गज़ल/गीतिका

देखना तुम ये ज़माना भी बदल जायेगा

देखना तुम ये ज़माना भी बदल जायेगा तीर का उसके निशाना भी बदल जायेगा आज तो करवटें बदली हैं ग़मों ने अपनी कल को खुशियों का ठिकाना ... Read more

मुझको अँधेरे में..

मुझको अँधेरे में रखा आप उजालों में रहे । वाह क्या खूब तुम रिश्ते निभाने वालों में रहे ।। जब जरूरत न थी । तब दिए जलाते रहे ।। ... Read more

ये सब को पता है कि बीमारी फैली है

ये सब को पता है कि बीमारी फैली है फिर भी बाजार में मारामारी फैली है ये कैसा निजाम है परिक्षाएं करा रहा है और पुरे मुल्क में महा... Read more

धुएँ में बीताई गई रात खबर में है

धुएँ में बीताई गई रात खबर में है चर्चा शहर में और बात खबर में है सत्तापक्ष का नेता गाली गलौच करता है नेताजी की औकात खबर में है ... Read more

यहाँ जो नेकियाँ करता उसी पर वार होता है

यहाँ जो नेकियाँ करता उसी पर वार होता है बदी सौ बार हंसती है यही हर बार होता है कहींं जिस्मों के सौदे हैं कहीं बाज़ार होता है ... Read more

वो अगर चाहे तो पौदा भी शजर बनता है

उसकी रहमत से तो सहरा भी नगर बनता है वो अगर चाहे तो पौदा भी शजर बनता है उम्रभर की है कहानी न कोई इक दिन की आदमी वो है जो इन्स... Read more

करें क्या वक़्त भी अच्छा नहीं है

जो सोचा है वही होता नहीं है करें क्या वक़्त भी अच्छा नहीं है वो तन्हा है मगर रोता नहीं है हुआ क्या है पता चलता नहीं है अंध... Read more

सेन्ज़ना~थोड़ी सी बेवफ़ाई

बस इतनी सी दुआ है रब से किसी जाना को सेनो से मत मिलाना यदि मिला भी दो तो उसे जीना सिखा देना या फिर दर्द सहना सिखा देना आज 1 ... Read more

सच्ची मगर थी बात मेरी बात काट दी

करने नहीं दी मुझको शुरूआत काट दी सच्ची मगर थी बात मेरी बात काट दी चालें तमाम उसकी तो मालूम थी हमें चालाकियां अदू की हरिक घात... Read more

सिलसिला चलने दो अब यूँ ही बात का

सिलसिला चलने दो अब यूँ ही बात का। कुछ भरोसा नहीं है मुलाकात का।। बिखरी जुल्फें ये टूटी हुई चूड़ियां। सब फसाना सुनाती रहीं रात का... Read more

आसमाँ में किसने तारे भर दिये

ग़ज़ल आसमाँ में किसने तारे भर दिये। किसने सूरज में शरारे भर दिये ।। झील को तो उसने मीठा कर दिया। और समंदर सारे खारे भर दिये।... Read more

कर्मों के फल वहाँ मिलते हैं।

आँखों से जो अश्रु छलकते हैं, शिवचरणों में जाकर गिरते हैं। देख नीर भरी बदली भक्तों में, भगवान भी खूब बिलखते हैं। राहत देकर इन... Read more

हमें उससे नहीं कोई गिला भी

हमें उस से नही कोई गिला भी जो अब रखता नही है वास्ता भी मोहब्बत का मरज़ भी क्या मरज़ है कहीं मिलती नही इसकी दवा भी मुझे प... Read more

गिर रहे किरदार कैसा दौर है

गिर रहे किरदार कैसा दौर है जो करे धोखाधड़ी वो चोर है चोर भागा चोर भागा शोर है चोर बोला है कहाँ पर चोर है वो समझता था बड़ा वो... Read more

क्यूँ एक भी ग़लती रही

ये सोच ही चलती रही क्यूँ एक भी ग़लती रही रौशन महल होता रहा बस्ती मगर जलती रही वो तंज ही करता रहा ये बात पर खलती रही ... Read more

जला या बुझा दो वफ़ा कर चले

विदाकर तुम्हें हम दुआ कर चले तुम्हारे लिये रास्ता कर चले तुम्हारी हैं ख़ुशियाँ बधाई तुम्हें लो दामन भी अपना लुटा कर चले दि... Read more

इंसान बनाना कभी

जिस्म का खून अपने बढ़ाना कभी आप भी दिल हमारा दुखाना कभी आप हिन्दू ओ मुस्लिम बना ही चुके अब ज़माने को' इंसान बनाना कभी आस है ... Read more

दिल लगा बैठे

आपसे जबसे दिल लगा बैठे। ख्वाब पलकों पे हम सजा बैठे।। ढूंढते खुद ही आ गए आखिर। पूछने जिसका हम पता बैठे।। मन मेरा बन गया है दे... Read more

बुलन्दी

राह में अपमान कई सहने हैं अभी और तुझको ख़्वाहिश है बुलन्दी छूने की बेरहम दुनिया है ऊँचे ख़्वाब न देख क्यों ज़िद ठानी है तूने मर... Read more

वो बेफिक्र हो कर

वो बेफिक्र होकर के चलते रहे और आस्तीनों में सांप पलते रहे अगर देख लेते कभी गौर से तो होता न यह हादसा जो हुआ कभी आ... Read more

बहुत दहेज में क्यूँ मालो-ज़र नहीं आया

सफ़र शुरू भी हुआ हमसफ़र नहीं आया तलाश ख़ूब किया वो नज़र नहीं आया उसे करी भी ख़बर वो मगर नहीं आया इसी में हो भी गई दोपहर नहीं आया ... Read more

ख़ामोश फ़ासले से रहे हैं किसी से हम

जितना क़रीब जा के मिले ज़िन्दगी से हम महसूस हो गया कि मिले अजनबी से हम ख़ामोश फ़ासले से रहे हैं किसी से हम देखा किये हैं रोज़ उन्ह... Read more

किसी को ख़्याल में अक्सर तलाश करता है

किसी को ख़्याल में अक्सर तलाश करता है कभी वो ख़्वाब का मन्ज़र तलाश करता है उसे तलाश है हीरे की पत्थरों में सदा बड़े हिसाब से पत्... Read more

प्यार से उसको ये गुलशन भी सजाते देखा

प्यार से उसको ये गुलशन भी सजाते देखा उसको नफ़रत की वो दीवार गिराते देखा था यक़ी सबको इधर आज न आयेगा वो जबकि महफ़िलल पे उसे बात ब... Read more

जब याद आएगी ख़ुशी मर जाएगी

ज़िंदगी यूँ अश्कों से भर जाएगी, जब याद आएगी ख़ुशी मर जाएगी ।। आज नहीं तो कल फ़ना होना है, तमाम उम्र ऐसे ही गुज़र जाएगी ।।... Read more

प्रीत की सरगम

हाथों में लेकर हाँथ कुछ दूर यूँ ही चला जाये नजरों से बातें हो दिल को प्यार से फुसला जाये बनके बारिश की छनछन फैले प्रीत की सरगम ... Read more

आज़ाद गज़ल

चांद मुझ पे झल्ला गया छत पे जब मैं भी आ गया । ज़ुल्फें क्या सहेज दी मैनें बादलों को गुस्सा आ गया । शाम मुहँ फुलाकर बैठ... Read more

वक्त के प्रवाह में

आधार छंद- चामर (२१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २) * गीतिका * ~~ काम काज के समय सजग सभी रहें सदा। वक्त के प्रवाह में बिना रुके बहें सद... Read more

गज़ल

2122 221 12 दिल लगाने की बात न कर इस जमाने की बात न कर । कौन कब धोखा दे दे यहाँ दोस्ताने की बात न कर मेरी किस्मत में ... Read more

सहर और साम का जुस्तजू का रिश्ता है

सहर और साम का जुस्तजू का रिश्ता है हवाओं का फूलों से खुशबू का रिश्ता है उसकी शादी के बाद से ये आदबो आदाब वर्ना उससे मेरा आप का ... Read more

समाज के नजरों में बेकार हुँ साहब

समाज के नजरों में बेकार हुँ साहब बाजार में बिकने को तैयार हुँ साहब नाकारा निकम्मा दुसरे नाम होगए मैं पढा़ लिखा बेराजगार हुँ साह... Read more

सूर्य हिन्दी का

* गीतिका * ~~ सूर्य हिन्दी का प्रखर चमके गगन में। भावना इस हेतु हो प्रत्येक मन में। प्राप्त कर लें हम प्रगति के लक्ष्य नूतन।... Read more

ख़ुशी भी ढूँढू तो

ख़ुशी भी ढूँढू तो बस दर्द का सामान मिले मुझे जो लोग मिले मुझसे परेशान मिले मैं अपने शहर का मुआइना जब करने लगा मुझे तो हर जगह सोत... Read more

नाम उसने कर दिया बदनाम मेरा आदतन

देखकर किरदार मेरा काम मेरा आदतन नाम उसने कर दिया बदनाम मेरा आदतन मैंने तो इतना कहा था दिल का हीरा पास है कह दिया उसने सभी से... Read more

रंजोग़म को भूलकर खुशियाँ मनाना सीखिये

रंजोग़म को भूलकर खुशियाँ मनाना सीखिये इस ज़माने में मुहब्बत को लुटाना सीखिये खेलने को एक भी देकर खिलौना सीखिये रो रहा बच्चा अग... Read more

कुछ उसको ज़माने से शिकायत भी बहुत थी

कुछ उसको ज़माने से शिकायत भी बहुत थी आँखों में भरी उसकी बग़ावत भी बहुत थी तूफ़ान जो आया तो मुसीबत भी बहुत थी कुछ लोग भी जीदार थ... Read more

कभी तो दर्द में भी मुस्कुराओ

कहा आने को है वादा निभाओ कभी तो मान आसानी से जाओ मुहब्बत के गुलों को तुम खिलाओ मिटाकर नफ़रतें गुलशन सजाओ कभी गर ग़म मिले सबक... Read more

कभी तो दर्द में भी मुस्कुराओ

कहा आने को है वादा निभाओ कभी तो मान आसानी से जाओ मुहब्बत के गुलों को तुम खिलाओ मिटाकर नफ़रतें गुलशन सजाओ कभी गर ग़म मिले सबक... Read more

प्यार के फूल खिला कर देखो

प्यार के फूल खिला कर देखो गीत वफ़ा के गा कर देखो पासे नये बिछा कर देखो दांव भी एक लगा कर देखो कितना मुश्किल पैसा पाना दो... Read more

हुये शहीद जो उनको सलाम करते हैं

हुये शहीद जो उनको सलाम करते हैं दिलों से जान से हम एहतिराम करते हैं वतन के काम जो बस सुब्हो-शाम करते हैं वो ही तो देश का ऊँ... Read more

पागल लड़की~4

एक पागल सी लड़की है जो बेपनाह मोहब्बत करती है तुम याद नहीं करते मुझको हर रोज शिकायत करती है वो कहती तुम बहुत बुरे हो पल पल ... Read more

कभी भी दिल से हमें तुम भुला न पाओगे

कभी भी दिल से हमें तुम भुला न पाओगे किसी भी और से हरगिज़ निभा न पाओगे छुपा के राज़ जो रक्खा बता न पाओगे हमें न देख सकोगे जता न... Read more

इरादे मेरे दिल के

इरादे मेरे दिल के समझा करे कोई मेरे बारे में भी कुछ सोचा करे कोई उसके गम मेरे मेरी खुशियां उसकी काश हमसे भी ऐसा सौदा करे कोई ... Read more

हिज़्र में उसकी मर नहीं गया मैं

हिज़्र में उसकी मर नहीं गया मैं टूट कर भी बिखर नहीं गया मैं रात भर चाँद तारे ही देखे रात भर अपने घर नहीं गया मैं छोड़ आ... Read more

देवता हो गया

देखते देखते क्या से' क्या हो गया एक पत्थर से' वो देवता हो गया रोज़ी' रोटी जुटाने की' मजबूरियां बाप से आज बेटा जुदा हो गया छो... Read more

आज़ाद गज़ल

रोया रात भर माहताब क्यों भीगा हुआ था गुलाब क्यों । नींद से कोई दुश्मनी तो न थी खफ़ा हो गए मेरे ख्वाब क्यों। सवाल तुम्हारे तिलम... Read more

आज़ाद गज़ल

दिल में रहते थे वो किराए के मकां जैसे भला मुझ को फ़िर समझते अपना कैसे । इल्म ही नहीं क्यों बिक गए मेहबूब मेरे इश्क़ में हुआ इस्... Read more

दिलों में किसी के सख़ावत नहीं है

अना हर किसी में शराफ़त नहीं है दिलों में किसी के सख़ावत नहीं है पुराने ज़माने की चाहत नहीं है नये दौर से कुछ शिकायत नहीं है ... Read more

सदा दिल की सदारत हो रही है

सदा दिल की सदारत हो रही है तभी जीवन में राहत हो रही है अभी तो दिल में चाहत हो रही है तेरी हो दीद हसरत हो रही है सनम तुमसे मु... Read more

नया वादा

नया वादा आख़िर कैसे नए वादों पर ए'तिबार किया जाए पुरानी साज़िशों को कैसे दरकिनार किया जाए। क़ातिल क़त्ल की ताक़ में ज़मानों से सोया... Read more