कहानी

मंटो

उस रोज़ घर में घुसते ही सब कुछ अस्त व्यस्त मिला सारा सामान इधर उधर बिखरा था।दरवाजे पर मोंदा गिलास था कंघा कुर्सी के नीचे और बिस्तर प... Read more

गांव लौट चलें

अंगूरी उदास और गहरे सोच में बैठी थी, किसी के आने की आहट से ध्यान भंग हो गया, सामने से सावित्री जीजी आते दिखाई देती हैं, अपने को संभा... Read more

शीरो

अधखुले दरवाजे के पूरे पाट खुलते ही वो सड़क की ओर दौड़ पड़ा और खुले आकाश को देखने लगा जहां बादल दायें से बायें तीव्रता से एक दूसरे को... Read more

शक

बहू क्या ढूंढ रही हो? सुबह से पूरा घर उलट पलट कर रख दिया है? कुछ नहीं माता जी क्या बताऊं मेरे कंगन नहीं मिल रहे, मैंने सब जगह देख लि... Read more

आनंदी दाई मां

ठकुराइन को पहला बच्चा होना था, घर में बहुत ही ख्याल रखा जा रहा था। दिन पूरे हो गए थे, उस समय जचकी (डिलीवरी) घर में ही हुआ करती थी। ग... Read more

ठकुर सुहाती(सत्य घटना आधारित कहानी)

ठाकुर पृथ्वी सिंह जमीदार थे, उन्होंने हवेली परिसर में राधा कृष्ण का मंदिर बनवाया था। भगवान की सेवा पूजा में एक सीधे-साधे सरल स्वभाव ... Read more

करतम सो भुगतम (कहानी)

ठाकुर शेर सिंह बड़े किसान थे, साथ साथ कई अवैध कारोबार शराब की भट्टी, ईंटों का भट्टा, अवैध रेत आदि आदि। गांव के बरसों से सरपंच थे, दब... Read more

" अम्माँ कल से मैं स्कूल नही जाऊँगीं "

संस्मरण मैं क्लास फोर में थी रोज़ का नियम था स्कूल से घर के गेट में घुसती और स्कूल बैग बाउंड्री के बाहर ये बोलते हुये फेंक देती " ... Read more

" मान ऐसे भी रखा जाता है "

संस्मरण बात सैतालीस साल पुरानी है हम हर त्योहार और शादियों में कलकत्ता से गांव ज़रूर जाते थे इस बार भी गायत्री दीदी की शादी ( बड़के... Read more

शिव कुमारी भाग १४

तीज त्यौहारों में उनकी जान बसती थी। सावन की तीज पर तो उनका गांव में प्रसिद्ध झूला डलता था। घर के बाहर नीम के पेड़ ने अपनी चौथी ... Read more

" किस्सा पहली यात्रा का "

यात्रा वृतांत ( संस्मरण ) " किस्सा पहली यात्रा का " सन 1984 " बसंत महिला महाविद्यालय , राजघाट ,वाराणसी " ( जे० कृष्णमूर्ती जी... Read more

लाल सफेद बस एंड द लास्ट सीट

बीच जंगल में यात्रियों से भरी बस अचानक रुक जाती है। थोड़ा वक्त गुजरने पर भी बस नहीं चल पाती। सभी यात्री परेशान होकर धीरे-धीरे बस से ... Read more

मान सम्मान

मान सम्मान ---------------- मेरी नियुक्ति वैसे तो गणित शिक्षक के रूप में हुई पर बचपन से मेरा झुकाव साहित्य की ओर बना रहा ।हाल... Read more

शिव कुमारी भाग १३

वो किस्से , कहानियों और लोक मुहावरों की एक कोष ही तो थीं। उनकी किस्सागोई के सभी तलबगार थे घर में। रात के वक़्त खाना खाने के बाद हम ब... Read more

शिव कुमारी भाग १२

दादी घर के पेड़ पौधों की भी माँ ही थीं। सारे उनके हाथ के ही लगाए हुए थे या फिर उनकी देख रेख में लगे थे। परिवार बढ़ने पर जब ठाकुरबाड़ी ... Read more

मुक्त आकाश

कहानी ******** मूक्त आकाश """"""''''''''''''''''''' घनघोर वारिश के बीच कच्चे जंगली रास्ते पर भीगता काँपता हुआ सचिन घर की ओर बढ़ ... Read more

बहरा खानदान - (भाग-2)

अभी तक आपने पढ़ा -- किसी गांव में एक अठ्निया नामक किसान रहता था ।उसके चार बेटे ----------धन्नो के कारण अठ्निया और उसकी पत्नी में ... Read more

फिल्मों का वो दौर

सत्तर और अस्सी के वो दशक जो गांव में गुज़रे थे, उसमें फिल्में जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। टेलिविजन उस समय न के बराबर थे और शु... Read more

बहरा खानदान -(भाग 1)

किसी गांव में एक अठ्निया नामक किसान रहता था ।उसके चार बेटे थे । फ्फरा,मचान ,टेटरा और हरखू ।फ्फरा अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी करता था ... Read more

कर्म ही पूजा

कर्म ही पूजा ~~~~~~~ आज रीवा साईकिल एजेंसी का मालिक दिनेश बहुत खुश था।हो भी क्यों न,शादी के बारहवें साल में उसे बेटी जो हुई थी।उसक... Read more

कथनी और करनी

पुरस्कृत कहानी, शीर्षक- कथनी और करनी साहित्यिक गोष्ठी में ,अचानक, यह विचार चर्चा का विषय बन गया ,कि, महापुरुषों के विचार... Read more

साइबर रेड

साइबर रेड-"कहानी" पुलिस बल का आगमन हो गया । तलाशी अभियान जोरों पर था ,साथ में ,अफवाहों का बाजार गर्म था।शहर में साइबर अपराध चर... Read more

शिव कुमारी भाग ११

चचेरी दीदी की शादी तय होनी थी। उनके लिए जब लड़का देखने झरिया गए, तो मैं भी गया था। बात पक्की करके जब ट्रेन से लौट रहे थे तो आद्रा स्... Read more

शैतान रजा

शैतान रजा ~~~~~~ अपने माँ बाप की इकलौती संतान रजा,बचपन से शैतान का मानीटर जैसा था।उसकी शैतानियों से उसके अम्मी अब्बू ही न हीं पूर... Read more

विजय भैया

विजय भैया उर्फ बिज्जू भैया, बचपन में हमारे घर पर रहे। मेरी ताईजी उनकी बुआ लगती थी। मामाजी ने जमशेदपुर से हमारे यहां पढ़ने भेजा था... Read more

शिव कुमारी भाग १०

अब तो वो पुश्तैनी घर वैसा नही रहा, पक्का मकान बन चुका है पर आँख बंद करते ही एक कच्चा मकान आज भी साफ साफ दिखाई देता है। घर की दहलीज... Read more

लालाजी की दुकान (मोक्स या मास्क)

मेरे ज्ञान चक्षु उस वक्त डगमगा ग‌ए जब मैंने एक शब्द सुना ' मोक्स'।यह मास्क से मिलता-जुलता तो है लेकिन लगा नहीं। मुझे लगा मास्क और मो... Read more

मैं यमराज हू्ँ

मैं यमराज हू्ँ ×÷×÷×÷×÷× देर रात तक पढ़ने के कारण बिस्तर पर लेटते ही नींद आ गई।पढ़ाई के लिए मैनें शहर में एक कमरा किराए पर ले ... Read more

शिव कुमारी भाग ९

दादी जब थोड़ी थोड़ी समझ मे आने लगी थी तो वो लगभग ८७-८८ वर्ष की हो चुकी थी, पूरा तो उनको दादाजी भी नहीं समझ पाए होंगे, वे भी आश्चर्यचक... Read more

शिव कुमारी भाग ८

दादी ने कभी घड़ी नही पहनी। घड़ी पहन भी लेती तो भी उसमे लिखे अंक और संकेत वो समझ नही पाती। फिर भी समय की सुई उनके मस्तिष्क मे निरं... Read more

अध्याय 3- *मोबाइल माँगती लड़की*(सच्ची घटना पर आधारित)

अध्याय 3- *मोबाइल माँगती लड़की*(सच्ची घटना पर आधारित) ये कहानी झारखंड के धनबाद जिले के एक छोटे से शहर तोपचांची वाटर बोर्ड के आस -... Read more

हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति

*मेरा नाम राज वीर शर्मा है।मैं बोकारो का मूलवासी हूँ।वर्तमान में स्नातकोत्तर हिंदी का छात्र हूँ। मेरी ये रचना मौलिक और अप्रकाशित है... Read more

शिव कुमारी भाग ७

दादी को अपने पोते , पोतियों की अपेक्षा ज्यादा प्यारे थे। इस रूढ़िवादी विचारधारा से वो अछूती न रहीं। खुद एक औरत होकर भी वो इस मानस... Read more

शिव कुमारी भाग ६

घर के बाहर दहलीज़ पर दादी की अदालत बैठती थी। मुहल्ले के एक हिस्से मे, मजदूरों और रिक्शेवालों की चंद झोपड़ियां थी। गरीब लोग पैसे की... Read more

शिव कुमारी भाग ५

दादी की कुशल चिकित्सा और तीमारदारी से मेरे चेचक के दाने सूखने लगे थे। मेरे खाने पीने का पूरा ख्याल रखती थी , बीच बीच मे चौके मे जाक... Read more

शिव कुमारी भाग ४

मुझे जहाँ तक याद आ रहा है, दादी से मेरी पहली औपचारिक बात चीत मुझे जब चेचक निकली थी तब शुरू हुई थी। उस वक़्त मेरी उम्र तीन चार वर्ष रह... Read more

बंटवारा

बलदेव सिंह एक अच्छे किसान थे उनकी सूझबूझ और चतुराई के चर्चे सारे गांव में रहते थे। धर्म पत्नी रत्ना देवी भी मिलनसार एवं कुशल ग्रहणी ... Read more

शिव कुमारी भाग ३

शिव कुमारी भाग ३ मेरी शिव कुमारी से मुलाकात 53 वर्ष पहले हुई थी। अब मैंने माँ के पेट से बाहर आकर सांस लेनी शुरू कर दी थी। पहली बा... Read more

शिव कुमारी भाग १

शिव कुमारी का जन्म राजस्थान के एक कस्बे राजगढ़(शार्दुलपुर) मे लगभग १३३ साल पहले हुआ था। पिता बजरंग लाल जी की ये लाड़ली बेटी एक दम दूधि... Read more

मझली दीदी

बचपन में माँ द्वारा दी जाने वाली अक्षरज्ञान की दीक्षा के असफल प्रयासों की हताशा के बाद जब उनकी ये चिंता प्रबल होने लगी कि उनका ये ना... Read more

मेरी कहानी🤗🤗 (भाग 4)

🙁🙁🙁🙁🙁 शौक अलग पहचान बनाने की, मेरी गलतियों को और बढ़ावा देने लगी थी। मेरी दीदी की शादी के लिए लड़का देखा गया था मैंने उसे परखने के ... Read more

मेरी कहानी🤗🤗 (भाग 3)

.......और फिर एक दिन वो पल आ ही गये जिसका इंतेज़ार मुझे बहुत दिनों से था☺️☺️ , मैंने एग्जाम क्लियर कर लिया और यह मेरी सफलता की पहली स... Read more

मेरी कहानी🤗🤗 (भाग 2)

🙂🙂🙂🙂 मैं बहुत ही ज्यादा उत्सुक थी🤗 घर से बाहर जाकर पढ़ने के लिए👩‍🎓, उस नए जगह को देखने के लिए🌍🌍 नए दोस्तों से मिलने के लिए👭👭 और... Read more

मेरी कहानी🤗🤗 (भाग 1)

यह कोई कथित लेख या कोई स्वपनिक कहानी नहीं है यह मेरे लाइफ के वो पल है जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकती। वो कहते है ना जब हम किसी चीज़ ... Read more

क़तील शिफ़ाई

संजय भाई अपने आप को साहित्यिक किस्म का इंसान समझते थे। इस वजह से दोस्तों मे उनका थोड़ा रौब और इज्जत भी थी। कोलकाता की बड़ाबाजार लाइब... Read more

देश को तोड़ने का काम कर रही है - दरबारी पत्रकारिता

युगप्रवर्तक पत्रिका में प्रकाशित करने के लिए लिखें हैं। मैं आपके स्वस्थ आलोचना का आभारी हूँ। *देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं - द... Read more

कालूराम

बचपन में ये नाम रंग को देखकर उसके मामाजी ने मजाक मजाक में दे डाला था जो एक सफल व्यवसायी तो थे ही, साथ ही संगीत में भी निपुण थे। ... Read more

विवेक भैया

उनसे मेरी मुलाकात एक परिचित के माध्यम से हुई थी। वो उनके यहां अपनी शिक्षा के तहत अभ्यासिक प्रशिक्षण ले रहा था। विवेक भैया की अपनी... Read more

सकारात्मक सोच

पुरस्कृत कहानी सकारात्मक सोच प्रातः, हम मित्र अंबर के साथ प्रातः कालीन भ्रमण पर निकले। तेज गति से भ्रमण करते हुए ,साथ में व... Read more

अनकही प्रेम कहानी

सांझ ढल रही थी, सूरज अस्ताचल की ओर जाते हुए ऐसा लग रहा था मानो झील में स्नान करने उतर रहा हो। आसमान में लालिमां छाने लगी थी पक्षी कल... Read more