घनाक्षरी

कौन कहां लगे हैं

कौन कहाँ लगे हैं घनाक्षरी छंद बहुत से मजहबी, देश की बिगाड़ें छवि, कोरोना का वायरस फैलाने में लगे हैं । ... Read more

नमो नव दुर्गा

नमो नव दुर्गा,नमो नव ज्योति घनाक्षरी छंद भगवती भारत से भय का भगा दे भूत, भयभीत भगत कोरोना के सताये हैं । दुष्... Read more

राम नाम महिमा

राम नाम का प्रभाव, अपने हिये में लाओ, इससे असम्भव के भाव घबराते हैं। राम जी पे जिनको भरोसा है अटूट वह, किसी ठौर मुश्किलों से न... Read more

कोरोना के खतरे से देश को बचाइये

ताड़का मारीच व सुबाहु को संहारे आप, वही दया दृष्टि नाथ फिर दिखलाइये। रावण को मार सुर भय हीन कीन्हे सभी, एक बार फिर तीर धनु पे चढ़... Read more

कोरोना के खतरे से देश को बचाइये

विनय नाथन के नाथ दीनानाथ मुरली बजइया, संकट में भक्त पड़े कृपा दिखलाइये। एक महामारी ने है सुख चैन छीन लिया, मन में भरा है डर ... Read more

पहले कोरोना फिर तू चाइना

जिंदगी में करने हों महत्वपूर्ण फ़ैसले तो दिल की ही सुनना सबसे राय नहीं करना। कभी किसी दुष्ट पड़ोसी के लिए... Read more

आर्त पुकार

*मनहरण घनाक्षरी* अब आओ भगवान पुकार रहा इंसान कोरोना से परेशान तू ही एक सहारा। निकल रही है जान भूले सब पहचान दूर करे रोगी ... Read more

चलना संभलके ््

खोलो आँखें सोई हारी,समझो भी ज़िम्मेदारी, क्यों बनते क़बूतर,बिल्ली तो ताक रही। शीशे जैसा ये दिल है,कच्चा मानो साहिल है, लहरें जो ट... Read more

रंग-बिरंगी होली (कवित छंद)

(1) रंगों की ले पिचकारी,होली खेलें नर-नारी, इक-दूजे पीछे दौड़े,अंग-अंग जोश है। जोकर लगते सारे,फिर भी हैं प्यारे-प्यारे, भेद नही... Read more

तिरंगे की शान

मनहरण घनाक्षरी - तिरंगे की शान ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ (1) धूल चटा शत्रुओ को, कर देते अस्त पस्त। ... Read more

बेटियां

मनहरण घनाक्षरी - बेटियां कलिया को खिलने दो,पौधे अब उगने दो। बेटी को इस जग में,खुशियाँ दिलाना है। दीप जग मगा उठे,प्रेम उसे लगा... Read more

नागयज्ञ होना चाहिए।

हद से अधिक धैर्यशीलता का सदियों से, दामन पे लगा हुआ दाग धोना चाहिए। हमने बहुत कुछ खोया शांति हेतु अब, शत्रुओं से बोल दो कि उन्ह... Read more

बसंत ऋतु

मनहरण घनाक्षरी - बसंत ऋतु ~~~~~~~~~~~~~~~ पिया मिलन को चली, हर्षित मन होकर । साजन को देख-देख, मन हर्षावत है। फ... Read more

फागुन के रंग

मनहरण घनाक्षरी --फागुन के रंग फागुन के महीना में, रंग की बहार देखो। एक दूसरे पर जी, रंग तो लगात हैं। लाल पीला काला रंग, कृ... Read more

कवित्त / धनाक्षरी / मनहरण छंद

कवित्त / धनाक्षरी / मनहरण छंद धीरे धीरे रात रात, बढी दिन उजालों में l छम छम गम नाचे, दिन के उजालों में ll तम तम है नियम, तम ... Read more

शिवभाव

*शिवभाव* *मनहरण घनाक्षरी* आत्म रूप शिव जान अर्थ होता है कल्याण शरीर नंदी समान शिव वाहन जानिए। पवित्रता रख ध्यान आचरण ... Read more

*"शिव अर्चना"*

*"शिव अर्चना"* *नीलकंठ महादेव*, *माथे पे त्रिपुंड सोहे*, *शीश गंगा ,धरे चंदा* *भस्मी लगायें हैं*। 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 ... Read more

घनाक्षरी- पेड़ की कृपा

घनाक्षरी- पेड़ की कृपा ■■■■■■■■■■■■■ पेड़ों पर इतना न ज़ुल्म करो बन्धु मेरे, पेड़ की कृपा से सभी जीव यहाँ पलते। फल चखने के लिए मारत... Read more

गणतंत्र दिवस

*गणतंत्र दिवस* गणतंत्र दिवस है खुशियों भरा जश्न है। गुलामी की खबर है आजादी का असर है। अपना संविधान है बहुमत प्रधान है। धर... Read more

बढ़ते वीर सैनिक

मनहरण घनाक्षरी - बढ़ते वीर सैनिक सर पे कफ़न बाँधे, हाथ में बंदूक ताने। बढ़ते वीर सैनिक,आतंक को मारने। भगत भी कहते थे,शेखर भी कहत... Read more

जीत

मनहरण घनाक्षरी -- जीत बहती धारा के साथ, किनारे चल छोड़ के। रखे यकीं खुद पर, दम तो दिखाओगे। बिना लक्ष्य मंजिल के, हासिल कै... Read more

भीष्म पितामह

*भीष्म पितामह* गंगा पुत्र भीष्म खास रच गये इतिहास। पिता सुख धर्म मान प्रतिज्ञा संकल्प है। ब्रह्मचार्य पालन का सत्ता सुख मानव... Read more

अनुराधा घनाक्षरी

माँँ पद्मनीलया को प्रणाम - पं.संजीव शुक्ल 'सचिन' माता का नाम:- श्रीमती मंजू देवी शहर का नाम:- मुसहरवा (मंशानगर), पश्चिमी चम्पारण,... Read more

जीत कहाँ(कविता)

अदालत का फैसला इतिहास बन गया। वर्षों पुराना विवाद सुलझ गया श्रीमान।। चार सौ साल से ज्यादा समय तक सताया। बहुत हुए शहीद होते रह... Read more

एक आंख मार गई

*मनहरन कवित्त* ******************** एक आंख मार गई ,दिल को उजाड़ गई। जीभ को निकाल कर ,नींदें मेरी छीन ली। कब दिन रात आये , कब... Read more

#खरी खरी

#खरी खरी😀😁 🌴🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌴 सिरधा कौ चढ्यौ चाव भगती कौ जग्यौ भाव, बगुला भगति व्रत रखते विधान के! नव दिन अरु रात करि लिये नवरात,... Read more

दूजा पाकिस्तान है।

मनहरण घनाक्षरी **************** पुण्य भूमि भारती की ,ख्याति है वसुंधरा की। जिस पर हुए खूब ,लोग भी महान है। बड़े छोटे लोग ... Read more

2 अक्टूबर ,दो बन्ध

अहिंसा का पुजारी ,सत्य व्रत का धारी। गांधी महामानव , का जन्म दिवस है। वेश जिसका धोती, न माला कोई मोती। साधारण सी लाठी , यही कु... Read more

अम्बे भवानी

कभी धरे कन्या रूप, कभी माता का स्वरूप, बाँटती भवानी मात, सबको ही प्यार है। लाल लाल है चुनर, बिन्दी टीका भाल पर, अस्त्र शस्त्र हा... Read more

हिंदी हिंदुस्तान है

हिंदी भाषा है सरल , पानी जैसी है तरल,और व्याकरण भी तो , इसका आसान है हिंदी ही सजाती मन,हिंदी से ही ये वतन,हिंदी से ही तो हमारी ... Read more

मिटती न खार हैं

बार बार मार खाये, फिर भी न शरमाये, पाक बेशरम बना, बड़ा लतमार है । लड़ता है बेवकूफ, ईर्ष्या में जल रहा, टुकड़ों मे पल रहा, बहे मुँह ल... Read more

घनाक्षरी 【 आरक्षण 】

#आयोजन--#मासिक_प्रशस्ति_पत्र_ #विधा-- घनाक्षरी 🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥🍥 .....आरक्षण.... ===\===... Read more

'स्वाभिमान है हिन्दी'

'स्वाभिमान है हिन्दी' ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ घनाक्षरी-१ * हिन्दी भाषा भारत की, राष्ट्र भाव गौरव की। अभिव्यक्ति मूल मंत्र, सब जा... Read more

व्याधियाँ (घनाक्षरी छंद)

व्याधियाँ (घनाक्षरी छंद) ■■■■■■■■■■■■■■ दवा के बिना तो नहीं बचती फसल अब, हवा में है घुल गया देखिए ज़हर भी। रोज रोज इतनी दवाई हम... Read more

बुढ़ापा {घनाक्षरी}

बुढ़ापा {घनाक्षरी} □■■■□■■■□■■■□ हो के नौजवान तुम हँसते हो वृद्धों पर, तेरी बात तेरी माँ को देखना रुलायेगी। जो सारे संस्कार तु... Read more

घनाक्षरी

"बेटी" -------- पिता की है शान बेटी, माँ का स्वाभिमान बेटी, घर की है आन बेटी, गर्भ न गिराइए। मनोहारी कामना सी, उपकारी भा... Read more

छंद

गुरू की कृपा से-- --------------------- आकर गुणों का हो प्रभाकर सा तप्त किन्तु ऐसे अभिमानी के न कीर्ति गान गायेंगे सरस मनों... Read more

पश्चिमी हवा का असर

पश्चिमी हवा का असर ■■■■■■■■■■■■■■ अर्ध नग्न हो के नृत्य लोग अब करते हैं, जिसे देखते हैं रोज बेटे और बेटियाँ। पश्चिमी हवा को सभी ... Read more

धरती का प्यार

चाहे चाँद सूरज हो,चाहें जीवन मरण, नियमों से बंधा हुआ, ये सारा संसार है मौसम बदलते हैं, रूप नये मिलते हैं ,कभी सावनी है छटा, कभ... Read more

घनाक्षरी- आरामतलबी

घनाक्षरी- आरामतलबी ■■■■■■■■■■■■■■■ एक ही दीया से कभी, सात लोग पढ़ते थे, अब सात जलेंगे तो एक पढ़ पायेगा। झलकर बेना कभी नींद खूब ल... Read more

घनाक्षरी- छाले पड़े पाँव में

घनाक्षरी- छाले पड़े पाँव में ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ रोटी की तलाश हेतु जाम में फँसे हैं आज, कभी दिन कटते थे पीपल की छाँव में। गं... Read more

आज की पीढ़ी

मीटिंगों के नाम पर, पीना जाम भर भर, सभ्यता इसे भी नई , पीढ़ी बतला रही खोल आज की किताब, आधुनिकता का पाठ,मधुशाला खुलेआम , सब को पढ़ा र... Read more

रूप घनाक्षरी

1 उमड़ उमड़ कर, गरज गरज कर,बादल ये काले काले , गा रहे विरह गीत कड़क कड़क कर, दामिनी भी करे शोर, लगता बिछड़ गया, इसका भी यहाँ मीत इनक... Read more

कृपाण घनाक्षरी

1 करते गलत काम, जो सुबह और शाम, करने यहाँ वो नाम, करें बड़े बड़े दान धन से बड़ा न बाप ,गरीबी यहाँ है पाप , हैं अमीर यदि आप, होती तभी ... Read more

घनाक्षरी छंद ~ फटेहाल बच्चे

घनाक्षरी छंद ~ फटेहाल बच्चे ★★★★★★★★★★★★★★ स्वयं पे ही सभी रहते हैं वशीभूत अब, कोई भी किसी की नहीं सुनता जहान में। भूख और प्या... Read more

सोच ( विचारधारा)

मानव के कर्म ही उसके विचारों की सर्वश्रेष्‍ठ आख्‍या है । जो चाहे वह मिल जाए तो यह सफलता है लेकिन जो मिले उसे चाहना ही प्रसन्‍न... Read more

मन ( विचार सागर )

मन के हारे हार है मन के जीते जीत अपने मन को खुश रखिए सदैव सफलता हासिल किजीए Read more

विचार मंथन

जो बीत गया, वह अवशेष हो गया, जो आएगा वह शेष है, परंतु जो आज है, अभी है, वही विशेष है Read more

होली स्पेशल घनाक्षरी का प्रयास:-

हो होली में इस बार कुछ ऐसा विशेष हुड़दँग । उड़े प्रेम की गुलाल मला जाए सद्भावना और शान्ति का एकसाथ अनेक रंग ।। हो होली बड़ी ... Read more

संस्कृति प्रवीर संभालें !

समर साध रहा समय है , सुविचारों संस्कारों का , वीरों के बलिदानों पर , निंदित हर विकारों का ; अपनी छाती पर अपनी संस्कृति नहीं लूटने ... Read more