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Category: हाइकु

हाइकु मंजूषा
हाइकु मंजूषा में रचनाकारों को प्रकाशित करने का उद्यम -------------------------------------------------------------------- समकालीन हाइकु 1. डॉ. रमाकान्त श्रीवास्तव बजती कहीं छिपी पंख बाँसुरी गूँजे अरण्य । लगे... Read more
हाईकू
(क) कुछ नहीं मेरे पास सिर्फ जज्बों का सौगात आज की बेतुकी बात । (ख) जिंदगी लगती मौत दिल पर करती आघात दिन भी लगती... Read more
हाइकु
1. भूल जाना तो सरल है बहुत कठिन यादें। 2. छल करना कभी आया ही नहीं छले ही गये। 3. पिछड़ गए तेज रफ्तार था... Read more
बेटी
हाइकु 1 बेटा या बेटी ना करो अपमान एक समान 2 बेटी भी होती परिवार की जान नहीं सामान 3 एक नहीं दो आँगन है... Read more
प्रकृति
शिखरिणी छंद । सघन वन । खोते अस्तित्व । भीगे नयन ।। कैसे हो वर्षा । खत्म होते पेड़ । मन तरसा ।। हमें है... Read more
हाइकू
हाइकु 1 प्रेम उर में बिछोड़ शरीर में नीर नैन में । 2 जिन्दा को लात मारने पर श्राद्ध पिण्ड व भात । 3 छोटा... Read more
तिरंगा
हाइकु तिरंगा थाम तिरंगा निडर शूरवीर शहीद होते। लहरे ऊंचा मेरा प्यारा तिरंगा विश्व भर में। धर्म निर्पेक्ष रंग पर्व तिरंगा गर्व तिरंगा। शान तिरंगा... Read more
** हाइकु **
नेता चोर व चाई लगते भाई भाई गटबंधन की सरकार।। आरक्षण का जोर अज्ञानता चहुंओर भ्रष्ट कुव्यवस्था।। धर्म की दुहाई गाढी कमाई पाखण्ड।। ज्ञान का... Read more
राखी
राखी हाइकु स्नेह की डोरी, अटूट ये बंधन, नींव गहरी। रेशमी धागा, विश्वास बहन का, हृदय स्पर्शी। नीचे सूत है, ऊपर से रेशमी, प्रेम की... Read more
*खेल खिलौने* , *राखी का बंधन*(सेदोका छंद)
विधा-सेदोका विषय-खेल खिलौने/ राखी का बन्धन *खेल खिलौने* ********** खेल-खिलौने घर-घर आकर बच्चों को ललचाते रंग-बिरंगे संग साथी पाकर पुलकित हो जाते *राखी का बंधन*... Read more
मन
(1) ?मैं रंग भरे जिन्दगी के तराने गुनगुनाऊँ? (2) ?पंख ख्वाबों के गगन में फैलाये मैं उड़ जाऊँ? (3) ?फूलों के संग इन्द्रधनुषी रंग में... Read more
"मेंहदी" (हाइकु) मन भावन मेंहदी रचे हाथ पिया का साथ। पीस पत्तियाँ करतल सजाईं खूब रचाईं। मेंहदी लगी जो पिया मन भाई सुर्ख कलाई। प्रीत... Read more
हंसी
हाइकु मन सिसका देख नीड़ पराया हंसना भूली। फेन झाग सी ये ज़िन्दगी सबकी हंसते रहो। नहीं दांत हैं न आंत शरीर में ज़ीस्त हंसती।... Read more
रास्ते
हाइकु रास्ते ( १) चला कारवां, नहीं मिलीं मंजिलें, रास्ते कंटिले। (२) आ हटा रोड़े, उन्नति के मार्ग से, सफल होंगे। (३) मार्ग खोज तू,... Read more
रास्ते
हाइकु रास्ते ( १) चला कारवां, नहीं मिलीं मंजिलें, रास्ते कंटिले। (२) आ हटा रोड़े, उन्नति के मार्ग से, सफल होंगे। (३) मार्ग खोज तू,... Read more
बजरंगबाला
(1) ❇हे प्रतिपाला गले बैजन्ती माला, बड़ा निराला❇ (2) ❇दीनदयाला माँ अंजनी के लाला है रखवाला❇ (3) ❇पर्वत वाला लाल लंगोटी वाला है मतवाला ❇... Read more
हंसी
हाइकु मन सिसका देख नीड़ पराया हंसना भूली। फेन झाग सी ये ज़िन्दगी सबकी हंसते रहो। नहीं दांत हैं न आंत शरीर में ज़ीस्त हंसती।... Read more
बंगाल सांप्रदायिक घटनाओं पर लिखी "हाइकु" रचना @@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@ कटुता द्वेष मिटती मानवता बंग प्रदेश *********** अस्मतें लूटी मरघट पसरा बंग प्रदेश *********** खंडित देश तुष्टिकरण... Read more
हाइकू
बंजारापन ले जायेगा मुझको तुमसे दूर ************* जल मछली तड़पे बिन पानी मेरी कहानी ************* उषा किरण इठलाती पवन मानो बसंत ************* आया सावन जलती... Read more
गुरू पूर्णिमा
हाइकु गुरू पुर्णिमा विशेष •••••••••••••• सर्वविदित गुरूओं की महत्ता पग वंदन। ••••••••••••••• मिटे दुविधा गुरू की संगत में निर्भय मन । ••••••••••••••• शिष्य की राह... Read more
मनभावन सावन
१ बूँदों का नृत्य सोंधी मिट्टी महकी हवा बहकी । ##################### २ मोर मचला घन गाई गज़ल नृत्य छलका । ####################### ३ मोरनी मोर घन... Read more