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Category: कुण्डलिया

बेटी बचाओ
कैसे बेटे भी करें, उस कुल का उद्धार जहां दी गईं बेटियां, निर्ममता से मार निर्ममता से मार,खून अपना जो देते सोचो कैसा पाप, चढ़ा... Read more
समसामयिक कुण्डलिया ...
प्रतिबंधित है उत्खनन, अति सीमित परिमाण. मौरंग गिट्टी के बिना, रुका सभी निर्माण. रुका सभी निर्माण, व्यथित पीड़ित अब जनता. भूखे श्रमिक अनेक, काम छूटा... Read more
कुण्डलिया
कातिल नाबालिग़ मगर, घातक उसकी सोच। बलात्कार कर क्रूरतम, अंतड़ियों को नोच। अंतड़ियों को नोच, राक्षसी जागी ज्वाला। फाड़ दिया गुप्तांग, रॉड लोहे की डाला।... Read more
समसामयिक कुंडलिया छंद
___________________________________ सरिया बिन छत डालते , करते रहे कमाल। कहलाते इंजीनियर मिस्त्री वंशीलाल। मिस्त्री वंशीलाल, आत्मविश्वासी इतने। ढाली अपनी स्लैब, बिना प्रबलन ही उसने। बीते... Read more
जायरा वसीम...सुन प्रीतम की बात
सुन प्रीतम की बात ..जायरा वसीम ****************************** जायरा वसीम से की,जिसने बदसलूकी। इंसानियत से खेली,दुष्ट ने चालाकी।। दुष्ट ने चालाकी,सज़ा का हकदार हुआ। जेल दिखाए... Read more
कुंडलिया छंद
कुंडलिया छंद *********** जप-तप पूजा पाठ कर,करूँ याद मैं नित्य। भगवन दर्शन दे रहें, रूप चंद्र आदित्य। रूप चंद्र आदित्य, देख मन हर्षित होता। खुशियां... Read more
“कुंडलिया”
“कुंडलिया” बैठी क्यों उदास सखी घिरी खुद के बिस्तर। सौंप हाथ को तूलिका ताक रही है ब-ख्तर। ताक रही हैं ब-ख्तर किससे तेरी लड़ाई। क्यूँ... Read more
क़सम से प्यारी री
सुन प्रीतम की बात..... *********************************** तू लगी प्यारी मुझको,तेरा रूप अनुपम। फूलों ने महका दिया,ज्यों दिले-चमन सुगम।। ज्यों दिले-चमन सुगम,फ़लसफा न तोड़ता रे। प्यार का... Read more
बाल दिवस
1 बच्चे ही हैं देश की,उन्नति के आधार चाचा नेहरू का करें,स्वप्न सभी साकार स्वप्न सभी साकार,बचायें इनका बचपन इन्हें पढ़ाकर खूब,सँवारे इनका जीवन रहे'अर्चना'याद,बड़े... Read more
कुंडलिया छंद.....सोच-क़िताबें- प्यार.....
"सोच" ****************************** सोच अच्छी रखना तुम,जीवन सुंदर बने। सूरत सीरत नेक हो,प्यार समंदर बने।। प्यार समंदर बने,सब हँस गले मिलें सदा। तारीफ़ कर न थकें,रिश्तें... Read more
सुन प्रीतम की बात....याद रखें सभी
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद ????????????? सभी के लिए ही गलत,धारणा लिए फिरें। काँटें हैं वो लोग रे,फूल कों चोट करें।। फूल को चोट करें,काहें... Read more
प्यार निखारता...छंद कुंडलिया
कुंडलिया प्यार त्याग विश्वास है,दिलों का बंधन है। दूर रहकर भी तड़फ़े,हृदय संवेदन है।। हृदय संवेदन है,प्यार सर्वोपरि जग में। स्वर्ग महसूस करे,पा इसे यारा... Read more
5..सुन प्रीतम की बात...कुंडलिया
सुन प्रीतम की बात..कुंडलिया छंद **************************** हनीप्रीत की यारियां,बाबा का लोक रे। डूबा आनंद भैया,जेल बना शोक रे।। जेल बना शोक रे,दीजिए रे सफ़ाइयाँ। कौन... Read more
ऐसा करने से पहला प्यार हमेशा साथ रहता है।
नयन नयन से दिल मिले, समझें ज्यों अधिकार । होती अनबन जब शुरू, समझें त्यों व्यवहार ।। समझें त्यों व्यवहार, कुछ नहीं अब हो पाता,... Read more
2.......कुंडलिया छंद.......?
1..कुंडलिया ***************************** नववर्ष मुबारक होय,फूलो-फलो मित्रों। फूलों से महको सभी,खुश रहो तुम मित्रों।। खुश रहो तुम मित्रों,जीवन सफल हो भैया। प्यार की बनी रहे,सभी पर... Read more