कविता

--धूल गए सब अरमान -

माटी से पैदा हुआ था माटी में मिल रहा है आदमी रोजाना न जाने कितने आते हैं न जाने कितने रुखसत हो जाते हैं जीवन जीना सा भूल ... Read more

---ये समाज --

कहने को तो में भी एक हिस्सा हूँ समाज का पर अपने हिस्से में एक बोझ है कारोबार का तानो से बंदिशों से घिरा हुआ रहता हूँ पल... Read more

--- कर बंदगी उस की ---

गरूर किस बात का करूँ, भला जो मैं क्या लेकर आया था , नंगे बदन आया था दुनिआ में, नंगे बदन जब जाना है.. किरायेदार बन कर आया थ... Read more

उहाफोह

गाँव की एक सोच जब पहली बार घर से बाहर निकली तो उसकी मुलाकात, शहर मे खड़ी कई सोचो से हुई। कुछ से उसने दोस्ती करली कुछ से बस ... Read more

कहाँ गया वो बचपन।

आधुनिकता का परिधान पहने है आज का बचपन, महँगे खिलौनों में सिमट गया है आज का बचपन, खुले आसमान के नीचे खेलने का रिवाज नहीं अब, इलेक्... Read more

ताना क्यों मारना

ताने तनातनी देते, रोज सनातनी देते। मन की हालात बताते, शब्द बड़े चुभ जाते। जिससे न बने बना लो दूरी, किस बात की है मजबूरी। जो स... Read more

प्रश्नोत्तरी

तुम्हारे साथ ढाई दशकों से ज्यादा का सफर यूँ तो अच्छा गुज़रा है बस तुम्हारी आकस्मिक परीक्षायें लेना- कि बताओ तो मैंने उस वक़... Read more

श्रावण मास निराला है

रिमझिम बरस रहा सावन, भीग रहा मन का आंगन चंहु ओर सुखद हरियाली है, मनमोहक छटा निराली है घनघोर घटाएं छाई हैं, बाढ़ नदी में आई है ... Read more

ठंडी ठंडी हवा चले

ठंडी ठंडी हवा चले *************** ठंडी ठंडी हवा चले जवां दिल रवाँ चले नभ में बादल छाये जियरा है घबराये काली घटा घनघोर ... Read more

एनकाउंटर!!

फिर हो गया है एनकाउंटर, पर पहली बार नहीं हुआ है, अनेकों बार इस प्रक्रिया को अपनाया गया... Read more

"माँ मेरी"

दिल को जो सुकून दिलाये, लोरी गा के हमें सुनाये. माँ मेरी खुद जागे, लेकिन मुझे सुलाये. चोट कभी जो मुझको लग जाये, माँ मेरी इतना घबर... Read more

झुनझुना

झुनझुना सा लोकतंत्र जितनी मर्जी, जैसी मर्जी वैसे ठोक कर बजाओ यह सामूहिक हास्य है, हंसता भी मै , हंसा भी मुझ पर जा रहा है, ... Read more

मेरी भांजी- राधिका

*तुमारी याद रह रह कर सताएगी।* *राधिका कहीं तुम अपने मामा को भूल तो नहीं जाएगी।।* ओ परी जब से तुम मेरे घर आई। लॉक डाउन में तुम ह... Read more

सोचा था

सोचा था नूर सा ख़्वाब लिखूं, सोचा था नूर सा ख़्वाब लिखूं। इक फलक से इक जहां तक याद लिखूं।। पर इस जिंदगी की जद्दोजहद में, ना ख़्व... Read more

अब आ भी जाओ तुम अवतारी!

अब आ भी जाओ तुम अवतारी, राह देख रहे हैं हम तुम्हारी, सुनते हैं तुम, आते रहते हो, भक्तों के कष्टों को हरते हो, मैं भी तो हूं भक्त... Read more

समानता

"जाइये , आप नही समझेंगे" के बाद आपका "मौन धारण" , या ' हाँ , तुम ठीक कहती हो" और "अरे, तुम नही समझोगी" के बाद उनके द्वारा... Read more

ममता का आँचल खो गया

मेरी आँखों से माँ का लगाया काजल खो गया। मेरे सिर पर से कहीं ममता का आंचल खो गया। रोज सुबह वो सबसे पहले उठ जाया करती थी घर आं... Read more

पायल

पायल,पाजेब और पैंजनी,अनगिनत नाम पाए हैं। चाँदी सी चमकती दमकती अनोखा स्त्री श्रृंगार है।। मैं वनिता के पैरों में सजी-धजी छनकती रहती... Read more

"बचपन, बुढ़ापा और जवानी"

वो खुशियों के दिन, थे बचपन के संग. कभी रोते हुये मुस्कुराना, कभी मुस्कुराकर चुप हो जाना. वो शरारती अन्दाज, माँ की वो प्यारी सी डाट... Read more

बे अर्थ ज़बान

हम करते हैं आपकी इज्जत देते हैं मान - सम्मान आपके शहीद होने पर रोता है देश का हर इंसान , और आप कायदा - तरीका नज़ाकत - नफासत इस स... Read more

घायल आत्मसम्मान

ग्लानि - कुंठाओं से भरे सैकेंड , मिनट , घंटे , दिन , महीने साल दर साल रोज मुझसे पूछते यही सवाल क्या यही था तुम्हारा मान - अभि... Read more

तेरा आना ( मेरे बेटे का जनम )

तेरा आना..... सात जन्मों की खुशियों को दूनी से चौगुनी कर जाना , आना था शाकुंतल को आ गये तुम शरणम् , कैसे मैं भगवान का करूँ शु... Read more

अहसास

कैसे रोकू इन घटाओ को जो लिपटती हैं मुझसे तेरे गेसू बन कर ! जवाब क्या दू झील के हर कमल को जो पूछते हैं मुझसे तेरी नजर बन कर !! ... Read more

नैय्या की पतवार

जब हाथों दे दिया तुमको अपना हाथ तो डरना क्या ? मेरी नैय्या की पतवार तुम्हारे हाथों में तो डरना क्या ? मेरे साजन इस तरह रूठेगें ... Read more

प्रेम अगर बलिदान ना होता

प्रेम हवस नहीं बलिदान होता है, अगर ऐसा ना होता तो, कृष्ण राधा का होकर भी, रुक्मणि का ना होता, प्रेम अगर बलिदान ना होता, तो सीत... Read more

"नादा चिड़िया"

मै एक मासूम नादा चिड़िया, उड़ना चाहु सारी दुनिया. गेरो का किया, हा- हा गेरो का किया, अपनों ने ही रोका है, हर मोड़ पर मिला एक मीठा ध... Read more

कविताएं लिखती हूँ मैं।

कवियत्री हूँ,कविताएं लिखती हूँ मैं, मन के भावों को, पन्नों पे रचती हूँ मैं, सप्तरंगी सपनें, जो देखें मैंने, इंद्रधनुष के रंगों मे... Read more

तुम

अप्रतिम प्रतिमा सी या छन्द बद्ध कविता सी ! क्या सम्बोधित करू तुम्हे ओ झिलमिल झिलमिल मुक्ता सी !! अवगुण्ठन के बन्धन से मुक्त... Read more

"किया तारीफ करू तुम्हारी"

बहुत खूबसूरत हो, किया तारीफ करू तुम्हारी. चहरे की रोशनी, सूरज को मात देती है. गालो पर आये जुल्फे, ऐसे हवाएं भी साथ देती है. तेरे ... Read more

मिलन 【Milan 】

मिलन ****** एक नदी के हम दो तट हैं मिलना कैसे सम्भव है। तन्हा बहती नदिया जब तक अपना मिलन असम्भव है। बीच हमारे बहतीं पल-प... Read more

देख रंग उनके गिरगिट भी हैरान है

देख रंग उनके गिरगिट भी हैरान है बतंगड़ भी उनसे परेशान है इतनी जल्दी तो मैं रंग बदलता नहीं बिना बातों के बतंगड़ बनाता नहीं नि... Read more

CRPF जवान

**** CRPF जवान ***** ********************* जयहिंद CRPF जवानों को अलबेलों और मस्तानों को केन्द्रीय अर्द्धसैनिक शक्ति है आं... Read more

बरसात के मौसम का प्यार

बादलों का फ़िर से घिर आना, पीछे सूरज का यूँ छिप जाना, फ़िर टिम-टिम पड़ती बारिश से, मुझे वो दिन याद आते हैं । कभी रुक-रुक कर पड़ना,... Read more

भगाया जा रहा है

इधर से उधर भगाया जा रहा है हर इंसान को सताया जा रहा है हमें हर सरकारी काम के लिए किस क़दर दौड़ाया जा रहा है ‎#हनीफ़_शिकोहाबा... Read more

तेरी आवाज़ के फूल

आवाज़ों के जंगल में, वो तेरी आवाज़ के फूल कभी रहते इससे रूबरू तो कभी जाते हो भूल महज़ कुछ लम्हें करने हैं तुम्हें नाम हमारे, ... Read more

** हम लड़ेंगे **

बाजार की महँगाई से सत्ता की चतुराई से जीवन की हर कठिनाई से हम लड़ेंगे । हम बलिदानी वीर हैं सच्चाई के तीर हैं। लेकर जीवन को अप... Read more

#पीड़ा कोई आह नहीं (चौपाई-दोहा छंद)

छिन सकता ना प्यार हमारा।हमने खुद ही सब पर वारा।। मिलनसार है सीरत अपनी।मिलके खिलती सूरत अपनी।। घोर निराशा मिट जाएगी।इच्छा जब मुँह क... Read more

"जिंदगी की बंद किताबों को"

कैसे समझाऊ तुझे, दिल के जज्बातों को. खोल के रख दिया है, जिंदगी की बंद किताबों को. गीले, शिकवे सब शिकायते तुझी से है. कैसे बताये य... Read more

देश मेरे .....+

वीर हमारे कम ना हो, ये हमने भी मन में ठानी थी। घर घर में पैदा *भगत करे, *सुभाष *आजाद बनबानी थी। विचलित दुश्मन देख उसे हो, ऐसा व... Read more

वो शाम

वो शाम जब भी आँखो से गुजर जाती है जिस्म में एक सिहरन सी दौड़ जाती है ! ओस के सर्द होठों को चूमकर जैसे कोई सुबह की पहली किरण मचल म... Read more

"बसंत ऋतु"

ऋतुराज का हुआ आगमन, झूमे आम, कुसुमित डाली। पीली सरसों लहर रही है, खेतों में है हरियाली। महक उठे हैं गाँव, गली सब, ... Read more

वर्षा ऋतु की छटा निराली

वर्षा ऋतु की छटा निराली, बादलों का घोर गर्जन सुन जिसे सिहर उठे तन छा गया पल में अंधेरा, रात हो ज्यों स्याह काली। वर्षा ऋत... Read more

"मेरा किया सम्मान नहीं"

पत्नी हु तो अधिकार नहीं, मेरा किया सम्मान नहीं. हर राह तेरे साथ चलू, पर अपना दर्द मे किस से कहु. पैसा बहुत है पर साथ नहीं, क्यू तु... Read more

औरत हूं अबला नहीं

औरत हूं अबला नहीं सबल हूं निर्बला नहीं छू सकती हूं आसमां को झुका सकती मै इस जहां को मत समझो कमजोर तुम मुझको मैंने तुझको जन्म दि... Read more

कितनी दूर

कितनी दूर, चलना है अभी कितनी दूर? थक गए हैं पाँव, देह हो गई चूर, अभी चलना है बताओ कितनी दूर? मेरे साथ-साथ थक गए हैं, चाँद-सितार... Read more

क्योंकि मै तो बस निक्कम्मी हूँ.....

क्योंकि मै तो बस निक्कम्मी हूँ..... बच्चों को अपने हाथों का बना खिलाती हूँ स्कूल से आने पर घर में ही मिल जाती हूँ सारे कपड़े एक ... Read more

मेरा घर और विस्तारवादी नीतियाँ

जब हम अपने फ्लैट मे शिफ्ट हुए थे। ये बिल्कुल तय था कि बेड रूम मे दो वॉर्डरोब होंगे। एक तुम्हारा और एक इस नाचीज़ का। कुछ ... Read more

आहिस्ता आहिस्ता

चिन्ता करने की कोई जरूरत नहीं है सब कुछ बड़े आराम से होगा पता ही नहीं चलेगा आहिस्ता आहिस्ता तुम्हारे बाल सफेद होगे झुर्रियां... Read more

गिरे हुए

मजदूर दिन भर गड्ढा खोदता है पसीना बहाता है वह गिरा हुआ नहीं है वह अपनी मेहनत का मूल्य पाता है वैश्या टाँगे फैला कर ग्र... Read more

समरथ को नहीं दोष गोसाईं

गर आप रसूखदार हैं पुलिस और प्रशासन पर आपकी पकड़ है तो आप बलात्कार का लुत्फ उठा सकते हैं गैंगरेप में भी हिस्सा ले सकते हैं किस... Read more