कविता

!!! राम कथा काव्य !!!

हे ! जग के ईश, पुकारता जगदीश । दे दो एक आशीष, चरणों मे नमन शीश । हे! गौरी पुत्र करता प्रणाम, निर्विघ्न पूर्ण हो यह काम । ... Read more

" निर्वासित हम " !!

चोका ढूढें अँखियाँ ताल तलैया पानी हुई उदास फिर वही कहानी जलधारा हैं सूखी खुद प्यासी सी कुँए अकेले पनिहारिन भागी बरसे... Read more

असमंजस की घड़ी

जलते कोयले पर जमी राख की परत को मिलती रही है तुम्हारे स्पर्श से हवा अब इस सुलगी आग का क्या करूँ मैं? छोड़ दूँ गर इसे अपने नतीजे पे... Read more

ऐ ! मेरे प्यारे देश के मतदाता --आर के रस्तोगी

ऐ ! मेरे प्यारे देश के मतदाता | तुम हो भारत के भाग्य विधाता || करना तुम उस व्यक्ति को मतदान | जो कर सके अपने देश का कल्याण || ... Read more

दौर-ए-इलेक्शन

दौर-ए-इलेक्शन में कहाँ कोई इंसान नजर आता है कोई हिन्दू, कोई दलित, कोई मुसलमान नजर आता है बीत जाता है जब इलाकों में इलेक्शन का दौर ... Read more

पता है मुझे

अनसुलझा हुआ सा हूँ थोड़ा सुलझा दो मुझे भी कंही खोया हुआ सा हूँ खुद से मिला दो मुझे भी .. नही मिला पाओगे मुझे मुझमे ही डूब जाओग... Read more

वोट की चोट

वोट की चोट ---------------- पारी पहली वोट की,लगती किसको चोट। जनता खेले खेल तो,निकले सबकी खोट।। निकले सबकी खोट,चकनाचूर हों सपने। ... Read more

वापस लौटा दे मेरा बचपन.....

क्या खूबसूरत था वो बचपन, न हमे उनका धर्म पता था न उन्हें हमारा मजहब, ऐसे पलटी बाजी जमाने की अब हम मिलते है भी कभी, वो हमसे मज... Read more

मानव आज कितना सिमट गया है ---आर के रस्तोगी

मानव आज कितना सिमट गया है | केवल वह मोबाइल से चिपट गया है || उसे फुर्सत नहीं है किसी से मिलने की | उसे फुर्सत नहीं है किसी को सुन... Read more

हनुमान (पद)

जय जय राम भक्त हनुमान ।। पवनपुत्र अंजनि के लाला ,हनुमन महावीर बलवान ।। तन सिंदूरी रंग लगाए ,और लाल पहने परिधान ।। हाथ गदा दिल रा... Read more

मतदान व मतदाता पर दोहे --आर के रस्तोगी

मत का दान जो करे,वह मतदाता कहलाय | मत का दान जो ले,वह सीधा नेता बन जाय || मन भेद न कीजिये,भले ही मत भेद हो जाय | सही सच्चा र... Read more

उडी पतंग

बाल कविता ---------------------------- उडती नभ में लाल पतंग, जुड़े हैं धागे उसके संग। खींच रहे जब नीचे डोर, उडती है वह नभ की ... Read more

स्वयं शक्ति रूप

स्वयं शक्ति रूप -------------------- शक्ति स्वयं पहचान के,त्याग हीनता भाव। नाच मोर का वाह है,अश्रु आह लख पाँव।। अश्रु आह लख पाँव... Read more

कविता

हम अँग्रेज़ी को तज देंगे आओ यह सकल्प उठाएँ हिन्द निवासी, हिन्दी वालो आओ हिन्दी को अपनाएँ Read more

जिक्र करना भी तेरा अब गुनाह हो गया

ज़िक्र करना भी तेरा अब गुनाह हो गया । किया नहीं क़त्ल कभी भी गलती से, फ़िर भी मैं कैसे बदनाम हो गया ।। सारे जहाँ का बाबू अमला पड़... Read more

आ गये राजे महाराजे

चुनावी सरगर्मी मे अपनी राह बनाती कविता -------------------------------------------------------------- आज के राजे-महाराजे ----... Read more

प्रकृति क्यों बदला लेती है ?---आर के रस्तोगी

घनघोर घटायें घिर रही,घन भी घडघडाहट कर रहे | दामिनी दम दम दमक रही,ये दिन को रात कर रहे || ओलावृष्टि भी हो रही,धरती भी सफेद चादर ओ... Read more

बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं

बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं। देश का नाम आगे बढ़ाओं।। पढ़ेगी बेटी - बढ़ेगी बेटी। हक के लिए लड़ेगी बेटी।। इसीलिए मैं कहता हूं, बेटी ... Read more

सदा रोशन रहे वो घर जहां माँ मुस्कुराती है ।

सदा रोशन रहे वो घर जहां माँ मुस्कुराती है । तृण तृण जोड़ कर वो नीड़ फौलादी बनाती है खतरा भांप कर बच्चों को जां पर खेल जाती है... Read more

पुलवामा अटैक

मुल्क मेरा डस रहे है नाग ये काले कई सुन जवानों की शहादत आज दिल दहके कई देख कर इनकी शहादत आसमां भी रो रहा याद में इनकी न घर में ... Read more

लिख देता हूँ

मुस्कराहट को, ग़म को, दिल के हर दर्द को, लिख देता हूँI हैं वजह के लिखता हूँ, हर ठोकर से सीखता हूँ, कभी आंसुओं को, कभी मुस्कराह... Read more

आया आज बैशाखी का त्यौहार --आर के रस्तोगी

आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है अन्न की बौछार || इन दिनों खेतो में अन्न पक जाता | पक कर अन्न घरो पर है आ जाता || फिर ... Read more

मूँछें : मर्दों की शान

मूँछें : मर्दों की शान // दिनेश एल० “जैहिंद” मूँछों पर मैं क्या कहूँ, मूँछें मर्दों की हैं शान !! एक वक्त था मूँछों पर, छोरिय... Read more

**अंधविश्वास**

** अंधविश्वास ** // दिनेश एल० “जैहिंद” आशा और निराशा के बीच ये दुनिया झूलती है | विश्वास औ अविश्वास पर ही ये दुनिया चलती है ... Read more

तुम मेरी हो

तुम मेरी हो // दिनेश एल० “जैहिंद” हो-न-हो पर तुम मेरी हो ! अच्छी हो या बुरी हो पर तुम मेरी हो !! दूर हो या पास हो पर तुम म... Read more

]][[ जीवन/मृत्यु ]][[

जीवन/मृत्यु // दिनेश एल० “जैहिंद” जीवन -- सृष्टि ईश की परिकल्पना है ! जीवन तो उसकी संरचना है !! जीवन को केवल भेंट मान तू,,... Read more

क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ??

क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ? // दिनेश एल० “जैहिंद” खींच कर तूने स्त्री के आँचल को,, क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ? खल-... Read more

#3 हाल- ए - दिल

सपने हैं आँखों में मगर नींद कहीं और है । दिल तो है जिस्म में मगर धड़कन कहीं और है ।। कैसे बयाँ करूँ अपना हाल - ए - दिल.... । जी त... Read more

तोते की चोंच

तोते की चोंच वो गाजर का हलवा.... चप चप करती चोंच , ऐसा है इनका जलवा। अंगूर न भाये, न भाये इन्हें जाम , भा... Read more

नवगीत

****************** दादाजी का बड़ा गड़गड़ा ****************** चूल्हे पर बैठी दुःखगाथा याद रही है ताग बलुई पर के तरबूजों की ... Read more

पेड़ न तुम काटो

पेड़ न तुम काटो, यही संदेश बांटो । पेड़ हमारे..... धरती के है रक्षक, प्रदूषण के भक्षक । धूप में सबको छाया देते , तुम मजे से मी... Read more

"माँ"

***जय माता दी*** "माँ" किसी भी हाल में, हर पल खुशी देती है माँ, अपनी ज़िंदगी से सबको जीवन देती है माँ, भगवान से पहले, माँ की ... Read more

नेक नियत

दिनांक 8/4/19 जियो जिन्दगी ऐसी कि हर जगह मान हो निकलो घर से तो चेहरे पर मुस्कान हो कमाई है जिन्दगी की, मान-सम्मान ... Read more

सुन रहे हैं जी--

सुन रहे हैं जी- मौसम बदल रहा है शहर का थोड़ा अपना मिजाज भी बदल लीजिये चुनावी बयार बह रही है भैया क्यों पड़े रहते हो ,दीवारों के मक... Read more

पूजा तुम्हारा क्या इतिहास है?

पूजा तुम्हारा क्या इतिहास है? तेरे आगे पीछे कितने खास है? हमें किसी प्रकार की न कोई आस है, हमको तो तुम लगती बदमाश है। तुम कौन ... Read more

बनते बिगड़ते राजनीति

उन पर क्‍या विश्‍वास करें जिन्‍हें है अपने पर विश्‍वास नहीं वे क्‍या दिशा दिखाएँगे दिखता जिनको आकाश नहीं जिले की राजनीति में ... Read more

यथाकथित यह कैसी दुनिया

यथाकथित यह कैसी दुनिया हे ईश्वर मेरे रच डाली , युग बनाये ,अवतार लिए ये कैसी शासन प्रणाली। पढूं लिखू सोचूँ हरदम , हर पल में यही ... Read more

नेता चुनो नेक..जो जनता की करे देख

नेता चुनो नेक..जो जनता की करे देख ------------------------------------------------ आँधी आई सोच की,सोच गई पर दूर। सत्य उड़ा है रूठ ... Read more

माँ अम्बे भक्तों को वर दो ।

माँ अम्बे भक्तों को वर दो । माँ मनमोहनि मूरत तेरी ह्रदय बसी माँ सूरत तेरी भक्तवत्सला मातु भवानी अभय दान दे साहस भर दो म... Read more

तेरे गलियों के चक्कर, काटने का मज़ा।।

है ये आशिक़ बने, सोशल मीडिया पे जो। इनको क्या हो पता, आशिक़ी की सजा।। अब ये समझेंगे क्या, आज के छोकरे। तेरे गलियों के चक्कर, ... Read more

अनमोल दिल

एक सुर में हम जिन्दगी जिए जा रहे हैं, जाम उनकी आंखों का हम पिए जा रहे हैं। कमबख्त दिल है जो इक पल ठहरता नहीं, फिर भी हम उनस... Read more

एक चिड़िया आई

आई रे आई एक चिड़िया आई, मधुर स्वर में गीत सुनाई। सब के दिलों पर छा गई, सब की बेचैनी बढ़ा गई।। आई तो लेकर मौसम सुहाना, कर गई ह... Read more

!!नया वर्ष शुचि मङ्गलमय हो!!

(चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् - २०७६) -------------------------------------------- नया वर्ष शुचि मंगलमय हो समस्त गुण अर्जित हों, ... Read more

कविता मुक्त छंद र्शीर्षक # माँ

एक दिन माँ ने मुझसे कहा था जब तुम माँ बनोगी तब तुमको पता चलेगा सुनकर,उस दिन मैं जोर से हँसी थी और बोली भी थी हां!मैं भी माँ ... Read more

मेरी आवाज भी ले ले......

मेरी आवाज भी ले ले मेरे जज्बात भी ले ले ओ जाने वाले तू............ जाने से पहले सुन तो ले इस दिल का हाल भी ले ले कदरदान तो बहुत... Read more

ये जिंदगी एक खेल है

न हारना जरूरी न जीतना जरूरी ये जिंदगी एक खेल है , इसे खेलना जरूरी जब तक के तुम बेठो, हर ठोकरों के बाद कुछ देर रूककर , फिर चल प... Read more

एक वर्ष और बीत गया

मेरे जीवन का एक वर्ष और बीत गया मैं सोया , अगली सुबह एक वर्ष रीत गया मैं जागा नई सुबह के साथ अतीत गया एक कोरे कागज सी न... Read more

भक्ति श्रृद्धा का पर्व नवरात्र

दिनांक 6/4/19 भारत है पावन पर्वों का देश हर दिन होता है यहाँ त्यौहारों का चेटीचान्द, गुड़ीपर्वा की होती है धूम नौ द... Read more

सफ़र बस का

अपने बस के सफर के अनुभवों को शब्दों में पिरोने का अतिलघु प्रयास सफ़र बस का कितना सुहाना , अद्धभुत मनोहर थोड़ा रिस्की किन्त... Read more

जब तुम मिलोगी

जब तुम मिलोगी जाने कैसे मिलोगी जितनी शिद्दत से करता आया हूँ क्या तुम भी मेरा उतना ही इंतज़ार करती रही होगी बेचैन हो कर करवटे बदल... Read more
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