Skip to content

Category: गज़ल/गीतिका

चमकता है चाँद अँधेरे में तीरगी ए शब में तारे भी चमकते होंगे
चमकता है चाँद अँधेरे में तीरगी ए शब में तारे भी चमकते होंगे बागबाँ खिलता है जब फूलों का गुलशन भी महकते होंगे दरख़्त की... Read more
आँखों में थोड़ा इंतज़ार होना चाहिए सन्म से थोड़ा प्यार होना चाहिए
आँखों में थोड़ा इंतज़ार होना चाहिए सन्म से थोड़ा प्यार होना चाहिए बढ़ चले है मंज़िल की और कदम राह में कांटो के लिए तैयार... Read more
अपना ऐसा मिजाज़ रहने दो खुद का खुद में राज रहने दो
म्यान में बंद उनकी तलवार रहने दो पर्दे के पीछे तब्बसुम का वार रहने दो बिन उनके ज़िन्दगी यार रहने दो हाथों में अपने अखबार... Read more
ग़ज़ल
तुम नहीं सुनते कहानी मेरी हो रही बंजर जवानी मेरी | क्या कहे तुमको जबानी मेरी खत्म अब सब वो रवानी मेरी | धीरे’ धीरे... Read more
ग़ज़ल: मुझे बहकाने लगी है ।
ग़ज़ल: मुझे बहकाने लगी है । // दिनेश एल० “जैहिंद” जब से खामोशियाँ मुस्काने लगी हैं, मेरी कुछ ख्वाहिशें सुगबुगाने लगी हैं । अब तलक... Read more
गजल
आये वतन पे खतरा वो जान भी लगा दो , ये मुल्क के जवानो जंग का ज़ूनून भर लो , इसी जंग के कोने मे... Read more
रूहानियत -
रूहानियत - खोयी हवाओं में ख़्वाब ढूँढता हूँ अपने लिए दुआ, तेरी इनायत ढूँढता हूँ सूफ़ी हूँ औरों में सूफ़ियत ढूँढता हूँ उसकी रहमत है... Read more