कविता

तेरी मेरी मेरी तेरी यादें

लो फिर आ गई तेरी दर्द भरी याद जब हाथ लग गई वो प्रेमभरी चिट्ठियां जो समेटे हुए थी तेरा मेरा वाद विवाद ओर मधुर संवाद इजहार इनका... Read more

गणित जिंदगी का

जिंदगी तो खुद ही एक सवाल है, हर तरफ सवालों का ही जाल है। भिन्न-भिन्न परिस्थिति ही तो भिन्न हैं, इनसे ही घबरा के तो हम खिन्न हैं। ... Read more

अरमान बहुत है

सदियों से कमरे में बंद ,बीमार बहुत है किबाड़ खोल के देखें, अंधकार बहुत है कोने कोने में उग आई है फंफूद धूप लगा कर देखें दुर्गन्ध... Read more

अन्याय

घर के सामने वाली राह पर लगे पाषाण को आज गौर से देखा तो पाया वैसा ही जैसे बचपन में देखा था नज़र दौड़ाई फिर आस पास..... सीना ताने ... Read more

1073 चंडीगढ़ की सुखना

लहरें सुखना की देखो, कैसे यह चमकती है। सूरज की किरणें पड़ती है तब, हीरे सी यह दमकती है। इस पर चलती रंगबिरंगी नावें, अल... Read more

कविता: एक राखी मुझे भेज दो, रक्षाबंधन आने वाला है।

कविता: एक राखी मुझे भेज दो, रक्षाबंधन आने वाला है। घनी अंधेरी रात भयी, चाँद निकलने वाला है। चटक चांदनी छटा बिखेरे, फैला श्वे... Read more

यादें

जिंदगी की रील में, कुछ यादें चलती रहती चलचित्र की भांति, कुछ खट्टी तो कुछ मीठी, कुछ देती गर्माहट तो कुछ आंखे नम कर जाती, कुछ या... Read more

ज़िंदादिली

क्या खूब है यह ज़िंदगी हम ज़िंदगी से खेले। कल कि हमें क्यों खबर जब हो ना हम अकेले । मंज़िल कोई भी हो कोई डगर हमें इसकी क्यों फ़िक्र... Read more

बन्जारा

अपनी ही धुन में मगन वह चला जा रहा तले नीले गगन । शायद किसी दिवास्वप्न में खोया या किसी कल्पना लोक में लीन । चारों ओर के कोलाहल से ... Read more

प्रेरणा स्रोत

फूलों से मुस्कुराना सीखो । और कलियों से लहराना । चिड़ियों से खुशी से चहकना सीखो। झरनों से खिलखिलाना। हाथी से गंभीरता सीखो। और ... Read more

विडंबना

आज के अखबार की ताजा खबर थी शहर का फ्लाईओवर पुल जिसका उद्घाटन पिछले हफ्ते हुआ था कल रात भरभरा कर गिर गया । जिसकी चपेट में आकर काफी ल... Read more

उधेड़बुन

सोचता हूँ कि ज़िन्दगी कितनी कम है। सुबह जाग कर सोचता दिन भर क्या करना है । दिनभर की योजना बनाकर रखता पर पूरी न कर पाता। शायद मेर... Read more

ईश की माया अजब

ईश की माया है अजब बड़ी लीला अपरंपार है परिवेश बहुत खुशनुमा कहीं हालात गमसीन है लगी है सावन की झडी़ तो कहीं सूखा अपार है म... Read more

किसलिये

मुँह में रखते राम आखिर किसलिये। गर हुए बदनाम आखिर किसलिये। प्यार में पगलाये जाते हो सुनो । पूछते अंजाम आखिर किसलिये। *कलम ... Read more

माँ...

'मुन्ने' तुमको चोट लगी है बोलो तुम थे कहां गिरे राह में कहीं गढ्ढे थे या थे तुम गढ्ढे में खेल रहे...? / माँ... मैं तो जा रहा ... Read more

@माँ! तुम नहीं हो@

दरिद्र दीन-हीन दिन बीत गये सारे, पर माँ! तुम नहीं हो, मिलती भरपेट रोटियाँ साँझ-सकारे पर माँ! तुम नहीं हो! करते हैं प्यार अपार ... Read more

तुम बिन कैसे जिऊँ

तुम बिन कैसे जिऊँ ना कुछ खाऊँ पिऊँ दूर रह सकता नहीं पास कैसे तेरे आऊँ जब से है देखा तुझे दिल चैन नहीं पाऊँ आसपास ही रहू... Read more

भुखमरी का ग्राफ़

मैं बेरोजगार नहीं हूं कोई लाचार नहीं हूं तन तोड़ मेहनत से हिम्मत के दम पर अपना पेट भरता हूं मेरा रोजगार सरकार की सूची में द... Read more

प्रेम पीड़ा

ईश्क की आँधी तुफान संग अंबर में प्रेम मेघ मंडराते हैं अनुरागी बूंदों में जब बरसेंगे चातक कब से आस लगाए हैं यह झुकी झुकी निगाह... Read more

यह ना सोचो

यह ना सोचो कि सोचने से सब हो जायेगा जब तक कुछ कर गुजरने की ठानोगे नहीं, कुछ नहीं हो पायेगा, वक़्त रेत बन कर हाथ से फिसलता जायेगा... Read more

तलाश में तेरी हमने जिंदगी बिता दी

जिसे ढूंढ़ने की तलाश में , हम पूरी जिंदगी बिता देते हैं , इन खामोशियों को हम अक्सर ,यूँ ही छिपा देते हैं . ना जाने वो ख़ुशी किस तरह ... Read more

वास्तविकता

संस्कार आदर्श नीति चरित्र सब बातें भूख के सामने थोथी लगती है। क्योंकि भूखे पेट के सामने केवल दो रोटी जुटाने का लक्ष्य ही सर्वोपरि ... Read more

उद्ग़ार

विकल मन क्यों हो रहा बेचैन । क्यों होती हलचल मन सागर में भरती अश्रु से नैन। उठती क्यों लहरें जैसे बाढ़ से नदी उफनती है। क्यों गूं... Read more

मधुर यादें

आज फिर याद आती है वे अमराइयाँ । वह सौंधी सौंधी खुश़बू गीली मिट्टी की ,छौनौं का वह करुण क्रंद्न और ललनाओं की लोरियाँ । धूल धूसरित ... Read more

दिवास्वप्न

हम में हर कोई एक सपना लिए यथार्थ की त्रासदी भोग रहा है । किंचित उस स्वप्न टूटने की आशंका मात्र से सिहर उठता है । वह उसे अपने मानस ... Read more

अस्तित्व

पत्थर पर गिरते ही शीशा चूर-चूर होता है और शीशे पर पत्थर पढ़ते ही शीशा चूर-चूर बिखरता है । हर बार शीशे को तोड़कर पत्थर अपनी ह़स्ती ज... Read more

मानवता

मन के सुंदर उपवन में खिलती और प्रेम से सिंचित होती । अभिलाषाओं और आकांक्षाओं से परे उपजती कभी ना बधँती जाति धर्म के बंधन में जो । ... Read more

दुखद होती विदाई

आँखो में आँसू भर देती है विदाई अपनों से दूर देती है विदाई पालते पोसते बेटी को रोते हुए कर देते हैं विदा माता पिता... Read more

प्यारी सीख

क्या है हिंदू, क्या है मुस्लिम, क्या अल्ला श्री राम है l हम सब भारत माँ के बेटे, हम ही भगत कलाम है ll ईश्वर अल्लाह और बिधाता इनक... Read more

सत्य, क्षमा, वरदान

1 क्षमा क्षमा माँगने से नहीं, होती छोटी जात और क्षमा के दान से, बनती बिगड़ी बात 2 सत्य माना राहें सत्य की, होतीं कांटेदार... Read more

एक के साथ दूसरा चांद

एक चांद के साथ चांद का होता है दीदार दाम्पत्य प्रेम प्राकट्य का यह पावन त्योहार। पति के दीर्घजीवी की रहती सबकी आस इसी हेतु मे व्र... Read more

प्रेरणा

चँंद्र किरण प्रकाश में करो ना प्रयत्न खोजने भाग्य रेखाए्ँ। जागो नवप्रभात यथार्थ रवि आगम प्रकाश पुँन्जौं में खोजो नई दिशाएंँ। भंग... Read more

नारी

मनीषियों संतो शूरवीरों की जगत जननी । ममता से सहेजती संस्कारों से सँवारती त्याग की प्रतिमूर्ति । जीवन पथ पर बनी प्रेरणा स्रोत वह ... Read more

दौड़

मैं देखता हूं कि मैं चारों ओर से आती भीड़ से घिर गया हूं । लोग मुझे धक्का मारकर आगे निकल जाते हैं । मैं धक्के खाकर एक तरफ खिसक प... Read more

धारा

कोमल सामान लिए हर किसी को अपने में समाहित किए अनवरत उसकी बढ़ते रहने की प्रकृति सतत। कभी तोड़ती दंभ इन चट्टानों का विकराल । कभी म... Read more

भाव गणित

खुशी बाँटने से बढ़ती है। दुःख बाँटने से कम होता है। ज्ञान बाँटने से बढ़ता है। दान देने से धन बढ़ता है। अहंकार से क्रोध बढ़ता है। ... Read more

संकल्प

प्रखर ज्योति की सुन्दर ज्वाला क्यों धधकी बनकर दावानल। स्वेद से सींचा जिस महितल को क्यों स्निग्ध है रक्त कणों से। प्रेम से अंकुरित कि... Read more

जिंदगी एक सीधी सड़क नही

जिंदगी एक सीधी सड़क नहीं, गर सड़क भी है तो कई मोड़ हैं इसमें; ये महामार्ग है अपने देश की, कभी समतल तो कभी जोड़ हैं इसमें. आभास... Read more

सुनहरे पल

कुछ बीते हुए लम्हे पास आ जाते हैं । जब हमें कुछ अपने याद आते हैं। कुछ मीठी मीठी बातें, कुछ गिले शिक़वों का सिलसिला । कुछ उनका रूठन... Read more

जल

जीवनदायनी प्राणिमात्र की सृष्टि रचयिता तुम हो तुम विहीन सब व्यर्थ अर्थ हैं । सब स्पंदनहीन पाषाण निमित्त हैं। तुम जननी विशालहृदयनी।... Read more

सांवरिया रे...

सावरिया रे मोरे अंगना में आओ जी अब नैनन प्यास बुझाओ जी हम पुष्प बिखेरत , दिए जलावत सखियन संग गीत गावत आँगन खूब सजायो ज... Read more

गांव याद आ रहा है

गांव से निकले थे हम , परदेस भा गया था जब आज अब इस धूप में छांव याद आ रहा है गांव याद आ रहा है ! नीब की निंबोलि... Read more

मिट रहा प्रकृति श्रृंगार – डी के निवातिया

****** ऋतुओं के संग-संग मौसम बदले, बदल गया धरा पे जीवन आधार, मानव तेरी विलासिता चाहत में, उजड़ रहा है नित प्रकृति का श्रृंगार, द... Read more

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दों की औषधि

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दो को औषधि #पंडित पी के तिवारी मुस्कान किसी भी व्यक्ति के हृदय की अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करती ह... Read more

मै तुम और हम

तुम बिन मैं नहीं मैं बिन तुम नहीं मैं तुम से हम हैं हम से मैं तुम हैं जब मैं तुम हम फिर क्यों है गम हम सी से है दम ना ... Read more

"कारवा चौथ"

"करवा चौथ" करवा चौथ, आज बीतें बरस, पिया! तेरे इंतजार में। मन पुलकित, पल छिन, देखुंगा आज तुम्हें, चांद के रूप में! ... Read more

"सुहागन" #हिंदी कविता"

शीर्षक -"सुहागन" पिया तोसे कैसे कहूं मैं मन की बात साथ तेरे जिंदगी की धूप-छांव में बह रही हूं मैं करती हूं सदा तेरी ही... Read more

सत्य धरा का

सत्य है कुछ नहीं धरा पर सिवाय उस अजेय मृत्यु के जन्म सच नहीं कर्म सच नहीं ये सामाजिक बंधन और रिवाज साथी सच नहीं, शादी सच नहीं ... Read more

करवाचौथ

करवाचौथ का दिन होता हैबहुत खास भार्यां चाँद से करे भर्या दीर्घायु अरदास तारों की छाँव में खा पीकर करे तैयारी नहा धोकर सजती संवर... Read more

करवाचौथ पर मेरे पति --आर के रस्तोगी

भला है,बुरा है,मेरा पति मेरा सुहाग मेरा ख़िताब तो है भले ही पन्ने पुराने हो, वो मेरे दिल की किताब तो है क्यों निहारु दूर के चाँद ... Read more