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Category: दोहे

प्रेम
🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 पीकर प्याला प्रेम का, मैं तो हुई मलंग। मतवाली बन डोलती, जैसे उड़े पतंग।। १ सबसे पावन प्रेम है, कहते... Read more
--दोहे--
--दोहा-- उपदेशकों की कमी न,अनुसरण करें नहीं। जो अनुसरण करें सभी,तो स्वर्ग मिले यहीं।। ---------- --दोहा-- आदत अच्छी ख़ुश रखे,सुबह और शाम है। ख़ुशी तो... Read more
महुआ
🌹 🌹 🌹 🌹 महुआ मादकता भरा, मधुकर मदिर सुगंध। प्रेम पथिक प्यासा फिरे, प्रिय पागल प्रेमांध।। १ भोजन गरीब का रहा, खाते किशमिश मान।... Read more
वसंत
🌹 🌹 🌹 🌹 कण-कण सुरभित रस भरा, मधुरिम हुए दिगंत। चहुँ दिश कुसुमित यह धरा, सुषमा सरस वसंत।। १ प्रेमी प्रियतम नाम से, लिखा... Read more
हुआ नही उपहार
नही भेंट है दूसरी, ........कीमत की हकदार ! किसी जरूरतमंद पर,कर दो कुछ उपकार !! मीठी वाणी बोलिए,.....रखिए शिष्टाचार ! जीवन मे इससे बडा़,हुआ नही... Read more
सरस्वती वंदना
🌹🌹🌹🌹🌹 शीतल-शांत-सजल-सरल, ज्ञान दायिनी मात। वर दे माँ पाये तुझे, भजे तुझे दिन-रात।। साहस, संयम, विमल मति, उर में भर दो ज्ञान। हे माँ हमको... Read more
गुलाब
🌹 🌹 🌹🌹 🌹 सुमनों में प्यारा सुमन, कोमल नर्म गुलाब। मंत्र-मुग्ध मन को करे, खुश्बू का सैलाब ।। 1। लाक्षा, पाटल, शतपत्र, तरह-तरह के... Read more
गंगा
🌹 🌹 🌹 🌹 है पवित्र पावन नदी, गंगा जिसका नाम। निर्मल नीर की बदली, लेती नहीं विराम।। 1 उज्ज्वल स्वच्छ नील जल, देती सबको... Read more
ये कैसा गठजोड़
होता है वो वाकई ,........समझदार इन्सान ! रिश्तों को जिंदा रखे, खा कर भी नुकसान ! ! देते सही बयान को, ...पूरा तोड़ मरोड़ !... Read more
✍चाय चाय करते रहे....(चाय-पकौड़ा श्रृंखला दोहा, कविता क्रमांक-02)✍
चाय चाय करते रहे,तन से निकली हाय, पकौड़ा अब तैयार हैं, तब तो छानो चाय।।1।। पकौड़ा बेचन में चला, मन में राखी खोट, लाभ हुआ... Read more
सौंदर्य से भरपूर
#सौंदर्ययुक्त_आशुचित्र_को_देख_कर_उपजे_नवीन_शब्द_की_शब्दावली *********************************************************** *दोहावली* ******** सुंदर मुखड़ा देखकर, मोहित हुआ प्रताप। ज्ञान बड़ा सौंदर्य से, सुंदरता अभिशाप।।०१।। मुखड़ा सुंदर है बहुत, बड़ा तुम्हारा ज्ञान। ज्ञान-ज्ञान से... Read more
दोहा छंद के माध्यम से स्ववृत्त(परिचय)
दोहा छंद के माध्यम से स्ववृत्त(परिचय) =================== प्रथम चरण में नाम का, दूजे में निज काम। लिखता आज प्रताप फिर, दोहा छंद स्वनाम।।०१।। ================================ #राहुल... Read more
पनप रहा उन्माद
मंशा मे होंगे नही,...... ...कामयाब गद्दार ! अफवाओं की मोड़ दी,हमने अगर बयार !! करें उपद्रव वे कभी, करते कभी फसाद ! दिल में जिनके... Read more
कहते थे रैदास
दिल मे सबके ही रहे,सदा ईश का वास! ब्राह्मण हो या शूद्र हो,.कहते थे रैदास !! करे कठौती में सहज,गंगा आप निवास! मन को चंगा... Read more
दोहे सप्तक
दोहे सप्तक सीमा पर सैनिक लड़े,मौसम बर्फ जमाय। आतंकी साया वहां, पाक रहा गुर्राय।१। पाक बहाना कर लखे,झूठ जाय पकड़ाय। अमरीका जब डांट दे,घिग्घी तब... Read more
कब बदलेगील चाल
इन्हे देखते हो गए, ......हमको सत्तर साल! राजनीति की क्या पता, कब बदलेगी चाल!! जाति धर्म के नाम पर, करते नित्य धमाल! नेताओं की क्या... Read more
बसंत पंचमी
मातु शारदे दीजिए, यही एक वरदान ! दोहों पर मेरे करे, जग सारा अभिमान !! . मातु शारदे को सुमिर, दोहे रचूँ अनंत ! जीवन... Read more
ऐसी चली बयार
इधर पश्चिमी रंग की ,.......ऐसी चली बयार ! भूल गये करना सभी,आज अतिथि सत्कार!! शहरों के उन्माद की, ऐसी चली बयार ! गाँवो के दिखने... Read more
प्रदूषण
🌹🌹🌹🌹🌹 दिल्ली का मत पूछिए, क्या बतलाये हाल। जहरीली हवाओं से, हर कोई बेहाल।। 1 वायु प्रदूषण बढ़ गया, धूल-धुआँ का कहर। साँसों में घुलने... Read more
मकरसक्रांती
🌹🌹🌹🌹🌹 मकर राशि में सूर्य जब, करने लगे प्रवेश। पर्व मकर संक्रांति का, दे जाते संदेश।। 1 सूर्य मकर संक्रांति का, झिलमिल दिखी उजास। छोटे... Read more
परिचय_दोहे
दोहा छंद के माध्यम से स्वावृत =================== प्रथम चरण में नाम का, दूजे में निज काम। लिखता आज प्रताप फिर, दोहा छंद स्वनाम।।०१।। ================================ #राहुल... Read more
उत्तरायणी पर्व
मकर राशि पर सूर्य जब, आ जाते है आज ! उत्तरायणी पर्व का,……हो जाता आगाज !! ----------------------------------------------- घर्र-घर्र फिरकी फिरी, .उड़ने लगी पतंग ! कनकौओं... Read more
स्वामी विवेकानंद
स्वामीजी ने ज्ञान की, रखी जलाकर ज्योत ! रहे युवाओं के लिए,... सदा प्रेरणा स्त्रोत !! छुआ विवेकानंद सा ,किसने यहाँ मुकाम ! छोटे जीवन... Read more
ठिठुर रहा है देश
ठिठुर रहा है ठण्ड से, .......पूरा भारत देश ! बदला-बदला सा लगे, जगह-जगह परिवेश !! पानी पूरा जम गया,.........झरने लगें पहाड़ ! और करो तुम... Read more
हिंदी भाषा
अंग्रेजी का हम पर असर हो गया। हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया। देसी घी आजकल बटर हो गया, चाकू भी आजकल कटर हो गया।... Read more
दोहा
Laxman Singh दोहे Jan 11, 2018
दिल से निकरे दिल में रमे सो लेखनी दिमाग से उपजे चरणन रमे सो भक्ति लक्ष्‍मण सिंह जयपुर
शरद_ऋतु
दोहावली ******** ================================ तुहिन कणों को देखकर,आया एक विचार। शरद ऋतु पर सृजन करूँ,सोच समझ कर यार।।०१।। ================================ शरद ऋतु: का आगमन,स्वागत बारंबार। मन भी... Read more