कविता

झूठ की चकाचौंध

झूठ की चकाचौंध चीखते हैं टी. वी. चैनल एक सुर में मिला रहे हैं ताल सभी समाचार-पत्र इनके मालिक हैं सरकार में सांझेदार या हैं... Read more

मेरे मुट्ठी में कुछ नही

मेरे मुट्ठी में कुछ नही वो खाली है शब्दों के सुंदर सपने हैं जो ताली बजाने वाली है चार सुंदर पंक्तियाँ लिख कर सहेज ... Read more

चुनावी मौसम

राजनेताओं जुमलों का ठेला भर कर आ गया देश के बाजीगर आ गए चुनावी मौसम आ गया पाँच वर्ष जो बैठे थे देश की जन्नत पर आ गए बैठने को ये... Read more

रजनी

रजनी मादक नयनों में भरे प्रतीक्षा धैर्य, धधक की पूर्ण परीक्षा अकुलाया पल, बीता दिनमान साँझ सनेही का है प्रतिदान श्याम वसन रंग आ... Read more

गणित हमारा मित्र

गणित हमारा बच्चों है सच्चा मित्र याद हो जाए गणित सूत्र संग चित्र चार भुजाओं से बंद है जो आकृति चतुर्भुज कहलाए वो ब... Read more

दुल्हन

डोली में बैठी हुई दुल्हन सुन्दर और सलोनी दुल्हन ख्वाबों में खोई हुई दुल्हन सजरी और संवरी दुल्हन बैठी बैठी सोचे दुल्हन ठोस... Read more

सिसकियाँ

सुनाई देती हैं मुझे सिसकियाँ फिर से प्यार में आहत व चोट खाई हुई उस खूबसूरत कलत्र की जिसका पुनः विश्वास और आस्था विस्वासघाती शस्त... Read more

फैलाओ सुगंध जीवन में

बनो तुम चंदन से फैले जब सुगंध सब ओर हो जाएँ दीवाने सब जीवन में लगे जो चंदन माथे पर शीतल हो जाएँ तन मन लगे जब च... Read more

तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ

वही मुस्कान वही प्यार उसी बेचैनियों के नजारे उसी सरक से गुजरकर उसी घाट के किनारे कही दूर झीलसि तुम्हे ढूंढती है निगाहेँ ... Read more

Friend

Friend in need doth friend in deed But damsel friend be desire of each Absence of her shows autumn season of life Presence of he... Read more

Blowing Wind

Blowing wind saying Not to fast blow like it As it is harmful And advising human To blow slow As it is very calm and still ... Read more

कौन है उत्तरदायी

कौन है उत्तरदायी जब शुद्रों को नहीं था अधिकार सेना में भर्ती होने का युद्ध करने का तब होता रहा भारत बार-बार विदेशियों का गु... Read more

खोई हुई आजादी

खोई हुई आजादी मैं ढूंढ रहा हूँ अपनी खोई आजादी मजहबी नारों के बीच न्यायधीश के दिए निर्णयों में संविधान के संशोधनों में लालकिल... Read more

बता जिंदगी कैसी रही

यह कविता मेरे द्वारा अनुभव किये एक घटनाक्रम काव्य रूप है मौत उसके सामने खड़ी मुस्कुरा के उससे कहने लगी जिंदगी कैसी रही ... Read more

प्रेम भाव

ढाई अक्षर का शब्द है प्यार जीवन में खुशिया देता बेशुमार संयोग वियोग दो मूल है भाव जिस भाव में उसी भाव में बहाव भिन्न भावों... Read more

जिंदगी कैसी रही

मौत मेरे सामने खड़ी मुस्कुरा के मुझसे कहने लगी जिंदगी कैसी रही यह सुनके मन ठहर गया मैं गहरी सोच में पड़ गया तभी मैं सब स... Read more

विडम्बना

एक काला युग लेटा है तीरों की शैया पर भीष्म इस उम्मीद में आ कर डालेगा दो बूँद जल कोई थके-मांदे है सैनिक अनेक को... Read more

माचिस की तीली था मैं

माचिस की तीली था मैं खोल में पड़ा रहा जलने से पहले आग अंदर था रगड़ने से पहले फिर मुझे निकला गया पहले सहलाया गया देखा गया, जाँ... Read more

नारी शक्ति नारी सम्मान

असहनीयऔर असीमित पीड़ा जिसको न जाने कितनी बार हँसते और समाज से लडती हुई बाधित और बाध्य होती हुई सीमित और असाध्य साधनों के साथ विप... Read more

प्रमाण

प्रमाण वो समझता है खुद को सर्वश्रेष्ठ कर रखे हैं उसने गवाह तैयार जो दे रहे हैं उसके पक्ष में सर्वश्रेष्ठ होने की गवाही तमा... Read more

आज कल इश्क के चर्चे होते नही।

आजकल इश्क के चर्चे होते नहीं मोहब्बत की बातें कोई करते नहीं फुर्सत ही नही है दिल लगाने की अब पैसों में हर चीज मिलती है यहाँ तन ... Read more

क्या ये दुनिया शराब सी शराबी है।

क्या ये दुनिया शराब सी शराबी है। या मुझमें ही कोई खराबी है। शायद इश्क़ ही ना हुआ मुझसे या मेरी महबूब तू किताबी है। ... Read more

1014 श्याम की बँसी, राधा की पायल

श्याम की बँसी, राधा की पायल, से जब, जग गुँजायमान होता है। राग सजता है, धुन बजती है, धरती पर स्वर्ग सा गुमान होता है। नाचने लगत... Read more

कहाँ से कहाँ आ गये हम

कहाँ से कहाँ आ गये हम जवानी से बुढापे की दहलीज तलक आ गये कहाँ से कहाँ आ गये थे पहले गेंद मुलायम आज फुटबॉल हो... Read more

अवशेष

पलकों की छांव तले नेत्र ढूँढ रहे हैं अपने बहे हुए अश्कों के अवशेष जो कुछ दिन पहले महबूब की बेवफाई में बह गये थे ... Read more

विदाई

आखों में आंसू संजोए हुऐ कर रहें हैं तुम्हे हम खुद से जुदा खुश रहो तुम सदा जहाँ भी रहो दे रहें है तुम्हे हम दिल से दुआ सुंदर ... Read more

नववर्ष मुबारक

दिल में बहार हो, ख़ुशी की फुहार हो, पूरी हर मुराद हो, जिन्दगी आबाद हो, जीने की उमंग हो, प्यार की तरंग हो, कोई भी नंग हो, न ही ... Read more

मुसाफिर

सुनो मुसाफिर सुनो मुसाफिर जाने वाले, बात जरा ये सुन जाना । घर में बैठीं आस लगाए, याद उसे भी कर लेना। 1.बिन माली के कोई पौधा,... Read more

आँखें

झील सी गहरी आखों में कोई राज छुपाए रहती हो राज के गहरे आँचल में कोई ख्वाब सजाए रहती हो ख्वाब के धुंधलेआइने में इक तस्वीर ब... Read more

ठहराव

गलत तो कभी नहीं था शायद पर गलत ठहराया जाता हूँ मैं हमेशा दुसरो को समझता रहा पर नासमझ ठहराया जाता हूँ मैं शिद्दत से की मोहब्बत मह... Read more

आज के रिश्ते

आज के युग के रिश्तों के माइने कुछ इस कदर बदल गए हैं कि चोली दामन का साथ सा रिश्ते भी कुर्ते-पजामे से ढीले हो गए हैं जो कभी गत क... Read more

मित्रता के भाव

मित्र दिवस अवसर पर प्रस्तुत हैं ये भाव जीवन में इनके आने पर होते पूरे सब चाव जब कभी तनाव में होता है कोई इन्सान मित्र राम बाण बन ... Read more

पंजाबी लोक बोलियां

1.बदला विच चन्न चमके अज मेरे माही ओणा मेरा धक धक दिल धड़के 2.सड़कां ते धूड़ पई अज माही विछड़ गया मेरे दिल विच्च टीस पई 3.कोठे ते ... Read more

धारा 370

न्यारा था जो हिन्द से अब तक आज हमारा हो गया स्वर्ग से सुन्दर जान से प्यारा कश्मीर हमारा हो गया एक देश में एक ही कानून का फतवा जारी... Read more

प्रेम भरी चिट्ठियाँ

अतीत के गर्भ में खो गई मेरी प्रेम भरी चिट्ठियाँ बेहतरीन थी प्रेम की चासनी में डूबी हुई चिट्ठियाँ प्रेयसी से अतरंग प्यार की भावन... Read more

सोच

सोचता हूँ जब कभी शून्यता के अक्ष पर एकांत में शान्त से गंभीरता के भाव से दिनकर क्यों दिन भर अथक असहनीय असीमित अधिकतम तापमान म... Read more

यादें

तनहाई में तन्हा होता हूँ तो अंगड़ाई और फिर लम्बी जम्भाई के साथ अक्सर वो याद आ जाती है दिलो दिमाग पर.छा जाती है जकड़ लेती है अपन... Read more

मेरी माँ

ओ मेरी माँ, तूँ हैं कहाँ, ढूँढता फिरूँ तुम्हे,यहां वहाँ वहां यहां सारा जहाँ ,मिली नहीं कहीं, गया जहाँ जहाँ वो दिन कितने अच्छ... Read more

कलयुगी दोहें

बनता कारज देख के लियो मुँह फुलाए । कारज बिगड़ जाए तो लियो मुख छिपाए ।। प्रेम कभी न कीजिए रहिए कपट कमाए । जब तक झगड़ा न हो कपटी स... Read more

मुलाकात

तारों भरी रात थी बात कुछ खास थी प्रेयसी से स्वपन में हो रही मुलाकात थी नींद गहरी में लीन था वक्त बहुत हसीन था आगमन के चा... Read more

बेटियाँ

बाबुल के आंगन की बेटियां होती हैं मोमबत्तियाँ कभी जलती हैं बुझती हैं जैसे होंती हैं फुलझड़ियाँ बड़े लाडो में पलती हैं फूलों सी ह... Read more

जीवन का पतझड़

रेगिस्तान सी विरान हो गई जिन्दगी ना हा भाव ना ही हाव है ना कोई शोक है बस ऱोक है बोझ तले दब गई है जिन्दगी रूक गई है थम सी गई है ज... Read more

रिश्तों मे गाँठ

भूल कर सारे वाद-विवाद मनमुटाव और अपवाद मिलजुल कर आगे बढते हैं परस्पर कर मीठा संवाद बीत गई सो बात गई रुठी हुई काली लम्बी रा... Read more

शहीदों को नमन

करबद्ध नमन सरहद पर तैनात जवान को रक्षा करते देश की सलाम हर जवान को दुश्मनों की गोलियां सहर्ष सीने पर खाते हैं ना कभी घबराते ... Read more

शिक्षा अभियान

सरकारी स्कूल सफल बनाएँगे झण्डा साक्षरता का फहराएँगे जन जन तक शिक्षा पहुंचा्के शिक्षा का अलख जगाएँगे देखो कोई छूट न पाए शिक्ष... Read more

हिन्दूस्तान हमारा है

हिन्दुस्तान हमारा है,जन गण के नयनों का तारा है। विश्व पटल पर नाम हमारा सारे जहाँ से न्यारा है।। तीन रंगों में जड़ा तिरंगा जिसकी ... Read more

प्यार केअफसाने

जब वो आए जिन्दगी में अफसाना हो गया तब से दिल उस हुस्न का दीवाना हो गया कहते हैं प्रेम की कोई परिभाषा नहीं होती आशिकों के बति... Read more

आजादी की यादें

आजादी याद दिलाती है शमा में जले परवानों की जो शहीद हो गए थे उन वीर शमशीर बलवानों की राजगुरू, सुखदेव,भगत सिंह जी चढती जवानी में ... Read more

रक्षाबंधन

कच्चे धागे की डोर नहीं यह रिश्ता है अनमोल बहना की भाई रक्षा करे यही रक्षाबंधन की खोल यह रिश्ता नहीं अब से हैं जब सृष्टि बनी तब स... Read more

प्रियतमा

प्रियतमा प्रियतमा कहाँ तुम चले गए लगा के दिल में आग कहाँ सरक गए मालूम नहीं हमें क्या खता हमारी थी हमको यूँ छोड़ने की क्यों जिद ... Read more