कविता

अवन्ति दर्शन

अवन्ति की धरती पावन, होता हर दिन यहाँ सावन । इस माटी को मेरा नमन, जहाँ आए श्री भगवन । देखो ऋषि सांदीपनि का आश्रम , यही पढ़े ... Read more

पांच सालो के बाद ,तुम यहाँ नजर आये --आर के रस्तोगी

(अखियों के झरोखे से ,जब देखा तुझे सांवरे | तुम मुझे नजर आये ,बड़ी दूर नजर आये |गीत पर आधारित पैरोडी ) तुम पांच सालो के बाद,| तु... Read more

क्योकी धनवान कहाते हो।

पैसे से खेल खेलने वाले, क्यों पैसो से मुझको तौल रहे । विश्वास मुझे है धनी हूँ मैं । कैसे गरीब तुम बोल रहे। हो सकता है कम... Read more

कीमती आपका वोट

कीमती आपका वोट -------------------------- कीमती आपका वोट है,देना इसे ज़रूर। लोकतंत्र का उत्सव यही,समझो इसे हुज़ूर।। सोच समझकर देना... Read more

नेता गण

"घाट घाट और राह राह पर ,घूम रहे हैं नेता गण , कैसे फिर से लूटा जाये ,सोच रहे हैं नेता गण! गिरगिट जैसे रंग बदलता ,पार्टी बदलते नेता... Read more

जीवन रंगमंच

तीन विधाओ का नया प्रयोग विधा - छंदमुक्त कविता 1 दुनिया है एक रंगमंच खेल खिलाता है ईश्वर कभी खुशी तो कभी गम कभी गैर अ... Read more

तलाश अभी जारी है

सोलहवीं लोकसभा के चुनाव आ गये। नेता अपने घर से निकल कर मंचो पर सजने लगे हैं।उनकी इन बातों से उपजी यह कविता:- ----------------------... Read more

भटकता इंसान

एक नई दुनियांं की तलाश में भटकता इंसान । वर्तमान को नकारता भविष्य की खोज करता इंसान । सुकून की लालसा में जगत से निकल भागता इ... Read more

ऐसे बेटे से औलाद न हो

" पापा , सोमेश के बिजनेस के लिए अभी दो लाख रूपये चाहिए । अगले महिने हम लौटा देंगे , जिससे पैसे लेना थे वह विदेश गया है , अगले महिने ... Read more

कविता

सिसकते वृक्ष बना मानव धरा दानव सिसक हर वृक्ष कहता है, घुटन जीने नहीं देती भयावित वृक्ष रहता है। हरित आभा धरा को दे किया श्रृं... Read more

मेरा यार है वो

खुदा ने जो भी दिया मुझे उसमे सबसे नायाब है वो मैं तो तप रहा था मरु की तरह वो आसमां से आती बूंदों का बौछार है वो टूट कर बिखरने... Read more

उन्हें समर्पित

जब तेरी याद में तन्हा लिखने बैठ जाता हूं । तेरी कसम शायर बन जाता हूं !! दिल को दीवाना तूने बनाया इस कदर !! चांद में तेरी सूरत ... Read more

रोज खिड़की के पास

रोज खिड़की के पास आँखें मुंद कर महसूस किया करती हुँ तुम्हें और भोर की सुनहली किरणों से वादा किया करती हूँँ मैं नहीं रोऊँँगी स... Read more

पिया के हाथ की चाय (लघु कविता)

# कविता # पिया के हाथ की चाय सुबह हो गई हाय मोहे मन भाय गरम-गरम एक प्याली पिया के हाथ की चाय इस चाय में है वो जादू... Read more

दर्द

दर्द के साथ हम कहाँ जीते हैं दर्द हमसे जीता है हमारे ह्रदय में पलता है बढता है- सांंसे लेता है अपनी आयु लंबी कर हमारी क्षीण कर... Read more

कद्र करो समय का

दिनांक 19/4/19 है जिन्दगी की दौड़ जीवन में हैं कई मौड़ मची है आपाधापी हर और इन्सान लगा है पकडने समय को आता नहीँ हाथ व... Read more

दोष बिच्छू का नहीं...

दोष बिच्छू का नहीं... की उस ने हमें काटा, 'जहर' हमारे शरीर में फैलाया, काटना और ज़हर फैलाना धर्म है उसका ... वो अपने धर्म पे... Read more

बचपन की यादे ---आर के रस्तोगी

मत दिलाओ बचपन की यादे, वह खूब याद आता है | पुरानी बाते याद करके,वह बचपन लौट कर आता है || एक आने में चार जलेबी दो कचोडी में नाश्त... Read more

सोचा ना था

जीवन की सुनहली सुबह मे बड़ी तमन्यता से तिनका - तिनका जोड़ा था उसने और बनाया सपनों का घोंसला अपनो के लिये तब सौचा ना था जीवन ... Read more

Tic Toc Pe Shayri टिक टॉक पे शायरी

बे शर्मी और हया का जो पिक-पाक हो गया।। एक्टिंग का जो नशा था वो खाक हो गया ।। चेहरे उतर गए हैं उन लोगों की दोस्तों , ... Read more

दुनियाँ फूलों की

दिनांक 18/4/19 फूलों की दुनियां होती है निराली खुद हँसते हैं हर माहौल में सिखाते हैं हँसना हँसाना इन्सान को बेखबर रहते है... Read more

मंजिल तक कदम

दिनांक 18/4/19 है कदम ताकत इन्सान की मजबूत कदम पहुंचाते है मंजिल तक दृढ़ रखो अपने ईरादे विश्वास रखो पैरों पर तभ... Read more

हमारी हिन्दी

कवियों के हृदय का उदगार है हिन्दी, कबीर के दोहों का संसार है हिन्दी, मीरा के मन की पीर बनकर गूँजती घर-घर सूर के स्नेह का विस्त... Read more

माँ शब्द नही संसार है......

यह सिर्फ शब्द नही संसार है जीवन का मजबूत आधार है रोम रोम मे उसके होती ममता वह निस्वार्थ वाला प्यार है अपनी खुशियाँ न्यौछावर कर ... Read more

आज नारी कितनी आजाद है ?---आर के रस्तोगी

आज नारी कितनी आजाद है,यह नारी स्वयं ही बतायेगी | नारी भी समाज का अंग है,यह सत्यता स्वयं ही बतायेगी || मिले है नारी को समान अधिका... Read more

सच्ची दोस्ती

साथी जलती आग हैं,जलें ख़ुशी में ख़ूब। दुखी पलों में नीर हैं,अपने बनते डूब।। अपने बनते डूब,जलता समय है आया। खुद का विकास वाह,दोस्त क... Read more

कविता

मन में कपट कटार है मुख पे झुठी मुस्कान गली-गली में घूम रहे भेडिए बन इंसान, नफ़रत सींची रात -दिन ,खेला खूनी खेल आग लगाकर डाल दी... Read more

जीवन में पन्नों का महत्व

दिनांक 6/4/19 कौन कहता है बेजान होते हैं ये कागज के पन्ने इतिहास लिखा है इन पन्नों पर वक्त बदलने की ताकत रखते हैं ये... Read more

रामनवमी

15-04-2016 रामनवमी की आप सभी को शुभकामनाएं राजा दशरथ जी के घर में जन्म लिया माँ कौशल्या का भी जीवन सफल किया सबको छोड़ बिलखता... Read more

कविता

क्या कहूं मै जाहिल तूने तो हर मर्यादा पार किया, कटु शब्दों के हथियार से नारी पर तूने वार किया, सच कहने की बारी आयी तो इतना घबराय... Read more

राजनीति की चालें

राजनीति की चालें ----------------------- देखी मैंने आज भी,राजनीति की चाल। समीकरण सब देखके,टिकटें मिलें कमाल।। टिकटें मिलें कमाल,... Read more

बचपन एक मस्ती

दिनांक 15/4/19 न चिंता न कोई झंझट जिंदगी में खाओ पियो और सिर्फ मस्ती ही मस्ती जीवन में बचपन है सबसे अच्छा जीवन... Read more

जलियाँ वाला बाग़ बोल रहा हूँ --आर के रस्तोगी

जलियाँ वाला बाग बोल रहा हूँ,जालिम ड़ायर की कहानी सुनाता हूँ | निह्त्थो पर गोली चलवाई जिसने मरने वालो की चीखे सुनाता हूँ || चश्मदी... Read more

संताप

संताप तुमसे बिछड़ने का नहीं क्यों मिली थी तुमसे कभी बस इसका है संताप तुम्हारे धोखे पर नहीं अपने विश्वास पर है सन्ताप तुम्हा... Read more

आचार्यवर आर्यभट्ट

ग्रह नक्षत्र सूत्र समेकन नदियों का कल कल निनाद , गणित सार ज्योतिष रहस्य करता सदैव हे आर्यभट्ट याद ! है सत्य धरा को तूने शुन्य परिच... Read more

सब्र

सभी कहते है सब्र करो सब्र का फल मीठा होता है । बरसो से तो सब्र ही करते आ रही हूँ पर ना जाने इसका फल कब मिलेगा । कहते है सब ईश्... Read more

अम्बेडकर तुम भीम हो।असीम हो।

अम्बेडकर एक कथा नहीं सजीव जान है भारत माँ का एक धूमिल परिधान है अम्बेडकर स्वयं भारत का संविधान है शोषण के विरुद्ध मुखर होता आह्वा... Read more

मतदान पर माहिये

कुछ माहिये मतदान पर अलग2 रंग में तुम भावुक मत होना मत उसको देना जिससे सहमत होना सरकार हमारी है मत देना लोगों ये जिम... Read more

दीवाने थे हम

कहते कहते दिल की बात थम गई सांसों को संभाला ,अचानक दिल की धड़कनें बढ़ गई। अरमान थे कई दिल में मचलते अफसाने थे कई सांसों मे... Read more

मन बावरा

मन बावरा है जाए कहां राहे जुदा है मंजिल खफा मन बावरा है जाए कहां रातों को नींद ना आए दिन क्यों डसता जाए हाय क्या करूं जो... Read more

आजादी

आता हुआ कोई साया लगे कहीं दूर तलक है रोशनी जिसकी सालों बाद कुछ साफ दिखा इन आंखों पर अब तक था कुहरा घना बात अब तक मेरी दी... Read more

तीन मंत्र सफल जीवन के

तीन मंत्र सफल जीवन के ------------------------------- शिक्षित बनिए एक तो,रहो संगठित दूज। करो संघर्ष ख़ूब तुम,जीवन हो महफ़ूज़।। जीवन... Read more

राम का जीवन महान

दिनांक 13/4/19 रहे मर्यादा में इन्सान तो बनेगी उसकी पहचान राम रहे मर्यादा में पूजे जाते हैं जन जन में सीखे संस्कार... Read more

तीन मंत्र सुखी जीवन के

शिक्षित बनिए एक तो,रहो संगठित दूज। करो संघर्ष ख़ूब तुम,जीवन हो महफ़ूज़।। जीवन हो महफ़ूज़,तुम बढ़ो और बढ़ाओ। शुरू कारवां आज,इसे आगे ले जा... Read more

#04 ओ साथी चल

मुश्किलें जरुर है, मगर ठहरा नही हूं मैं मंज़िल से जरा कह दो, अभी पहुंचा नही हूं मैं कदमों को बांध न पाएंगी, मुसीबत कि जंजीरें, रास... Read more

मेरा देश कितना बदलता जा रहा है।

मेरा देश चुनाव के चक्रव्यूह में फंसता जा रहा है नेता अपना मतलब साधता देखिए विकास बेचारा कितना बेबस बनता जा रहा है धर्म युद्ध प्रा... Read more

हिंसा ठीक नहीं

हिंसा ठीक नहीं -------------------- प्रबल हिंसा आग में,झुलस उठा करनाल। पुलिस प्रशासन देखिए,कैसे करे बबाल।। कैसे करे बबाल,गुरु-शि... Read more

माँ कौसल्या के लाल आपको जन्मदिन मुबारक़!

आज फिर से कविता , भाव कागज और कलम। आज हमारे इष्ट हैं , जिनकी वजह से है हम।। मेरे इष्ट प्रभु राम जी के चरणों में कोटि कोटि वंदन अ... Read more

जलियांवाला बाग हत्याकांड

जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत माँ के सच्चे वीर सपूतों की सहादत को कोटिशः नमन...... उस ख़ौफ़नाक मंजर को ... Read more

शहीदों की शहादत

दिनांक 12/4/19 इतने हो गये है स्वार्थीं आज हम अपने अपनों की शहादत को भी जाते है भूल हुए थे शहीद बच्चे बूढ़े महिल... Read more
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