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Category: कविता

मर्ज-ए-इशक
ना मुझे राम ना मुझे रहीम चाहिए ना नमक फिटकरी या नीम चाहिए मरीज हो गया हूँ मर्ज-ए-इश्क का टूटे दिल का करदे जो इलाज... Read more
~~ये कैसी रफ़्तार??~~
~~ये कैसी रफ़्तार??~~ ****************** "सफर, संभावनाओं में कटता रहा! शीतोष्ण, भावनाओं का बटता रहा! कहीं सर्द थपेड़े, तो कहीं उष्ण झुलस, कहीं वासंतिक बयार में... Read more
**************************** "नाक" **************************** दर्ज़ा होंठों के ऊपर का, अगल-बगल रहती दो आँख , खडी बीच मे बडी शान से, देखो रौब जमाती नाक । किसी-किसी... Read more
भगत सिंह का क्षोभ---- सुनो मेरी आत्मा की आवाज
भगत सिंह का क्षोभ आँखोंसे बहती अश्रुधारा को केसे रोकूं आत्मा से उठती़क्षोभ की ज्वाला को केसे रोकू खून के बदले मिली आजादी की क्यों... Read more
!~जिन्दा लाश~!
***************** !~जिन्दा लाश~! ***************** "मरी आदमियत संग - लाशें जिन्दा हैं! स्वार्थ जिन्दा है! ज़ज्बात शर्मिंदा है!!"___दुर्गेश वर्मा
याद है
तेरी साँसों का वो शोर याद है बरसा था जो सावन घनघोर याद है हाथ बढ़ा कर पकड़ती थीं बारिश की बूँदें जो मोहब्बत का... Read more
इस दानव को मानव कहलाने दो --- कविता
कविता इस दानव को मानव कहलाने दो मेरी तृ्ष्णाओ,मेरी स्पर्धाओ, मुझ से दूर जाओ, अब ना बुलाओ कर रहा, मन मन्थन चेतना मे क्र्न्दन् अन्तरात्मा... Read more
आँखो से बात करे
कभी आता है ख्याल तुम्हारा, दिल करता है तुमसे बात करे, इतनी तो दुश्मनी नहीं है चलो एक मुलाकात करे। मै तुमसे तुम मुझसे हो,... Read more
हो जीवन मधुमास
नभ के नवरंग जैसा ज़िंदगी हो सुनहरी खुशियों की बौछारे हो हर सांझ सवेरा स्वप्नों सा स्वर्निम ज़िंदगी,हो चाँदनी निशा तेरी धानी चुनरियाँ खुशियों का... Read more
~~**!!मन की उहापोह में अक्सर साए का साथ!!**~~
~~**!!मन की उहापोह में अक्सर साए का साथ!!**~~ !!~~~~!!~~~~~!!~~~~~!~~~~~!!~~~~~!!~~~~!! वो तसल्ली पे तसल्ली मुझे देता रहा! मैं ठण्ड बारिश की बूंदों में पलकें भिंगोता रहा!... Read more
जीत तय हुआ
जीत तय हुआ ..... ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ प्रातः विहग चहक सुन सुन कर जग जीवन संगीत मय हुआ । सामष्टिक नूतनता लेकर नव जीवन का गीत तय... Read more
ऐ सामरिक कब आएगा
ऐ सामरिक कब आएगा............ _________________________________ किस सृजन में है लगा ऐ सामरिक कब आएगा । सज्जनें हैं व्यग्र जग में सत्य कब फैलाएगा ।। किस... Read more
नव विहान
नव विहान 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 नव विहान नव ऊर्जा लेकर, जगत पटल रोशन करता है । व्यग्र-तृप्त, हर्षित-विशाद पर मानस नित दोलन करता है ।। पंछी गण... Read more
अद्भुत संगम
अद्भुत संगम 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 है दुखों का अगम पयोधि हृदय गर्त अश्कों से भरा है । किस दुविधा में फँसा अकिंचन दुनिया ये कितना गहरा है... Read more
चल पड़ा है सामरिक
चल पड़ा है सामारिक.....???????? ------------------------------------------- चल पड़ा परचम लिए मैं, हर गली और गाँव को । है जहाँ सम्पूर्ण भारत, वर्ष के उत्थान को ।।... Read more
मेरे सपनो के भारत में...
??मेरे सपनो का भारत?? –-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–-–- मेरे सपनो के भारत में , भारत ये विश्वगुरु होगा । सभी अधूरे स्वप्न धरा का, निश्चय ही आज शुरू... Read more
मैं अभियंता...
? मैं अभियंता 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मैं अभियंता मातृभूमि को तन मन अर्पित करता हूँ । भाव भरा अनुभूति और ये जीवन अर्पित करता हूँ ।। मैं... Read more