कुण्डलिया

कुण्डलिया आजकल

उड़ता बॉलीवुड यहाँ, ठुमके खूब लगाय खादी-खाकी संग तो, मज़ा डबल हो जाय मज़ा डबल हो जाय, करें सब ता ता थइया जो भी दें उपदेश, सज़ा उनक... Read more

मन के उद्गार

अग्रजा आ. सुमन सुहाग जी' के बारे में मेरे मन के उद्गार:- 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 लेखन में मुझको मिला, जिनके कारण मान। नित्य हृदय देता उन्... Read more

जैसे चपला सी चपल

कुंडलिया जैसे चपला सी चपल, चंचल मन के तीर। प्रियतम के मोहक नयन,हरते मन की पीर। हरते मन की पीर, प्रिया मनभावन मोरी। प्यारे लगते ... Read more

मानव इस संसार में

कुण्डलिया मानव इस संसार मे,करें कर्म का योग। बाढ़ ग्रस्त इस विश्व में,देश करें सहयोग। देश करें सहयोग,,बचाये जन बहुभाँती। को... Read more

कोरोना से घिर गया

कुंडलिया कोरोना से घिर गया ,सारा भारत वर्ष। बाढ़ ग्रस्त हो फिर गया,भारत का उत्कर्ष। भारत का उत्कर्ष,एक सपना था देखा। गाँव गाँ... Read more

नवरस

कुंडलिया नव रस मिलके रच रहे,जो सुंदर आकार। मन मंदिर में बस रहे,ये मोहक अवतार। ये मोहक अवतार,मुदित है सुंदर काया। राधा कान्ह... Read more

कितने गड्ढे...

कितने गड्ढे...(कुण्डलिया छंद) ■■■■■■■■■■■■■■ 1- कितने गड्ढे आजकल, सड़कों पर हर ओर। चलना मुश्किल हो गया, सुबह रात या भोर। सुबह रा... Read more

कान्हा की बंसी

बंसी मेरो श्याम की, है गोपिन कौ प्रान। बाजत यमुना तीर पर, मधुर सुनावै तान। मधुर सुनावै तान, राग संत्रास नसावै। नाचत गोपी ग्... Read more

हाइकू(8)

कोरोना से न अकड़ना है, दो गज दूरी रखना है, धुलकर बारम्बार हाथ, कोरोना को मिटाना है। Read more

रक्षा बंधन

छंद कुंडलिया। राखी बाँधें सब बहन, वीरों को अब आज। सैनिक अपने देश हित, लड़ते हैं जांबाज। लड़ते हैं जांबाज, सुरक्षा सीमा वाली। बढ़े... Read more

हरि (कृष्ण) स्मरण

(1) हरियाली हरी की कृपा, यदि चाहो चहुँ ओर। भजिए हरी को अहर्निश, बिना कसर बिंन कोर॥ बिना कसर बिंन कोर, काम सब चलाने दीजे । ... Read more

दुनिया घरों में दुबकी

कुण्डलिया कोरोना का आगमन ,बिन बुलाय महमान । बालक वृद्ध जवान के ,छींन रहा है प्रान ।। छींन रहा है प्रान , हालत बिगाड़ी सब की। खास... Read more

कुंडलियां छंद

भक्तों की फरियाद को सुनते हैं भगवान। जो मन से सुमिरन करे, करते हैं कल्यान। करते हैं कल्यान,ध्यान उसका नित रखते। देते सब वर दान,... Read more

कुंडलियां सावन

********** कुंडलियां ********** 1 सावन महीना आया,बादल छाये घोर नभ में बीजुरी चमके ,बरसेंगे पुर जोर बरसेंगें पुर जोर,लग जाएगी... Read more

#फौजी वीरों को नमन..

फौजी वीरों को नमन..👏 भारत वीरों को नमन,रखा देश का मान। चीन हराया जंग में,बन गलवन की शान।। बन गलवन की शान,इरादे चीनी तोड़े। समझ ... Read more

शिक्षक के सम्मान को

(1) शिक्षक के सम्मान को, पहुँचाये जो चोट। उस नेता के पक्ष में , कभी न करना वोट। कभी न करना वोट, खोंट राजा में भारी। करता लूट ख... Read more

खुशामद

कभी खुशामद क्यों करे, सक्षम और समर्थ। जो कथनी मुँह से कहे, भिन्न रखे ना अर्थ। भिन्न रखे जो अर्थ, दोगला वह कहलाए। जिसके मन मे... Read more

कुण्डलिया- सुबह सुबह की नींद

कुण्डलिया- सुबह सुबह की नींद ■■■■■■■■■■■■■■■■■ होते ही सूरज उदय, टूटी यह उम्मीद। जिसको कहते हैं सभी, सुबह सुबह की नींद। सुबह सुब... Read more

आश्वासन

आश्वासन सबको दिया, निपटाया निज काम। उल्लू सीधा कर लिया, फिर क्यों करे सलाम। फिर क्यों करे सलाम, बेवज़ह तर्क न बनता। अपना बनता का... Read more

कुकृत्य सुकृत्य

चिल्लाने से कब भला, होइ कुकृत्य सुकृत्य। सत्य सत्य रहता सदा, रहे असत्य असत्य। रहे असत्य असत्य, दबदबा काम न आए। सत्य करे जब नृत्... Read more

कर्मफल

सबको मिलता कर्मफल, राजा हो या रंक। राजपाट सब हारकर, बने युधिष्ठिर कंक। बने युधिष्ठिर कंक, ठाठ मिल गए धूल में। पंकज थे अब पंक, क... Read more

दो कंधे मजबूत

करूँ साधना राम की, माँगूँ इतनी बूत। बोझ सह सकें सौ गुना, दो कंधे मजबूत। दो कंधे मजबूत, बोझ औरों के बाँटें। बनें देव के दूत,... Read more

कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद- कौआ बोला व्यर्थ में ,मैं जग में बदनाम। वाणी कर्कश या मधुर,देना प्रभु का काम। देना प्रभु का काम ,रंग, पद, प... Read more

निंदा, ईर्ष्या, रोष

नासे बल गुण गृहण को, जो देखो परदोष। अवगुण इतने अहितकर, निंदा ईर्ष्या रोष। निंदा ईर्ष्या रोष, आत्मिक शांति नसाते। मन के बैरी कोष... Read more

यार

सबका है संसार में, स्वार्थपरक व्यवहार। हमको वे ही ठग लिए, जिनको समझा यार। जिनको समझा यार, हमें समझें अविवेकी। सच में बड़ा गँवार,... Read more

दास

बैठे भूतल पर सदा, तजि आसन की आस। उदासीन को जगत में, कौन बनावे दास। बनते कभी न दास, हृदय सुख- दुख से रीते। पतझर या मधुमास, ... Read more

सात्विक दान

दान सात्विक है वही, जानि न पावे कोय। दक्षिण कर के दान की, बामहिं खबरि न होय। बामहिं खबरि न होय, न जाने लेने वाला। रखे स्वयं को ... Read more

घमण्ड

फूले मनुज घमण्ड में, पावे नहीं प्रसार। नेकी के पाखण्ड में, रहे सदा बीमार। रहे सदा बीमार, रोग दूजों में झाँके। कर न सके उपचार... Read more

कद्र समय की कीजिए

कद्र समय की कीजिए, समय बड़ा बलवान। सब समान इसके लिए, निर्धन या धनवान। निर्धन या धनवान, गले में बाँधे सुतली। नाचें संत सुजान, ... Read more

सरल बना ले भाव

पानी हो यदि हरि कृपा, सरल बना ले भाव। सबके भीतर व्याप्त हरि, झपट पकड़ ले पाँव। झपट पकड़ ले पाँव, तुझे वरदान मिलेगा। जिसमे शीतल... Read more

मन के दुख

मन के दुख गृह की कलह, द्यूत हार धनहानि। निज सँग छल अपयश व्यथा, प्रकट न करिए जानि। प्रकट न करिए जानि, व्यर्थ हैं गान दान के। ... Read more

आशा के अनुरूप

किसको मिलता जगत में, आशा के अनुरूप। सबके मन में कसक है, भिक्षुक हो या भूप। भिक्षुक हो या भूप, माल पर नज़र गड़ी है। उदर बन गए ... Read more

अहम अविद्या

अहम अविद्या ईर्ष्या लालच घटिया सोंच। प्रगतिमार्ग बाधित करें, ज्यों गति पग की मोच। पग की जालिम मोच, पाँव की बनती बेड़ी। देते घाव ... Read more

यही सोचकर

यही सोचकर शाप भी, रख लेना सर माथ हानि लाभ जीवन मरन, यश अपयश बिधि हाथ यश अपयश बिधि हाथ, कर्म ही हाथ तुम्हारे मात्र यही पतवार, पार ... Read more

जातिवाद के जहर ने

जातिवाद के जहर ने, तोड़ा सकल समाज। आरक्षण के किन्तु हैं, लाखों बैरी आज। लाखों बैरी आज रो रहे ये ही रोना। बना कोढ़ का खाज, ... Read more

मन की मन में

मन की मन में रखोगे, यदि छल कपट समेट। अतिथि बनेगा अस्थमा, बढ़ जाएगा पेट।। बढ़ जाएगा पेट, रोग काया पर लक्षित। जोड़ दर्द, मधुमेह, कब्... Read more

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच यदि, तेरा मनुज स्वभाव। असफलता के भाव का होगा सदा अभाव। होगा सदा अभाव, अहितकर तत्व घटेंगे। अमर विजय के घोष, तुम्हारा... Read more

सेवा

सेवा दुखियों की करो, सबसे अच्छा योग। तन मन धन अर्पित करो, खुद को रखो निरोग। खुद को रखो निरोग, लोभ से दूरी रखना। स्वार्थ न फटके पा... Read more

कल्पतरू के रूप में

कल्पतरू के रूप में, बना आपका ट्रस्ट है समाज कल्याण में, संस्था का इन्ट्रेस्ट संस्था का इन्ट्रेस्ट, किया है जीवन अर्पित तन-मन-धन... Read more

देश प्रेम बलिदान

नित्य फर्ज की राह चल, हुए वीर कुरबान । जिनकी रग रग में बहा, सदा रक्त ईमान । सदा रक्त ईमान, बिका ना धन की खातिर । हुए वहीं नाकाम,... Read more

नहीं किया अपमान

लिखा नहि किसी का विरद, नहीं किया गुणगान। नहीं किसी को खुश किया, नहीं किया अपमान।। नहीं किया अपमान, व्यर्थ ही रंजिश मानें। क्यों ... Read more

कोरोना और गरीबी

कैसे सेनेटाइज हो कैसे लगाएं मास्क। भूख बराबर खेलती हमसे अपना टास्क। हमसे अपना टास्क , हराये कैसे इसको। सरकारी कानून बताएं कोई मुझ... Read more

माँ

मित्रों सादर समर्पित है, कुंडलिया । पनघट पर माता खड़ी, घट भर देती रोज। चल तू बेटी घट उठा, पनघट पर है खोज। पनघट पर है खोज ,स... Read more

माँ

मित्रों सादर समर्पित है, कुंडलिया । पनघट पर माता खड़ी, घट भर देती रोज। चल तू बेटी घट उठा, पनघट पर है खोज। पनघट पर है खोज ,स... Read more

कुण्डलिया

भारत का प्रतिबिंब है, सत्य सनातन धर्म। जय गणेश मां शारदा ,है वसुधा का मर्म। है वसुधा का मर्म, संक्रमण इसको जानो। कोरोना से बच... Read more

छलक रहे हैं जाम

बंदी में जिस ढंग से ,छलक रहे हैं जाम । आगे आगे देखिए, ..क्या होगा अंजाम । क्या होगा अंजाम, बात मेरी सुन लेना । हो जायेगा आम, ... Read more

हुए शराबी भक्त (कोरोना बंदी खुलने पर)

ठेके दारू के खुले, उठने लगे सवाल । अर्थव्यवस्था देश की,सुधरेगी तत्काल । सुधरेगी तत्काल,मिलेगा कर भी डटकर । हुए शराबी भक्त , द... Read more

सुख के रंग

सबकी खैर मनाइये रहे न कोई तंग, सबको मनभाया मिले बरसें सुख के रंग। बरसें सुख के रंग सभी जन रहें प्रफुल्लित, नहि मलीन मुख होंय रहें... Read more

चौपट कारोबार

खाली सड़कें हो गई,चौपट कारोबार । कोरोना ने कर दिया, सबका बंटाधार । सबका बंटाधार, .समस्या आई भारी । सेवादार प्रणम्य, निभाते ज... Read more

पोथी पढ़कर

पोथी पढ़कर फैंक दी हुआ न कुछ भी ज्ञान। नहीं किया चिंतन मनन सोये चादर तान।। सोये चादर तान नींद में सभी भुलाने। नहि मिल पाया ... Read more