गज़ल/गीतिका

स्वाभिमान की चिड़िया

स्वाभिमान की चिड़िया भी लगती बिलकुल अलबेली है। सबको अच्छी लगती है पर उड़ती निपट अकेली है। नाज़ुक इतनी होती है, बातों से घायल होती है।... Read more

खुला आसमान चाहिए

खुला आसमान चाहिए *** *** *** चन्द ज़मीं का टुकड़ा नहीं मुझे पूरा जहान चाहिए, मैं बेख़ौफ़ परिंदा हूँ मुझको खुला आसमान चाहिए !! ! क... Read more

सखी और सम्बन्ध

न कोई है रिस्ता न कोई है नाता शायद इसे लिखने भूले बिधाता अगर धागे उससे जुड़े ही न होते तो हर रोज उसको क्यों झरोखे मे पाता निरंत... Read more

गजल - न छोड़े साथ जीवन भर वो जीवन संगनी हो तुम

न छोड़े साथ जीवन भर, वो जीवन संगनी हो तुम।। अधूरी जिंदगी तुम बिन, मेरी अर्धांगिनी हो तुम।। सदा सुख दुःख का इक साथी, दिया मैं वो म... Read more

मेरे दिल की धडकने,तेरे दिल में ऐसी बजती रहे ---आर के रस्तोगी

मेरे दिल की धडकने,तेरे दिल में ऐसी बजती रहे | जैसे कान्हा की बंसी,राधा के होटो पर बजती रहे || में तुझ को प्यार करू,तुम मुझ को प्... Read more

क्यूँ देखे तू चँदा

क्यूँ देखे तू चँदा ग़ज़ल क्यूँ देखे तू चँदा, खुद चेहरा तेरा चाँद सा, क्यूँ देखूँ मैं चँदा, जब प्यारा मेरा चाँद सा। चाहत होगा चको... Read more

ग़ज़ल- इक़ ख़्वाब दिल में पल रहा...

इक़ ख़्वाब दिल में पल रहा। हर दौड़ में अब्बल रहा।। अब जीतता है बस वही। वैसाखियों पे चल रहा। मत बोलिये अब सच यहाँ। बस झूठ ही तो... Read more

करवांचौथ पर बीबी की फरमाईशे ---आर के रस्तोगी

रखती हूँ व्रत बस तुम्हारी ही ज्यादा उम्र के लिये | बस करवांचौथ पर इतनी फरमाईश पूरी कर दीजिये || हो गई साड़िया बहुत पुरानी फैशन भी... Read more

सच के तो कभी पास बहाना नहीं होता

सच के तो कभी पास बहाना नहीं होता जो छीन के मिलता है वो पाना नहीं होता रहने लगी है ज़िन्दगी कमरों में यहाँ बन्द मिल जुल के अब ... Read more

आज दीवाना हुआ हूँ

आज दीवाना हुआ हूँ देखिए क्या इश्क़ है। चाँद-सा देखूँ तुझे तो दिल बनाता अक्स है।। रूप की किरणें मिली हैं रूह तब से ही खिली। नूर-स... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल- चाहे जैसी मुश्किल हो पर,मत मन में लाचारी रख। आगे बढ़ना चाह रहा तो ,हिम्मत से भी यारी रख।।1 बचपन को तालीम दिलाना ,माना... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल- चाहे जैसी मुश्किल हो पर,मत मन में लाचारी रख। आगे बढ़ना चाह रहा तो ,हिम्मत से भी यारी रख।।1 बचपन को तालीम दिलाना ,माना... Read more

रहो निर्भय (सायली लेखन)

1 सन्नाटा निर्भय सैनिक चल उठी गोलियों शत्रु हाहाकार विजय 2 लड़की निर्भय अकेली चली घर से मिले मनचले कराटे स्... Read more

ज़र्फ़

मुझे कांधों पे उठाना चाहता है ज़र्फ़ मेरा आजमाना चाहता है बितानी थी मुझे ज़िंदगी अपनी मगर वह रात बिताना चाहता है जुदाई चाहता... Read more

राहे-पत्थर के पैगाम बहुत हैं

राहे-पत्थर के पैगाम बहुत हैं ---------------------------------- जीवन है छोटा-सा काम बहुत हैं। इक वस्तु यहाँ होते दाम बहुत हैं।। ... Read more

बेगरज जिंदगी

दौलत बेहिसाब कमाना चाहता है ज़िंदगी बेगरज बनाना चाहता है हिमाकत की भी कोई हद होती है वह दस्तार तक आना चाहता है रिश्तों की डो... Read more

वो मुझसे प्यार करती थी

मे उससे प्यार करता था वो मुझसे प्यार करती थी , कभी बिन माँगे सब देती, कभी इंकार करती थी ll कभी मुझको मनाती थी, कभी खुद रूठ... Read more

कर दो ना

एकाकीपन को तुम दुल्हन कर दो ना प्रेम भाव से झंकृत ये मन कर दो ना तुम ही बंजर मन में फूल खिला सकते नाम हमारे अपना जीवन कर दो ना ... Read more

गलतफहमी

गलतफहमी न कोई दिल में पाला करो, कोई शिकवा गर हो तो कह डाला करो। चरागों की बज़्म सजाने से क्या फायदा ज़रूरत है अंधेरे दिलों में ... Read more

अंदर से काले

ऐसे भी देखे भोले भाले लोग बाहर से उजले अंदर काले लोग रोज़ी खुदा ने अपने हाथ रखी है वरना छीनते फिरते निवाले लोग इनके ... Read more

आज आबरू लूटी है जिसकी

लाज बचालो भारत माँ की, बो सबकी महतारी है l आज आबरू लूटी है जिसकी, वो माँ बहन हमारी है ll भूखे फिरते यहाँ शियासी, कल तुमरी ... Read more

दस्तूर

बिगड़े हालात वजह न थे जिनके यहां आने की कभी आज धूल के गुबार उड़ाता उनका काफिला आ रहा है अफरातफरी मची है हर ओर हमदर्द बनने की पहल ... Read more

ए मेरे हमसफ़र

याद अपनों की आने लगी इस कदर हमको खुद की रही ना कोई भी ख़बर अब ये तू ही बता ए मेरी जिंदगी क्या वहां भी मेरी याद कर रहा है शहर ?... Read more

पराया न होता

वह इतना भी पराया न होता बीच में तीसरा आया न होता दिलो जां में वह समाया न होता फिर यह सैलाब आया न होता भरोसा इतना जताया न होत... Read more

दिल तुम्हारे बिन अब लगता नहीं --आर के रस्तोगी

दिल तुम्हारे बिन अब लगता नहीं | कैसे समझाऊं इसे,समझता नहीं || दिल लगाने का हस्र होता है क्या | ये इतना बुद्धू है कुछ जानता नहीं... Read more

ग़ज़ल

122 122 122 122 फ़लक से पुकारे ये हमको नज़ारे वो नज़रो से करते है हमको इशारे उठा आज सीने में तूफाँ हमारे निग़ाहों से को... Read more

दिल से...

मैं तो समझा डूबने पर संभालेगा वह, क्या खबर थी पत्थर भी डालेगा वह। माना मुझे एक बार को झुका लेगा वह, मगर खुद को कैसे बड़ा बना ले... Read more

रावन

शीश उसका रहा ऊँचा भी नहीं राम आगे कभी झुका भी नहीं हम जलाते सदैव है रावन पर न वो अब तलक जला भी नहीं वाटिका में पधार कर माते... Read more

ग़ज़ल

ये इज़हारे उल्फ़त सनम करते करते न हो देर मुझको समझते समझते नहीं थाम लेते जो तुम हाथ मेरा सदी बीत जाती सँभलते ... Read more

ग़ज़ल

हर कोई होगा वफ़ादार ज़रूरी तो नहीं सब हों अच्छाई के अवतार ज़रूरी तो नहीं वक़्त की झुर्रियों को आज़ छुपाने के लिए आइना होगा मद... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- जाम पीने दे मुझे आँखों के पैमानों से ऐसी बादा न मिलेगी किसी मैख़ानों से इश्क़ में दर्द है तन्हाई है रुसवाई भी... Read more

बुलंद उड़ान

बुलंद हौसला बुलंद उड़ान पर नज़र है। नीले बादलों में उस जहान पर नज़र है।। जहाँ सबको रोटी,शिक्षा और मकान मिले। मेरी उस सुनहरे ह... Read more

ग़ज़ल

रूह भी चाहती न दूरी है आपके बिन ये जां अधूरी है इब्तिदा दिन की होती तुझसे ही सांस भी तेरे बिन न पूरी है तिश्नगी इश्क की न म... Read more

क्यूं मानवता बेच रहे हों

+++ क्यूं मानवता बेच रहे हो ****************** मानव होकर क्यूं, मानवता बेच रहे हो जान पूछ कर, जानें क्या -क्या देख रहे... Read more

एक शिकायत खुदा से .... ( गजल )

ज़माने को तो शिकायत है हमसे , और हमें शिकायत है खुदा तुम से । क्या ज़रूरत थी हमें यहाँ लाने की, रहे सब नज़ारे इस जहां के बेगाने से ।... Read more

ग़ज़ल- तस्वीर तुम्हारी में, इक़ हूर नज़र आये

ग़ज़ल👉 तस्वीर तुम्हारी में, इक़ नूर नज़र आये। अब दिल के आईने में, इक़ हूर नज़र आये।। लगता है तुम्हे रब ने, फुरसत से बनाया है। य... Read more

विजयादशमी के बाद

जल गया रावण अहंकार रह गया फ़िर एक दफ़ा राम लाचार रह गया । मोह,माया ,क्रोध, वासना और लालच अंदर आदमी के ज़िंदा विकार रह ग... Read more

गन्ना के खेत मे लुड़क चका हो रये

हमाये एक्सीडेंट की बात बा देवे आ रई थी, मे लेबे जा रओ बीचई मे देख खै, बाँखो रम्हा रओ देख के हाल हम दोई सन्ना गये भवरा के जैस... Read more

बेटी का संघर्ष

गंगाजल सी पावन बेटी वसुधा पे आने को आतुर, खड़े किनारे लोभी लम्पट व्याधि ग्रस्त जो है कामातुर बेटी सी पावन प्रतिमा की लाज बचा ना... Read more

चलो कहानी शुरू करें कब

चलो कहानी शुरू करें अब अपनी और तुम्हारी भाई आज जो मैंने कलम उठाई याद तुम्हारी दिन भर आई यूं तो हंसना फितरत मेरी आंख मगर अक... Read more

ग़ज़ल- महबूब ही ख़ुदा मेरा महबूब बंदगी.....

महबूब ही ख़ुदा मेरा महबूब बंदगी। महबूब ख़ूबरू मेरा महबूब सादगी।। महबूब मेरा बन गया पहचान अब मेरी। तेरे बग़ैर जिंदगी लगती है खस्तगी... Read more

ग़ज़ल- अदब की ज़िंदगी मे क्या कमी है...

अदब की ज़िंदगी मे क्या कमी है। अकड़ में टूट जाना लाज़मी है।। नही छोटा बड़ा कोई ज़हाँ में। लकीरों का खिलौना आदमी है।। दिखाये ख़्वाब... Read more

खुल गई औक़ात

खोखली निकली बात उसकी खुल ही गई औकात उसकी फिर भीड़ ने मार डाला उसे पहले पूछी थी ज़ात उसकी वह शख्स लातों का भूत था समझ... Read more

ग़ज़ल - न मस्जिदों में खुदा शिव नहीं शिवालों में

*ग़ज़ल* 👉🏻 न मस्जिदों में खुदा है न है शिवालों में। खुदा मिलेगा कबीरा के ही खयालों में।। नशा शराब न दौलत न रूप के मद से। नशा र... Read more

आ भी जाओ...

बोलो आज क्या बहाना है आ भी जाओ गर आना है गमों को तुम्हें हराना है हर हाल में मुस्कुराना है आओ नई ज़मीन तलाशें हमें दयार ... Read more

ग़ज़ल- जमाना देखिये कितना बिगड़ गया साहिब

*ग़ज़ल* जमाना देखिये कितना बिगड़ गया साहिब। हमारी जान के पीछे ही पड़ गया साहिब।। बड़े ही शौक से इक़ आशियां बनाया था। ज़रा से शक म... Read more

ग़ज़ल- मंज़र नहीं देखा

ग़ज़ल- मंज़र नहीं देखा ■□□■□□■□□■□□■□□■ भीतर की हलचलों का वो मंज़र नहीं देखा सबने मुझे देखा मेरे अंदर नहीं देखा सब लोग मानते रहे ह... Read more

तुम्हे देखने को भी क्या आइना दूँ

तुम्हें देखने को भी क्या आइना दूँ तुम्हें असलियत भी तुम्हारी बता दूँ तुम्हें शौक जज्बात से खेलने का तो क्या खुद को ही मैं खि... Read more

गज़ल

जिन्दगी की तू अपने कहानी बदल, अब जरूरत है कुछ तो निशानी बदल, वक़्त होता नही हक में अपने सदा हो गया हक में तो हुक्मर... Read more

रदीफ़-में

डुबाकर मन के भावों को, तर करके स्याही में। लिखी थी खत कभी,मैंने थी जो तनहाई में।। वो तिरे भींगे केशों की, थी जो खुशबू रुहान... Read more