़ ले पाँव। झपट पकड़ ले पाँव, तुझे वरदान मिलेगा। जिसमे शीतल... Read more

मन के दुख

मन के दुख गृह की कलह, द्यूत हार धनहानि। निज सँग छल अपयश व्यथा, प्रकट न करिए जानि। प्रकट न करिए जानि, व्यर्थ हैं गान दान के। ... Read more

आशा के अनुरूप

किसको मिलता जगत में, आशा के अनुरूप। सबके मन में कसक है, भिक्षुक हो या भूप। भिक्षुक हो या भूप, माल पर नज़र गड़ी है। उदर बन गए ... Read more

अहम अविद्या

अहम अविद्या ईर्ष्या लालच घटिया सोंच। प्रगतिमार्ग बाधित करें, ज्यों गति पग की मोच। पग की जालिम मोच, पाँव की बनती बेड़ी। देते घाव ... Read more

यही सोचकर

यही सोचकर शाप भी, रख लेना सर माथ हानि लाभ जीवन मरन, यश अपयश बिधि हाथ यश अपयश बिधि हाथ, कर्म ही हाथ तुम्हारे मात्र यही पतवार, पार ... Read more

जातिवाद के जहर ने

जातिवाद के जहर ने, तोड़ा सकल समाज। आरक्षण के किन्तु हैं, लाखों बैरी आज। लाखों बैरी आज रो रहे ये ही रोना। बना कोढ़ का खाज, ... Read more

मन की मन में

मन की मन में रखोगे, यदि छल कपट समेट। अतिथि बनेगा अस्थमा, बढ़ जाएगा पेट।। बढ़ जाएगा पेट, रोग काया पर लक्षित। जोड़ दर्द, मधुमेह, कब्... Read more

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच यदि, तेरा मनुज स्वभाव। असफलता के भाव का होगा सदा अभाव। होगा सदा अभाव, अहितकर तत्व घटेंगे। अमर विजय के घोष, तुम्हारा... Read more

सेवा

सेवा दुखियों की करो, सबसे अच्छा योग। तन मन धन अर्पित करो, खुद को रखो निरोग। खुद को रखो निरोग, लोभ से दूरी रखना। स्वार्थ न फटके पा... Read more

कल्पतरू के रूप में

कल्पतरू के रूप में, बना आपका ट्रस्ट है समाज कल्याण में, संस्था का इन्ट्रेस्ट संस्था का इन्ट्रेस्ट, किया है जीवन अर्पित तन-मन-धन... Read more

देश प्रेम बलिदान

नित्य फर्ज की राह चल, हुए वीर कुरबान । जिनकी रग रग में बहा, सदा रक्त ईमान । सदा रक्त ईमान, बिका ना धन की खातिर । हुए वहीं नाकाम,... Read more

नहीं किया अपमान

लिखा नहि किसी का विरद, नहीं किया गुणगान। नहीं किसी को खुश किया, नहीं किया अपमान।। नहीं किया अपमान, व्यर्थ ही रंजिश मानें। क्यों ... Read more

कोरोना और गरीबी

कैसे सेनेटाइज हो कैसे लगाएं मास्क। भूख बराबर खेलती हमसे अपना टास्क। हमसे अपना टास्क , हराये कैसे इसको। सरकारी कानून बताएं कोई मुझ... Read more

माँ

मित्रों सादर समर्पित है, कुंडलिया । पनघट पर माता खड़ी, घट भर देती रोज। चल तू बेटी घट उठा, पनघट पर है खोज। पनघट पर है खोज ,स... Read more

माँ

मित्रों सादर समर्पित है, कुंडलिया । पनघट पर माता खड़ी, घट भर देती रोज। चल तू बेटी घट उठा, पनघट पर है खोज। पनघट पर है खोज ,स... Read more

कुण्डलिया

भारत का प्रतिबिंब है, सत्य सनातन धर्म। जय गणेश मां शारदा ,है वसुधा का मर्म। है वसुधा का मर्म, संक्रमण इसको जानो। कोरोना से बच... Read more

छलक रहे हैं जाम

बंदी में जिस ढंग से ,छलक रहे हैं जाम । आगे आगे देखिए, ..क्या होगा अंजाम । क्या होगा अंजाम, बात मेरी सुन लेना । हो जायेगा आम, ... Read more

हुए शराबी भक्त (कोरोना बंदी खुलने पर)

ठेके दारू के खुले, उठने लगे सवाल । अर्थव्यवस्था देश की,सुधरेगी तत्काल । सुधरेगी तत्काल,मिलेगा कर भी डटकर । हुए शराबी भक्त , द... Read more

सुख के रंग

सबकी खैर मनाइये रहे न कोई तंग, सबको मनभाया मिले बरसें सुख के रंग। बरसें सुख के रंग सभी जन रहें प्रफुल्लित, नहि मलीन मुख होंय रहें... Read more

चौपट कारोबार

खाली सड़कें हो गई,चौपट कारोबार । कोरोना ने कर दिया, सबका बंटाधार । सबका बंटाधार, .समस्या आई भारी । सेवादार प्रणम्य, निभाते ज... Read more

पोथी पढ़कर

पोथी पढ़कर फैंक दी हुआ न कुछ भी ज्ञान। नहीं किया चिंतन मनन सोये चादर तान।। सोये चादर तान नींद में सभी भुलाने। नहि मिल पाया ... Read more

गले लगाना चूमना

गले लगाना चूमना बीते युग की बात, वर्तमान की माँग है नहीं मिलाओ हाथ। नहीं मिलाओ हाथ दूर से दर्शन कीजे, नहि लालच में आय भेंट ही क... Read more

संदेशा गुरुदेव का

कुंडलियाँ -- बाबा गुरु घासीदास सन्देशा गुरुदेव का, मानव सभी समान। सत्य ज्ञान जो पा सकें , वह ही ... Read more

अमर घासी बाबा गुरु

कुंडलियाँ --अमर घासी बाबा गुरु गुरु बाबा संदेश दे , मानव सभी समान। सत्य ज्ञान को पा सकें , इतना... Read more

आई विदाई की घड़ी

आई विदाई की घड़ी ~~~~~~~~~~~ आई विदाई की घड़ी, माँ होते बड़े दुख। शादी के इस बेला में, बाप को कैसे सुख। बाप... Read more

विधाता की है सत्ता

विधाता की है सत्ता ~~~~~~~~~~~ सत्ता मेरे गुरुवर की, इस जग में हैं राज। जहाँ रहे उनकी कृपा, ना बिगड़े जी ... Read more

जग दुख का आगार है

जग दुख का आगार है, नहीं रोइये रोज। रोना धोना छोड़ कर, सुख के कारक खोज।। सुख के कारक खोज, लगा लत नेक काम की। कर दुखियों की मदद, ... Read more

कल्पना रहित कवि

कल्पना रहित कवि लगें ज्यों नख रद बिन शेर, भाव हीन कविता लगे शब्दों का एक ढेर। शब्दों का एक ढेर मान नहि वे कवि पाते, बिना कं... Read more

कोरोना काल

********* कोरोना काल *********** ********** कुण्लियाँ ************ 1 काल समय की बात है,बदलें बात असूल जैसा भी वक्त आए ,करे... Read more

प्रेम

********प्रेम (कुण्लियाँ)********** ****************************** 1 प्रेम - कटोरा सुधा का,पिएं भाग्यशाली खुदा के बंदे पी गए ... Read more

झूम कर आया सावन

सावन सगुन मनाइये झूला झूलौ जाय, पैंग बढ़ाइ लेउ पकड़ बदरा उड़ नहि जाय। बदरा उड़ नहि जाय मेघ बरस पहले यहाँ , फिर चाहौ उड़ जाउ या... Read more

बसंत

ठिठुरे थे वो तन गये हुआ शीत का अंत, सोये से तरुवर जगे आया जान बसंत। आया जान बसंत हुई रितु अति सुहावनी, भ्रमर करें गुंजार कल... Read more

चित्त

चित्त गर लोभी हठी ,पग पग होती हार । समय काल सम ना रहे , करो ना अहंकार । करो ना अहंकार, सन्मन विमल सदा रहे। जैसे जल की धा... Read more

घिर घिर बदरा आबते

घिर घिर बदरा आबते, बिन बरसें उड़ जांय। नीको जोर दिखावते, पर बरसत हैं नायँ। पर बरसत हैं नायँ, दया नहि दिखलाते हैं। गरजत चमकत खूब, न... Read more

डंडे का फंडा

डंडा रखिये हाथ में आप सदा श्रीमान, डंडे से ही मिलेगा महामना अधिमान। महामना अधिमान सुनेंगे सभी आपकी, जब तक डंडा हाथ भैंस आपके ... Read more

आँसू

आँसू अपने रोक तू आये ना सैलाब, बह जायेंगीं भावना डूबेंगे अनुभाव। डूबेंगे अनुभाव न बचेंगीं संवेदना, विरला होगा विकल किसी की दे... Read more

योजनायें

योजनायें भले बनी, देखो कई हजार। रहते हैं फिर भी अभी,गरीब बन लाचार। गरीब बन लाचार,उनकी न कोई सुनता। सभी बने बेदर्द, दुख कोई... Read more