गज़ल/गीतिका

इंसानियत की बंद दुकान हो गई

*** इंसानियत की बंद दुकान हो गई *** ******************************* कितनी अहसान फ़रामोश जुबान हो गई लगता है इंसानियत की बंद दु... Read more

आज़ाद गज़ल

या रब कुछ तो आसान कर दुनिया गमों से सुनसान कर । ज़िंदगीयाँ हैं जिनकी बेरहम उनको अपना मेहमान कर । रोने को अब आसूँ भी नहीं आंखो... Read more

दीवारों के भी कान होते हैं

******* दीवारों के कान होते हैं ********* ********************************** जुबां को रोकिए बोलने से नुकसान होते है संभल क... Read more

आज़ाद गज़ल

या रब कुछ तो आसान कर दुनिया गमों से सुनसान कर । ज़िंदगीयाँ हैं जिनकी बेरहम उनको अपना मेहमान कर । रोने को अब आसूँ भी नहीं आंखो... Read more

खुद जाम पीजिए हमें भी पिलाइए

मेरे लबों की आप सदा बनके आइए। खुद जाम पीजिए, हमें भी पिलाइए। नज़रों में आपकी मयखाना नज़र आये। मखमूर क्यों न हो इनमें जो उतर जाए। ... Read more

जब हम ठुकराए गए

रौशनी से जब हम ठुकराए गये साथ छोड़कर सब साये गये मेरी ख़ूबियों का ग़ुरूर टूट गया जब मेरे ऐब मुझको गिनाए गये सब क़ुसूर आँखों... Read more

कौन समझेगा

ग़म न मिले तो ख़ुशी की क़ीमत कौन समझेगा दर्द न मिले तो दवा की ज़रूरत कौन समझेगा कोई एक गाल पे मारे तो दूजा गाल भी दे दो भला ... Read more

ए'तिबार रहा

मुझ को तो इंसानों से प्यार रहा, सब को दौलत का इंतिज़ार रहा ।। मैंने क्या सोचा और क्या चाहा, इस पे किस का ए'तिबार रहा ।। #ह... Read more

आज़ाद गज़ल

उसकी महफिल से निकाला गया कुछ इस तरहा मुझे संभाला गया । मैं तो डूब चला था इश्क़ में उसके मुझे अच्छी तरह से खंगाला गया । आपको तरक्... Read more

गज़ल - इंसान की फितरत

*हिंदी विकास मंच* *बोकारो,धनबाद,भारत* *पहली बार गजल लिखने का प्रयास किया है* 💐💐💐💐💐💐💐💐 *चेहरे पर चेहरा लगा लेते हैं लोग* *अ... Read more

आज़ाद गज़ल

कवि सम्मेलनों और मुशायरों की भरमार है कोरोना काल में बेहद खुश साहित्यकार है। कभी है ऑनलाइन तो है कभी ऑफ़ लाईन सुबहो-शाम,रात औ ... Read more

ग़ज़ल

काफ़िया-आया रदीफ़-जाए चलो मुकदर को फिर से यूं आज़माया जाए। खुद की काबिलियत पर गौर फ़रमाया जाए। वो पन्ने जिन पर कुछ लिख न पा... Read more

ग़ज़ल

++++++++++( ग़ज़ल )++++++++ २१२२ १२२ १२२ २१२ ++++++++++++++++++++++++ अश्क पलकों में उनसे छुपा कर भी देखा ना हु... Read more

हर ख़ुशी मेहरबान होने लगी

हर ख़ुशी मेहरबान होने लगी ज़िन्दगी दो जहान होने लगी हुस्न पे जब खुमार होता है वो घड़ी इम्तिहान होने लगी फ़िक्र, परवाह, उम्र ... Read more

वही कहानी दोहरा दी गायी

आज फिर वही कहानी दोहरा दी गयी हादसा बनाकर हक़ीक़त छुपा दी गयी कहीं अपने दामन पे दाग़ न आ जाए इसलिए उसूलों पे मिट्टी चढ़ा दी ग... Read more

बेवफ़ा से वफ़ा, अब नहीं चाहिए

दिलजले को दवा, अब नहीं चाहिए बेवफ़ा से वफ़ा, अब नहीं चाहिए आपने चाहा था, जिस अदा से मुझे आपकी वो अदा, अब नहीं चाहिए लाख ... Read more

यूँ सफ़र पूरा कहाँ होता है अब

यूँ सफ़र पूरा कहाँ होता है अब बीच में ही दिल कहीं रोता है अब हुस्न को फ़ुरसत कहाँ बेचैन हो चैन तो आशिक़ फ़क़त खोता है अब ... Read more

वफ़ाओं का अपनी हवन कर रहा हूँ

तुझे ऐ मुहब्बत! नमन कर रहा हूँ वफ़ाओं का अपनी हवन कर रहा हूँ ये उल्फ़त भला क्यों मुझे देती खुशियाँ फ़क़त ज़ुल्म पाए, सहन कर रहा हू... Read more

काहे की मधुशाला है जी

काहे की मधुशाला है जी ख़ाली दिल का प्याला है जी कहने को है कितना कुछ अब लेकिन लब पर ताला है जी भटकें, यूँ तो मयख़ानों में ... Read more

मन्थन-चिन्तन

जितना करते मन्थन-चिन्तन बढ़ती जाए मेरी उलझन यूँ तो पुष्प भरी है डाली सूना सूना लागे आँगन मान गए कष्टों में जीकर दुःख की... Read more

दिल थाम के

लो सुनो इक बात तुम दिल थाम के सब हैं आशिक़ ये तुम्हारे नाम के कौन बोलेगा मुझे कुछ भी यहाँ ले रहा हूँ आज बोसे जाम के हर दफ़... Read more

दिल मिरा भी तो ग़मगुसार नहीं

दिल मिरा भी तो ग़मगुसार नहीं क्या हुआ तू जो बेक़रार नहीं क्यों ख़ुशी या मलाल हो दिल को कोई शय भी तो उस्तवार नहीं हिज़्र की म... Read more

देवता वो

ज़हर पीकर जो पचाए देवता वो जो ग़मों में मुस्कुराए देवता वो वक़्त के तूफ़ान से डरना भला क्या दीप आँधी में जलाए देवता वो दौरे-... Read more

नकाब में ही नकाब इतने

कभी न देखे है ख़्वाब इतने नकाब में ही नकाब इतने थे जाने को जो शिताब इतने है दर्द भी क्या बे हिसाब इतने है दर्द के क्या सवाल ... Read more

जहनियत

जो बात कभी कही ही नही हमने वो सच का शोर करती आ गयी जमाने मे बेवजह सुर्खियों मे आये है हम बात झूठी सी लिखी है इस फसाने में ... Read more

मजबूरियाँ बं गई

**** मजबूरियाँ बन गई **** *********************** हम दोनों में हैं दूरियाँ बन गई लगता है ये मजबूरियाँ बन गई तेरे बिन रह ल... Read more

अश्क़ आँखों में तू छिपाये क्यों

अश्क़ आँखों में तू छिपाये क्यों आग सीने में यूँ दबाए क्यों जब तलक दुश्मनी ये ज़ाहिर हो तब तलक दोस्ती निभाए क्यों ये तो दस्... Read more

टूटकर खुद

टूटकर खुद बिखर रहा हूँ मैं हार से कब मुकर रहा हूँ मैं कर लिया खुद से ही जो समझौता लोग समझे कि डर रहा हूँ मैं मेरी ख़ामोशि... Read more

उल्फ़त पैग़ाम मिरा

उल्फ़त पैग़ाम मिरा है चाहत नाम मिरा दिल में है प्यार भरा दिल है गुलफ़ाम मिरा भर दो तुम आज इसे ख़ाली है जाम मिरा मैं हू... Read more

मेरे जी में जो आये करूँ

मेरे जी में जो आये करूँ पूछता क्यों किसी से रहूँ लाख प्यारी है ये ज़िन्दगी मौत लेकिन बड़ी, सच कहूँ दफ़्न होने का क्यों ग़म म... Read more

तज़ुर्बा

जो बात कभी हंसी मे उड़ाई थी वो आज मुझपे हँसती लौटी है। वो मुझसे भी बड़ी हो गयी है अब जिसे कहा था, चुप कर, अभी तू छोटी है जवाब ... Read more

कितने ग़म

भूल गया, थे कितने ग़म दिल ने झेले इतने ग़म अपनों ही से पाए, तो ग़ैर कहाँ थे अपने ग़म इक-इक कर सब टूट गए जितने सपने, उतने ग़म ... Read more

आज़ाद गज़ल

यारों मैं भी एक फ़ेसबुकिया साहित्यकार हूँ ये और बात मैं लिखता घटिया और बेकार हूँ । रहता हूँ मैं तलाश में दिन-रात मौज़ुआत के ... Read more

ज़िन्दगी मेहरबान है तो क्या

ज़िन्दगी मेहरबान है तो क्या मौत इक इम्तिहान है तो क्या भूल जा ज़ख़्म मेरे तू ऐ दोस्त! ये तिरा योगदान है तो क्या कह नहीं सकत... Read more

चाहतों के कुतर दे पर चाहे

चाहतों के कुतर दे पर चाहे जी उठूँगा मैं तू अगर चाहे सल्तनत ग़म की जिसको मिल जाये फिर वो खुशियों का क्यों नगर चाहे मैं तो ... Read more

ज़िन्दगी हादिसों की एक कड़ी

ज़िन्दगी हादिसों की एक कड़ी मौत बस एक पल है एक घड़ी करते-करते गिले भी, शिकवे भी क्यों नज़र मेरी तुझसे देख लड़ी मेरे दिल में उ... Read more

ज़िंदगी की बहार हो तुम तो

ज़िंदगी की बहार हो तुम तो मेरे दिल का क़रार हो तुम तो हम भी कुछ बेक़रार हैं माना पर बहुत बेक़रार हो तुम तो दुश्मनों पर किया ... Read more

भुलाया मुझे गर

भुलाया मुझे गर तो क्या पाइयेगा ग़मे-इश्क़ में आप पछताइयेगा हमारा गुज़र तो नहीं आपके बिन अगर आपका हो चले जाइयेगा ये चाहत, ये... Read more

मुहब्बत की खुशबू

मुहब्बत की खुशबू का क्या कीजियेगा इसे दिल में अपने बसा लीजियेगा रक़ीबों की महफ़िल में जाने लगे हो मिरे हाथ से जाम क्या पीजियेग... Read more

हर किसी को राजे दिल, बतलाया नहीं जाता

एक ही नगमा, हर साज पर गाया नहीं जाता एक ही धुन को, हर वक्त बजाया नहीं जाता वक्त मुकर्रर है, हर राग को गाने के लिए हर वक्त किसी... Read more

गजल-रूहानी लिख रही हूँ।

ग़ज़ल-रूहानी लिख रही हूँ।। जिंदगी की दास्तां, सुहानी लिख रही हूँ, हसीं लम्हों की मैं, कहानी लिख रही हूँ। गुनगुनाते रहें उम्रभ... Read more

दुआएँ

दुआ है कि रोज इस तरह भी बेशुमार आएं। दिन ढले तो बहार आए रात गुजरे तो बहार आए। घटाएँ चिलमन हैं खुशियाँ हैं रोशनी की किरण, घटाएँ ... Read more

नई हवा चल रही है..

जीवन मूल्यों की प्रतिपल परिभाषा बदल रही है। लालच लोभ प्रपंच की नई हवा चल रही है।। हो गया है बोलवाला फरेब झूँठ बेईमानी का, त्याग... Read more

ग़ज़ल खूब कहता हूँ

मैं ग़ज़ल खूब कहता हूँ सुन लीजिये ख़्वाब आँखों में कोई तो बुन लीजिये इन ग़मों में ही गुम है घड़ी खुशनुमा होंगी दुश्वारियाँ किन्तु ... Read more

आईना

जबसे देखा किये हैं तिरा आईना मुझसे रूठा हुआ है मिरा आईना अब तो सपने सभी ये बिखरने लगे अब किनारे पड़ा है मिरा आईना जबसे बद... Read more

गए रूठ क्यों तुम मनाने से पहले

गए रूठ क्यों तुम मनाने से पहले मिरे दिल की दुनिया बसाने से पहले क़यामत के दिन क्या तिरा हाल होगा ज़रा सोच मुझको सताने से पहले ... Read more

ऐसे हाथों में सजने लगी चूड़ियाँ

ऐसे हाथों में सजने लगी चूड़ियाँ जैसे फूलों पे उड़ने लगी तितलियाँ ऐसे महकी फ़िज़ा में ये कस्तूरियाँ जैसे जंगल में फिरने लगी हिरनि... Read more

जब से दिल में समा गयीं आँखें

*ग़ज़ल* 2122 1212 22 जब से दिल में समा गयीं आँखें। होश मेरे उड़ा गयीं आँखें। कैसा जादू चला गयीं आँखें। पल में ... Read more

इक ज़ख़्म

एक दर्द में जीता जा रहा हूँ मैं, अश्क लबों से पीता जा रहा हूँ मैं । इक ज़ख़्म बैठ गया है सीने में, बाक़ी सब तो सीता जा रहा ... Read more

सुरमयी शाम सुहानी

**सुरमयी शाम सुहानी** ******************* सुरमयी शाम सुहानी सी मस्ती में मस्त मस्तानी सी शीत हवाएं चल रहीं हैंं तन मे... Read more