कुण्डलिया

टेंशन की दवा --आर के रस्तोगी

इसको बोलो हैलो,उसको बोलो तुम हाय | हर टेंशन की दवा है,तुलसी वाली चाय || तुलसी वाली चाय,सब साथ पिया करो | रोग कोई न होगा,लम्बी उम्... Read more

जिंदगी

ढ़लती जाती जिन्दगी, करे उम्र की जिक्र। उलझन अब बढने लगीं, मुखरे पर है फिक्र।। मुखरे पर है फिक्र, सभी साथी अब छूटे। पकड़ लिये ह... Read more

बहन प्रेम

बहन प्रेम का रूप है,होती घर की शान। दुख भाई का बाँटती,रखती सबका मान।। रखती सबका मान,खुशी से घर भर देती। फैला जग में तमस, उजाला व... Read more

हुआ हिमालय क्रोध में

हुआ हिमालय क्रोध में हुआ हिमालय क्रोध में, आंखें उसकी लाल| हुआ वनों का दूहना, मानव को न ख... Read more

जीवन

जीवन जीने का तभी, मन में उठा सवाल। जब आईने में नजर, आया उजला बाल।। आया उजला बाल, नहीं पहले देखा था। जमा कई थे ख्वाब, उदासी की ... Read more

अनुच्छेद दूसरा जान

अनुच्छेद दूसरा जान अनुच्छेद दूसरा जान, जो है बड़ा विशेष| इसी के तहत सिक्किम का, संघ में ह... Read more

कुण्डलिया छंद

हे! त्रिपुरारी आपकी ,महिमा अपरंपार l भक्तों की हर आपदा,दूर करें हर बार l दूर करें हर बार, सभी के मन की पीड़ा l ब... Read more

धारा ......370

धारा .....370 ************** तीन सौ सत्तर हट गई, हंसा खूब कश्मीर। सारी जनता खुश हुई, मोहन और शब्बीर।। मो... Read more

पढ़ो प्रथम अनुच्छेद

पढ़ो प्रथम अनुच्छेद भारत के संविधान में, पढ़ो प्रथम अनुच्छेद| वतन राज्यों का संघ है, रहे ... Read more

अनुच्छेद 47

अनुच्छेद 47 अनुच्छेद संतालिस पढ़, भारतीय संविधान| नशा नियंत्रण सत्ता करे, कर रहा है बखा... Read more

निजीकरण

निजीकरण नौकरियां तो चढ़ गई, निजीकरण की भेंट| पेट पर पट्टी बांध कर, ... Read more

सुषमा को सलाम

नाम था जिसका सुषमा, नेता बड़ी महान। दिलाई देश को अपने, दुनिया में पहचान।। दुनिया में पहचान, काम था मुश्किल थोड़ा। हिम्मत रही असी... Read more

सुषमा स्वराज (शत शत नमन)

नेता सँग वक्ता प्रखर, बड़ी सुषमा स्वराज संयम से करती रहीं, राजनीति के काज राजनीति के काज, सादगी की थीं मूरत लगता उनको देख, भारती... Read more

मोदी जी

तीन्सौसत्तर को बदल, रचा नया इतिहास। मोदी जी ने कर दिया, काम बड़ा ये खास। काम बड़ा ये खास , शाह से हाथ मिलाकर। और बढ़ाया मान, तिरंग... Read more

घाटी ए कश्मीर

घाटी ए कश्मीर में,होगा अब अनुराग। मोदी जी ने धो दिये, इसके गहरे दाग।। इसके गहरे दाग, तीन सौ सत्तर धारा। कुचल दिये सब नाग,हटा... Read more

कुंडलिया

कुंडलिया चक्की पीसे भोर में, दूजी भूख मिटाय। दो पाटन के बीच में, ममता पिसती जाय। ममता पिसती जाय,स्वजन पर प्यार लुटाती। अरमानों... Read more

मिलन की आस

अपने प्रिय की आस में, बैठी रही निढाल। स्नेह का आलिंगन मिला, गोरी हुई निहाल।। गोरी हुई निहाल, कुछ भी नहि अब सुहाता। पूरी हुई ... Read more

मोर

छाये बदरा जब गगन, गड़-गड़ करते शोर। फैला कर निज पंख को, वन में नाचे मोर। वन में नाचे मोर,मस्त होकर मतवाला। मनमोहक चितचोर, पंख ... Read more

कुण्डलिया

मानव अपने कर्म पर, करके पश्चाताप l मन में भरकर वेदना, करता रहे विलाप ll करता रहे विलाप, अश्रु बन जाते दरिया l इस... Read more

.बहु

सूरत सीरत शुभ सुखद, मधुकर करती बात। बहु अलबेली रूपसी, भगवन की सौगात। भगवन की सौगात, शुद्ध चमकीला हीरा। अंतस भरे प्रकाश,हरे ज... Read more

प्रेम

निर्मल,पावक प्रेम है, पुण्य तीर्थ का धाम। गंध प्रीत की हो जहाँ, बसते राधा-श्याम।। बसते राधा- श्याम, बजे मधुरिम यह मुरली। कर सो... Read more

प्रेम

ऐसे छलता प्रेम नित,मृगजल-सा आभास। सूखे अधरों पर पड़े, बढ़े हृदय की प्यास।। बढ़े हृदय की प्यास, जोड़ते झूठी आशा । कितने भी हो दू... Read more

राम नाम की लूट है --आर के रस्तोगी

राम नाम की लूट है,लूट सके तो खूब लूट | अंतकाल पछतायेगा, जब प्राण जायगे छूट || जव प्राण जायगे छूट,फिर कैसे याद करेगा ? अपने पापो क... Read more

असंभव कुछ नहीं

मन में हो विश्वास जब,होते सारे काम। शबरी देखे राह तो,क्यों ना आएँ राम।। क्यों ना आएँ राम,असंभव कुछ ना होता। पंकज हँसता रोज,देख की... Read more

गुरु की कृपा अपार (कुण्डलिया)

कुण्डलिया-१ ~~ मिले जिसे भी भाग्य से , गुरु की कृपा अपार। जन्म सफल उसका हुआ, मन के मिटे विकार। मन के मिटे विकार, ज्ञान के दीप ... Read more

कुंडलियाँ ---आर केरास्तोगी

करत करत अभ्यास के,जड़मत हो सुजान | रसरी आवत जात के,सिल पर होत निशान || सिल पर होत निशान,हो जाते है वे पक्के | पक्के पत्थर के भी,छ... Read more

जागरूक बनिए

गुणवत्ता को देखके,लेना आज समान। विज्ञापन धोखा करे,रखना ये अनुमान।। रखना ये अनुमान,व्यर्थ जाए ना पैसा। चकाचौंध को मात,यार दो करके ... Read more

गोपाल दास नीरज

1 शब्दों को भी कर दिया, था भावों का दास । 'नीरज' ने संसार मे, लिखा नया इतिहास। लिखा नया इतिहास , गमों में हँसते हँसते । सजा दिय... Read more

गुरु महिमा

1 गुरु महिमा का और क्या, इससे बड़ा बखान गुरु को ईश्वर से बड़ा, दिया गया है स्थान दिया गया है स्थान, जगत में ऊँचा सब से जो ... Read more

देश को समझें अपना

कुंडलिया अपना यह संदेश तुम, फैला दो हर ओर। दीप जलाओ ज्ञान का, थाम़ प्रेम की डोर।। थाम़ प्रेम की डोर, प्रीत पथ कदम बढ़ाना । आये खा... Read more

दौलत का यह संसार

दौलत का यह संसार, नहीं रहा अब प्यार। प्रेम की बानी भूले, होती नित तकरार।। होती नित तकरार, नहीं अपनों का ध्यान। कर्तव्यों को भूले,... Read more

$$ कुंडलिया छंद $$

दो कुंडलियाँ / दिनेश एल० "जैहिंद" (१) धर्म पाखंड छोड़ दे, ......कर इंसानी कर्म | कर्म से नसीब सँवरे, ..... यही ईश्वरी मर्म || ... Read more

कुण्डलिया सावन बरसे झूम के

सावन बरसे झूम के , ननदी झूला झूल । रोके भौजी बाग में , रोके रुके न शूल । रोके रुके न शूल , टपाटप अमिया टपके , न कर बारिश में भ... Read more

बरसात

धरती पर अब भेज दो, ठंडी मस्त फुहार कर दो हम पर मेघ जी, अब इतना उपकार अब इतना उपकार, भिगो दो तपते तन को दो इतना आनन्द, तृप्त भी ... Read more

मन से मन का बंधन

मन से मन जो जोड़ दे ,बंधन वो अनमोल पकड़ डोर विश्वास की, बोलो मीठे बोल बोलो मीठे बोल, जीत ये दिल को लेते कड़वे तीखे बोल, दुखा बस ... Read more

शिक्षक चौपाई

जिन्ह के रही भावना जैसी , इही नौकरी देखि तिन्ह तैसी। राम सिया राम सिया राम जय जय राम। धन्य भाग हैं अति बड भागी, हमहिं मिलहिं जो ... Read more

रस्तोगी की कुंडलियाँ --आर के रस्तोगी

अफसर करे न अफसरी,बाबू करे न काम | चपरासी भी सो रहा,लेकर कुर्सी है थाम || लेकर कुर्सी है थाम,अब कैसे काम चलेगा | रिश्वत देने वाले... Read more

कुण्डलिया ( आजादी की राह)

कुण्डलिया- १ ~~ प्राणों से रौशन हुई, आजादी की राह। हँसी खुशी इस हेतु ही, तज डाली हर चाह। तज डाली हर चाह, तभी आजाद हुए हम। उन... Read more

कुण्डलिया

सूरत तेरी सामने , क्या मैं देखूं यार । मुझको प्यारा है लगे, बस तेरा दीदार ।‌। बस तेरा दीदार, सदा ही दिल को भा... Read more

कुण्डलिया

जात धर्म हैं पूछते , नहीं लगे है लाज । अगड़े पिछड़ों में बंटा, सारा आज समाज ।। सारा आज समाज, भूल कर सब मर्यादा । कहें देश ह... Read more

आत्मा की पुकार सुनो

चंचलता मन दे सदा,आत्मा दे संस्कार। मन पर काबू कीजिए,खुशियाँ मिलें अपार।। खुशियाँ मिलें अपार,प्रेम ही जग में फैले। रोग दोष सब दूर,... Read more

चमकी एक बुखार ने चमक लिया है छीन

चमकी एक बुखार ने चमक लिया है छीन ■■■■■■■■■■■■■■■ चमकी एक बुखार ने, चमक लिया है छीन। कोई बिन मुन्नी हुआ, कोई पुत्र विहीन। कोई पु... Read more

माँ का अनादर

माँ तो इतना चाहती , बेटा बने महान । कभी प्यार से डाँट से ,कभी पकड़ती कान ।। कभी पकड़ती कान ,कभी पकवान बनाती । ... Read more

टूट गया गठबंधन भाई

****टूट गया गठबंधन भाई**** @@@@@@@@@@@ गठबंधन को तोड़कर "माया" हो गई खुश! जनमत की भावनाओं पर लीप दिया है भुश!! लीप दिया ह... Read more

कुण्लिया छंद

विधा - कुण्डलिया *********************************** मारक क्षमता गजब की, तुम हो बड़े भुवाल। तेरे कारण हे प्रिये, जीना हुआ मुहाल।।... Read more

कुण्लिया छंद

ईर्ष्या उर मत पालिये, हरती बुद्धि विवेक। बात सत्य यह जानिये, देती कष्ट अनेक।। देती कष्ट अनेक, मनुज की मति ह... Read more

कुण्लिया छंद

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ विषय :-- रेत, बालू विधा :-- कुण्डलिया ****************************************** गंगा की मैं ... Read more

मिट्टी गंगा की

मिट्टी गंगा की ############## गंगा की मैं रेत हूँ, रज कहते सब लोग। हृदय और मस्तक लगूँ, छूटें भव के भोग।। छूटें भव के भोग,कर... Read more

माँ-बाप के सेवा पर एक कुंडली ---आर के रस्तोगी

एक कुंडली लाख करो तुम पूजा पाठ और तीरथ करो हजार | जब तक माँ-बाप खुश नहीं सब कुछ है बेकार || सब कुछ है बेकार,जीते जी करते हो द... Read more

राम नाम पर कुंडली ---आर के रस्तोगी

मरते समय गीता सुना दी,मर जाने पर सुनाते है राम | इतनी सस्ती मुक्ति होती,तो सब पा जाते ईश्वर धाम || सब पा जाते ईश्वर धाम, कोई नहीं ... Read more