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Category: दोहे

बिखरा मधु मकरंद
मातु शारदा रच रही, .....मेरे छंद तमाम ! मैं नीचे लिखता रहा, नाहक अपना नाम !! मातुु शारदा को सुमर,लिखा हुआ हर छंद ! बन... Read more
पैरों तले जमीन
कालेधन के काज की, खुशियाँ हुई विलीन ! जी अस टी से हिल गई,...पैंरों तले जमीन! ! शासन ने जब नौकरी, ली निर्धन से छीन... Read more
किया न कन्यादान
रहे अधूरा ही पिता, .लेना इतना जान ! हाथों से अपने अगर,किया न कन्यादान! ! .................................... कन्याओं का भ्रूण में,... कर देते हैं अंत !... Read more
दोहे बाल दिवस पर
ऐसा कैसा बालपन,...कैसा यह व्यवहार ! बच्चों पर चलने लगी, बच्चों की तलवार ! ! उत्तरदायी कौन है,...इसका करो विचार ! दिल मे बच्चों के... Read more
मौज के दोहे
*मौज*के दोहे....... नमन करूं मां शारदे,शीश राखिए हाथ। लेखन मान बढाइए, रहिए मां नित साथ।। नमन है गुरूदेव को,दिया अनौखा ज्ञान। कलम थमाई हाथ में,बढ़ा... Read more
रंग बिरंगे फूल
मुरझाये उनके सभी,... रंग बिरंगे फूल ! छोटी मोटी बात को, दिया जिन्होने तूल !! खिले कहां से सोच फिर, रंग बिरंगे फूल ! बोया... Read more
दोहे रमेश के
हुई सयानी बेटियाँ,..... नही रहा ये ध्यान ! पिता खिलौनो की अभी, ढूँढ रहा दूकान !! हो जाता है वाकई ,.....दोहे का तब खून !... Read more
दोहे
1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बातें करो,खुशी गम... Read more
दोहे
1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बातें करो,खुशी गम... Read more
दोहे
1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बातें करो,खुशी गम... Read more
धनतेरस पर दोहे
धनतेरस पर दोहे ************ धनतेरस का पर्व ये, लक्ष्मी का त्योहार। घर -घर में सबने लिए,नए-नए उपहार।। देव ,तिजोरी पूज कर,सिक्का रजत चढ़ाय। सुख-वैभव रख... Read more
विजय दशमी पर्व
विजय दशमी पर्व ज्योति पुंज का भव्य पर्व ये , सर्वत्र ज्योतिर्मय होय । अहंकार का मर्दन करने , सौम्य रूप जब होय । जले... Read more
धनतेरस
धनतेरस है आ रहा ,छाया उर उल्लास, रिद्धि सिद्धि पावेंसभी,होवे सुख का वास। धनकुबेर अति शुभदिवस ,छाये खुशी अपार, घर में कुछ लाओ नया,सजे खूब... Read more
सहारा
बेबस को सहारा देके ,तुम लौटे हो कल खुद की नज़रों में ,उठा लो खुद को इश्क़ की सौगात ला रहा कोई गुरूरो सुनो अब... Read more