कहानी

कहानी

*एक बार फिर* मौसम की ठंडी फुहार और क्यारी में खिले पीले फूल आज फिर मन के दरीचों से अतीत की स्मृति ताज़ा करने पर आमादा हो गए हैं। ... Read more

देश का जबाज सैनिक

लघुकथा " रेल अबाध गति से जा रही थी । मै दोस्त की बारात में भोपाल से पुणे जा रहा था। अहमदनगर से कुछ सेना के जवान सवार हुए ... Read more

#100 शब्दों की कहानी# अनोखा वेलेंटाइन डे

आठ वर्ष पूर्व वेलेंटाइन डे के दिन ही बच्चों के विद्यालयों में प्राचार्यों ने नयी-शुरूआत करते-हुए समस्त विद्यार्थियों के पालकों को ... Read more

कहानी

*एक बार फिर* मौसम की ठंडी फुहार और क्यारी में खिले पीले फूल आज फिर मन के दरीचों से अतीत की स्मृति ताज़ा करने पर आमादा हो गए हैं। ... Read more

एक बार फिर

*एक बार फिर* मौसम की ठंडी फुहार और क्यारी में खिले पीले फूल आज फिर मन के दरीचों से अतीत की स्मृति ताज़ा करने पर आमादा हो गए हैं। ... Read more

#१०० शब्दों की कहानी# लेखिका बनने का सपना

सोम्या यूके से डॉक्टरी की पढ़ाई करके सीधे पहुंची, अपनी नेत्रहीन अंजु दीदी के पास । आज पूजनीय माता-पिता के आशीर्वाद-सुमन से मैंने तुम... Read more

#१०० शब्दों की कहानी# चलना ही जिंदगी

बेबीमौसी परिवार सहित बाईक पर किसी विवाह में जा रही थी, अचानक ही ट्रक तेजी से आने से दुर्घटना का शिकार हो गई, उसे व बेटी को चोट ज्य... Read more

बाबू जी की मुस्कान

"संध्या ने अपनी पूरी जिन्दगी घर के देखभाल और घर को बनाने में गुजार दी । मैं तो बस आफिस में चपरासी था । इस तनख़्वाह में दो बच्चों... Read more

आत्मा के संग

वे दिन ऐसे थे कि अभी तक जीवन से नहीं भूल पाए,जो पथिक के लिए अग्रणी बन मुझे चेतना से जागृत कर सात्विक कि तरफ ले चलने को, मेरा हाथ पक... Read more

#100 शब्दों की कहानी# कन्यादान का अधिकार

मृदुला व शीला बहनें थीं । शीला पढ़ाई पूर्ण करके विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थी, घर की बड़ी बेटी जो थी सो बुजुर्ग मा... Read more

#यादें #बचपन #की

#वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी । बड़ी खूबसूरत थी वो जिंदगानी।।❤❤ इस चित्र को देखते ही मन बचपन की यादों के तरफ़ प्रफुलित हो उठ... Read more

#१०० शब्दों की कहानी# यह कैसी गोद भराई

सुबह से ही मेहमानों का तांता लगा था, गोद भराई थी न कुसुम की, नौकरी के लिए प्रयासरत थी कि पापा ने कानपुर में अच्छे व्यवसायी ... Read more

मुझसे बोलकर जाने की तो बनती है ना संय्याजी

इस समूह के समस्त पाठकों को मेरा प्रणाम । जी हां मैं फिर हाजिर हूं एक ऐसी कहानी के साथ, जो हमारे परिवारों में इर्द-गिर्द अक्सर घ... Read more

*भैंस क्या हैं *

🌺🌺 भैंस क्या है 🌺🌺 एक बहुत पुरानी बात है जब सिकंदर महान (एलकोंडर) यूनान का सम्राट था। वह भारत देश को अपने अधिन करना चाहता था । परंत... Read more

"जान बची तो लाखों पाए"

बात बहुत पुरानी नहीं है। 24 नवंबर 2018 की बात है। मैं अपने पति देव के साथ झुंझनू (राजस्थान ) से एक समारोह में भाग लेने के बाद जयपुर ... Read more

यादें #बचपन #की

#यादें #बचपन #की😊😊 #वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी । बड़ी खूबसूरत थी वो जिंदगानी।।❤❤ इस चित्र को देखते ही मन बचपन की यादों... Read more

जीने चाह

"मेरे लिए जिन्दगी बेकार है, मै किसी को सुख नही दे सका । बचपन में पिताजी कहते रहे बेटा कुछ पढ लिख ले , लेकिन नहीं मेरे दोस्तों का स... Read more

बदलाव

बदलते परिदृश्य जैसे जैसे घर पास आता जा रहा था कुसुम का मुँह कलेजे को आ रहा था , कैसे करेगी वो माँ का सामना उसने माँ को हमेशा गहर... Read more

#100 शब्दों की कहानी# एक नयी शुरुआत

बात उस समय की है, जब मैं अपना अध्ययन पूर्ण करके नौकरी के लिए प्रयासरत थी । इसी कोशिश के साथ मैं प्राईवेट में सेल्स टैक्स कंसल्टेंट... Read more

आफिस तक का सफर

पिताजी के देहान्त के बाद घर की जिम्मेदारी संगीता पर आ गयी थी । मम्मी की तबियत खराब ही रहती थी । पिता जी की पेंशन माँ को मिलती थी लेक... Read more

पहले प्यार की जीत

राधिका थोड़ी सकुचाई सी सहमी हुई मन ही मन सोच रही थी कि “आखिर किशन अचानक ही कुछ बिना बताए कहां चला गया “ । राधिका थोड़ी बहुत पढ़ी ... Read more

3 साल से बेघर लोगों एवं बुजुर्गों की मदद कर रहा 7 साल का टाइलर

समस्त सम्माननीय पाठकों को मेरा प्रणाम । आज फिर मैं एक नयी प्रेरक जानकारी प्रस्तुत कर रही हूं आशा है कि आप अवश्य ही पसंद करेंगे ।... Read more

घर की इज्जत

"इन्सपेक्टर चेतना ने अपनी टोपी निकाली और कुर्सी पर बैठ कर सुस्ताते लगी । अभी वह चार लड़कियों को पकड कर लाई थी जो रात को दो बजे घर से... Read more

#100 शब्दों की कहानी# विश्व हिन्दी दिवस

मिंटु विद्यालय से आते ही मां से कहने लगा, हमें है न मम्मी शिक्षिका ने 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस पर पर्यावरण और स्वास्थ्य पर हिन्... Read more

#100 शब्दों की कहानी# जागरूक होना अनिवार्य

छोटी सी नेहा कोने में बैठी रो रही थी । सहेली सुषमा ने कारण पूछा , पर वह रोए जा रही, मैंने उसे प्यार से पूछा, तो उसने रोते हुए... Read more

गुलाम

समीर शहर के सबसे मशहूर स्कूल में पढ़ता था और पढ़े भी क्यों न नगर के अरबपति व्यवसायी "मित्तल ग्रुप" के मालिक अमर मित्तल की इकलौती संत... Read more

माँ बसन्ती-पिता राम कृष्ण

मां बसन्ती,पिता राम कृष्ण,जन्म जिन्होने दिया मुझे, मुझसे पहले,आए जो भाई बहन,उन सबको मेरा अभिन्नदन। माँ समान रमा दीदी,सबसे पहले वो ... Read more

गिला - शिकवा

रेल तेज गति से जा रही थी रात के दो बज रहे थे लेकिन संध्या की आँखो से नींद कौसो दूर थी । तभी उसकी आँखो के आगे एक चलचित्र चल दिया : ... Read more

बिखर गये सपने

"मैं यहाँ मर रहा हूँ और तुझे पढ़ने की पड़ी है" मोहनलाल जी ने सुमित की सारी किताबें गुस्से में आकर फेंक दीं। वार्ड के सभी मरीज देखते... Read more

नया साल (संस्मरण)

वो साल दूसरा था ये साल दूसरा हैं****😊जी हाँ आज से बारह साल पहले की बात है लगभग 2006 -07 की जब मै ग्यारह या बारह साल की थी। पुराने ... Read more

#१०० शब्दों की कहानी# बेटी के रूप में नायाब तोहफा

आमतौर पर महिलाएं ४७ वर्ष की आयु के बाद मां नहीं बन सकती, परंतु आजकल महिलाएं बड़ी उम्र में भी मां बन सकती हैं, और यह भारत में आईवी... Read more

पूजा के फूल

माँ बेटी की कहानी जो आपको शिक्षा देगी. मां ने अपने बेटे अमन को बड़े ही प्यार से उठाकर, उसे उसके जन्मदिन की मुबारकबाद देते हुए कहा ... Read more

प्यार और लडाई

प्यार - तकरार "बेटा बनारस वाली गाडी कौन से प्लेटफार्म पर आऐगी " रमा ने अपने सिर पर रखी गठरी नीचे रखते हुऐ गेट पर खडे टीटी से पूछ... Read more

प्रेरणा का स्रोत

एक गरीब किसान अपने पूरे परिवार के साथ,अपने छोटे से गांव में अपने खपरैल के मकान में रहता था,किसान और उसकी पत्नी दो लड़के एक बहू एक बे... Read more

गुलाबो

गुलाबो आ जा अंदर... अब कब तक बाहर बैठे रहेगी शाम हो गई है गुलाबो की भाभी सुलभा ने अंदर से आवाज दी।हाँ भाभी आती हूँ..लेकिन फिर वो अपन... Read more

स्वावलम्बी लड़की से हुई मुलाकात (१०० शब्दों की कहानी)

फ्लाईट से यात्रा के दौरान जिंदगी के इन पलों में मेरी मुलाकात एक स्वावलंबी लड़की से हुई, जो मेरे पास वाली सीट पर बैठी ऊपर जाते हुए ब... Read more

अशांति का बीज

आधुनिक-युग की नव-निर्मित सास्त्विक सत्य घटना का देखी-अनदेखी,सुनी-अनसुनी,व्यवहारवादी,आदर्शवादी,विचारणी बातों का अनोखा चित्रण..”अशांति... Read more

भारतीय रेल यात्रा (एक व्यंग्यात्मक यात्रा संस्मरण )

रात्रि के प्रथम प्रहर में, लखनऊ स्टेशन से रेल गंतव्य की ओर प्रस्थान करती है । रेल द्रुत गति से आगे बढ़ती है , कोच के कुछ यात्री वार्... Read more

क्लास मॉनिटर (बाल कहानी )

रमेश एक अत्यंत मेधावी छात्र था , उसने इसी वर्ष विद्यालय परिवर्तन करके महा नगर के विद्यालय में प्रवेश लिया । रमेश आज्ञाकारी छात्र होन... Read more

#१०० शब्दों की कहानी# सहयोग से हर कार्य सम्भव

दिपावली के त्यौहार पर लक्ष्मी पूजन के दूसरे दिन अचानक ही मेरी बहन का फोन आया कि वह शाम को मिलने आ रहें हैं । इस त्यौहार को मनाने के ... Read more

#100 शब्दों की कहानी# जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि

१९९० में वाणिज्य संकाय में लेखाशास्त्र से संबंधित विषयों के साथ एम.कॉम. उत्तीर्ण करने के पश्चात तुरंत ही मुझे केंद्रीय कार्यालय में ... Read more

#मेरे बाबूजी !

रेखा चित्र : #मेरे_बाबू_जी / दिनेश एल० "जैहिंद" संतान के लिए माता पिता ईश्वर से कम नहीं होते हैं | माता जहाँ अपनी संतान को जन्... Read more

हिप हिप हुर्रे

पिछले एक घंटे से उसके हाथ मोबाइल पर जमे हुए थे। पबजी गेम में उसकी शिकारी निगाहें दुश्मनों को बड़ी मुश्तैदी से साफ कर रहीं थी। तकरीबन ... Read more

चीख - जिसे सुनकर किया अनसुना

चीख - जिसे सुनकर किया अनसुना मासूम एक आठ साल की छोटी सी बच्ची जिसे अभी लोगों को पहचानना तक नहीं आया था। जिससे मिलती उसी से कुछ य... Read more

डांस करके हंसाया -# १०० शब्दों की कहानी

मेरी चचेरी बहन के बेटे की शादी के अवसर पर उसने एक दिन पहले मनोरंजन समारोह का आयोजन किया था । बहन की दिली इच्छानुसार हम सभी बहने... Read more

गुटकी

गुटकी ----------- " गुटकी " आज भी जब कभी वो बच्ची मेरे ख्यालों में आती है तो मन मे एक कपकपी सी छूट जाती है , मन उदास हो जाता है ... Read more

बाल हनुमान कविता कथा

बाल हनुमान 1 त्रेता युग की बात है जब पृथ्वी पर छाया भार भार मुक्त करने धरा,शिव शंभू लिए अवतार। चैत्र शुदि पूनम को,कपिराज केसरी ... Read more

१०० शब्दों की कहानी - यादगार गोल्डन जुबली समारोह

केम्पियन स्कूल भोपाल की स्थापना जुलाई १९६५ में हुई और स्कूल का गोल्डन जुबली समारोह दिसंबर माह 2015 में तीन दिन हर्षोल्लास से मनाया ... Read more

बच्चे गलतियां करके ही सीखते हैं और यह बिल्कुल सही है

सभी पाठकों को मेरा प्रणाम । एक बार फिर हाजिर हूं, इस शिक्षाप्रद कहानी के माध्यम से, आशा करती हूं आप अवशय ही पसंद करेंगे । राधि... Read more

पानी वाला इश्क़

गर्मी के दिन थे, सभी सूरज की तपिश से परेशान थे जानवर तो जानवर , इंसानों का भी बुरा हाल था उस दिन गर्मी की वज़ह से कोई भी व्यक्ति अपन... Read more
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