घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी

🌲[19/09/2020 ]🌲 🌴मनहरण घनाक्षरी, 🌴 🌷प्रथम प्रयास🌷 🌱8,8,8,7 अंत लघु गुरु से🌱 (◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕)(◕ᴥ◕) प्रथम नमन करूँ... Read more

हिन्दी बचेगी देश बचेगा

हिन्दी बचेगी देश बचेगा..... लाखों बलिदानियों ने रक्त देकर दिलाई, आज़ादी का नहीं परिवेश बच पायेगा। हम लोग यदि स्वाभिमान भूल जायें... Read more

मर जाना चाहिए

मर जाना चाहिए...... हिन्दी के प्रयोग पर अभिमान करना है, यही भाव दिल में उभर जाना चाहिए। सारी दुनियाँ में मेरी हिन्दी सिरमौर हो... Read more

भारत भाषा हिन्दी

जन गण गान कहें , जन मन संग रहे , अबद्ध प्रीत डोर से , बांधती भाषा हिन्दी। जनमत तंत्र रचे , प्रेम से सम्बन्ध रुचे , सूरज से चन्दा ... Read more

सत्ता के सुरूर में.....

कुछ काले कारनामे कर रहे मातहत, कुछ काले काम वे जो आप किये जा रहे। रौब से दबाव से प्रभाव से स्वभाव से ही, मौन जो विरोध के आलाप क... Read more

*"धन"*

*"धन "* प्रेम अनमोल धन , जीवन संचित धन , विद्या धन प्रेम धन , जीवन संतोष धन । 💠💠💠💠💠💠💠💠💠 तन मन समर्पण , पूजा पाठ है अर्पण , ... Read more

मन के उद्गार (अनुज के लिए)

अनुज श्री. प्रबुद्ध कश्यप जी' के बारे में मेरे मन के उद्गार:- 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 लेखन के धनी आप, छोड़ते सभी पे छाप। तूलिका प्रबुद्ध... Read more

कृषक का घर द्वार

कृषक का घर द्वार, काकी से हो घर बार। जीने का हो अब सार, सार होना चाहिए । आतुर हो नैन जब, काकी ताके घर अब। गिरवी बिन गहनों के,... Read more

उखड़ा जो पेड़ गिरा

उखड़ा जो पेड़ गिरा , हरा-भरा वृक्ष फिरा । भूमि पर गिरा-गिरा, फलता ही जा रहा। खाद पानी बिना जैसे , जीवित है वृक्ष ऐसे। बिन भूमि जड़ क... Read more

लाल सेना खूनी आँच

लाल सेना ख़ूनी आंच, सारा जग करे जांच। विश्व कहे सांच-सांच, भय अब कीजिये। भाग -भाग लाल सेना, डरे-मरे चीनी खेमा, छल बल छोड़ देना, तय... Read more

चिड़िया

मनहरण घनाक्षरी: चिड़ी चुगाती है दाना, चिड़ी ने चूजे को माना, ची-ची करके है खाना, डाल-डाल बसेरा। चिरई व चिरगुन, आँगन में भर गुन, ... Read more

"*जाल"*

*"जाल"* शब्दों से बुना जाल , अक्षरों को जोड़कर , मन में उधेड़ बुन , कविता बनाये है। 🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀 जिंदगी का माया जाल , मन मे उठा सवा... Read more

मेरे राम

सकल देश भर में,हरेक घर घर में, राम नाम का ही बस,उद्घोष सुनाई दे। बच्चे हों चाहे जवान,खड़े सभी ले कमान, सब में ही हमको तो,राम ही ... Read more

गोकुल के ग्वाल बाल,

घनाक्षरी गोकुल के ग्वाल बाल ,मंत्र मुग्ध नंद लाल , जसोदा का देख हाल ,मंद मुसकाते हैं। मोर पँख वेणी वाम,एक कर बन्शी थाम।... Read more

*"तिरंगा"*

🇮🇳🇮🇳*"तिरंगा"* 🇮🇳🇮🇳 लहर लहर उड़ा , तीन रंग का तिरंगा , पन्द्रह अगस्त आया, झंडा फहराइये। 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 धरती अंबर झूमे ,... Read more

शहीदों का यशगान

घनाक्षरी छंद -------------------- सीमा में डटे जवान , हथेली में रखे जाने , हिन्द के बलिहारो का, मान होना चाहिए । देश की बढायी शा... Read more

मोर के मुकुट वारो

मोर के मुकुट वारो ,सांवले वरन वारो , पांव पैजनिया वारो , जग उजियारों है । ग्वाल को सखा दुलारो, मुरली अधर धारो, संकट हरन वारो , यश... Read more

राखी धागा

राखी धागा प्रेम धागा,भाई भाई करे कागा, बजे स्नेह रस रागा, रक्षा सूत्र चाहिये। जब बहना पुकारे, भाई राखी को स्वीकारे, ख़ुशी खुशी जयक... Read more

प्रीति रीति देख कर

घनाक्षरी प्रीति रीति देखकर,मीत मीत देखकर, नैन नक्श देखकर, पीड़ा सह लीजिये। सावन में प्रीत कर,पावन संगीत भर, प्रीतम की पाती पढ, लि... Read more

कजरी तीज

कजरी की रीति देख, प्रेम की प्रतीति देख। महादेव मीत देख, ऐसा वर दीजिए। गले माल डाल सांप, बाघम्बर ओढे आप , नंदी पे सवार जाप ,भक... Read more

सबूत माँगते थे जो

राम का विरोध करने के लिए राम से ही, धन और दौलत अकूत माँगते थे जो। देशद्रोहियों के साथ मिलके समाज तोड़, सकें इसलिए ही भभूत माँगते... Read more

राम नाम से बड़ा न और कोई मंत्र है।

महिमा अपार राम नाम की जो माप सके। जग में न बन सका अभी कोई यंत्र है। राम है अनंत कथा राम की अनंत और, राम हैं पुराण राम नाम वेद म... Read more

*"चातक पक्षी "*

*"चातक पक्षी"* स्वाति नक्षत्र की बूंद , चातक आस लगाए, आकाश में निहारता, मेघ बरसाए है। 💦💧💦💧💦💧💦💧 अमृत की धारा बहे , सूखे कंठ खो... Read more

डमरू घनाक्षरी

मित्रों,सादर समर्पित है डमरू घनाक्षरी घनन घनन घन, गरज गरज कर। बरस बरस कर,रह रह तड़कत। तडप तडप तड़, चमकत दमकत। ठहर ठहर कर,र... Read more

घनाक्षरी

सारे जग में प्रकाश ,होता जग में विकास । और लोगों का कयास, दूर अब कीजिए। ज्ञान का आलोक दे दें ,अंधकार दूर करें। अमृत की बूँदें पिर... Read more

घनाक्षरी

जग में आलोक भरे, अंतस उजास करे। मन की अशान्ति झरे, चंद्रप्रभा दीजिए। पुष्पों की बहार मिले, अंजुमन यूं ही खिले, ममता व प्यार मिल... Read more

सावन

घनाक्षरी सावन में झूल झूल ,सब नाचें गायें झूम। विरह व्यथा को भूल, कजरी जो गाती है राधा कान्हा अब मिले, कालिंदी के तट चले। कान... Read more

तन मन तड़पत

डमरू घनाक्षरी तन मन तड़पत, फडकत तन मन। दम दम दमकत , नटखट जन जन। टप टप टपकत,घर घर छत छत। बरसत रह रह, समय समय पर। पल पल तरसत, धड़... Read more

सींच सींच प्रेम बेल

कलाधर घनाक्षरी। सींच-सींच प्रेम बेल, रीझ-रीझ गोप खेल, संग-संग प्रीत मेल, रास आज कीजिए। खींचने लगी प्रवीन, कुंभ कूप से नवीन। प्... Read more

सावन

देख सावनी फुहार, धरती करे शृंगार,ओढ़ के धानी चुनर, लगती है दुल्हन चूड़ियों की खन खन, पायल की रुनझुन,मेहंदी की है सुंगन्ध,नाच रहा य... Read more

*"सावन की घटा"*

*"सावन की घटा"* सावन की घटा छाई , ऋतु मनभावन आई , मन में उमंग लाई , हरियाली छाई है। 🌧️⛈️🌧️🌨️⛈️🌧️🌧️ काली काली घटा छाई , धरती भ... Read more

*"सावन के झूले "*

"सावन के झूले" सावन महीना आया , रिमझिम बूंदे लाया , कोयल ने गीत गाया , मन हरषाया है । सखी संग मिलकर , अमुआ की डाल पर , सोलह... Read more

जनहरण घनाक्षरी

जनहरण घनाक्षरी ( 30 लघु वर्ण चरणांत 1 वर्ण दीर्घ। 8,8,8,7 पर यति) घन नभ गरजत ,रिमझिम बरसत, अनुपम छवियुत ,सब हरित धरा। तरु... Read more

घनाक्षरी

3-07-2017 तीन रूप घनाक्षरी ----------------- 1 उमड़ उमड़ कर, गरज गरज कर,बादल ये काले काले , गा रहे विरह गीत कड़क कड़क कर, दामि... Read more

चुनाव होना चाहिए

जनता को रोटी नहीं,मिलता न रोजी कहीं, कागजी नौकरी का बहाव होना चाहिए। सब कुछ मिट जाए, देश चाहे लुट जाए, कुर्सी का उनके ... Read more

कृपाण घनाक्षरी

कृपाण घनाक्षरी - 8,8,8,8 वर्णों पर यति और अंत्यानुप्रास, अंत में गुरु लघु अनिवार्य । (1) रूपराशि बनी ... Read more

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी -8,8,8,7वर्णों पर यति,चरणांत में लघु ,गुरु । छंदबद्ध करने हैं,शब्द काव्य नाम यदि, मात्रा विधान पहले,सभी सीख ल... Read more

जल

नीर जिंदगी बचाय प्यास भूमि की बुझाय मूल्यवान रत्न मीत व्यर्थ न बहाइए गर्भ मे छुपा जो नीर न निकाल हो अधीर डाल डाल बोर वेल धर... Read more

देव घनाक्षरी

देव घनाक्षरी - 33वर्ण 8,8,8,9 पर यति; अंत में लघु,लघु ,लघु अनिवार्य । (1) भीगती है गोरी जब,सावन की बारिश में... Read more

रूप घनाक्षरी

रूप घनाक्षरी मापनी- 8,8,8,8 वर्ण पर यति, अंत में गुरु लघु अनिवार्य लगा है आषाढ़ मास,शुरू बरसात हुई, धानी ओढ़ चुनरिय... Read more

यूँ बाहर मत घूमिए

लॉक डाउन हटा है,संकट नहीं घटा है, बिना मतलब के ही, हाट मत घूमिए। खुद को रखें जी साफ,घर पर नहाइए, नदी किनारे जाकर, घाट मत घू... Read more

विजया घनाक्षरी

विजया घनाक्षरी- ( 32 वर्ण।8,8,8,8 पर यति। यति के अंत में नगण अनिवार्य ) (1) बजें चूड़ियाँ खनन,घूमे सजनी ... Read more

जलहरण घनाक्षरी

जलहरण घनाक्षरी 8,8,8,8 पर यति; अंत में लघु लघु अनिवार्य आया है सावन मास ,शुभ दिन सोमवार, गूँज रहा चहुँदिशि, महाद... Read more

नमक रगड़ते नेता

पैरों के घावों में हैं नमक रगड़ते नेता, श्रमिकों का दर्द उन्हे नजर न आता है। भूख प्यास सहकर तन कृषकाय हुआ, उनका हरेक आंसू व... Read more

सर्वगामी सवैया

सर्वगामी सवैया (तगण ×7+ गुरु गुरु) जाते नहीं जो कभी दूर देखो ,वही लोग होते नहीं साथ मेरे। संसार साथी किसी का नहीं है ,यहाँ भो... Read more

महाभुजंग प्रयात सवैया

महाभुजंगप्रयात सवैया (यगण×8) महा नीच पापी पुजारी न ध्यानी, प्रभो चाह मेरी तुम्हें मात्र पाना। पता है मुझे अल्पज्ञ... Read more

महामंजीर सवैया

महामंजीर सवैया- मापनी - सगण×8+ लघु गुरु (1) नित सैनिक मार रहे अपने सरकार नहीं उनको सहलाइए। जग म... Read more

कुंतलता सवैया

कुंतलता सवैया मापनी- सगण×8+2 लघु (1) अभिलाष यही उर भाव भरो हर गीत बनें नित मातु सुहावन। छल दंभ मिटे अभिमान घटे करुणा भर दो कर दो... Read more

मंदारमाला सवैया

मंदारमाला सवैया - विधान-तगण×7+गुरु वागेश्वरी प्रार्थना ये सुनो, चेतना में मुझे शुद्ध संसार दो। वीणा बजे राग सारे सजे,हो अँधेरा... Read more

वागीश्वरी सवैया

वागीश्वरी सवैया -(यगण×7+ लघु गुरु) 1) कृपा ये करो मातु वागीश्वरी छंद का पूर्ण ज्ञानी बना दो मुझे। मिले ज्ञान जो भी रहूँ बाँटता मा... Read more