कविता

इश्क का सही सबक नहीं है l भाग - २

भाग - २ इश्क का सही सबक नहीं है l इश्क से कुछ ताल्लुक नहीं है ll द्वेष जीवन में, छाया न है l मौत सी कुछ धक धक नहीं है ll ... Read more

जिसको देखो सेंध लगाते हैं, सरकारी माल में

जिसको देखो सेंध लगाते, हैं सरकारी माल में नेता अफसर और माफिया, छुपे हुए हैं खाल में जनसेवा के नाम पर नेता, कमा रहे हर हाल में ... Read more

प्यार का एहसास

प्यार की अपनी सीमाएं हैं ,कहता जितना कह पाता है कितना भी कह डाले ,लेकिन अनकहा अधिक रह जाता है इन्सान कहीं खो जाता है मन उर्वर ... Read more

मेरी कविता

Neha कविता Sep 25, 2020
मेरे स्वप्नों की ऊंची उड़ान भर नभ में सज रही उमंगो की किरण बिखेर कर क्या जँच रही देखो पवन सी लहरा हिलोरें ले आ रही मनमोहनी सी कर... Read more

बेख्याली में ख्याल

*** बेख़्याली में ख्याल *** ********************* जब भी तेरा ख्याल आए मन में महक सी खिल जाए ख़्याली बन घूमता फिरूँ बयार... Read more

किसान

रिम झिम रिम झिम करते आती है बरसा रानी। टप टप टप टप करते बरसाती है पानी। टर टर टर टर करता है मेढ़क राजा छप छप छप छप करता है ... Read more

रीति रही मैं भी

बस यूँ ही*** बहुत ही मुश्किल मगर प्यार में हर दर्द को सीती रही हूँ मैं..... कभी तो सज़दे किये उनको ... Read more

बस यही चाहते हैं !

🌹🏵️💞💫💖🌷💐💖💫💞🏵️🌹 शीर्षक- #बस_यही_चाहते_हैं_! ★■◆●★■◆●★■◆●★■◆●★●◆■★ हम तो बस यही चाहते हैं ......! तेरे अपनो में मेरा भी ... Read more

ख्याल

ख्याल ****** ख्याल सबका ही रखता सिवाय अपने, दिन रात खपता बस देखता परिवार की खुशहाली के सपने। क्या क्या जतन करता फिर भी पूरा ... Read more

हिन्दी

हिन्दी ◆◆◆ हिन्दी हिन्द की शान है जन जन का अभिमान है, हमें गर्व है हिन्दी पर हिम शिखरों सा मान है। इसका मान गिराओ मत नीचा इसे... Read more

उम्मीद ( छन्दमुक्त कविता)

विषय-उम्मीद उम्मीद जिन्दगी है उम्मीद खुशी है उम्मीद डगर है उम्मीद सहर है उम्मीद एक सहारा है उम्मीद चमकता त... Read more

ख्याली पुलाव(चौपाई)

विधा-चौपाई शीर्षक-ख्याली पुलाव अच्छे- बुरे दो ख्याल होते मन में अनेक सवाल होते कभी मन करे अब मर जाऊं बहुत दूर कहीं निकल जाऊं... Read more

**दे दो वर बस इतना सा**

ईश्वर ने इंसान बनाए, सबके अपने विचार सजाएं । मेरे उसको उसके मुझको, यदा-कदा ही रास आए। काश विचार सभी के मिल जाए । ईश्वर हमको वह य... Read more

जीवन मर्म

जीवन मर्म ********* हमारे विचार हमारे जीवन में उदय का अर्थ समझाते हैं, हमारे आचार विचार हमें जीवन का हर मर्म समझाते हैं, जीव... Read more

मोबाइल

मोबाइल ◆◆◆◆ मोबाइल जीवन का अभिन्न अंग बन गया है, ऐसे लगता है इसके बिना जीवन में रखा ही क्या है? मोबाइल जन की जरूरत है, इसके... Read more

#प्रभु-वंदन

#प्रभु-वंदन मालिक जीवन दाता,हम पर आशीष बनाए रखना। ग़म दो या ख़ुशियाँ दो,पर अपनी नेक निगाहें रखना।। छल का पल ना देना,पाक नीति ही... Read more

अभी नहीं मरूंगी मैं

धमनियों में बहते दर्द के चिकनी ढलान पे जब खोजती हूं मैं … अपने ही देह को जो गड़ मड हो गया है दर्द के फ़र्द में दर्द को पहने हुए ... Read more

-- किरायेदार हूँ --

मेरा जिस्म यहाँ किराए पर रहता है अपनी सांसो को बेचता हूँ दिन रात मेरी औकात तो है बस"मिटटी" जितनी पर बात में महलो की कर जाता हू... Read more

किसान की भी तो कोई बात सुनो

मर्ज़ी से मिलता उन को भाव नहीं, किसान की ज़िंदगी गुलज़ार नहीं ।। किसान की भी तो कोई बात सुनो, कैसे हो गए हैं उन के हालात सुनो ।। ... Read more

--वो चुस्कियां-

कितनी भी कोशिश कर ली तुझ से दूर दूर जाने की पर तेरा मेरे लबों पर आकर अपनी गर्माहट के साथ वो एहसास दिलवा देना कि मेरे बिन त... Read more

-- मैं सैनिक हूँ --

बना ही था इस भारत माता के लिए मुझ को पैदा ही किया मेरी माँ ने सिर्फ और सिर्फ भारत माँ के लिए इस माटी का खून हूँ इस माटी ... Read more

बाली का उपालंभ

श्रीराम जी का वाण जब बाली के शरीर में जा धंसा , बाली सभी दिशाओं में आँखे फैलाकर देखने लगा कि ये वाण कहाँ से आया , किसने इतना शक्तिशा... Read more

इस पार ...

इस पार ... सूने तट पर खड़ी समेटे विरह-मिलन की वेदना उत्ताल तरंगे आंक रही मेरी निस्पंद सी चेतना उमड़ती लहरों पार बसेरा ... Read more

*बेटी को जन्मदिन की बधाई*

मुबारक़ हो जन्मदिन बिटिया प्यारी ! खुशियाँ मिलें तुम्हें दुनिया की सारी !! पग पग पर तुम पाओ सफलता ! छू भी ना पाए तुम्हें असफलता ... Read more

रिश्ता

समंदर कुछ यूं ज़िद पर अड़ा.... पाने को चांद दोनों बाहों को उठाए खड़ा.... भुला शायद चांद तो है सिर्फ आसमान के लिए।। Read more

मेरे दोस्त का जन्मदिन

Sonu का आज birthday है उसका समझ में नहीं या रहा कि क्या gift दूँ उसको, फिर सोच एक कविता ही लिख देती हूँ उससे प्यारा gift क्या होगा... Read more

संस्कार

संस्कार ******* संस्कारों का भी अपना संसार है, संस्कारों पर भी सबके अलग मानदंड हैं। सब अपने अपने ढंग से संस्कार ही तो देते हैं... Read more

माँ पापा

अपने ही बेटों के बड़े बड़े औऱ... आलीशान मकानों में होते हैं बहुत सारे कमरे , हॉल भी बडा सा कुत्ते के लिए बरामदा नौकरों के कमरे ... Read more

हिन्दी

हिन्दी -------- यह कैसी विडंबना है कि हमनें हिन्दी को अपनी ही भाषा को उपेक्षित कर रखा है, हमें शर्म भी नहीं आती कि हमें हिन्... Read more

कहाँ हैं

मेरे अपने गाँव कहाँ हैं पीपल वट की छाँव कहाँ हैं कैसा आया तूफ़ां जगत में कोई बताये वह पाँव कहाँ ह... Read more

दो कदम

जरा ठहर दो कदम मेरे साथी कभी तो कोई कारवां हमसे बनेगा आज संग कोई नहीं यह मालूम है कभी तो कोई जहाँ हमसे खिलेगा मुरझा... Read more

मुस्कान

मुस्कान *********** मुस्कराइये कि आप बड़े शर्मसार हैं, आदत से लाचार हैं, या फिर आपकी मुस्कराहट पर कर्फ्यू लगा है, या फिर मुस्क... Read more

अब कहां चैन पड़ता है

अब कहां चैन पड़ता है अब कहां आराम है महबूब से जुदा होके जीना कितना मुश्किल काम है बेकरार से दिन रहते हैं बे सुकून सी तमा... Read more

घटा

विषय-घटा /बदली विधा-चौपाई ये भुरी,काली ,सफेद घटा मन को लुभाने वाली छटा शीतल हवाएं साथ लायीं कोयल,पपीहा साथ गायीं। ठण्डी- ठ... Read more

अस्तित्व बचाइए

अस्तित्व बचाइए ◆◆◆◆◆◆◆◆ जल,जंगल और जमीन ये प्रकृति का उपहार है, पर्यावरण का ही नहीं हर प्राणी का जीवन आधार है। इसका संरक्षण, ... Read more

-- कितना मुकुर जाते हैं --

लिख दिआ सो लिख दिआ लिखा हुआ कभी मिटता नहीं मुंह के बोल जो कभी रूकते नहीं लिखा हुआ कभी कहीं भागता नहीं मुख से कहने से लोगो... Read more

विहग

विहग (पक्षी ) उड़ान भरूं विहग सी मैं मतवाली,चंचल खो जाऊँ विस्तृत नभ के सिंदूरी अंचल मेघों का आभास,सतरंगी धनक निहारूँ बूंदो... Read more

-- वाह डाक्टर साहब --

कुछ दिन पहले पत्नी जी को हो गया बुखार बोली जल्दी ले चलो अब डाक्टर साहब के द्वार बैठा के अपनी गाडी पर चल दिआ मैं उनके दरब... Read more

--अपना पैसा मांग कर देखो --

इज्जत, मान, मर्यादा का अब जमाना नहीं रहा अपनी जेब तक का दोस्तों अब खजाना बी अपना नहीं रहा देकर किसी को देखो फिर जरा मांग... Read more

समझदारी!

समझदार होने में खोया , मैंने अपना प्यारा बचपन समझदार जो समझा खुद को , खो दिया अपना भावुक मन जिम्मेदारियों की चादर ओढ़ी बड़ा कर ... Read more

--वो तस्वीर तेरी --

देख कर इस तस्वीर को मदहोशी सी आने लगी इन आँखों से आपने क्या कहा धड़कन है बताने लगी खोल कर जुल्फोन को जो आपने अंदाज बयान क... Read more

-- प्रेम की भाषा --

अपना बनाने के लिए काफी है मिठास का होना प्रेम को जताने के लिए इश्क में सब लुटाने के लिए प्रेम की भाषा का होना बहुत जरुरी ह... Read more

कातिलों के गलियारे

कातिलों के गलियारों में मैंने आज बसेरा तो यों अपना जमा ही दिया न जाने यहाँ बसने से पहले ही मुझे कितनों ... Read more

*माँ बाप का साया जब सर से उठ जाता है*

कौन कहता है माँ बाप भगवान नहीं ! बच्चे के लिए भगवान से कम भी नहीं !! माँ बाप का साया जब सर से उठ जाता है ! हर अपना कहने वाला ग़ै... Read more

चुपके चुपके कोने में

दाम लग रहे मेरे सुन लो ओने पौने में क्यों सौदे मेरे हो रहे हैं चुपके चुपके कोने में काबिल में इस कदर हो गया क्या मुझे मा... Read more

साथी

साथी १.जो साथ दे वो साथी फ़रहात दे वो साथी ठोकर लगे,गिर जाऊँ तो हाथ दे वो साथी २.कुछ पल नहीं ,पूरी हयात साथी मेरे,न... Read more

अब पथ के कांटे बड़े हो चले हैं

अब पथ के कांटे बड़े हो चले हैं तनिक रुको जरा सम्भल जाऊँ माँ बापू की विलक्षण बातों की जरा रुको कसकर गाँठ लगाऊँ पथ... Read more

शोर नदियों का

शोर इन नदियों का यादें उन सदियों की बूंद इन बन्दिशों की तन छूती चुभनों सी गर्मी में कामातुर नीर सर्दी में कहिल ... Read more

जिंदगी आजकल थोड़ा

जिंदगी आजकल थोड़ा नाजुक बन गयी है थोड़ा संभल कर चलो यही बात कविता में लिखता हूँ सावधानी बरतो समझो भरोसा रखो ऐ दोस्त! धैर्य र... Read more

हिमालय के ह्रदय की पीड़

हिमालय के ह्रदय की पीड़ पर मैं कभी न कहीं हिम संग फिसल जाऊँ। मैं कभी न खुद को कहीं यों विफल पाऊं।। मेरे ह्रदय की पीड़ को त... Read more