गज़ल/गीतिका

ग़ज़ल

आग नहीं हूं मैं कुछ लोग फिर भी जलते हैं मुझको गिराने में वो हर बार फिसलते हैं उनसे भी मिला करो जिनकी ज़ुबां है कड़वी बचो उनसे... Read more

दिल का हाल

तेरी मोहब्बत भूल भुलैया का एक जाल हैं! उसमे खो चुका हूँ बस खुद से ये सवाल हैं! निकलना चाहता हूँ बस तेरे इस दिखावे से! मोहब्बत क... Read more

ग़ज़ल- गमों की रात है काली घना अंधेरा है..

ग़मों की रात है काली घना अंधेरा है। इसी के बाद ख़ुशी का नया सबेरा है।। ये तेरी भूल है नादा कि चाँँद तेरा है। हरेक बाम़ पे अब चाँद... Read more

बात से अपनी अगर आप मुकर जाएंगे

बात से अपनी अगर आप मुकर जाएंगे तो हमारी भी निगाहों से उतर जाएंगे घेर रक्खा है हमें गम के अँधेरों ने यूँ रोशनी की भी झलक दे... Read more

"अब तुम नहीं याद आते हों"

अब तुम कम याद आते हो! क्या तुम मुझे भूल पाते हो!! तन्हाईं में वक्त,कहाँ बिताते हों! होते जब जिद्दी,किसे सताते हो!! कहाँ ... Read more

कविता

मुझे बहुत प्रिय था वो,और स्थिर सा उसका शूरूर। धड़का था दिल मेरा उसमें, थी मैं उसका गुरुर। अल्फ़ाज़ उसके,साँसे मेरी,दिल उससे ही... Read more

लिखते रहेंगे कुछ न कुछ

लिखते रहेंगे यूँ ही चंद अलफ़ाज़ साँसों में हैं जब तक तेरा साज बदल गए हैं दिल के सुर-ताल आ जाओ बनकर फिर एक ख्वाब तुम बिन,कब त... Read more

"सपनों की दुनियाँ "

सपनों की दुनियाँ हमारी,हकीकत में बहुत सच्ची थी तेरी- मेरी बातें,एक-दूजे को लगती सबसे अच्छी थी जग ने दूर किया तो क्या, रब फिर हमे... Read more

भूली हुई कहानी

भूली हुई कहानी, रीते लम्हें, वो बीते हुए पल। याद बहुत आता हैं, संग तेरे गुजरा हुआ कल।। जादुगरी सी बातें तेरी,खुशनुमा से वो एहस... Read more

न रोके कोई, मुझे

न रोके कोई, मुझे कुछ करने से न टोके कोई मुझे कुछ कहने से प्रेम मेरा क्षणिक भी कम न होगा यूँ कोसो दूर भी, तुझसे रहने से कहा र... Read more

गुमशुदा हैं कौन मुझमें

गुमशुदा हैं कौन मुझमें महसूस करती हूँ,खुद को तुझमें सच हैं या, हैं सरासर झूठ कोई खबर करती,हवाएँ मुझे सूद में न बात,न हुई मुल... Read more

तुमने कहा था.....

दिल को तेरे मैं ही भाती हूँ, तुमने कहा था मैं सिर्फ तेरी परी हूँ,मुझसे तुमने कहा था क्यूँ साथ ले गए, मुस्कराहट और हँसी मेरी फबत... Read more

ग़ज़ल

सारे शहर में चर्चा ये सरेआम हो गया दोस्ती से ऊपर हिंदू इस्लाम हो गया खड़ी कर दी मज़हब की दीवार तो सुन अब भगवान मेरा परशुराम ... Read more

देश के तुम प्रथम प्रहरी, राष्ट्र का सम्मान हो।

देश के तुम प्रथम प्रहरी, राष्ट्र का सम्मान हो। देश के तुम सजग सैनिक ,देश की तुम आन हो । हे शहीदों राष्ट्र की तुम, नींव रखते जा ... Read more

गज़ल

करीब हो मगर, करीब दिखते नहीं ख्वाब खुशबू से, तेरी महकते नहीं यादों के महल, छोड़ दिये तुमने बनाना हिचकी की सुद से,जज्बात बहकते न... Read more

ग़ज़ल- तेरे हर इक ख्वाब को ताबीर कर दूँ..

तेरे हर इक ख्वाब को ताबीर कर दूँ। नाम तेरे दिल की ये जागीर कर दूं।। गर मुहब्बत तू करे मुमताज बनकर। तू कहे तो ताज़ भी तामीर कर ... Read more

उसके आ जाने से

उसके आ जाने से फ़िज़ा में बहार आ जाती है। गम़ग़ीन लम़्हों में मस़र्रत सी छा जाती है। अब तक जो ब़ेचैन था जो मेरा दिल । उसमें सु... Read more

विश्वास और शक

झूठी बातों से दिल मत बहलाना जिंदगी इम्तिहान लेती है छोटी सी हार से परेशान मत होना यह हर कदम पर कुछ नया देती है शक से हमेशा द... Read more

आया हूँ मैं तुम्हारें शहर में,

गजल मैं तुम्हारें शहर में आया हूँ ओ शहर वालों, तुम ही मैरा साथ निभालों, अपनी दुनिया से दूर आया हूँ, ओ शहर वालों, ... Read more

ग़ज़ल

खुद को तुम समझाकर तो देखो दर्द में भी मुस्कुराकर तो देखो जरूरतें हो जाएंगी कम तेरी भी ईमानदारी से कमाकर तो देखो बढ़ जाएग... Read more

कब आओगे ?

बोलो ना ! कब आओगे ? इस बेजान जिस्म को कब तक रुलाओगे छोड़कर चले तो गए हो बता भी देते ! कब आओगे ? वैसे तो किस्सा वही है हमा... Read more

आइन

आईन के मुहाफ़िज़ सड़को पे लड़ रहें हैं तालिब मुहब्बतों के तख्ती लिए खड़े हैं हर एक का वतन ये हर एक का चमन है हिन्दोस्तां के बुलबुल मशा... Read more

एक कप चाय

जब जब तेरी याद आती है एक कप चाय पी लेता हूँ फिर मुलाक़ात होगी शायद यही सोचकर थोड़ा और जी लेता हूँ बस एक कप चाय पी लेता हूँ ए... Read more

देवता हो गया

देखते-देखते आज क्या हो गया इक पत्थर से वह देवता हो गया रोजी रोटी लेकर किधर को चली मेरा कुनबा सारा जुदा हो गया शहर से ... Read more

तुझे चाहना मेरी भूल थी

तुझे चाहना मेरी भूल थी तुझे पाना मेरी आदत बन गई हाथ जब भी उठे दुआ में रब से हर घड़ी दिल की इबादत बन गई तेरा मासूम सा चेहरा ... Read more

ग़ज़ल होती है

जब जुड़ें दो दिलों के तार ग़ज़ल होती है और होने पे भी तकरार ग़ज़ल होती है धड़कनें शोर मचाती हैं हो के बेकाबू आँखें हों जब किसी से ... Read more

जब भरोसा ही नहीं मेरी बातों में

जब भरोसा ही नहीं मेरी बातों में न आया करो ख्वाब बन रातों में बात तकलीफ़ का न किया करो अब रखा ही क्या मुलाकातों में खुश नहीं... Read more

ग़ज़ल

धरती से बिछड़ी तो अंबर में बदरा बन के छायी हूँ मैं बरखा की बूंदें बन सागर से मिलने आयी हूँ तुम क्या जानो कैसे हासिल होता है बंजार... Read more

धूप से झुलसे बदन

गीत 2122 2122 2122 212 धूप से झुलसे बदन, जलते ये कोमल पाँव हैं । याद आते तब तरु देते जो शीतल छाँव हैं।। कमरों में ही क... Read more

गुस्से में

1222 1222 1222 1222 ये तेवर हैं बहुत तीखे गज़ब अंदाज़ गुस्से में। लगे है खूबसूरत और भी हमराज गुस्से में।। कहा अब तक न हाले ... Read more

आखिरी मुलाक़ात

पता नहीं ! क्या होगा उस रात जब होगी अंतिम मुलाक़ात तन्हा तुम भी होंगे तन्हाई हमें भी सताएगी चारों ओर हर कोने पर बस बरसात ही... Read more

मांटी से बना तू वही मांटी में मिलेगा

ना कर गुमान फूल जैसा खिलके गिरेगा मांटी से बना तू वही मांटी में मिलेगा चक्की मुसीबतों की सदा चलती रहेगी गर चूक तूने की तो सदा... Read more

अपनों ने छोड़ा दामन गेरो ने मार डाला।।

मुझे तेरी चाहतों ने जी करके मार डाला। अपनों ने छोड़ा दामन गेरो ने मार डाला।। तेरी चाहतों का दरिया गम से भरा समंदर मुझको किया भ... Read more

रिश्तों का रंग

कहकहों में बदली है सिसकियां हमनें तोड़ डाली क़फ़स की तीलियां हमनें सगे रिश्तो का भी अब रंग बदला है रोकी नहीं नफरत की आंधिय... Read more

ग़ज़ल

बेबसी की आख़िरी रात कभी तो होगी रहमतों की बरसात कभी तो होगी जो खो गया था कभी राह-ए-सफ़र में उस राही से मुलाक़ात कभी तो होगी ... Read more

ख़ामोश ही रहना अच्छा है..

मैं अपने जज़्बात लिखूं, या, मैं अपने हालात लिखूं। मैंने तो मोहब्बत दिल से किया, फिर मैं, क्यूं ? अपनी औकात लिखूं। मोहब्बत की ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल प्राप्ति प्यार की होने से दुख कम होने लगता है। यादों के मौसम में मन पुरनम होने लगता है।।1 भीड़ भरे चौराहे पर जब भी ... Read more

ग़ज़ल

मानव ही मानवता को शर्मसार करता है सांप डसने से क्या कभी इंकार करता है उसको भी सज़ा दो गुनहगार तो वह भी है जो ज़ुबां और आंखों स... Read more

कोई भी बात तुम्हारी कही हुई न हुई

कोई भी बात तुम्हारी कही हुई न हुई तभी तो देखो मुकम्मल ये दोस्ती न हुई हमारा दिल तुम्हें अब तक नहीं भुला पाया भले ही अपनी मुल... Read more

मेरी उलझनें...

बहुत दुःख मिले हैं मुझे, तेरी सल्तनत में, मैं ज़िंदा हूँ यहाँ, ज़िंदा रहने की उलझन में । हिज़ाब से निकल कर, बेरी तू आ सामने, सा... Read more

गीतिका

गीतिका- चाटुकारिता का गुण नर में,जब तक कड़ा नहीं होता। तब तक पद-सत्ता के पग में,कोई पड़ा नहीं होता।।1 दिल से कही बात जो जाती... Read more

ग़ज़ल- धैर्य मेरा खो रहा है

ग़ज़ल- धैर्य मेरा खो रहा है ■■■■■■■■■■ धैर्य मेरा खो रहा है हाय यह क्या हो रहा है लोग कहते कवि मुझे पर ज्ञान मेरा सो रहा है ... Read more

दुनिया

दोषी यहाँ बात करते है अपने अधिकारो की, निर्दोष को फिक्र है यहाँ खुद को बचाने की।। उंगलियाँ उठती है यहाँ बेगुनाहो पर, शाजिस होती ह... Read more

तुम्हें अपने ऊपर गुमाँ बहोत है तुम्हारे जैसे इंसा बहोत है

तुम्हें अपने ऊपर गुमाँ बहोत है तुम्हारे जैसे इंसा बहोत है कल तक जिसे इंसा होने का फक्र था आज उस बस्ती में शैतान बहोत है गैरो... Read more

कोई झूठे वादें नही करता

कोई झूठे वादें नही करता चाँद तारे तोड़ लाने की बात नही करता आसमाँ की सुंदरता बढाते है जुगनु मैं तुम बिन ज़ीने की बात नही करता ... Read more

जज़्बा- ए- बग़ावत

वो दिल के किसी कोने में छुपा बैठा है । जो हमेशा दस्त़क देता रहता है । और दबी ज़ुबान में कहता रहता है । जगाओ मुझे कब तक तुम ये ज़़ु... Read more

तुम्हारी जिंदगी में ये ख़ुदा खुशियों के रँग भर दे

ग़ज़ल तुम्हारी जिंदगी में ये खुदा खुशियों के रंग भर दे। रहो हर मर्ज़ से तुम दूर लम्बी उम्र भी कर दे।। कभी महसूस होंठों पे ह... Read more

रोए थे।

मिलने की चाहत में दिल खोल कर रोए थे, हम भी किसी के बदले लहजे को याद करके रोए थे। मिले उनसे जब भी गम छुपा लिया हमने, बैठकर तन्हा... Read more

" पसंद "

👌👌👌👌👌👌👌👌 चलना है तो अकेले चलो , इस भीड़ में क्या रखा है । बनना है तो किसी की आखिरी पसंद बनो , पहले - दूसरे में क्या रखा है ।। ... Read more

दिल का दर्द

अब आए बहलाने कोई दिल की लगी बुझाने कोई जख्मों पर तो मरहम रक्खा दिल का दर्द न जाने कोई बना लिया है दिल को पत्थर आता नह... Read more