गज़ल/गीतिका

गीत

भावनाएँ इन्सान की आज बर्फ़ बन गईं, ज़िन्दगी की हर खुशी बस दर्द बन गईं। मीठा जहर पिला रहा मानव को मानव आज, प्रतिशोध की आग में स... Read more

ग़ज़ल- महका है दिल कि गुल खिला गुलशन में जिस तरह

महका है दिल कि गुल खिला गुलशन में जिस तरह। कोई मयूर नाचता सावन में जिस तरह।। महका हुआ दयार है अब मेरा चार सू। खुशबू बिखेर वो गय... Read more

गजल

"ग ज़ ल" ————————- घाव पर चोट बनाये रखिये; बेअसर न हो,दर्द बनाये रखिये। दुश्मन हो,दोस्ती,बनाये रखिये; कम हैं अभी नश्तर चुभा... Read more

वतन पर जान देने का हमें अरमान लिखना है

बताये लाख ये दुनिया हमें नादान लिखना है बस अपने खून से हमको तो हिंदुस्तान लिखना है ये हिन्दुस्तान है हमको हमारी जान से प्यारा य... Read more

भले ही तुम दूर हो,हमे याद आते रहेगे --आर के रस्तोगी

भले ही तुम दूर हो, हमे याद आते रहेगे | व्हाट्सएप्प के जरिये तुम्हे रिझाते रहेगे || गमो से गुजरना मेरी आदत बन गयी है | भले ही त... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- तेरा चेहरा गुलाब हो जैसे एक शायर का ख़्वाब हो जैसे इस तरह मदभरी है आँख तेरी इक पुरा... Read more

ग़ज़ल

--------ग़ज़ल----- आदमी की ये बची पहचान है शक़्ल इंसां की मगर हैवान है रख के ये इंसानियत को ताख़ पर आज कितना गिर गया ... Read more

गज़ल र्शीर्षक # चाँद

बारहा मुझको चाँद कहा मेरे सनम ने चाँद कह मुझमें दाग़ बताया सनम ने तुम चाँद से भी हसीं हो मेरी ज़ानिब हर बार यही कह बहलाया सनम ने ... Read more

तेरे इश्क में हुआ हूँ मै, इस कदर पागल --आर के रस्तोगी

तेरे इश्क में हुआ हूँ मै, इस कदर पागल | जैसे कोई भटक रहा हो आसमां में बादल || इश्क ऐसी चीज है,जो छिपाये नहीं छिपता | छिपा लो आँ... Read more

शैर-ए-धीरेन्द्र

मैं तो बेख़बर हूँ अपने आप से ,आजकल तुम्हे क्या हो गया है। क्यों हो उदास बताओ जरा , मैं ढूढ दू जो भी खो गया है। यह मेरी इश्क़ का खुम... Read more

गीत

वृक्षारोपण करो सभी फल फूल से भरा बनाओ तुम धरा हमारी बोल रही है मुझको हरा बनाओ तुम , जिसनें दिया तुम्हें जन्म है,उसको न यूँ सता... Read more

चुनावों का समय

* गीतिका * ~ निकट जितना चुनावों का समय है आ रहा देखो। हृदय हर रोज नेता का सिकुड़ता जा रहा देखो। भलाई के किये कुछ काम ह... Read more

नेताजी का चुनावी साल

दिखाई दिए नेताजी बरसों बाद, गली मुहल्ले मे, लगता हैं आज,फिर से ,चुनावी साल आ गया। गरीबी, महंगाई और,किसानों की आत्महत्या मुद्दों... Read more

ग़ज़ल "टूटे दिल को

क्यूँ अश्कों से भीगा तेरा चहरा लगता है देखे न सुने न ज़माना ये बहरा लगता है। 🌾🌾 वो चोटें जो एवज वफ़ा के खाई थीं मैंने उनका घा... Read more

मंज़र

मंज़र --------------- ज़िंदगी में मंज़र बदलते हर दौर को हमने देखा है इम्तेहाने ज़िंदगी में अपनों को पराया ... Read more

ग़ज़ल

ख्वाब में आए हमारे यूँ हक़ीक़त की तरह। हो गए शामिल दुआ में आप बरकत की तरह। आरजू है उम्रभर का साथ मिल जाए हमें हसरतें दिल की कहे... Read more

उसी का ये ज़माना है

इरादा ये कि अब रूठे हुए रब को मनाना है, दिलों में आस औ उम्मीद के दीपक जलाना है। तमन्ना झूम कर नाचे सफलता भी कदम चूमे, हमें हर... Read more

जल

व्यर्थ बहाकर तुम ऐसे, मुझको ना करना बर्बाद, जल है तो जीवन है सत्य सदा तुम रखना याद, प्यासे ही तुम रह जाओगे, मेरे बिना न जी पाओग... Read more

गीत

सच की आग में लफ़्ज़ों को अंगारे बनाती हूँ, अंगारों को दहका कर गज़ल सारे बनाती हूँ, शब्द शोलों से बिखर जातें है मेरे कागज़ पर म... Read more

ग़ज़ल

गिरगिटों सी आदमी की आज फ़ितरत हो गई। बेइमानों की जहाँ में रोज़ इज़्ज़त हो गई। दे दग़ा महबूब ने जागीर समझा है मुझे आज तोड़ा मौन ... Read more

गीत

हिन्दू मुस्लिम भेदभाव औ छुवाछूत के घृणित सवाल, चूर-चूर कर इन्हे फेंक दो, ऐ भारत माता के लाल, जो हिन्द की रक्षा पर, हँस-हँस कर मर... Read more

ग़ज़ल

किसी-किसी की नज़र आसमान होती है। हसीन ख्वाब जमीं शादमान होती है। जिन्हें है खौफ़ नहीं रास्तों की मुश्किल का बला का जोश इरादों म... Read more

ग़ज़ल

221 2122 221 2122 "बेबसी" दिलदार की मुहब्बत बेज़ार लग रही थी। हर हार आशिक़ी में स्वीकार लग रही थी। उजड़े हुए चमन की काँटों... Read more

ग़ज़ल:- छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम

छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम। काँटे ही तो बिछाते हो गुलज़ार बनके तुम।। व्यापार ग़म का करते हो गमख़्वार बनके तुम। बेदर्दी दर्... Read more

र्शीर्षक # बस चलिए

जिंदगी है धोखा खाते चलिए अपने दिल को बहलाते चलिए कोइ दुश्मन बन कर जो आए उसे भी अपना बनाते चलिए यहां अपना बेगाना कोई नहीं... Read more

ग़ज़ल

एक प्रयास 122 122 122 122 कभी झूठ जग से छुपाया न जाए। छुपा कर दिलों में दबाया न जाए। लगी चोट दिल पे किसी के सितम से उसे पीर... Read more

ग़ज़ल

*फ़रेबी* फ़रेबी जात का आशिक वफ़ा को आजमाता है। जिसे कल फ़िक्र थी मेरी वही दिल को सताता है। सनम की याद के अहसास मेरे चाँद, तार... Read more

ग़ज़ल

*धोखा* 2122 1212 22/112 बस इसी बात का गिला मुझको। हर कदम पर मिला दग़ा मुझको। बेवफ़ा यार गैर सा निकला दाग़ मेरे दिखा रहा म... Read more

नवरात्र विशेष

आओ श्रद्धा से हम कन्या पूजन करें मान उनका करें उनका वंदन करें सब बुरी आदतों का करें हम हवन अपने भावों को महका के चन्दन करें ... Read more

ग़ज़ल

*बारिश* कँटीले तीर के खंजर चलाने आ गई बारिश। तबाही का हमें मंज़र दिखाने आ गई बारिश। लिपट कर ख़्वाहिशें दिल से फ़फ़क कर रो न प... Read more

गीत

सूरज को ढलते देख रहें हैं लाशों को चलते देख रहें हैं इस परिवर्तनशील समय को पल-पल रंग बदलते देख रहे हैं ज्वाला में देखी शी... Read more

ग़ज़ल

1222 1222 1222 1222 बारिश हमारी माँग मोती से सजाने आ गई बारिश। तुम्हारे नाम की चुनरी उड़ाने आ गई बारिश। धरा बेचैन होकर देख... Read more

ग़ज़ल

2122 1212 22/112 सिर्फ़ इस बात का गिला मुझको। खुद-ब-खुद वो डुबा रहा मुझको। बेवफ़ा यार गैर सा निकला दाग़ मेरे दिखा रहा मुझको।... Read more

बहन भाई दूज पर कविता

कौन सी कविता लिंखू ए बहन तेरे लिए , कौन सा गीत लिंखू ए बहन तेरे लिए , तू मेरे कविता ,गीतो की शब्दसः बोली है , मेरी हर खुशियो की ... Read more

एक दिन भूल जाते हैं

बिती रैना जब हम एक दिन भूल जाते हैं नई यादों से पुरानी यादें ‌जब धूल जातें हैं। अब नहीं कहेंगे किसी से अपने दिल का हाल कुछ जिम्... Read more

मिठास है होली

१. मिठास है होली (गीतिका) ~ रिश्तों में घोल देती मिठास है होली। जिन्दगी का सुन्दर एहसास है होली। भर देती है घाव सभी दिलों के... Read more

गीत

पतन के गर्त में उत्थान ही , हम को नजर आया अब अभिशाप हर वरदान ही हमको नजर आया जिसे हैवानियत भी देख करके मुँह छुपाती है पतित यू... Read more

गीत

" जीवन की हर मुश्किल को मै आसान बनाउंगी, हर दुख को मै जीवन में सुखमय गान बनाउंगी, वो मानव क्या मानव है , जिसको संघर्ष से प्यार न... Read more

देख के देखती सी रहती है

ज़िन्दगी क्यों बुझी सी रहती है आँख में कुछ नमी सी रहती है ख़्यालों के आँगन में कहीं गुम सी ज़िन्दगी अजनबी सी रहती है बेवफ़ा ज़िन्... Read more

ग़ज़ल- अब की होली में

मुझे मिला सभी का प्यार अबकी होली में। खिज़ां में आ गई बहार अबकी होली में।। चढ़ा है भाँग का खुमार अबकी होली में। नशा हुआ है बेशुम... Read more

होली का हुड़दंग

होली का हुड़दंग दिलों पर छाया है रंगों का त्यौहार सुहाना आया है काले पीले रंग पुते हैं चेहरे पर देख हमीं को डरा हमारा साया है... Read more

गीत

कैसे बदले हैं अब तो चलन देखिए, भूखे सड़को में बिखरे रतन देखिए, ख़ार ही ख़ार नफ़रत के हैं बस उगे सूखते प्यार के हर सुमन देखिए, ... Read more

गीत

जिंदगी को आग में हम तपा कर जी रहें हैं, सर झुकाकर के नहीं सर उठाकर जी रहें हैं, लड़ रहे हैं ना कभी मझधार से मांगी रहम बीच लहरों... Read more

इस बार होली में

💠 भरी हों नेमतें खुशियों की अब हर एक झोली में करें हम बैर औ नाराज़गी रुखसत अब डोली में। 💠 चलाओ आज पिचकारी अनोखे प्रेम रंगों की... Read more

फागुन में (होली)

रंगों की है फुहार फागुन में महकी महकी बयार फागुन में हो कहीं भी सजन चले आना तेरा है इंतज़ार फागुन में छाई दिल पे अजीब मद... Read more

रंग,,,,,,,,,,,,,,,,,,,काई जैसे

काई जैसे! जम गये हैं रंग जीवन में काई जैसे रोज़ बिछ जाता हूँ मै चटाई जैसे । ज़िन्दगी भी यारों कमाल करती है बढ़ाती है ग... Read more

नफरत भुला के साथियों

नफरत भुला के साथियों इसबार होली में सबको गले लगा लो मेरे यार होली में ~जनार्दन पाठक 'धुरंधर' मो0- 82992... Read more

गीत

माँ ममता की, अचल स्नेह की , करूणा की प्रतिमा साकार। बड़े भाग्य से जग में मिलता नर को माँ का पावन प्यार।। सच्चे सुख से वह वंचित ह... Read more

हिन्दी

जहाँ हर तृप्ति पाती विश्व की बौद्धिक पिपासा है। जहाँ बंधुत्व, मैत्री, प्रेम की फलती सदाशा है।। दिया संदेश जिसने शांति का जग को, वह... Read more

गीत

हमे मंचो से उपदेश की घुट्टी पिलाते हैं, बड़े आराम से वो, चैन की बंसी बजाते हैं, है मुश्किल दौर, सूखी रोटियाँ भी दूर हैं हमसे मज... Read more
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