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Category: कविता

बीवी
पढ़ अख़बार मैंने, बड़ी रोचक जानकारी जुटाई, रह न जाये आप इससे अनजान, जल्दी से रचना बनायीं, अनुसंधाओ से पता चला है की, बीवी से... Read more
माँ की याद
तेरी यादों की छाओं में, मै सोया भी करता था। तेरे आंचल में अपने आंसू, मै धोया भी करता था। तेरी उन लोरियों को मां,... Read more
ऐ चाँद
ऐ चाँद जब भी देखा तुझे, अकेला ही मिला तू मुझे,, हर तारे का, कोई ना कोई साथी, तू हर पल साथ, तलाशता मिला मुझे,... Read more
कुछ है जो...
कुछ है जो घूरते है आँखों में छिपी काली आँखों से, आँखों में शर्म नहीं बहाते है पानी आँसू नही कुछ है जो घूरते है... Read more
वक्त ✍✍
***वक्त तुझे रास ना आया मेरा मुस्कराना इठलाना जब भी मिला कोई मीत तुझे आया दीवार बनाना वक्त तुझे----------------- मैं छुईमुई सा मुरझा गया ना... Read more
साँवरे
साँवरे सूरति पर बारम्यार ,बलिहारी जाऊँ मैं चुरा-चुरा माखन खाय ,,देख कर ललचाऊँ मैं कान्हा प्रीति करो मुझ ,बाबलीं को मन चुरा अंग -अंग का... Read more
मैं आज़ाद नहीं
मैं आज़ाद नहीं, अपनी सोच का गुलाम हु, अन्धविश्वाश, रीतिरिवाज़ों में, डूबा हुआ बिखरता जाम हु, बिन मांगे दुसरो को, देता सलाहों का पैगाम हु,... Read more
व्यंग
जीन्स क्यों बिलकुल बुरी बात.. ऐसे हंसते हैं क्या ये कोई तरीका है,? सीधा चलो इतना मटकने की जरूरत क्या ? एक पब्लिक पब से... Read more
जाग युवा भारत के अब तो , ले आ वापिस देश की शान को
हो गयी गलतियां तुझसे अतीत में बेशक, अब तो सम्भल जा वक्त है तेरे पास बेदाग़ जिंदगी जी भोग विलास से हटकर सफल कर जिंदगी... Read more
रोल नम्बर 252
मरासिम दिल के यूँ पल भर में नहीं तोड़े जाते दर्द होता है दिल में, धडकनें टूटती हैं, नींद की बेरुखी का असर ख़्वाबों पर... Read more
बचपन
बचपन वो बचपन याद आता है तितलियो के पीछे भागना पकड़कर डब्बे में बंद करना और उन संग खेलना फिर खुले आसमा में छोड़ देना... Read more
जज़्बातों की नर्म चादर लपेटे, लफ्जो के तकिये पे लेटे, करवटें बदलते रहे ताउम्र, हौसलों को आगोश में समेटे, रूह पर पहरे लगे हैं, ज़ुबां... Read more