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Category: हाइकु

चांद
हाइकु चांद बुढ़िया माई है चरखा कातती चांद पे देखो। रात चांदनी चित्रकार अंबर भाव उकेरे। नन्हे बालक चंद्रमा की चाहत खिलखिलाएं। यादें पिया की... Read more
ये मोक्ष धाम
विधा - हाइकु सुंदर मन। हरे भरे है वन। स्वस्थ जीवन।। भौतिक सुख। सब जी का जंजाल। मोह अंजान।। मन मोहिनी। चंचल चितवन। ये मोह... Read more
गुलाब
विधा - हाइकू श्रद्धा अर्पण। चरणों में नमन। भेंट गुलाब।।1।। वीरों की राह। समर्पण के भाव। बिछे गुलाब।।2।। प्रेम प्रतीक। महके उपवन। खिले गुलाब।।3।। नव-यौवन।... Read more
हाइकु.. .
हाइकू- . तुम और मैं कागज की है कश्ती दूर किनारा! . पलकें गिरी आँसू किये किनारा तुम और मैं! . साथ मिलता रुकते कुछ... Read more
हाइकु
हाइकु जन बगीचा फूलों बना गलीचा मन है रीता 2 न कटी नाक नकटे की थी बात नेताई ठाठ 3 मंत्री था बाप बेटा कराता... Read more
हाइकु
हाइकु :- (१) माँ की लाडली गयी नये घर में पाले लाडली (२) नहीं आसान सच की राह पर चलना अब (३) प्यासी चिड़िया ढूँढ... Read more
हाइकु
हाइकु -- अरुण प्रदीप 1 सूरज दादा रथ पर सवार वार पे वार 2 सावन बैरी परदेशी साजन गोरी बेमन 3 एकाकी मन भगवत शरण... Read more
हाइकु
जीवन ***** ………….. मन में क्षोभ वेदना घनघोर मृत्यु का ग्रास ................... आशा खंडित गहन अवसाद शव दर्शन ............ आत्मा अमर पुनः से आगमन नव... Read more
गंगा महिमा
(1)?गंगा महिमा भारत की गरिमा जाने दुनिया ? (2)?स्वर्ग की नदी धरा पर उतरी ब्रह्मा की पुत्री? (3)?भीष्म की माता निर्मल जलधारा अतिविशाला? (4)?पवित्र नदी... Read more
??? हाय रे गर्मी???
तपता सूर्य। चिलचिलाती धूप। ऊफ, ये गर्मी।।1।। भीषण आग। झुलसता बदन। हाय रे गर्मी।।2।। सहमे तरु। पथ तपती रेत। जाय न गर्मी।।3।। सरि निस्तेज। बयार... Read more
हाइकू !
१. प्रकृति आपदा हर पल है डरे मानव अब बचाए कौन ! २. असंतुलन प्रकृति का प्रकोप समझो अब ! ३. ये प्रदूषण हरियाली सिमटे... Read more
हाइकु : गर्मी/ग्रीष्म/लू/धूप/तपन/घाम
प्रदीप कुमार दाश "दीपक" ------------------ गर्मी/ग्रीष्म कालीन हाइकु 01. करारी धूप कड़कने लगी है री! गर्मी आई । ☆☆☆ 02. धूप से धरा दरकने लगी... Read more
( हाइकु) सफर
हाइकू ****** मेरा सफर किस तरह कटा नही खबर चलता रहा मदहोशियों संग मै बेखबर साथ अपने काफिला कोई नही सूनी डगर दिखने लगीं मंज़िलें... Read more
गर्मी
बाबा रे बाबा देखो आ गई गर्मी जली धरती उफ ये गर्मी दिखा गई बेशर्मी नंगा बदन भाये न गर्मी अलसाये से दिन बेरंग दिन... Read more
हाइबन
प्रदीप कुमार दाश "दीपक" _______________________ हाइबन बड़े भैया और मैं दोनों तीस वर्ष लंबे अंतराल के बाद घुमने निकले । घने विहड़ वनों की राहों... Read more
पायल
(1)?मेरी पायल घँघरूओं से सजी कुन्दन जड़ी ? (2)?पायल बाजे मधुर गीत सुनाये प्रीत बर्षाये ? (3)?पाँव पायल प्रियतम का प्यार दिलाये याद? (4)?धर्म का... Read more
होली
होली आई खुशियाँ खूब लाई मन को भाई। गुलाल उड़े नफरत मिटाये गले लगाये। होली की रात होलिका जली आग सत्य की जीत । कहीं... Read more