कहानी

सच्ची घटना- मरने के बाद मोबाइल माँगती लड़की

अध्याय 3- *मोबाइल माँगती लड़की*(सच्ची घटना पर आधारित) ये कहानी झारखंड के धनबाद जिले के एक छोटे से शहर तोपचांची वाटर बोर्ड ,युगप्र... Read more

कहानी 1(हिंदी भाषा का वर्तमान स्वरूप)

*मेरा नाम राज वीर शर्मा है।मैं बोकारो का मूलवासी हूँ।वर्तमान में स्नातकोत्तर हिंदी का छात्र हूँ। मेरी ये रचना मौलिक और अप्रकाशित है... Read more

अनजान साधु की सच्ची भविष्यवाणी

संस्मरण सन् १९७०.....मेरी लगभग साढ़े चार साल की उम्र थी ( दो साल की उम्र से सारी याददाश्त ताज़ा है , माँ कहती हैं ऐसी याददाश्त ... Read more

कुटज*

आपबीती पति को कम उमर में हार्ट अटैक हुआ था हास्पिटल में थे ...दोनो बच्चे छोटे और मेरा दिमाग काम नही कर रहा था लेकिन मेरे अलावा बा... Read more

होनी अनहोनी

शिप्रा आज सुबह 5 बजे ही उठ गई थी। गुनगुनाती हुई अपने सब काम कर रही थी। उसे देखकर ही लग रहा था कि वो आज बहुत खुश है। और खुश हो भी क्य... Read more

जीन्न ने अपने होने का एहसास कराया

संस्मरण शादी करके मैं ससुराल आयी कैंटोन्मेंट का इलाका अंग्रेजो के वक्त का बंगला डबल सीलींग की छत जिसके रौशनदान छत पर खुलते थे...ड... Read more

व्यथा और हौसले की कहानी एक महिला कुम्हार की

आपबीती “ महिला कुम्हार “ अपने आप में एक चुनौती है , आज महिलायें करीब करीब सभी क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ रही हैं एक तरफ सर गर्व से... Read more

पैसों का पेड़

संस्मरण बातसन् 1969 की है हम कलकत्ते के बेलूर मठ में रहा करते थे , तीन साल की छोटी उम्र बुखार से तपता बदन और ग़फलत में मैं एक ही र... Read more

काकी

गाँव में महामारी फैली थी बाबू ( मेरे पिता ) की माँ उनके तीन छोटे छोटे ( तीन - पाँच और सात साल ) भाईयों को छोड़ भगवान को प्यारी हो गयी... Read more

वो सात - साथ थीं और हैं

संस्मरण विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में सात सहेलियों का ग्रुप अपने आप में मस्त रहता था विभाग अलग - अलग काम अलग - अलग लेकिन द... Read more

ऐ लड़की

ऐ लड़की ! कैसे बोल रही है इससे हमारे यहाँ ऐसे बात नही करते हैं समझी ! समता के विवाह के तीन महीने ही हुये थे और सासू माँ के ये शब्द गर... Read more

" संयम या किस्मत "

कहानी सच्ची है कहीं कुछ भी मिलावट नहीं है , सन २००२ अगस्त में मेरे ससुर का देहांत हुआ था इसलिए हमें कोई भी त्यौहार , जन्मदिन मनाने क... Read more

यदि मैं इतिहास बदल सकती - 4 " नही हुई सीता जी की अग्नि - परीक्षा "

अशोक वाटिका में बैठी प्रभु राम की सीते बेसब्री से रघुनंदन का इंतज़ार कर रहीं थीं , राम के हाथों अंहकारी रावण मारा जा चुका था लंका पर ... Read more

यदि मैं इतिहास बदल सकती - 3 " और बहेलिये ने तीर नही चलाया "

महाभारत खत्म है चुका था वक्त अपने मरहम लगाने में लगा था युधिस्ठिर हस्तीनापुर की गद्दी पर बैठ चुके थे महाभारत के भयावह युद्ध के उपरां... Read more

यदि मैं इतिहास बदल सकती - 2 " सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर एकलव्य "

पांडवों की शिक्षा - दीक्षा के लिए गुरु द्रौणाचार्य को इसका दायित्व सौंपा गया ( और इसी के साथ शुरु हुई गरूओं की शिष्यों के घर जा कर श... Read more

यदि मैं इतिहास बदल सकती - 1 " हाँ वो मुझसे कह कर गये "

कपिल वस्तु को दुल्हन की भाँति सजाया जा रहा था आयोजन था राजकुमार सिद्धार्थ के विवाह का , राजा सुप्पबुद्ध औऱ रानी पमीता की पुत्री यशोध... Read more

" हर एक दोस्त.......होता है "

1990 नवंबर का महीना कड़ाके की ठंड पड़ रही थी...आज कॉलेज से सात दोस्तों में से तीन माला , सरिता और मीता थोड़ा पहले आ गईं बड़ी ज़ोरों ... Read more

प्रवासी मजदूर

शाम का समय है बसन्त जमीन पर बिछी एक चटाई में लेटा हुआ है, मन में कुछ चिंता है लेकिन अपनी पत्नी से बोल नही पा रहा है, "सुना जी आप... Read more

लव इन कोरोना

रूपा चुपचाप अस्पताल में बिस्तर पर लेटी थी। आँखों में चिंताओं के घने बादल छाए थे। 'पता नहीं माँ कैसी होगी...अकेले कैसे रहेगी....सामान... Read more

" एक आखरी ख्वाहिश "

हेलो किट्टू ! अस्पताल के कमरे से मैं देख रही थी लगभग 18 वर्ष की थी । कभी भी उसकी आत्मा शरीर त्याग सकती थी । वो मृत्यु शय्या पर ... Read more

कहानी एक कविता की।

26 अप्रैल 2017, इस शाम को कुछ ऐसा घटित हुआ जिसका कहीं न कहीं मुझे कब से इंतज़ार था, बाइज़्ज़त एक महिला के लिए कविता के रूप में अपनी... Read more

बातचीत - पार्ट 1

(इस कहानी में बताए गए पात्र काल्पनिक है। ) 'आगे का कुछ सोचे हो' "अनवर ने मासूमियत से फ़ोन पर पूछ लिया" "इंदु" कुछ समय ख़ामोश रही और... Read more

टपरी वाला चाय ।

टपरी वाली चाय । या यूं कह ले चाय एक मोहब्बत है हम लौंडो के लिए और लाज़िमी तो इतना कि भैया दिल दे बैठे हो जैसे । कभी कभी लगता इश... Read more

【बेटियों की उड़ान】

कृपालाल एक मजदूर है जो कबाड़े का काम करके अपने बीवी,बच्चों का भरण पोषण करता है उसके घर मे उसकी बीवी के अलावा उसकी दो बेटियां हैं जो ... Read more

अर्चना वेंड्स संजू

रात का वक़्त, ट्रेन की गति अपने पूरे शबाब पर थी। डिब्बे में लगभग सभी यात्री सो गये थे, केवल अर्चना की आँखों में नींद नहीं थी। इधर... Read more

प्रकृति से न करो खिलवाड़।

बहुत समय पहले की बात है। जंगल के पास एक गाँव में दीनू अपने परिवार के साथ रहता था। वह एवं अन्य ग्रामीण सूखी लकड़ियों को जंगल से लाकर... Read more

मायके

कुवार का महीना था रिमझिम बरसात का मौसम था और अगले दिन शारदीय नवरात्र चढ़ने वाला था। उस दिन मैं दोपहर तीन बजे के करीब सो कर उठा तो दे... Read more

'गुरु - शिष्य का अटूट बंधन'

आज मैं आपको गुरु - शिष्य की महत्ता के बारे में बतलाना चाहती हूँ।मैं काफ़ी दिनों से इस विषय पर लिखने की सोच रही थी।मैं आपको सच बताऊँ च... Read more

कॉलेज का प्रेम

शीर्षक :- कॉलेज का प्रेम जैसे जैसे बच्चे/बच्चियों का उम्र बढ़ता जाता है,उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ स्वत: ही बढ़ता जाता ह... Read more

कहानी-आखिर कब तक?( भाग दो)

कहानी-आखिर कब तक?( भाग दो) समय अपने पंख लगाकर उड़ रहा था। सोनिया और दीपक अपने मकान में शिफ्ट हो गए और उनके बच्चे भी स्कूल जाने लगे थ... Read more

आखिर कब तक!

I wrote the story first time. कहानी-आखिर कब तक? (Part 1) शादी के बाद बहुत से सपनों को मन में संजोकर,सोनिया ने दीपक की जीवनसंगिनी... Read more

हमारा प्यारा रॉकी

कहानी-हमारा प्यारा रॉकी यह उस समय की बात है जब हम छोटे थे। एक दिन मेरा भाई जो हम तीन बहनों में सबसे छोटा था,अपने दोस्त के यहाँ से ए... Read more

रोज़ा इफ्तार

रोज़ा इफ्तार -------------- बाबूजी, पाँच बजने वाले हैं, ये फोल्डर ऐसे ही रख देता हूँ, कल काम पूरा कर दूँगा, मुनव्वर ने रामबाबू से... Read more

मजबूरी(कहानी)

सुबोध और सीमा ,उम्र 75 से 80 के बीच, दोनों नोएडा में एक सोसाइटी में रहते थे। बच्चे बंगलौर और मुम्बई में थे । लोकडाउन की वजह से द... Read more

मजदूरों का महानायक … सोनू

मजदूरों का महानायक …सोनू सोनू मेरा प्यारा बेटा , सभी का प्यारा सोनू , सोनू तू न सबसे प्यारा है और सब को प्यारा । सूरज की पहली किर... Read more

पहला जन्मदिन

आपको लग रहा होगा कि पहला जन्मदिन... ये कैसे संभव है,अपने पहले जन्मदिन में तो बच्चा केवल साल भर का होता है,फ़िर उसे कुछ याद रहना या उस... Read more

हम मजदूर हैं … हमारे पास व्यवहार की दौलत

हम मजदूर हैं … हमारे पास व्यवहार की दौलत है । आज फिर ठेकेदार नहीं आया । कोई भी मजदूर ढंग से काम ही नहीं कर रहा । ठेकेदार होता है ... Read more

डियर जिन्दगी-फिर मिलेंगे!

#डियर_जिन्दगी - फिर मिलेंगे । जिन्दगी कभी कभी ऐसे मोड़ पर ले आती जन्हा से जिन्दगी शुरू करना कठिन हो जाता है ।ऐसे जिन्दगी बहुत ही क... Read more

थोक के भाव … covid - 19 अवॉर्ड

थोक के भाव … covid - 19 अवॉर्ड बिल्कुल फ्री, पहले आओ पहले पाओ …कोविड - 19, बस अब कुछ ही दिनों का है …उम्मीद बांधी यही हुई है उसके... Read more

रिसेप्शन

कल दीपक भैया की शादी हुई थी ।अगले दिन रिसेप्शन होने वाला था ।दीपक भैया हमारे मंझले भाईजी के पक्के मित्र थे ।जिस कारण उनका हमारे घर आ... Read more

मासूमियत से भरे नादान सवाल

माँ माँ भगवान क्या होते है? माँ थोड़ा मुस्कुराते हुए अपने बेटे को कहती है बेटा जिनकी हम पूजा करते है,लेकिन माँ वो तो पत्थर होते है। त... Read more

वैश्विक महामारी कोरोना

वैश्विक महामारी कोरोना एशिया महाद्वीप के उस देश में जो विश्व में जनसंख्या के दृष्टि से प्रथम स्थान रखने वाला देश चीन के वुहान शहर मे... Read more

वुहान से देवलोक तक कोरोना

ब्रह्मा , विष्णु , महेश तीनों पृथ्वी के रचयिता, पालक और संहारक क्या देख ही नहीं पा रहे हैं कि पृथ्वी पर हाहाकार मची है मजदूर , आम ज... Read more

एक हॉन्टेड कैमरा ( हॉरर - कहानी )

" बहुत दिन हो गए यार लेकिन हम कहीं घूमने नहीं गए " - इस बार तो हम कहीं घूमने जाएंगे ही जाएंगे । कोल्ड ड्रिंक का एक गिलास उठाते हु... Read more

ईर्ष्या … सोशल मीडिया वाली

ईर्ष्या … सोशल मीडिया वाली माधुरी सोशल मीडिया आजकल सोशल मीडिया नहीं रहा मुझे लगता है आज कल सोशल मीडिया उन लोगों के लिए बड़ा कारग... Read more

बेटी… सिर्फ़ शब्द नहीं संसार है

बेटी … सिर्फ़ शब्द नहीं संसार है आज तो चारों सड़क छाप आवारा लड़कों ने हद ही कर दी रोज़-रोज़ ऐसे कैसे चलेगा । मेरा तो आने-जाने का एक... Read more

प्यार के अधूरे-सपने ....

मौसम बदल रहा है, समय बीत चुका है, दिन भी लगभग वहीं हैं शायद तारीख़ में हेर-फेर लग रहा है, सही तारीख़ का पता नहीं लेक़िन यक़ीन है ... Read more

दिल्ली की बर्फ़… गुल्लू का गोला

दिल्ली की बर्फ़… गुल्लू का गोला आज फिर बर्फ़ के गोले वाला गुल्लू की झुग्गी के बाहर रोज़ाना की तरह खड़ा था । उसकी रेहड़ी के चारों तर... Read more

*रेल की पटरी से… खेत की मेड़ तक*

*रेल की पटरी से… खेत की मेड़ तक* मेरी गोद के आंचल के साए में बड़े होकर मुझे नहीं पता था कि एक दिन तुम मुझे छोड़ कर शहर की ओर पला... Read more

"मैं ही काफी हूं"

अरे-भागवान! बहुत मुश्किल से संभली हो बीमारी से! सफर में संभलकर जाना!सुनकर रश्मि बोली!जी पतिदेव जीवन में तमाम उतार-चढ़ावों को पार करत... Read more