दोहे

कैसे हो पहचान

जिसका हो आधार ही,नफा और नुकसान ! सही गलत की सोच फिर,कैसे हो पहचान !! नफा और नुकसान ही, बन जाए जब माप ! सही गलत काे क्या कभी, प... Read more

दोहे

बने सिविल कानून अब,मिल जुल सबका योग। नही चलेगा रात दिन, हम सबको ये रोग। डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव Read more

दोहे

क्यों कर सब हैं फोड़ते, अपने अपने माथ। सम कानून बना चलें, हिन्दू मुस्लिम साथ। डा प्रवीण कुमार श्री वास्तव Read more

दोहे

संविधान शोधित करें,हो कानून समान। सिविल कोड कामन बनें, जनता की अब मांग। डा प्रवीण कुमार श्री वास्तव Read more

दोहे

न्यायालय सर्वोच्च ने दिया हमें आदेश। संविधान सम्मत बने लायें अध्यादेश। डाप्रवीण श्री वास्तव Read more

शीशे मे इक बार

यूँ ही तो मरता नहीं, यह जग तुम पर यार ! कभी सँवर कर देखना, .शीशे में इक बार !! आईने की है यही, हसरत बारम्बार ! करे बिठाकर साम... Read more

बचपन

बचपन की किलकारियां, छुपन - छुपाई खेल। काँधे ऊपर हाथ रख, चले हमारी रेल।। वेधा सिंह Read more

बहन

बातचीत औ मस्खरी, सब दीदी के संग। बड़ी बहन होती नहीं, किसको करती तंग।। सुख दुःख की वो संगिनी, मेरी दिल ओ जान। मुझको लगती कीमत... Read more

मच्छर

मच्छर है खच्चर बहुत, जड़ूँ उसे दो चाट। मुझे अकेला देख कर, झट से लेता काट।। -लक्षमी सिंह Read more

नीति युक्त दोहे

विष अमृत सम भाव से,कर लेता जो पान। इस जग में शिव की तरह, उसको योगी मान।। ठोकर खाये हर कदम, सहा भाग्य का लेख। बाँट रहे फिर भी... Read more

सावन

सावन सोना- सा लगे, मोती-सी हर बूँद। धरती अंबर से मिली, अपनी पलकें मूँद।। सावन बरसाने लगा,निर्मल जल की धार। बूँद-बूँद जीवन भरा... Read more

बरगद पीपल आम

बँटवारे का हो गया, .उनको जब आभास ! बरगद पीपल आम सब, रहने लगे उदास !! बँटवारे के देख लो, ....कैसे अजब निशान ! आँगन घर का हो गया... Read more

राखी/भैया क्यों आये नहीं

प्रात काल उठते सुनी, जब कागा की बोल। भैया आयेगें लगा, हृदय गया फिर डोल।१। उड़ -उड़ कागा आंगना ,बहुत मचाया शोर। सुन उसकी वाणी... Read more

रिश्वत

बड़ा गज़ब का देखिए, ये रिश्वत का खेल। लेते हैं रिश्वत मगर, कभी न जाते जेल।१। घूस मांगते प्यार से, चूसे तन का रक्त। पर अपने व... Read more

दोहा

राष्ट्र सेवा भावना थी बसी बस तन मन। भारत रत्न अटल तुम्हें हरपल करते नमन।। अशोक छाबडा. Read more

रक्षाबंधन पर दोहे

राखी का त्योहार है,भ्रातृ-बहिन का प्यार। कच्चा धागा तो बने,रक्षा का हथियार।। बहनें सबकी एक हैं,करो सभी का मान। मिटा हृदय से भेद... Read more

घेरा उनकी याद का

घेरा उनकी याद का,......इतना हुआ अपार ! आया दिल मे और का,हरगिज नही विचार !! इच्छाओं को कर दिया,अगर जरा सा पस्त ! हो जाएगी जिंदगी... Read more

प्रश्नों का अंबार

मन में भर कर मत रखें, प्रश्नों का अंबार। धीरे धीरे से सुलग, बनता है अंगार।। मन में जितने प्रश्न हैं, उस पर करो विचार। उचित... Read more

सावन के पर्व-त्योहार

***************** सावन लाया है सखी, कई पर्व – त्योहार। छिपा हुआ हर पर्व में, जीवन का आधार।।१ सावन पावन माह में , है हरियाली तीज... Read more

शिव पर दोहे

बम बम भोले नाथ की,महिमा अपरंपार सच्चे मन से सब करो, उनकी जयजयकार सर पर साजे चंद्रमा, जटा गंग की धार जय त्रिनेत्रधारी शिवा, म... Read more

अँधा बाँटे रेवड़ी

वही पुरानी बोतलें, .. वही पुराना जाम ! वही नशा सौ फीसदी, बदला केवल नाम !! अँधा बाँटे रेवड़ी ,.....रही कहावत याद ! अपने अपने ... Read more

दोहा

पंद्रह अगस्त ही नहीं करते हरदम याद। रोम रोम उनका ऋणी करवाया आजाद।। अशोक छाबडा Read more

दोहा

कुर्बानियो से है मिली रखना इसका ध्यान। आजादी अनमोल है करो इसका सम्मान।। अशोक छाबडा Read more

कागज भी गद्दार

कागज़ पर लिखना नहीं, राज एक भी यार ! कब हो जाए क्या पता, कागज़ भी गद्दार !! हुए न जब उद्देश्य मे,....कामयाब गद्दार ! अफवाहों क... Read more

दोहा-कृषक

कृषक यही सोचे खड़ा, कितना था मशगूल। फसलें बोकर अब लगे, कर बैठा वो भूल।। सूरज के इस ताप को, मौसम देता मात। आई है ठंडक... Read more

सुषमा स्वराज

प्रबल प्रखर मृदुभाषिणी,श्रेष्ठ सुषमा स्वराज। अमिट छाप निज छोड़ कर, चली गई हैं आज।। सरल सौम्य व्यक्तित्व में, खिली मधुर मुस्का... Read more

सामयिक दोहे,

(सामयिक दोहे,) आज चाँद पर जा रहा, भारत निर्मित यान, (सावन के पहिले सोमवार को ) अब तलाक अपराध है, महिलाओं की शान | (सावन के दूसर... Read more

अखंड भारत

भारत माँ के शीश से, हटा पुरातन पीर। लहर तिरंगा कह रहा,अपना है कश्मीर।। सपना अखण्ड हिन्द का , अब होगा साकार। आज राष्ट्र को मिल... Read more

धारा 370 व 35 A पर दोहे --आर के रस्तोगी

धारा 370 को खा गयी,मोदी की अब सरकार | 35 A को भी चाट गयी,लगा कर वह अचार || मोदी शाह ने रच दिया,नया एक इतिहास | याद किये जायेगे ... Read more

मित्र

बुरे वक्त में ही दिखे, सबके असली रंग। केवल सच्चा मित्र ही, रह जाते हैं संग।। टाँग खींचती दोस्ती, कुछ मीठी नमकीन। केवल खुशियाँ ... Read more

दोहा

मित्र परिभाषा क्या कहूँ हूँ इससे अनजान। बुरे दिन जो खडा. मिले दिल से लो वह मान।। अशोक छाबडा गुरूग्राम। Read more

दोहे

शहद, सेब सिरका मिला,जल में लें नित मीत। लीवर की पीड़ा मिटे, सूजन हो भयभीत।। इसबगोल भूसी दही,पालक-रस का पान। कब्ज मिटा ये स्वस्थ... Read more

दोहे

#फूल-फूल डाली खिले ,भ्रमर करे गुंजार। राह प्रेम फिसलन भरी, स्वार्थ पूर्ण आधार।। #ईश्वर माली जगत का, मानुष का अवतार। चौरासी लख ... Read more

पिया की आस (तीज दोहे)

काम में व्यस्त पिया, हरियाली का तीज। पारा लगा है चढ़ने, उतरेगी अब खीज।। सज सोलह सिंगार में, लगी पिया की आस। अंखियां पथराने लगीं... Read more

प्रिय प्रेम

प्रियवर अपने हाथ से, रचे महावर पाँव। धन्य हुई मैं तो सखी, पाकर ऐसा ठाँव।। प्रेम इसी का नाम है, मिटे अहं का भाव। राधा कृष्णा ... Read more

बरसे मेघ धार

दोहा -- बरसे मेघ धार ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ सृजन करो इस भुइँया को, धन है अपार। प्रकृति की दोहन से बच, न कर ब्यापार।। पेड़ो की कट... Read more

दोहे

मित्रों मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती समारोह पर प्रस्तुत है दोहे उपन्यास सम्राट हैं ,बने कहानीकार, प्रेमचंद के नाम पर ,रखिये हृदय वि... Read more

दोहे

चित्र राम का मन बसे, होगा हर्ष अपार, सिया राम की छवि रहे, होगा बेड़ा पार l राम कथा अमृत कथा, विष को करती दूर, व... Read more

बढ जाते हैं और

घटतीं तो बिल्कुल नहीं, बढ जाती हैं और ! सूची पर उम्मीद की ,....जब करता हूँ गौर !! सरिता पानी के बिना,.पिया बिना शृंगार ! बिन... Read more

दोहा

सेना है जय हिन्द की बहुत ही बेमिसाल। पीछे न हटे जो कभी करगिल जीते लाल।। अशोक छाबडा. Read more

समझें तो ज्ञान बढ़े

बरसाते हम ज्ञान को,दिन हो चाहे रैन। पहले भीगें आप ही,फिर सपना पर नैन।। अपना-अपना सब भरें,दूजे की ना बात। प्रकृति अगर ऐसा करे,क्... Read more

तेरी खातिर मौत से...

तेरी खातिर मौत से,.....करलूँ दो-दो हाथ ! रह न सकूँगा मैं प्रिये, छूट गया यदि साथ !! बदला मौसम ने स्वंय , ज्यों ही सहज मिजाज! अ... Read more

दो पहलू जीवन के

लिखा नही था भाग्य मे,होना जिनसे प्यार ! उनसे हुई कमाल की,. सदा मुहब्बत यार !! सपनें में भी था नही ,मुझको जरा गुमान ! ये कमाल त... Read more

शिव पर दोहे ---आर के रस्तोगी

आया है शुभ सोमवार.चढाओ शिव पर जल | करो अच्छे कर्म तुम,मिलेगा अच्छा फल || भोले भाले शंकर है,प्रसन्न हो जाते है जल्दी | पार्वती म... Read more

अचार

कच्चे-कच्चे आम का, माँ डालो न अचार। मिर्च मसाले साथ में, आता स्वाद अपार।।। 1 खट्टा मीठा सब तरह,माँ डालो न अचार। शौकीनो की फौज ... Read more

ख़ास एवं अनमोल विचार

बहले जो समझे नहीं,सीरत नारी ख़ास। सीखी जिसने बात ये,वो नर नहीं उदास।। शस्त्र चलाएँ शत्रु पर,दिल में बसते मीत। दिल की बाजी हार के... Read more

कब मैंने चाहा सजन

कब मैनें चाहा सजन, मिले नौलखा हार। देना है तो दिजिए, थोड़ा समय उधार।। समय तुझे मिलता नहीं,पल भर बैठे पास। कैसे समझोगे भला, म... Read more

सावन पर दोहे ---आर के रस्तोगी

सावन में साजन न मिले,मन हो जात है अधीर | सजनी को साजन मिले,मन हो जात है अमीर || सजनी सज धज के निकली,साजन हुआ शिकार | नयनो से बा... Read more

सावन पुकार रहा

सावन भी पुकार रहा, देख धरा के हाल। ताकते जन जन अम्बर, सूख गए सब ताल ।। हे ! मेघ बरस जाइए, सुन हमारी पुकार । मच रहीं हैं उथल पु... Read more

गुरु की महिमा --आर के रस्तोगी

गुरु बिन न ज्ञान होत है,गुरु बिन न कोई समान | गुरु बिन मार्ग दिखत है,गुरु बिन बढे न कोई शान || गुरु ज्ञान की बेल है,बाकी सब है क... Read more