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Category: दोहे

योग
1 सुख सुविधाओं का नहीं ,बनना कभी गुलाम तन को देकर कष्ट कुछ, नित्य करो व्यायाम 2 योगासन यदि नित करो , दूर रहेंगे मर्ज़... Read more
किस्मत के दोहे
मेरी किस्मत ले चली,अब जाने किस ओर। प्रभु हाथों में सौप दी,यह जीवन की डोर।। किस्मत में है क्या लिखा,नहीँ किसी को भान। निरर्थक हैं... Read more
दोहे
सूरत से सीरत भली सब से मीठा बोल कहमे से पहले मगर शब्दों मे रस घोल रिश्ते नातों को छोड कर चलता बना विदेश डालर... Read more
दोहे
कौन बिछाये बाजरा कौन चुगाये चोग देख परिन्दा उड गया खुदगर्जी से लोग लुप्त हुयी कुछ जातियाँ छोड गयीं कुछ देश \ ठौर ठिकाना ना... Read more
दोहा
Vinod Kumar दोहे Jun 13, 2016
लालच की होती नहीं,जग में कोई थाह। जो इसमें जितना गया,उतना हुआ तबाह। होती है क्यूँ प्यार में,अक्सर ऐसी बात। जिसको दो दिल में जगह,करे... Read more
दोहे
शब्द शब्द मुखरित हुआ, छंद छंद नव गीत, मन वीणा बजने लगी, कुसुमित होती प्रीत। गीत नही ये साजना,प्रणय भाव निष्काम, जीवन के हर पृष्ठ... Read more
भोर
बहुत पुराना रात दिन ,का आपस में बैर अपनी अपनी राह पर, करते दोनों सैर दिन ने की जो सूर्य की, किरणों की बरसात चाँद... Read more
कुछ दोहे (माँ)
प्यार लिखा हर पृष्ठ पर ,माँ वो खुली किताब माँ के आँचल की महक, जैसे खिला गुलाब माँ तो ममता का कभी ,रखती नहीं हिसाब... Read more