घनाक्षरी

जनहरण घनाक्षरी

जनहरण घनाक्षरी ( 30 लघु वर्ण चरणांत 1 वर्ण दीर्घ। 8,8,8,7 पर यति) घन नभ गरजत ,रिमझिम बरसत, अनुपम छवियुत ,सब हरित धरा। तरु... Read more

घनाक्षरी

3-07-2017 तीन रूप घनाक्षरी ----------------- 1 उमड़ उमड़ कर, गरज गरज कर,बादल ये काले काले , गा रहे विरह गीत कड़क कड़क कर, दामि... Read more

चुनाव होना चाहिए

जनता को रोटी नहीं,मिलता न रोजी कहीं, कागजी नौकरी का बहाव होना चाहिए। सब कुछ मिट जाए, देश चाहे लुट जाए, कुर्सी का उनके ... Read more

कृपाण घनाक्षरी

कृपाण घनाक्षरी - 8,8,8,8 वर्णों पर यति और अंत्यानुप्रास, अंत में गुरु लघु अनिवार्य । (1) रूपराशि बनी ... Read more

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी -8,8,8,7वर्णों पर यति,चरणांत में लघु ,गुरु । छंदबद्ध करने हैं,शब्द काव्य नाम यदि, मात्रा विधान पहले,सभी सीख ल... Read more

जल

नीर जिंदगी बचाय प्यास भूमि की बुझाय मूल्यवान रत्न मीत व्यर्थ न बहाइए गर्भ मे छुपा जो नीर न निकाल हो अधीर डाल डाल बोर वेल धर... Read more

देव घनाक्षरी

देव घनाक्षरी - 33वर्ण 8,8,8,9 पर यति; अंत में लघु,लघु ,लघु अनिवार्य । (1) भीगती है गोरी जब,सावन की बारिश में... Read more

रूप घनाक्षरी

रूप घनाक्षरी मापनी- 8,8,8,8 वर्ण पर यति, अंत में गुरु लघु अनिवार्य लगा है आषाढ़ मास,शुरू बरसात हुई, धानी ओढ़ चुनरिय... Read more

यूँ बाहर मत घूमिए

लॉक डाउन हटा है,संकट नहीं घटा है, बिना मतलब के ही, हाट मत घूमिए। खुद को रखें जी साफ,घर पर नहाइए, नदी किनारे जाकर, घाट मत घू... Read more

विजया घनाक्षरी

विजया घनाक्षरी- ( 32 वर्ण।8,8,8,8 पर यति। यति के अंत में नगण अनिवार्य ) (1) बजें चूड़ियाँ खनन,घूमे सजनी ... Read more

जलहरण घनाक्षरी

जलहरण घनाक्षरी 8,8,8,8 पर यति; अंत में लघु लघु अनिवार्य आया है सावन मास ,शुभ दिन सोमवार, गूँज रहा चहुँदिशि, महाद... Read more

नमक रगड़ते नेता

पैरों के घावों में हैं नमक रगड़ते नेता, श्रमिकों का दर्द उन्हे नजर न आता है। भूख प्यास सहकर तन कृषकाय हुआ, उनका हरेक आंसू व... Read more

सर्वगामी सवैया

सर्वगामी सवैया (तगण ×7+ गुरु गुरु) जाते नहीं जो कभी दूर देखो ,वही लोग होते नहीं साथ मेरे। संसार साथी किसी का नहीं है ,यहाँ भो... Read more

महाभुजंग प्रयात सवैया

महाभुजंगप्रयात सवैया (यगण×8) महा नीच पापी पुजारी न ध्यानी, प्रभो चाह मेरी तुम्हें मात्र पाना। पता है मुझे अल्पज्ञ... Read more

महामंजीर सवैया

महामंजीर सवैया- मापनी - सगण×8+ लघु गुरु (1) नित सैनिक मार रहे अपने सरकार नहीं उनको सहलाइए। जग म... Read more

कुंतलता सवैया

कुंतलता सवैया मापनी- सगण×8+2 लघु (1) अभिलाष यही उर भाव भरो हर गीत बनें नित मातु सुहावन। छल दंभ मिटे अभिमान घटे करुणा भर दो कर दो... Read more

मंदारमाला सवैया

मंदारमाला सवैया - विधान-तगण×7+गुरु वागेश्वरी प्रार्थना ये सुनो, चेतना में मुझे शुद्ध संसार दो। वीणा बजे राग सारे सजे,हो अँधेरा... Read more

वागीश्वरी सवैया

वागीश्वरी सवैया -(यगण×7+ लघु गुरु) 1) कृपा ये करो मातु वागीश्वरी छंद का पूर्ण ज्ञानी बना दो मुझे। मिले ज्ञान जो भी रहूँ बाँटता मा... Read more

सुंदरी सवैया

सुंदरी सवैया - (सगण×8+ गुरु) सब संकट दूर करे नित जो, वह प्राप्त करे यश और बड़ाई। नित कर्म सभी तज स्वार्थ करे, ... Read more

गंगोदक सवैया

गंगोदक सवैया(ऽ।ऽ रगण×8) मातु हंसासना पाणि वीणा सुनो भक्त तेरा पुकारे तुझे शारदे! ज्ञान दे दो मुझे मेट अज्ञानता ... Read more

मत्तगयन्द सवैया

मत्तगयंद सवैया छंद- भगण×7+गुरु गुरु ग्वाल सखा सब संग चले,सिगरे ब्रज घूमि मनावन होली। छेड़ि सबै मुसकाय कहैं ,कुछ ढंग विचित्र सुनावत... Read more

सुमुखी सवैया

सुमुखी सवैया (जगण×7+ लघु गुरु) पयोधर पीन दिखा त्रिबली ,हर अंग अनंग जगावति है। चले गजगामिनि-सी सजनी,कटि केहरि- सी लचकावति ह... Read more

अरसात सवैया

अरसात सवैया- (भगण×7+रगण) पावनता घर द्वार बढ़े मम, माँ घर में जब आप विराजती। धूप सुवासित हो घर आँगन,दीप जला करते तव आरती। की... Read more

चकोर सवैया

चकोर सवैया (भगण ऽ।।×7+ गुरु लघु) खोकर सैनिक मुश्किल है अब,भारत को धरना उर धीर। काट करें तन के टुकड़े हम, दें रिपु को हर निर्मम... Read more

कृतघ्न

माता ! उसने मेरे भाई, लाल तुम्हारे , मार दिए हैं। लुकाछिपी कर हम पर उसने, बारम्बार प्रहार किए हैं। वो दुश्मन है माता फिर भी, उसस... Read more

तिरंगे की शान

घनाक्षरी - तिरंगे की शान ~~~~~~~~~~~~~ (1) धूल चटा शत्रुओ को, कर देते अस्त पस्त। शत्... Read more

वीर सैनिक

*वीर सैनिक* ★★★★★ हर पल आगे बढ़, नित नई राह गढ़। आगे बढ़ने बैरी को, मौका मत दीजिये। ★★★★★★★★ सीमा गर पार करे, छुप छुप वार करे। ... Read more

मुक्तहरा सवैया

मुक्तहरा सवैया (जगण।ऽ।×8) ( 11,13 पर यति) न देश पुरातन भारत-सा ,जग में अब भी जिसकी पहचान। बसा उर अंतर त्याग जहाँ ,सुख वैभव का कर द... Read more

अरविंद सवैया

अरविंद सवैया ( सगण×8+लघु) अतिवृष्टि अकाल कभी करते ,नव रोग धरा पर क्रूर प्रहार। जन मानस व्याकुल पीड़ित है,अवसाद रहा उर पैर पसार... Read more

इधर उधर थूकना मना है

#मनहरण_घनाक्षरी_छंद लेखन का प्रथम प्रयास🙏🙏 यहाँ-वहाँ जहाँ-तहाँ,थूकता अगर कोई, उसको पकड़कर , सामने ले आइए। बाल्टी का पानी दे... Read more

*"तुलसी का चौरा"*

*"तुलसी का चौरा"* मेरे घर आँगन में लगे, तुलसी का चौरा, सुबह शाम दीप जले, आरती उतारिए। सुखदाती वरदाति,विष्णु हरि प्रिये अतिप्यार... Read more

दुर्मिल सवैया

दुर्मिल सवैया ( सगण× 8) पहचान यही नर कर्मठ की वह बैठ नहीं कर को मलता। रह धीर गँभीर करे हर काम दिखे न कभी अति आतुरता। जिसक... Read more

चेतावनी(मनहरण घनाक्षरी)

पुलवामा जैसी चाल आंतक का रचा जाल पुलिस का देख हाल गर्व होना चाहिए। कश्मीर की देखभाल पुलिस रही सम्हाल चहुँओर खुशहाल तारीफ तो च... Read more

किरीट सवैया

किरीट सवैया (भगण×8) बात करें सब कष्ट नहीं जब नेह दिखा निज गेह बुलाकर। आदर मान मिले सबसे यश - वैभव में नित शीश झुकाकर। स्वा... Read more

घनाक्षरी

वीर तुम महान हो, प्रजा की ही पुकार हो, आगे आगे बढ़ चलो, दुश्मनों को मारने। तुमसे ही तो देश की, भविष्य और साख है, ये जमीं औ... Read more

घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी घने घने उपवन ,मलय पवन संग, छनी छनी धूप संग, बहती बहार हो। बेल लतिकायें मानो,उलझी बयार संग, शाख संग शाख मिले,वृक... Read more

रुप घनाक्षरी

रूप घनाक्षरी मिलें जब हम सब , मोदी जी की बात करें, साधक प्रधानजी का, ध्यान रखें लगातार। भारत अखण्ड बने, सेवारत सभी रहें, स्वा... Read more

रुप घनाक्षरी

रूप घनाक्षरी हरी हरी धरती है,हरे भरे उपवन, कल कल बहते है, अविरल नदी ताल. प्रेमी मनुहार करे, मन में विहार करें, साथ में पहनते... Read more

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी सबका है साथ और ,सबका विकास करें । माता जशोदा के लाल, सर्वप्रिय मोदी जी । साधना महान करें, देशभक्ति जान करें । ... Read more

घनाक्षरी

मित्रों ग्रामीण समाज की व्यथा घनाक्षरी में प्रस्तुत है । खेत खलिहान डूबे, बारिश फुहार छूटे, भूख से बेहाल देखो, आज दिखे सारे लोग।... Read more

घनाक्षरी

मित्रों ग्रामीण समाज की व्यथा घनाक्षरी में प्रस्तुत है । खेत खलिहान डूबे, बारिश फुहार छूटे, भूख से बेहाल देखो, आज दिखे सारे लोग।... Read more

पांडवों का गृहस्थी जीवन!उत्कर्ष एवं पराभव। शेष भाग

पांडवों का यह सर्वोच उत्थान का वैभव काल था, राजसूर्य यज्ञ करके उनकी यश पताका बढ़ गई, उधर दुर्योधन के मन में अपमानित ... Read more

*"संकल्प"*

*" संकल्प"* एक बार ठान लेंगे, असंभव कुछ नहीं, हौसला बढ़ाते हुए, ... Read more

रिमझिम बारिश (चौपाई)

***** रिमझिम बारिश ***** (चौपाई) *********************** रिमझिम रिमझिम बारिश आई प्रेम वर्षण की झड़ी लगाई आस... Read more

सड़क

मनहरण घनाक्षरी --- सड़क सुरक्षा खुद करना,हमेशा ध्यान रखना। यातायात नियम को,पालन जी करना। धीमी-धीमी चलना हैं,हादसा से बचना है। ... Read more

पानी पिये छानकर

घनाक्षरी - पानी पीये छान कर पानी पीये छान कर, बात मेरी मान कर। एक दूसरे पर जी, भरोसा ना कीजिए । सही काम कर अब, ... Read more

माँ घनाक्षरी

***********माँ (घनाक्षरी)************* *********************************** गोदी माँ की झूल कर किया बाल्यकाल पार । तोतली बोली ... Read more

कोरोना के खतरे से देश को बचाइये

भारी महामारी प्रभु, फैली हाहाकारी प्रभु, भक्तन की पीड़ा देख कृपा बरसाइये। नाम सुमिरन तेही रोग दोष दूर होते, तुलसी उवाच सच करके द... Read more

कोरोना से बचें

-घनाक्षरी- कोरोना से बचें (1) अधिकारी कर्मचारी, आर.आई. पटवारी, सभी सहकर्मी साथी, जागें व जगाइए।। जागें सब जन-जन, धनी व गरीब गण... Read more

"अभी ध्यान से चलो"

💐अभी ध्यान से चलो💐 🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂🚴🏾‍♂ हारेगा कोरोना यारो , मन से तुम स्वीकारो, जीत हमारी ही होगी , यही ठान ... Read more