दोहे

दोहा

साहब जी खुश हो गए , जब शिक्षक हों एबसेंट । परसेंटेज पाकर, बने साहब जी एजेंट॥ डाप्रवीणकुमारश्रीवास्तव सीतापुर 15 -02 2019 Read more

दोहा

आतंकी ने जो किया पुलवामा में हाल। भारती पुत्रों ठान लो टूट पडो बन काल।। Read more

दोहा

दिन था चौदह फरवरी पुलवामा की बात। वो दिन था गम में कटा बेचैनी में रात।। Read more

Naman Pulvama k vero ko

सर उठाया है तूनें तो, सर भी काटा जायेगा! छाती पै तेरे एक दिन, तिरंगा लहराया जायेगा!! ** डाँ. नरेश "सागर" Read more

पुलवामा काला दिवस

आँखों से आँसू बहे, कलम रक्त की धार। हुआ आज कश्मीर में, वीरों का संहार।। बिलख रही माँ भारती, धर लो रूप प्रचंड। उठा रहा रिपु... Read more

दादी माँ

छोटे बच्चों को दादी, अपने अनुभव समझाती है। बिन सोचे जो काम करे, उसे चिंता बहुत सताती है।। Read more

पडौसी

पास पडौसी दुःख - सुख साथी, बैर कबहु न करियो कोय। बुरा समय जो आयो अचानक, उस पल सहायक कोय न होय।। Read more

गुरु

ज्ञान का दीपक जला रहा जो, मिटा रहा सबका अग्यान। गुरु बडे़ उस परमेश्वर से, गुरु चरणों का करलो ध्यान।। Read more

भाई की कलाई

भाई की सजी कलाई, जिसको बहना ने राखी बाँधी। रक्षा कवच बनी जिसे राखी, रुक गईं जीवन की आँधी।। Read more

मित्र

मद मादक मदमस्त सा,घुला साँस में इत्र। मन मन्दिर महका गया, मोहक मनहर मित्र।। कैनवास पर फैलते, रंग बिरंगे चित्र। भाग्य कर्म ... Read more

परछाई

चाहे कितना भी अधिक, श्वेत मनुज का अंग। उसकी परछाई मगर, होती काली रंग।। -लक्ष्मी सिंह Read more

बहन { दीदी }

बहन की आँखें कूट - कूट कर, भरी हुई हैं प्यार से। भाई की मिटें अमंगल घडीयाँ, बहना के दीदार से।। Read more

भाई

भाई - भाई का बाहुबल है, भाई से सीना चौड़ा हो। भाई रहे नजदीक भाई के, भाई से ड़र भी डौडा { दूर } हो।। Read more

पिता

पिता सभी को पेड़ की छाँया, जो घर की रक्षा करता। घर के सभी सदस्यों की वह, हर कठिनाई को हरता।। Read more

माँ

माँ की ममता है सुखसागर, सागर से गागर भरलो। माँ के चरणों की सेवा कर, निज जीवन उत्तम करलो।। Read more

बसंत

1 बरसे बादल प्रीत के,प्यारी लगी फुहार भीग रहे अरमान है, झंकृत मन के तार बसंती हवा चली है, खिली भी कली कली है 2 भीगा हुआ बसंत... Read more

दोहे

1- प्रेम जगत में उच्च है, निम्न घृणा का रूप। प्रेम वृक्ष विश्राम दे, जब हो दुःख की धूप।। प्रेम दिवस को आइए, कर दे यूँ साकार। ... Read more

अव्वल

आगाज़ नया अंदाज नया, कुछ नया ही तुम कर दिखलाओ। इस भीड़ भरी हुई दुनियाँ में, तुम अपने को अव्वल पाओ।। Read more

वेलेंटाइन डे

बेलेन्टाइन डे बेलेन्टाइन डे मना, हो गई उनसे भूल, एक अपरचित को दिया, बस गुलाब का फूल | उनसे बोली वह प्रिये, बैठो... Read more

बड्ड़पन

घटिया सोच गिरावे नीचे, रखो बड्ड़पन मेरे यार। बडी सोच का जादू देखो, सत्कारे तुम को संसार।। Read more

सिद्धी विनायक

पहले गणपति पूंजके, करो काम आरंभ। विघ्न मिटे मंगल होवें, कभी न फैले भंग।। Read more

विरह वसंत

पिया नहीं आये सखी,क्यों आ गया बसंत। दहके टेसू-सा बदन,तृष्णा भरे अनंत।। १ कोयलिया कुहके सखी, सुध बुध लेती छीन। बौराई हूँ आम सी,त... Read more

बसंत पंचमी

वसंत पंचमी पर माँ सरस्वती के चरणों में ..... 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 अनुपम मनमोहक छटा,निकट शीत का अंत । शुक्ल पंचमी माघ की, मनभावन है बसंत... Read more

मकरंद

गुंजित सुमनों के अधर,जब नेहों के छंद। केसरिया के रंग से, झड़ते हैं मकरंद।। कवि वसंत पर लिख रहे, कविता दोहा छंद। हर्फ - हर्फ ... Read more

कल्पना

अद्भुत है ये कल्पना ,ये सपनों की खान। कभी कल्पना के बिना ,भड़ते नहीं उड़ान।। --वेधा सिंह Read more

चाॅक्लेट डे

पापा जी मेरे लिए , लाना मिल्की बार। देर किया तुमने अगर, नहीं मिलेगा प्यार।। - वेधा सिंह Read more

माँ

सबकुछ उसके पास, जिसकी मात करीब। माँ के आशीर्वाद से, होता नहीं गरीब।। -वेधा सिंह Read more

मन के मोर

मै अक्सर झाँका करूँ, अंतर मन की ओर। शोर मचाते है जहाँ, मेरे मन के मोर।। -वेधा सिंह Read more

️पक्षी/ मोर🦃

🍁 घिरे है काले मेघा ,घन गरजे घनघोर । पंख पसारे नाच उठे, वन के सारे मोर । 🍁 विचलित है मन बावरा,याद आये चितचोर । जब-जब जंगल में... Read more

महानगरीय जीवन

महानगर में बढ़ रहा , घोर प्रदूषण आज। हवा जहर से है भरा , धूल-धुआँ का राज।। मेला सोशल मीडिया , तनहा है इंसान। इयर फ़ोन हटता नहीं ... Read more

बेटियाँ 🦋🦋

बिटिया तेरा जन्मदिन ,लगता है यूँ खास सुन ली ऊपरवाले ने , सफल हुई अरदास जगत में पुत्री रत्न ही , बाँटती है प्रकाश बेटी पाकर पा ल... Read more

मतदान

कितनी भी कठनाई हो, मिले नहीं आराम, चुनना प्रतिनिधि है हमें, लें धीरज से काम. बार बार समझा रहे, यह पुनीत है काम,... Read more

प्रिय विरह - २

स्मृति प्रेम की नींद में, सुख क्रीड़ा का ध्यान। सुख चपला की छटा, हर लेती है ज्ञान ।। १ अश्रु भीगते नित नयन, अविरल जल की धार। ... Read more

चूड़ियाँ

युग बदला, बदला नहीं, चूड़ी का श्रृंगार। इस युग में भी चूड़ियाँ, मिलते कई प्रकार।। १ फैशन के युग में बने, नित नूतन आकार। हर य... Read more

जुगनू

जुगनू जगकर रात भर, क्या करती हैं खोज। खुद ही खो जाती सुबह, क्रम चलता हर रोज।। १ भरी दुखों से जिन्दगी, नहीं अँधेरा साथ। मैं ज... Read more

मतदान

“मतदान” मतदाता यह जान लें, आवश्यक मतदान, प्रजातन्त्र रक्षित रहे, बने यही पहिचान. जाग्रत करना सभी को, तब होगा कल्या... Read more

पाकर लॉलीपॉप है, खुशी मनाते लोग ।

पाकर लॉलीपॉप है,खुशी मनाते लोग । कुपित कृषक वर्ग है,रहम करेंगे लोग? Read more

सरकारी आया बजट ।

सरकारी आया बजट, रोष जताते लोग । पन्द्रह रूपये प्रति दिवस, कोस रहे है लोग ।। Read more

सुन्दर दोहे आपके ।

सुन्दर दोहे आपके, खुशी मनाते लोग । धन्यवाद है आप को, बना रहे ये जोग । Read more

स्पन्दन करते मित्र वर

स्पन्दन करते मित्र वर, पढे आपके छन्द । है अति उत्तम सुयोग अब, रोज मिले ये बन्ध।। Read more

स्पन्दन करते मित्र वर

स्पन्दन करते मित्र वर, पढे आपके छन्द । है अति उत्तम सुयोग अब, रोज मिले ये बन्ध।। Read more

न रेट मिले न खाद मुफ्त ।

न रेट मिले न खाद मुफ्त, है ये कैसी रीति। बात करे सब भाव की, है ये कैसी प्रीति। Read more

हास्य दोहे

कविता दिल्ली आ गई, छपी खबर अखबार। हमने पढ़कर ये खबर, लिख दी फिर दो-चार।। कविता है मनमोहिनी, बड़ी रसीली नार। जिसको पाने के ... Read more

मरीचिका

मरीचिका हँसती रही, लगा मनुज को बेंत। मृत भू में जल ढ़ूढता,सच है केवल रेत।। १ मन मेरा भरमा गया, इक आशा की फाँस। मरीचिका केवल... Read more

फिजा

लेकर आई है फिजा, मेरे प्रिय को आज। मैं दिल की कैसे कहूँ, अाये मुझको लाज।। १ दीपक उर में प्रेम की, फिजा हुई सतरंग। बगिया मेरी... Read more

दोहा

प्रात काल उठकर करें, नित भू को स्पर्श। अन्न, जल, आश्रय सदा , देती हमें सहर्ष।। जिस घर में हो प्रभु भजन, वहीं रहे भगवान। जि... Read more

उम्मीद

सब कुछ खो जाये अगर, मत खोना उम्मीद। सपने आते हैं तभी, जब आती है नींद।। एक सजग इंसान ही, करता है उम्मीद। बिन कारण खोता नहीं... Read more

क्रोध

चार नरक के द्वार हैं,काम,लोभ ,मद,क्रोध। जीवन उसका है सफल,जिसको इसका बोध।।१ क्रोध दूसरों में करे, सिर्फ क्रोध संचार। करे शांति... Read more

बेटियाँ

एक पुत्र को जन्म दूँ, रही सभी की चाह। दो बेटी की माँ बनी, मुझे नहीं परवाह।। १ मुझे मिली जब बेटियाँ, समझ न आई बात। जग ने ताने ... Read more

गणतंत्र

आज बहुत पावन दिवस, आया है गणतंत्र। अमर तिरंगा देश का, गाओ गौरव मंत्र।। १ आज दिवस गणतंत्र है, जिस पर हमको गर्व। देशभक्ति बलिदा... Read more
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