हाइकु

चार हाइकु "ये रे जालिम "

चार हाइकु "ये रे जालिम " ये रे जालिम l कैसी पाई तालीम l द्वेष मुहीम l .. १ ये रे जालिम l बदल रे मुहीम l बन हकीम l .. २ ... Read more

राम की सीता

राम की सीता ************ राम की सीता बहुत ही कुलीन आदर्श नारी राम की लीला स्वयंबर में जीती तोड़ कमान वनगमन पति परमेश्... Read more

दो हाइकु .. ना तेल, ना बाती l

ना तेल, ना बाती l खोखला खाली दिया l कैसे दे ज्योती l .... १ बन जा रेती l हाथों में ना टिकती l जो ना सहती l अरविन्द व्या... Read more

मौत आनी है...

दर्द बहुत ख़ुश रहा कीजिये सुकूँ मिलेगा दर्द संभालो अपने को बचालो टूट जाओगे हक़ीक़त है ये जीवन फ़ानी है मौत आनी है सुकून... Read more

*"मेरी बहना"*

*"मेरी बहना"* मेरी बहना, संग में ही रहना , माने कहना। 💞💞💞💞💞💞💞💞 छोटी बहना, सुख दुःख दोनों में , संग रहना । 💞💞💞💞... Read more

*"श्रमिक"*

*"श्रमिक मजदूर"* मेहनतकश , श्रमिक मजदूर, फौलादी हाथ। 🤝✊🤝✊🤝✊🤝✊ बहुमंजिला , इमारत बनाता, पसीना बहा। 🤝✊🤝✊🤝✊🤝✊ ... Read more

पर्यावरण पर हाइकु

न प्रदूषण स्वच्छ पर्यावरण कर लें प्रण धरा संतप्त पर्यावरण त्रस्त है अस्त व्यस्त भूमि क्षरण नष्ट पर्यावरण सुख हरण ... Read more

*"ग्रीष्म ऋतु"*

*ग्रीष्म ऋतु* आम्र की डाली, तरुवर की छांव, ठंडी बयार। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂 ग्रीष्म ऋतु , तपती है धरती, लू का कहर। 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂... Read more

तीन हाइकु ... क्या मनसा है.. यही इंसाँ है

तीन हाइकु ... क्या मनसा है.. यही इंसाँ है क्या मनसा है बस प्यासा प्यासा है यही इंसाँ है .... १ क्या मनसा है ढेरो शंका शंका ... Read more

हाइकु

* आग सी गर्मी साथ तुम्हारा ऐसा छांव हो तुम। * साख के पत्ते की तरह मैं नहीं जड़ जैसा हूँ। * तुम्हें नहीं है इश... Read more

स्त्री

स्त्री (हाइकु) ********** 1 स्त्री है नाजुक सोनजुही बेल सी ढूँढे सहारा 2 है हृदयतल बहुत मर्मस्पर्शी बड़ी भावुक 3 बहती ग... Read more

दीनदयाल

दीनदयाल मदद करने से कतराते है। नहीं आते हैं सुनकर पुकार किसी दीन की। वे हैरान हैं चलन देखकर परेशान हैं। अब द्रौपदी ब... Read more

चार हाइकु ..."प्रीत मियादी"

चार हाइकु ..."प्रीत मियादी" हुआ था आदि l पर प्रीत मियादी l हुई बर्बादी l तू रखता है l रखे सुंदरता है l वो जागता है l बस... Read more

तीन हाइकु ... मेरा अपना ढंग

तीन हाइकु ... मेरा अपना ढंग ओ री निंदिया । बुझाया है रे दीया । सोजा रे हिया । छोड़ रे छोड़ l मन को मोड़ मोड़ l प्रीत ना होड़ l... Read more

चार हाइकु - "वह रूपसी"

चार हाइकु - "वह रूपसी" वह रूपसी l सुनहरी धूप सी l पर स्वप्न सी l ..१ वह रूपसी l जीवन में है बसी l आत्मा है प्यासी l .. ... Read more

आशा की धूप

बुझा प्रदीप मन के आँगन में हुआ अँधेरा। आशा की धूप निराशा की जड़ता करेगी दूर। मिलेगा मीत गुनगुना रे मन मधुर गीत। अरे भ्... Read more

मई दिवस

मित्रों समर्पित हैं मई दिवस पर कुछ हाइकु (1) ये मजदूर । लाचार औ हताश। हैं मजबूर। ( 2)ये कामगार। बढ़ती नाकाबंदी। बेरोजग... Read more

*"गुरुदेव"*

*"गुरु"* प्रथम गुरु, माता पिता नमन, संस्कार देते। *************** गुरुकुल में, ज्ञान अर्जित कर, प्रकाश देते। ***************... Read more

हाला हवाले

हाला हवाले (हाइकु) ***************** है मयखाना संभाल को तैयार अर्थव्यवस्था मय की पेटियाँ बहुत ही जरूरी सस्ती रोटियाँ आ... Read more

माँ बेटी

माँ-बेटी (हाइकु) ************* माँ और बेटी जीवन की पहेली सखी सहेली घनिष्ठ रिश्ता सच्चाई से निभता परमानंद हैं परछाई पर... Read more

टूटे अरमान (चौपाई)

** टूटे अरमान (चौपाई) ** ********************** जिन्दगी खुली सीकिताब थी मस्तियाँ बहुत बेहिसाब थी खूब खुला आना - जाना था ना ... Read more

विधवा नार

विधवा-नार (हाइकु) **************** विधवा नारी समाज से दुत्कारी रहे बेचारी दुखों का बोझ ढ़ोती वो हर रोज है गमगीन घात आघा... Read more

प्यार सत्कार

प्यार सत्कार (हाइकु) **************** प्यार-सत्कार बन गया व्यापार है आजकल बढ़ रहा है जिस्मफरोशी धंधा देह व्यापार लुप्त ... Read more

हाइकु श्रमिक

हाइकु श्रमिक ********** श्रम दिवस है भद्दा मजाक श्रमिक साथ बहाते खून स्वेद से शरोबार ये उपहार ये मजदूर बद से बदहाल ह... Read more

रूष्ठ धरा

1 नाराज धरा बेहाल है इन्सान माहौल शांत 2 फ़िजा उजाड़ खौफनाक कोरोना रूष्ठ प्रकृति 3 प्यार जीवों से जीतेगी मानव... Read more

मेरी लेखनी

बहुत खास लिखेगी इतिहास मेरी लेखनी ..........(1) तुमसे दूर बहुत मजबूर मेरी लेखनी ..........(2) जीवन डोर बहुत कमजोर मचाये... Read more

माँ

माँ (हाइकु) ******** 1 माँ का दुलार ममता का खजाना प्रेमसागर 2 माँ की तस्वीर दिल में हैं छपती विस्मरणीय 3 माँ प्रतिबिंब त... Read more

किसान हाइकु

किसान(हाइकु) *********** 1 भुखमरी की कगार पर आज है अन्नदाता 2 है कर्जदार देश का कर्णधार हाल-बेहाल 3 भूखे हैं बच्चे बिखरे... Read more

मेरा भारत

मेरा भारत अनेक भाषाभाषी रहते यहां। पालते धर्म बिना भेदभाव के करते कर्म। हवा सबकी आसमान सबका जमीं सबकी। झंडा उठाओ 'जय... Read more

हाइकु

हाइकु रचना *********** 1 स्वतंत्र पक्षी परतंत्र मानव खुदा ही जाने 2 स्वार्थी मानव निस्वार्थी है प्रकृति पाप का भागी 3 कढ़ी... Read more

कोरोना पर हाइकु

कोरोना फर हाइकु *************** 1 काम विराम कोरोना कोहराम लॉकडाऊन 2 मुंह पर मास्क सोशल डिसटैंस बचाव मंत्र 3 दूरी दुराव ह... Read more

सदुपयोग

सदुपयोग करो अवसरों का फल मिलेगा। रहो सजग नहीं हो अपकर्म सुखी रहोगे। भाई साहब आप न हों उदास रखें धीरज। मिलेगा चीता उच... Read more

होली खेलें नँदलाल

नँद नंदन, अइयों बरसाने- होली खेलिबे। करै चिरौरी, प्रेम दिवानी राधा- नँद लाल से। ढूँढते राधा, घूम रहे श्याम - बरसाने में।... Read more

हाइकु : विश्व विरासत दिवस के अवसर पर

💦 संस्कृति मूल्य करें हम सम्मान विश्व विरासत 💦 कुटम्बकम धरा में हरियाली विरासत ये 💦 सहेज रहें अपनी विरासत ईमारत ये ... Read more

हाइकु -5 | मोहित नेगी मुंतज़िर

चाय का प्याला थकान को पी जाता जादूगर आला। किसका डर आंखें रोती रहती जीवन भर। आओगे कब ये जीवन की बेला ढलेगी जब। चल दिखा... Read more

हाइकु -4 | मोहित नेगी मुंतज़िर

मां का आँचल बहती सरिता का शीतल जल। रक्षाबंधन प्यार के धागों पर आया जीवन। अपना घर सपना गरीब का आंखों पर। स्वागत तेरा ... Read more

हाइकु -3 | मोहित नेगी मुंतज़िर

चिड़िया बोली देवों ने सूरज की खिड़की खोली। गंगा का जल तेरा है प्रियतम मन निश्छल। क़ैदी जीवन समाज से है बंधा ताज़ा योवन। ... Read more

हाइकु -2 | मोहित नेगी मुंतज़िर

रोते हो अब काश। पकड पाते जाता समय। अँधेरा हुआ ढल गई है शाम यौवन की। रात मिलेगा प्रियतम मुझको चांद जलेगा। आ जाओ तुम ... Read more

हाइकु -१ | मोहित नेगी मुंतज़िर

बेपरवाह है फिरता दर दर रमता जोगी। चलते जाओ यही तो है जीवन नदिया बोली जनता से ही करता है सिस्टम आंखमिचोली। घूमो जाकर ... Read more

लाॅकडाॅउन से आम जन परेशान

लाॅकडाॅउन की इस महा मारी में, मैं बैठा हूं इस सोच विचारी में, क्या होगा उन मजदूरों का, जो घर से निकला था मजबूरी में,... Read more

गिरने गिरने में अंतर है

मेरा जीवन सूखती टहनी पे मुरझाते प्यासे पत्ते जैसा। तेरा मिलना पत्ते पर पानी गिरने के जैसा। फिर तेरा एक हवा के झोंके से... Read more

कोरोना की जंग में मूच्छें गंवाई!

मुझे प्यारी थी अपनी मुच्छे, ज्यादा बड़ी नहीं थी मेरी मुच्छे! छोटी सी थी मेरी मुच्छे, पर प्यारी सी थी मेरी मूच्छे! रखता था मैं उस... Read more

जग महकाएँ

अंधकार हो,जिस पथ पर भी,चलो मिटाएँ खण्ड खण्ड हो,तम का दर्प अब,दीप जलाएँ अनपढ़ है,जब तक कोई भी,न बैठो तुम आओ साथ में,मिलकर शिक्षा... Read more

३ हाइकु कवितायें "नहीं जीवन"

३ हाइकु कवितायें "नहीं जीवन" (मेरा अपना ढंग... जुदा जुदा रंग ) नहीं जीवन जीवन बिन मन बस पतन .... १ नहीं जीवन यह जो है जलन... Read more

हाइकु

दर्द ही दर्द l प्रीत है नदारद l जीवन गर्द l अरविन्द व्यास "प्यास" Read more

हाइकु

ना है तलब l सब बेमतलब l क्या करे रब l प्यास Read more

*"फ़ाग गीत"*

*" फाग गीत"* फागुन गीत, सखी सहेली संग , होली आई रे। गूंजे स्वरों में , ढोल नगाड़ों पर , ... Read more

*"पहेली *"

*"पहेली"* हर सवाल , जवाब है ढूंढती , बूझे पहेली । एक पहेली , ... Read more

१० हाइकु " रूपसी के दर्शन, प्रीत धन"

१० हाइकु " रूपसी के दर्शन, प्रीत धन" है प्रीत धन l रूपसी के दर्शन l रहे जीवन l ... प्यास है प्रीत धन l रूपसी के दर्शन l रहे... Read more

तीन हाइकू

खोने का डर l खो जाती है डगर l पाये निडर l सत्य ही चर l संयम ले संवर l बना ले घर l पाने की प्यास l बढा देती है आस l क्... Read more