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Category: कहानी

‘भाषण’ लघुकथा
एक मोहल्ले के कुछ युवकों ने मिलकर रक्तदान समिति बनाई और शहर के निजी ब्लड बैंक के सहयोग से एरिया सामुदायिक हॉल में रक्तदान शिविर... Read more
लघुकथा-दृष्टिकोण
संगीता अपने पन्द्रह वर्षीय भाई निशांत को साथ लेकर एक रेस्टोरेंट में गई। वहा लड़के-लड़कियों की पहले से काफी भीड़ थी, कोई मोबाइल की बातें... Read more
एक मुलाकात
बहुत टाइम से ना मिला उससे में । ओर ना कभी कोशिश की।उसे पाने की । कुछ उम्मीदे थी उसके आने की । ओर कुछ... Read more
बड़का भईया (भोजपुरी)
बड़का भईया (समाजिक कुरीति) (भोजपुरी कहानी) -------------------------------------------- अपना बेटवा के हतास मुर्झाईल, चेहरा देख के केतना ब्याकुल रहले फुलेना तिवारी। फुलेना तिवारी अनाम गाँव के... Read more
अन कहा सच
(काल्पनिक) हा मेने ही कहा था कि मुझे तुमसे कभी बात नही करनी ।हा मेने ही कहा था कि में तुमको कभी याद नही करूँगा... Read more
अधुरी कहानी (रांग नंबर)
अधुरी कहानी (रांग नंबर) ------------------------------------------ ट्रीन..ट्रीन... ट्रीन संजू ने फोन की बजती हुई घंटी को सुन फोन उठाया हेलो..कौन उधर से एक मीठी अत्यंत सुरीली... Read more
“काश मैं अमिताभ बच्चन का अंतर्मन होता…” (हास्य)
मैंने एक कहानी लिखी और मेरा अपने अंतर्मन से वार्तालाप शुरू हो गया। अंतर्मन - “छी! क्या है ये?” मोहित - “कहानी है और क्या... Read more
गुलाम
सीता का विवाह हुए अभी चार महीने ही बीते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। बस रोहन के व्यवहार में थोड़ा बदलाव आया था।... Read more
किसका भारत महान?
पैंतालीस वर्षों से दुनियाभर में समाजसेवा और निष्पक्ष खोजी पत्रकारिता कर रहे कनाडा के चार्ली हैस को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई। नोबेल... Read more
दुखी मन मेरे .......
दुखी मन मेरे यह कहानी उन मानसिक रोगियों को सर्मपित है। जिन्होने अपनी जिन्दगी में खुशी का कोई क्षण अनुभव नही किया है। यह अजीब... Read more
कहानियां तो बोध जगाती है, ,पर लोग सो जाते है !
बिल्लियां झगड़ती हैं, अक्सर बंदर फैसले कराते है, कथा और कहानियों में ! . पर बिल्ली जैसा समझदार जीव खोजना मुश्किल है ! अपने बच्चे... Read more
एक रोचक कहानी -------प्रायश्चित
प्रायश्चित शीतकाल प्रारम्भ है, रात्रीकी चादर सुबह का सूरज धीरेधीरे समेट रही है। उसकाप्रकाश दरवाजे की झिर्रीयों से छन-छन कर अंदर होने का अहसास करा... Read more
जिद
मेरी यह कहानी राजस्थान पत्रिका में 29.3.2017 को प्रकाशित हो चुकी है। चंदर आज बेहद खुश था। आज उसकी जिंदगी का हसीं सपना सच हो... Read more
जीवन संघर्ष
मेरी यह कहानी राजस्थान पत्रिका में 19.8.2015 को प्रकाशित हो चुकी है। बाबूजी नहीं रहे। मुझे अभी तक विश्वास नहीं हो पा रहा है। यूं... Read more
किरन
सुनो! क्या कर रही हो? इधर आओ खाना देने पिता जी को जाना हैं।अंदर से चीरती हुई आवाज आ रही थी । माँ आ रही... Read more
डिफ़ाल्टर
डिफाल्टर प्रवीण कुमार हमारे गाॅव में एक परमानन्द जी का परिवार रहता था। षाम को जब मेहनतकष मजदूर,बटोही घर पहॅुच कर विश्राम की मुद्रा में... Read more
अनुग्रह माँ अम्बे की
अनुग्रह माँ अम्बे की......... ................................ एक मासूम सा चेहरा किन्तु दीर्घकालिक दुख से स्याह पड़ा, हुआ आखो से अश्रु की अविरल धारा बहकर जैसे सुख... Read more