कविता

आम हो गई है जलन

आम हो गई है जलन ------------------------ आम हो गई है जलन देख सीने लगे अगन हैं सभी खुद में मग्न मना रहे हैं सभी जश्न रहने ... Read more

प्रिय बिन...

फिरता- रहता मारा- मारा प्रिय बिन सूना ये जग सारा पल को जिया सदी में हमने प्रिय बिन सांस लगी थी थमने प्रिय बिन कैसे समय गुज़ार... Read more

सागर किनारे

सागर किनारे खड़ी इक नदी सदी से इंतज़ार कर रही है मिलन हो ना पाया सागर से अब तक मैं तड़पूंगी कब तक ... Read more

मोर नजर म बिलासा मंच

मोर नजर म बिलासा मंच ज्ञानी पंडित मन ह हमला पढ़ाते, दोहा छंद,गीत, कविता ल सिखाते। सबले सुघ्घर, सबले बढ़िया हावय, मोर नजर म बिलास... Read more

धूप को तरसते गमले

बदल गए लोग, बदल गए भोग, नहीं रही वो हवा, नहीं रही वो दवा, नैतिकता बेअसर, घुला मजहबी जहर, भूल गए सब शांति, जगह जगह अशांति, बच... Read more

*** " आओ सोंच के देखें जरा........! " ***

* जिंदगी के कई रंग देखो , बे-तुका जीवन जीने के ढंग देखो। कहीं है , मौज-मस्ती ; ... Read more

ना खता हमारी ना खता तुम्हारी

ना खता हमारी ना खता तुम्हारी -------------------------------------- ना खता हमारी ना खता तुम्हारी घड़ी की सुइयों का यह कसूर है न... Read more

मेरा प्यारा अंगना

है बच्चे अंगना की शोभा खेले जब आँगन में खुशियाँ भर दे जीवन में बिटियां का आँगन गुड्डे-गुड़िया का ब्याह बेटे का ... Read more

बिन तेरे

एक एक दिन गुजर रहा हैं मर नहीं जाएंगे, बिन तेरे, हवा में न नफ़रत का ज़हर साँस भी ताजी हैं, बिन तेरे, ख्वाब होता तो राते... Read more

शीर्षक- "प्रीत पुरानी" (कविता)

यादों के पिटारे को दिल से टटोलने लगी हूं अब कुछ पल मैं अपने लिए जीने लगी हूं! रात के अंधियारे हो या दिन के उजाले हो हर सुख-दु... Read more

*** " हम तीन मित्र .........! " ***

* मेरे दो मित्र , शेखर और विशाल , तीसरा मैं स्वयं काँजीलाल । थे ' माँ-बाप ' के एक अकेला-लाड़ला संतान ,... Read more

जब बालक थे...{मत्तगयंद (मालती) सवैया छंद}

जब बालक थे...{मत्तगयंद (मालती) सवैया छंद} ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ याद करो जब बालक थे हम संशय का यह भाव नहीं था, थीं खुशियाँ भ... Read more

गुम होता अस्तित्व भाभी, दामाद, जीजा जी, पुत्र वधू का

भाई का स्त्रीलिंग बहन बनाकर भाभी का अस्तित्व मिटा दिया, पुत्र का स्त्रीलिंग पुत्री बनाकर पुत्रवधू को कहां छुपा दिया ? कहां ग... Read more

"शिवी कलश"

स्याही ना देखो इस कलम सी धार की कोरे है पन्ने सारे लिखती बारीक सी सहजन तुम लेखनी ऎशे "विशाल" की कलम की तुम नोक हो तुम छत्रसाल ... Read more

फुरसत ए लम्हें

-----------फुर्सत ए लम्हें---------- --------------------------------------- फुर्सत ए लम्हें कहीं हैं खो से गए कल पुर्जों की दु... Read more

आज डरी है भारत माता (चौपाई छंद)

आज डरी है भारत माता कौन निभाए ऐसे नाता कैसे मन विश्वास करेगा वर्दी पर अब नाज करेगा जब है वर्दी कोई पाता जात धरम है सब मिट जात... Read more

नन्हें बच्चे

नन्हें बच्चे -विनोद सिल्ला अक्सर मुख्यद्वार के नजदीक बैठा रहता है चिड़ियों का जोड़ा जिन्होंने अंदर लॉबी में बना रखा है घोंस... Read more

नन्हें बच्चे

नन्हें बच्चे -विनोद सिल्ला अक्सर मुख्यद्वार के नजदीक बैठा रहता है चिड़ियों का जोड़ा जिन्होंने अंदर लॉबी में बना रखा है घोंस... Read more

बेरहम मानव

पिरामिड लेखन 1 ये शाख नाजुक पत्ते फल सहे मौसम है बहुत दुखी मानव काटे उसे 2 है छुकी टहनी लदे फल इंसा लालची लगाये न... Read more

कलयुगी रक्तबीज

उग रहें हैं रक्तबीज की तरह एक के बाद एक संविधान के हर गिरते लहू के साथ थामते जाते एक दूसरे का कन्धा की लड़खड़ाते हाथों की पकड़ क... Read more

फकीरी मे ही सही

कुछ दिन फकीरी मे ही सही कुछ दिन गरीबी में ही सही है परेशान जब तक हम कुछ दिन जी हजूरी में ही सही यह मुश्किलें मेरी , वक्... Read more

अमीरी- गरीबी

----------अमीरी-गरीबी--------- --------------------------------------- अमीरी - गरीबी में दुराव आ रहा अमीर अमीर,गरीब गरीब हो रहा ... Read more

*** " नसीहत - ऐ - पाक.......! " ***

ऐ मेरे प्यारे वतन , ऐ मेरे प्यारे सजन। कर ले तू अपनी जतन , सजा ले अपनी धरती - चमन। सद... Read more

हम तुम मिलेंगे उस राह

हम तुम मिलेंगे उस राह ---------------------------- तुम्हें चाहेंगे इस कदर तुम्ही चाहोगी जिस कदर तुम जाओगी भी जिधर हम आ ... Read more

दर्पण है व्यवहार

व्यवहार हैं दर्पण इन्सान का यहीं है संस्कार जीवन के होती तारीफ सब जगह कुशल व्यहार की होता सफल वही जीवन में बनात... Read more

कल्पतरु अभियान

कविता *यह बहुत सफल अभियान है* गमलों से गलियों तक लाए माँ वसुधा का सम्मान है कल्पतरु जन चेतना यह बहुत सफल अभियान है ... Read more

मोहे लगा प्रेम रोग

गीत मोहे लगा प्रेम रोग वैद्य कहें लाइलाज तेरे हाथों में दे दी है अब मेरी लाज। तुम बिन जियरा न माने मनाऊं अब के ना आए तो ... Read more

इत्र और तू

तेरे मिलने की खुशी भी इत्र सी है। तू रुबरु होने वाला होता है, और मैं महकने लगती हूँ। अजीब सिलसिला है, तेरे जज्बातों के सैलाब म... Read more

नदी

नदी ***** नदी नदी के किनारे देते उसे सहारे समेटे रखते हैं नदी नदी का जल बहता अविरल जीवनदाता है नदी नदी की ... Read more

चौराहा

नमन मंच 9/1/2019 छंद मुक्त चौराहा इक चौराहे पर खड़ा हुआ सोच रहा था मानव मन सत्य की पकड़ूं राह या पतली गली से निकल जाऊं अ... Read more

बढ़ाये ज्ञान

करे दूर अंधकार हटे जीवन से अंहकार अपनाओ अच्छे संस्कार ज्ञान को करें अंगीकार पढ़े तो बढ़े ज्ञान बढ़े समाज में सम्... Read more

सफरनामा

---सफरनामा---- -------------------- सफर में जन्मा हूँ सफर में पला हूँ सफर कर रहा हूँ सफर में पड़ा हूँ सफर में चला था ... Read more

पापा

पापा के पसीने की महक से खुशहाल होता है घर तेरा अल्फाजो की दुआ माँ की काम जो करती है जवानी बेटे की उसके नए आयाम जो भरती है तिनक... Read more

जलता जंगल

जल रहा था वो जंगल बेतहाशा देख रहा था वो मानव ये क्रूर तमाशा चीखें सुन रहा था ना जानें क्यूँ चुपचाप साज़िश थी कोई या हुआ था य... Read more

शुभ संदेश

🌹🌹🌹🌹🌹 सुखद पल खुशियां अविरल हैं प्रतिपल 🌹🌹🌹🌹🌹 💐हमारा परिवार खुशियों का आशियाना है । 💐यहां हर साथी अपने आप में निराला है । 💐ह... Read more

चुनाव यानी तनाव

जिधर देखिए बस चुनाव ही चुनाव हैं मत पूछिए साहब शहर में कितना तनाव है। प्रजातंत्र के मंदिर में"पंच"के आज"परमेश्वर"होने के लिए यहा... Read more

राणा का शौर्य

अकबर हुआ दुलारों में । हैं राणा खड़े क़तारों में । हम पढ़ते हैं बाज़ारों में । कुछ बिके हुए अख़बारों में । ये ज... Read more

दुर गगन में

दुर गगन कि बात निराली, कभी देखा चंदा कि होशियारी, रोज़ बदलता रूप अपना, जैसे जाना हो उन्हें ससुरारी, टिम टिम करते तारों के बीच, ... Read more

*** " हौंसले तुम्हारे और मेरे प्रयास.......! : ISRO " ***

* है अदम्य हौंसले तुम्हारे , और मेरे अथक प्रयास । न हो , हिन्दुस्तानी भाई ; ... Read more

विचार

ज्यादा होशियार लोग ही गलती करते है कमजोर तो कहता है कि ऊंहू अपन हे का कुछ लोगों की फटे में पांव पोने की आदत बन जाती है और कुछ लोग... Read more

*** " आधुनिकता के असर.......! " ***

* न रहा अब जंगल , अब न रहा ओ अमरैय्य की शीतल छांव। ... Read more

"हुनर है मुस्कुराना"

कुछ पल की खुशी तो कुछ पल का गम कुछ पल है भले ही साथ हम जिंदगी इसी का नाम है ना कर कभी आंखे नम मुस्कुराने की वजह कभी तुम तो कभी हम Read more

दिलकशी सनम के लिए

दिलकशी सनम के लिए ---------------------------- छोड़़ दी हम ने दुनिया दिलकशी सनम के लिए नहीं बन सकी हमसफर वो जिंदगी भर के लिए ... Read more

यह देश जागता है!

यह देश जागता है! भावनाओं के समंदर पर बनते-बिगड़ते समीकरण, और आसान से प्रश्नों के उत्तर की खोज में, अंतहीन संघर्ष। मन की आक... Read more

सफर

उम्र के पैंतरे और वक्त की आहट! सोंचता हूँ, तो मन उदास हो जाता है। इस गलियारे में अब गज़ब का सन्नाटा है! पसरती सांझ का शो... Read more

" ताक़त ना कमजोरी "

🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷🤷 क्या है ताक़त , क्या है कमजोरी ? सबकी अपनी-अपनी है बोली । कभी बोलूं प्यार की बोली , कभी बोलूं लगे जैसे हृद... Read more

पतंग

आसमान में कभी ऊपर तो कभी नीचे उड़ती कभी पेंच काटती , कटती कट कर , लुट कर पूरा करती है सफ़र अपना इंसानी हाथों में डोर से बंध... Read more

छद्म राष्ट्रवाद

देखकर तुम्ही से सिखा, सवाल पूछना गुनाह है ! पूछने जो चाहे पूछ लो, देशद्रोही से *दाग होंगे, राष्ट्रवाद में *फरमान है. अभिव्य... Read more

पिता

वो मुझे पोधा समझकर पालना याद आता है वो खेतों मै तुम्हारा काम करना याद आता है वो कंधे पे बिठा मेला घूमना याद आता है मेरे बचपन क... Read more

जाड़ म कुछु बोल जी

जाड़ म कुछु बोल जी बिन मौसम के पानी आगे, धुँधरा ह कइसे छागे। निकलबे कइसे खोल जी, जाड़ म कुछु बोल ... Read more