कहानी

"मेरी नई पहचान" (संक्षिप्त कहानी)

मेरी लेखनी, बनी जीवन-संगिनी । जीवन में कुछ कठिन पल भी आए, तब ऐसा लगा मानो लेखनी रूठ गई हो,जैसे ही हुई लेखनी से पुनः मुलाकात, मुझे मि... Read more

"संडे कहीं खो गया" (संक्षिप्त कहानी)

दीदी बहुत याद आती है नाना-नानी की । वो शनिवार को स्कूल की जल्दी छुट्टी होना, मम्मी का शनिवार-रविवार को स्पेशल-डिश बनाना, कभी-कभी हम... Read more

"मम्मी का संडे" (संक्षिप्त कहानी)

पापा टीचर ने सब बच्चों से पूछा, आप संडे कैसे बिताते हैं? आखिर सबका होलीडे होता है । फिर एक-एक करके सब लगे बताने, मम्मी के हाथ का स्प... Read more

रो उठी है,आत्मा

चार दीवारों से घिरा एक छोटा सा कक्ष में राजू कुर्सी पर बैठकर,कुछ किताबें पढ़ रहा था,तभी एका-एक राजू का ध्यान,अपने आपबीती घटनाओं का ... Read more

"मन की सरस्वती" (संक्षिप्त कहानी)

सुबह उठते ही प्रतिदिन मंदिर से भजनों की मधुर ध्वनि सुन मनमुग्ध हो, सुनील-संगीतकार अचंभित, किसकी आवाज़ आ रही? वह मंदिर गया, तो भ... Read more

रेलगाड़ी का सफर

चलो दोस्तों आज शुरुआत करते हैं रेलगाड़ी का सफर एक नई कहानी से मैं आपके लिए लेकर आया हूं एक जबरदस्त कहानी जो आपको बहुत कुछ सिखाएगी ... Read more

कुछ मीटर पर…ज़िंदगी!

आस-पास के माहौल का इंसान पर काफ़ी असर पड़ता है। उस माहौल का एक बड़ा हिस्सा दूसरे इंसान ही होते हैं। एक कहावत है कि आप उन पांच लोगों का ... Read more

हम तो ठेठ देसी है ।

आप सभी महानुभवो का ह्रदय से धन्यवाद । की आप मेरी लिखी हुई कविता लेख गीत को पसंद करते है । तो समय बर्बाद ना करते हुए में अता हूं । ... Read more

"ऊंची उड़ान" संक्षिप्त कहानी

रेणु बेटी, बाल-विवाह ऐसा अपराध है, जिससे कितनी लड़कियों के सपने नष्ट हो जाते हैं,समाज सेविका के रूप में गांवों में फैली इस कुरीति को ... Read more

"चुप रहना ही बेहतर" (संक्षिप्त कहानी)

कभी-कभी विजया किसी की व्यक्तिगत जानकारी मालूम भी हो तो भी चुप रहना ही बेहतर । नाती की शादी का लुत्फ उठातीं। तुम्हें प्रीती की शाद... Read more

आदर्श बहू

बहू कल निम्मी को लेने आने वाले है, मैंने शाम को सबका खाना रखा है, कुल 8 - 9 लोग है तुम सम्भाल लोगी ना। सासुजी ने कहा । वंदना - जी ... Read more

मैं कुशल गृहणी नहीं हूँ

आज सुबह से ही पता नहीं क्यों अजीब सा आलस आ रहा है।सुबह 6:30 का अलार्म बजा पर आज तो बेटे की छुट्टी है, पति की भी छुट्टी है ,तो अलार्म... Read more

बदलाव

एक बार एक बुजुर्ग की तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।पता लगा कि उन्हें कोई गम्भीर बीमारी है हालांकि ये छूत क... Read more

पूर्णांगिनी

जया को रात में बुखार चढ़ गया था। दो बार उल्टी भी हुई थी। पास सोए रवि को उसने इस बात की भनक भी नहीं पड़ने दी, लेकिन सवेरे वह लाचार थी... Read more

दामाद

" माँ सौरभ कल सुबह आफिस के काम से एक हफ्ते के लिए कानपुर आ रहे है । मै पेन्टु के स्कूल की वजह से नहीं आ पा रही हूँ, ध्यान रखना ।" ... Read more

"आशीर्वाद पिता का" (संक्षिप्त कहानी)

फोरसेप से डिलीवरी हुई घनश्याम की पत्नी सुनंदा की, "सुंदर लक्ष्मी घर आई", पर दिव्यांग, दिमाग विकसित नहीं हुआ था उसका । ड्राइवर की ... Read more

तलाक

पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर क... Read more

"ज्ञानरूपी संगिनी" "संक्षिप्त कहानी"

हिंदी साहित्य-संगोष्ठी आयोजन में शामिल होने का प्रथम बार अवसर मिला तो मेरा साहित्य-प्रेम वहां जाने से मुझे न रोक पाया। विख्यात ले... Read more

"नई दिशा" #50 शब्दों की कहानी#

अनाथाश्रम पहूंची गीता से पूछा, आप बेटे या बेटी में किसे अपनाएंगी ? सोच रही "किस तरह आया की नौ महीने की मासुम के साथ मजदूर ने मुं... Read more

"बकेट-लिस्ट" (संक्षिप्त कहानी)

बरसों चिकित्सकीय उपचार के पश्चात भी रूबिना मां नहीं बनीं तो रफीक ने तलाक देकर दूसरा निकाह सलिमा से किया । रूबिना ने भी जीते जी ह... Read more

रिश्ते कैसे कैसे

रिश्ते कैसे कैसे* ************************************ देव प्रबोधिनी एकादशी का दिन था। दुल्हन की विदाई का माहौल था। बारी बारी ... Read more

परकटी

वो विधवा थी पर श्रृंगार ऐसा कर के रखती थी कि पूछो मत। बिंदी के सिवाय सब कुछ लगाती थी। पूरी कॉलोनी में उनके चर्चे थे। उनका एक बेटा भी... Read more

वोटर और चुनाव

एक आदमी जो झोल़ा उठाये दिनभर घूमता सुबह एक नियमित समय शायं घर लौटने का भी दिनभर लोग ताश खेलने, हुक्का पीने, हररोज शायं शराब की लत... Read more

"सिल्वर जुबली" #100 शब्दों की कहानी#

कुल्लु-मनाली की हंसी वादियों में खो जाने का दिल करता मेरा रवि । हां मोनिका शादी की रस्में, मेहमानों की आवाजाही, कंपनी में अवकाश हे... Read more

एक औरत को आखिर क्या चाहिए ?

एक बार राजा हर्षवर्धन युद्ध में हार गए। हथकड़ियों में जीते हुए पड़ोसी राजा के सम्मुख पेश किए गए। पड़ोसी देश का राजा अपनी जीत से प्र... Read more

दीपावली**** ?

दीपावली आखिर आ ही गई। 15दिन से विशु के घर तैयारियाँ चल रही थी। 5 मज़दूर मिलकर पुताई ,रंग रोगन कर रहे थे। 3 बाईयां झाड़ू पौछा कर रही थी... Read more

नीली बनारसी साड़ी (कहानी)

।। नीली बनारसी साड़ी ।। एक लड़की के बचपन की सबसे मधुर स्मृतियों में एक स्मृति उसकी माँ के सुंदर-सुंदर कपड़े और साड़ियों की स्मृति... Read more

बदलती विचारधारा

रामलाल हाल का सामान जमा रहे थे । यहाँ अभी उनके साथी आने वाले थे । रामलाल ने जब अपना घर बनवाया था, तब बेटे सुरेश के लिए तीन कमरे ऊप... Read more

"आत्मरक्षा की अलख जगाई" #100 शब्दों की कहानी#

रिया पहली बार मां को लेकर गई मुंबई दर्शन कराने और वैसे भी सुरभी बुला रही थी, पर जैसे ही मुंबई सेंट्रल रेल्वे स्टेशन पहुंचकर टेक्सी म... Read more

"हे प्रार्थना यही" # 100 शब्दों की कहानी#

"हे प्रार्थना यही" जिंदगी की विषम परिस्थितियों से गुजरने के बाद सितंबर 2018 से इस मंच पर मैंने हिंदी और मराठी दोनों ही भाषाओं मे... Read more

"सच्चा प्यार" #100 शब्दों की कहानी#

"सच्चा प्यार" सच्चा प्यार ही तो किया था पूजा ने शिक्षक जोसेफ से और प्यारी सी गुड़िया के साथ जिंदगी बसर हो रही थी, पर दोनों के ब... Read more

करवाचौथ की कहानी

बहुत समय पहले की बात है कि एक साहूकार बनिये के सात बेटे तथा एक बेटी थी जिसको सभी भाई व भाभी उसे "करवा" नाम से पुकारते थे | सभी सात... Read more

"कोशिशें कामयाब" #100 शब्दों की कहानी#

अभी कुछ दिन और रूक जाती बेटी तान्या, सुमेद को हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए एक महिना भी नहीं हुआ । रोको मत मां, ममता के आंचल में... Read more

जिन्दगी, एक अहसास भी

उम्र पैंसठ-साठ साल को पार करते हुए पापा माँ में चिड़चिड़ा आता जा रहा था , और हो भी क्यों न ? हम दो बहनें समाज की क्रूरता के कार... Read more

"हीरे की अंगूठी" #50 शब्दों की कहानी"

शेखर का सपना था,शादी करेगा तो रीना से ही । इसलिए वह शहर गया नौकरी की तलाश में,पर जब गांव लौटा तो मां ने कहा, "रीना को कोई और ब्... Read more

"मकसद साकार किया" #100 शब्दों की कहानी#

यह तो सर्वविदित है, हम सबका इस दुनिया में आने का एक मकसद है, बस जीवंत रूप हर किसी के लिए पृथक होने के कारण उसकी सार्थकता हेतु प्रयास... Read more

दर्शन

आज बहुत खुशी का दिन है क्योंकि शारदीय नवरात्र का आज नवमी है। सारे लोग नहा धोवाकर के मां के दर्शन करने के लिए पटजिरवा माई स्थान जा रह... Read more

"हौसला रखना आवश्यक" #100 शब्दों की कहानी"

नीती गर्भवती होने के बावजूद भी सहायक पद परीक्षा हेतु आखिरी मौका गंवाना नहीं चाहती थी, सो बेटी को पति के पास छोड़कर पहली बार मां संग ... Read more

"प्रज्वलित प्रकाश" #50 शब्दों की कहानी#

एक नज़र देखते ही बिस्तर की सिलवटों को हम ठीक कर देते हैं बेटा सुयश, लेकिन मन के विचारों में डूबी सोच की सिलवटों को कभी गहरी मत होने... Read more

बुधुआ (लघु संस्मरण)

7वीं में फेल हो चुकने के बाद उसने, किताबों को तिलांजलि दे दी और छोटी सी हीं सही, पर अपनी गृहस्थी की गाड़ी को खींच सकने लायक चाय की एक... Read more

#सकारात्मक ऊर्जा" #100 शब्दों की कहानी#

2005 में हम सासुमां को हार्ट बाईपास सर्जरी हेतु अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे, समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात जैसे-जैसे तिथि ... Read more

पुनर्वास

पुनर्वास --///- हार्ट अटैक का पहला झटका झेलने के दूसरे ही दिन रमाकांत जी की अपनी निजी पुस्तकालय की सभी पुस्तकें जिला ग्रंथालय को द... Read more

मक्खन बाजी

हास्य व्यंग्य मक्खनबाजी "कहाँ जाने की तैयारी है ?" पतिदेव को तैयार होते देख श्रीमती जी ने पूछा। "आफिस और कहाँ जानेमन, मियां की दौ... Read more

क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (4)

4. क्या यह महज संयोग था या कुछ और...? हमारे रोजमर्रा के जीवन में कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं, जो अजीबोगरीब और अविश्वसनीय लगती... Read more

क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (3)

3. क्या यह महज संयोग था या कुछ और...? हमारे रोजमर्रा के जीवन में कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं, जो अजीबोगरीब और अविश्वसनीय लगती... Read more

क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (2)

2. क्या यह महज संयोग था या कुछ और...? हमारे रोजमर्रा के जीवन में कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं, जो अजीबोगरीब और अविश्वसनीय लगती... Read more

क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (1)

1.क्या यह महज संयोग था या कुछ और...? हमारे रोजमर्रा के जीवन में कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं, जो अजीबोगरीब और अविश्वसनीय लगती ... Read more

प्यार का इम्तेहान

कहानी प्यार का इम्तेहान हमारी कॉलोनी का गणपति महोत्सव पूरे शहर में मशहूर है। लगातार दस दिनों तक यहाँ मेले की तरह धूम रहती है। बच्च... Read more

", दादाजी चले पोते-संग बगिया" #100 शब्दों की कहानी#

तमाम उपायों के पश्चात शादी के दस साल बाद भी प्रदीप और ज्योति की जीवन बगिया कोई एक गुलाब खिलने से वंचित रह गई, पर वे पिताजी की सेवा ... Read more

"परिवार की धुरी" #100 शब्दों की कहानी#

हम शुरुआत से ही नौकरीपेशा, सास-ससुर संग रहने के साथ ही बड़े होने के नाते जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते । पहले कभी बीमार हुए ही नहीं... Read more