दोहे

राजनीति पर दोहे

राजनीति के मंच पर, कैसे कैसे खेल गठबंधन में दिख रहे, उल्टे सीधे मेल राजनीति के सामने, जनता है लाचार कैसे होगा देश का, अब ऐस... Read more

rahiman dhaga

rahiman dhaga prem ka mat todo chatkaya, tode se phir na jude aur jude gath pr jay Read more

जगदम्बे पर दोहावली

1 ऊँचे ऊँचे पर्वतों, पर माँ का दरबार उनके दर्शन से मिले, मन को खुशी अपार 2 मन को खुशी अपार हो, जब गम होते दूर माँ सच्ची अरदा... Read more

चैत्र माह नववर्ष

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, सब के लिए विशेष। सूर्य-चंद्र आधार पर, नया वर्ष इस देश।।१ प्रकृति में चारों तरफ, छाया शुभ संदेश। नव ... Read more

मतदान पर और दोहे,

हो स्वतन्त्र,निष्पक्ष तो, सफल रहे अभियान, मन देना अनिवार्य है, तभी रहेगा मान. वोट डालने से यहाँ, बनती है स... Read more

" मौसमी दोहे " !!

हाथ जोड़ नेता खड़े , करे वोट की मांग ! सूरज गुस्से में तपे , घुली कुएं में भांग !! तीखी तीखी धूप है , तल्खी दिखती साफ ! जनता सी न... Read more

तारे

श्वेत धवल किरणें लिए, निकले चाँद- सितार। रोज दिवाली है गगन, सजते दीप हजार।।१ टिम-टिम कर हँसते मगन, तारों का संसार। हँस-हँस सब... Read more

मतदान

“मतदान” मतदाता यह जान लें, आवश्यक मतदान, प्रजातन्त्र रक्षित रहे, बने यही पहिचान. जाग्रत करना सभी को, तब होगा कल्या... Read more

संयम

श्रम ,संयम की वंदना, करता जा तू कर्म। कर्म करे किस्मत बने, जीवन का यह मर्म।। जीवन के हर क्षेत्र में, संयम है अनिवार्य। मंजिल... Read more

हस्तशिल्प

हस्तशिल्प अद्भुत कला, रचनात्मक उत्पाद। जिसमें होता है मिला,रक्त-स्वेद का खाद।। १ हस्तशिल्प है हाथ के, कौशल से तैयार। रीति रिव... Read more

दोहे

मात पिता का कीजिए, सदैव आदर मान। जिनसे हमको है मिला, इस जीवन का दान।। अहंकार से तुम सदा, बचना मेरे यार। रावण की गति क्या... Read more

दोहा

रंग लगा हर साल था नहीं लगा वो रंग। आज तिरंगा जो रमा तन मन मस्त मलंग।। अशोक छाबडा 21032019 Read more

दोहे

“खुशामद में महारत से, उसूलों की तिजारत से, ख़ुदा मेरी क़लम को दूर ही रखना सियासत से... Read more

दोहे

कफ़न में लाश है इक शख्स की लेकिन बिना सर के किसी की ज़िन्दगी का अंत ऐसा भी न निर्मम हो जताया हम पे हर अहसान जो भी था किया उसने कभ... Read more

दोहे

आओ ये खामोशी तोड़ें आईने से बात करें थोड़ी हैरत आँख में भर लें, थोड़ी सी ख़ैरात करें Read more

दोहे

ठगने वाले अपने ही थे, गैरों ने तो दिया सहारा । नमक छिड़कते रहे घाव पर, आह सुनी तो किया किनारा । Read more

दोहे

तकदीर सूखे पत्तों की भी क्या है दोस्तों थोड़े-से चरमराए और मुट्ठी में आ गए ओझल हुए निगाह से दुनिया के रंजो -गम मिट्टी से हम बने थ... Read more

सचिन के दोहे

#नमन_मंच #विधा - दोहा छंद *************************************** वीरों के बलिदान का, लोगे कब प्रतिकार। भाषणबाजी से नहीं, अ... Read more

【28】 नींद { निद्रा }

नींद बडी़ बेसुध होती, कभी प्यार करे - कभी वार करे। कम निद्रा बेकार करे, ज्यादा निद्रा तकरार करे।। Read more

【27】 मेहनत { परिश्रम }

चादर मेहनत की जब ओढी़, मन से मैं तो अमीर बना। मिट गया मेरा खेद गरीबी का, परिश्रम मेरा तकदीर बना।। Read more

【2】 जख्म { घाव }

दिल के जख्मों को भरने मैं, दवा ढूंढने गया जिधर । दवा नहीं मुझे जख्म मिले, मैं जीने लगा हूँ डर - 2 कर।। Read more

दोहे (1-55)

कवि का अंतिम लक्ष्य हो, जग के मार्मिक पक्ष। करे जगत के सामने, सर्वप्रथम प्रत्यक्ष।। 1 कविता कवि का कर्म है, करे उसे निष्काम। ... Read more

दोहे भगवान महावीर वचन

भगवान महावीर की, बात धरी संदूक। मानवता को त्यागकर, उठा रहे बंदूक // १. // अपने घट में झाँककर, खुद से कर पहचान। इस विधि हर इक ज... Read more

दोहा

आज फिर नया साल है करें नई शुरुआत। भूलें नफरत आपसी करें प्यार की बात।। अशोक छाबडा 01012019 Read more

आवास

तिनका-तिनका जोड़कर, बनता है आवास। भाव एक सम हो जहाँ, सुख-शांति का निवास। । छोटा चाहे हो बड़ा, हो अपना आवास। खुशियों से परिपूर्... Read more

प्रेम के दोहे

(1) एकतरफा प्यार में , मत देना आशिकों जान राष्ट्रहित में जान देना , युग-युग मिले सम्मान (2) ... Read more

नारी

यहाँ शुरू से ही रहा, समाज पुरुष प्रधान। नारी को हरपल मिला,पुरुष बाद स्थान।। हो जिस घर औ” देश में,नारी का सम्मान। रहता घर खुशहा... Read more

दोहा

ममता खूब भरी हुई, नारी से संसार। शक्ति को प्रणाम है, ये जग का आधार।। अशोक छाबडा Read more

सत्य

सदा विजय हो सत्य की, हो असत्य की हार। रहे तनिक भी भय नहीं, साहस जिसके द्वार।। पाप तिमिर सब मिट गया, फैला सत्य प्रकाश। आततायी ... Read more

दोहे --- बेटी करे गुहार

बैठी माँ के गर्भ में , बेटी करे गुहार जग वाले सुन लो ज़रा, मेरी करुन पुकार नारी का अस्तित्व है , अदभुद अनन्त अपार मर्दों के संसा... Read more

महाशिवरात्रि

अति शुभ मंगलमय दिवस,आज महाशिव रात। शिव शंकर दुल्हा बने,अद्भुत है बारात।।१ शिव गौरा व्याहन चले, सकल देवता संग। भूत प्रेत पिशाच... Read more

वीर-जवान

सीमा पर डट कर खड़े, रहते वीर जवान। मातृभूमि के वास्ते, हो जाते कुर्बान।। गोली खाकर जो खड़े, रहते सीना तान। बहे देश हित के लिए... Read more

【25】 कोयल

मधुर स्वरों में कोयल बोले, मन को जो अति भाती है। कटु वचन ना कोई बोले, हमको याद दिलाती है।। Read more

【24】 समय { वक्त }

वक्त का पहिया फुर्तीला, जो बड़ी तेज से चलता है। वक्त के साथ चले जग में, उसे जीवन नहीं खललता है।। Read more

【23】 पीपल

पीपल पेड़ परोपकारी, परोपकार कर जीता है दिन छाया रात - दिन ऑक्सीजन, दे उसका दिन बीता है Read more

【22】 मोर

बारिश के मौसम में मोर, नाँच - नाँच के गाता है। जश्न मनाए हर पल का, हमको पाठ पढ़ाता है।। Read more

【21】 भगवान { ईश्वर }

भगवान हमें हर दुविधा में, अनजान हो राह दिखाते हैं। मूरख बुद्धि इंसान हैं हम, ये राज़ समझ नहीं पाते हैं।। Read more

22 दोहा पहेली

मुझे न कोई पा सके, चीज़ बड़ी मैं ख़ास। मुझे न कोई खो सके, रहती सबके पास //१. // छोटी-सी है देह पर, मेरे वस्त्र पचास। खाने की इक... Read more

【20】 महंगाई

महंगाई एक कमरतोड़ है, महंगे हुए यहाँ सब सामान सिर धुनकते कृषक देखा हैं, सस्ते सभी उनके अन्ऩ धान Read more

【19】 फैशन का दौर

फैशन का अब दौर है आया, पैसे खर्च रहा इंसान मन बुद्धि मूरख हैं उसके, समझे वह कपड़ों को शान Read more

भारत का एयर स्ट्राइक

बंद कलम को मिल गई, ताजी नई खुराक। कानों में जैसे पड़ा, छप्पन इंची धाक।। मंगल ही मंगल रहा, शुभ मंगल है आज। गढ़ दुश्मन का हिल ग... Read more

दोहा

आसमान से चोट दी दुश्मन किया तबाह। करनी का फल है दिया सेना की हो वाह।। अशोक छाबडा 26022019 Read more

देश- विरोधी तत्व

साँप-सपोलों की तरह, देश विरोधी लोग। करो शीघ्र उपचार कुछ, खतरनाक यह रोग।। खत्म जड़ों से कीजिये,देश विरोधी तत्व। धर्म जाति के ... Read more

【16】 बचपन

बचपन था रोमांस भरा, अब चिंताएं खाती रहती बचपन ही था प्यार का सागर, अब तन्हाई सी रहती Read more

【15】चाँदनी

रात के अंधियारे में देखो, चाँदनी मुस्का रही जो भी गुजरा चाँदनी से, चाँदनी अति भा रही Read more

दोहा

जय जय हो माँ शारदा कृपा करो अपार। ज्ञानी जग के सब बनें दो विद्या उपहार।। अशोक छाबडा Read more

कुछ दोहे

बढ़ते पंछी को हुआ, जब पंखों का भान। सम्बंधों के देखिए, बदल गए प्रतिमान। देखी नटखट भ्रमर की, जब कलियों से प्रीत। चुपके-चुपके ल... Read more

【14】 बगिया

सुबह हुई रवि किरण पसारी, बगिया में फैले मोती बगिया सोचे में अति सुंदर, काश मैं भी दुल्हन होती Read more

【13】 माँ की ममता

अटूट प्यार है माँ की ममता, टूट कभी जो ना पाये अनन्त दुआओं से देती है जो, जग माँ की ममता गाये Read more

【18】 राही { राहगीर }

हम सब राही हैं जीवन के, लगातार हमको चलना आलस कर जो बैठ गए हम, वो चलना भी क्या चलना Read more
Sahityapedia Publishing