गज़ल/गीतिका

बाढ़

- रूप माला छंद बाढ़ से हालत विकट है,सब किया है नाश। भूख से बेहाल हैं सब, देखतें आकाश। हाय देवों ने लिखा है,भाग्य में संत्रा... Read more

ग़ज़ल- हुआ मददा बहुत व्यापार साहब।

हुआ मद्दा बहुत व्यापार साहब। नये आये हैं थानेदार साहब।। ख़बर उनको नही अब मुफ़लिसों की। हुए जबसे सियासतदार साहब।। 【1】 ख़बर सूब... Read more

बसे है जो दिन रात जो दिल में मेरे ----आर के रस्तोगी

बसे है दिन रात जो दिल में मेरे | उनका नाम अब बताऊं मै कैसे || जो बिल्कुल बोलते नहीं है | उनसे बात बताऊँ मै कैसे || चुरा ली ... Read more

ग़ज़ल:- सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं...

सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं। सुखन के क़ायदे ही तो ग़ज़ल तैयार करते हैं।। ▪▪🔘▪▪ बिना वज़्नो... Read more

अधूरी है जिन्दगी

अपनों की यादोँ सेे भरी है* *जिंदगी* *सुख और दुःख कि पहेली है* *जिंदगी* *कभी अकेले बैठ कर* *विचार कर तो देखो* *मौत के बगैर अध... Read more

सदा तुम्हारी झोली में

सदा तुम्हारी झोली में खुशियों की सौगात हो। गम से कोशों दूर रहो फूलों की बरसात हो। हँसी-खुशी हर दिन बीते,मंगलमय हो कार्य सब , ... Read more

तू बता

मै तो गया गुजरा ठहरा ,तू बता हाशिये पे हरदम ही रहा,तू बता । थी हैसीयत नही की बात रखता उपर से हुजूर भी खफा, तू बता । न दवा,न दु... Read more

लब पे थे अल्फ़ाज़ यूँ तो दोस्ती के

लब पे थे अल्फ़ाज़ यूँ तो दोस्ती के थे मगर अंदाज़ उनके दुश्मनी के अब हमारे दिल में ही वो बस गये हैं हम तो दीवाने हैं उनकी सादग... Read more

बदनाम जिन्दगी

बहुत ढूंढा उसे वो मिल न सकी , वक्त बेवक्त दिखती रही, वो कभी इस कंधे पर तो कभी उस कंधे पर, वो बस ... Read more

बदनाम जिन्दगी

बहुत ढूंढा उसे वो मिल न सकी , वक्त बेवक्त दिखती रही, वो कभी इस कंधे पर तो कभी उस कंधे पर, वो बस ... Read more

खा रहे हो नमक,ऐसे मत दगा दीजिये ---आर के रस्तोगी

खा रहे हो नमक,ऐसे मत दगा दीजिये | मुल्क का फर्ज कुछ तो अदा कीजिये || खाते हो किसी का,गुण गाते किसी का | ऐसे तो इस मुल्क को न दग... Read more

ग़ज़ल- देश का नाम हमको करना है

2122 1212 22 देश का नाम हमको करना है साथ मिल जुलके यार रहना है। है मुहब्बत हमें वतन से अगर सब रहे मिलके ये ही सपना है। ... Read more

रक्षा बंधन पर्व पर एक खास गजल ----आर के रस्तोगी

रिश्ते है कई दुनिया में,बहन का रिश्ता खास है बाँधती है जो धागा बहन,वह धागा कोई खास है लगाये रखती है बहन टकटकी,रक्षाबंधन के पर्... Read more

लक्ष्य पर अपनी नज़र को साधना

लक्ष्य पर अपनी नज़र को साधना होगी पूरी भी तभी तो कामना नाम हैं इंसानियत के दूसरे त्याग, संयम,प्रेम और' सद्भावना प्यार ही ... Read more

बस मुझे तुझसे मुहब्बत है तो है

बस मुझे तुझसे मुहब्बत है तो है की जमाने से अदावत है तो है जीना मरना इश्क में ही है मुझे इश्क जो मेरी इबादत है तो है भूलन... Read more

वक़्त खुद को कभी दिया ही नहीं

वक़्त खुद को कभी दिया ही नहीं ज़िन्दगी का लिया मज़ा ही नहीं काट दी ज़िन्दगी अकेले ही मीत तुम जैसा फिर मिला ही नहीं क्यों न... Read more

वक़्त खुद को कभी दिया ही नहीं

वक़्त खुद को कभी दिया ही नहीं ज़िन्दगी का लिया मज़ा ही नहीं काट दी ज़िन्दगी अकेले ही मीत तुम जैसा फिर मिला ही नहीं क्यों न... Read more

वो पराई हो गयी

ज़माने में यादें वो बेवक्त दे गयी बीच मझधार में छोड़ वो पराई हो गयी कहाँ तलक सहें उनकी बेबफाईयाँ पास ... Read more

सहमा सहमा पाक सबको नजर आता है ---आर के रस्तोगी

सहमा सहमा पाक सबको नजर आता है | हमे तो कुछ दाल में,काला नजर आता है || पूछता है कश्मीर से,370 धारा क्यों हटा दी ? लगता है उसको ,... Read more

दिल को बीमार इस कदर देखा

दिल को बीमार इस कदर देखा इश्क में डूबा तर -बतर देखा जब भी तुमने उठा नज़र देखा उसका धड़कन पे भी असर देखा अपने सपने के ही ल... Read more

आँसुओं को अपनी पलकों पर रुका रहने दिया

आँसुओं को अपनी पलकों पर रुका रहने दिया यूँ भरम हमने न रोने का बना रहने दिया की नहीं परवाह हमने अपने इस दिल की कभी टूटा बिखरा ... Read more

ग़ज़ल

नहीं मिट रही ये मेरी तिश्नगी है जो मुद्दत से मेरे जिगर में बसी है समझते नहीं मेरे ज़ज़्बात को जब ये किस क़िस्म की दोस्ती आपकी ... Read more

मेरे दिल की है सखी मेरी ग़ज़ल

मेरे दिल की है सखी मेरी ग़ज़ल करती रहती दिल्लगी मेरी ग़ज़ल राग मैं हूँ रागनी मेरी ग़ज़ल प्रीत में रहती पगी मेरी ग़ज़ल साज पर जब ... Read more

मेरे सपने में ही मेरी मां क्यों आयी नही

मेरे सपने में ही मेरी मां क्यों आयी नहीं जाने क्यों तस्वीर मां को मेरी भाई नहीं बस इसी बात से है मन तड़पता मेरा उसने ममताम... Read more

घर आ जाना।

गजल 221 1222 221 1222 जब दर्द सताये तुम्हें तो घर आ जाना। आवाज लगाये तुम्हें तो घर आ जाना। आबाद रहेगा तुम्हारा इ... Read more

ग़जल

ताजा गजल 212 212 212 212 चल रही हैं हवा आपके शहर में, उठ रहा है धुँआ आपके शहर में। छू गई है हया शबनमी बूंद को... Read more

रूमानी ग़जल

रूमानी ग़ज़ल 212 212 212 212 हर तरफ हर जगह आप ही आप हैं। दूर भी आप हैं, पास भी आप हैं। झल-झलाती हुई शर्म खाती हुई,... Read more

ग़जल

ग़ज़ल फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन आइना क्या देखकर शरमा रहा है। यूँ मिली जब आंख तो घबरा रहा है। बंद पलकों से कहो ना दर्द क... Read more

ग़जल

ग़जल 212 212 212 12 आज की शाम वो क्यों मिला नही। है मुझे कोई शिकवा गिला नही। आह कैसे भरूँ देख के ... Read more

ग़जल

ग़जल फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन आप हमसे यूँ अदावत अब न करना। रूठना लेकिन बगावत अब न करना। दोस्त मिलते हैं बड़े ही मुश्कि... Read more

ग़जल

विषय- मित्र/दोस्त विधा- ग़जल (शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नही) मफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईलु फ़ाइलुन कुछ धूप सा खिलो तुम मौसम बह... Read more

ग़ज़ल- छटेगी रात काली...

ग़ज़ल- छटेगी रात काली... ■■■■■■■■■■■■■■■■■■ छटेगी रात काली और फिर होगा सवेरा भी। हँसो लेकिन ज़माना एक दिन आयेगा मेरा भी।। भले ग़म ... Read more

दोस्ती से बड़ी कोई दौलत नहीं

दोस्ती से बड़ी कोई दौलत नहीं, दोस्ती से बड़ी कोई मुहब्बत नहीं। दोस्ती से बड़ी कोई राहत नहीं, दोस्ती से बड़ी कोई इबादत नहीं।। दोस्त... Read more

गरज रहे है,बरस रहे है,सावन के ये बादल ---आर के रस्तोगी

गरज रहे है,बरस रहे है, सावन के ये बादल | बरस रहे है मेरे नैना,आये नहीं मेरे साजन || चारो तरफ छाया अँधेरा,दामिनी दमक रही है | ये... Read more

दोस्ती

मानते हैं की हम दोस्त पैसे से गरीब हैं वो निक्कमे परिवार से ज्यादा करीब हैं हर बात का गलत मतलब निकालते हैं हाँ वो गाली देना ... Read more

ग़ज़ल

मुकद्दर में मेरे मुहब्बत नहीं है। मुझे कोई शिकवा, शिकायत नहीं है। तराजू में तोली मुहब्बत हमारी उन्हें दिल लगाने की आदत नहीं है।... Read more

कोई बात दिल की

कोई बात दिल की सुनाओ तो जरा। बुला रही हूं,अरे आ भी जाओ तो जरा। जिंदगी की ये बाजी, हम जीत ही लेगे, झूम कर एक दाँव ,लगाओ तो जरा।... Read more

हरियाली तीज

जीवन नय्या के खेवनहार तुम्हीं हो तुम्हीं गहना हो मेरा श्रृंगार तुम्हीं हो मेरी तो पायल की झनकार तुम्ही हो बिंदिया, चूड़ी, कंगना,... Read more

ग़ज़ल

हाले दिल अपना अगर आप ग़ज़ल में कहते कैसा था दर्दे सफ़र आप ग़ज़ल में कहते कैसे घायल हुआ दिल आपका इस महफ़िल में चल गया तीरे ... Read more

ये तजुर्बा कुछ और है।

चाहें सारा जहां छान लो,ये तजुर्बा कुछ और है सामने ख़ुदा है,मगर दिल ने कहा कुछ और है। ये नोबत ही तो है,जो चेहरे बदल देती है कल क... Read more

कही फिसल न जाऊ,तेरे ख्यालो में चलते चलते --आर के रस्तोगी

कही फिसल न जाऊ,तेरे ख्यालो में चलते चलते | अपनी यादो को रोको,कही मर न जाऊ रोते रोते || मत आया करो मेरे ख्यालो में,ये बारिश का मौ... Read more

वो जिन्दगी भी क्या,जो छाँव छाँव चली ---आर के रस्तोगी

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली | कुछ सुनेहरी यादे,मेरे संग पाँव पाँव चली || सफर धूप का किया,तो ये तजुर्बा हुआ | वो जिन्दगी ... Read more

तुम

रोके जग ने तो ठहर गए तुम किसी से नहीं खुद से हार गए तुम ठहरना तो मौत है शान से जी जिंदगी यारों मक्कारी की जीत कायरता ... Read more

" सताने लगे हैं " !!

ग़ज़ल / गीतिका बाते ही बातें , बनाने लगे हैं ! यादों में अकसर , सताने लगे हैं !! अवसर को खोना , नहीं जानते वे ! सोये जो उनको... Read more

ग़ज़ल- गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने?

ग़ज़ल- गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने? □□□□□□□□□□□□□□ गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने? संसद तक देखो पहुँचाया लोगों ने। इतनी... Read more

" सताओगे कब तक " !!

इरादे तुम अपने , बताओगे कब तक ! हमें यों ही जालिम , सताओगे कब तक !! अभी कहने को तो , बहुत कुछ है बाकी ! फसाना ये दिल का , सुनाओ... Read more

गीतिका..... सहमी है बेटियां

******** सहमी है बेटियां ****** ************ अब हो रही शिकार, दरिंदों से बेटियां ना घर में सुरक्षित हैं, ना ही... Read more

" इसे लाज कह दें " !!

ग़ज़ल / गीतिका ज़रा समय ठहरे , चलो आज कह दें ! छिपाये कभी जो , सभी राज़ कह दें !! तुम्हारी खरीदी , हमारे बिके हैं !! अनायास हम प... Read more

रूठना मत कभी,हमे मनाना नहीं आता ---आर के रस्तोगी

रूठना मत कभी,हमे मनाना नही आता | दूर नही जाना,हमे बुलाना नहीं आता || तुम भूल जाओ हमे,ये तुम्हारी मर्जी | हम क्या करे,हमे भुलान... Read more

नया साल मुबारक हो 2020के लिए

नया साल,नया दिन,नयी रात मुबारक हो वही मुल्क और वही हालात मुबारक हो । वही सुबह, वही शाम, वही नाम ,वही काम वही उम्मीदों की झूठी स... Read more