दोहे

ऐसे भी इंसान

रहते हैं जिस भूमि पर .हरें उसी का मान ! होते हैं संसार में,...........ऐसे भी इंसान !! खर-दूषण प्यारा लगे,....लगे विभीषण नाग ! द... Read more

माँ नर्मदा

.है रेवा माँ नर्मदा,रखियो मोरी लाज। अर्पित है तन मन तुम्हें,सदा बनाजो काज।। हर कंकर बना शंकर,भज ॐ नमो शिवाय। स्नान ध्यान मैं कर... Read more

लेना नही दहेज

बड़ा घिनौना रोग है, कहते जिसे दहेज़ ! सबको होना चाहिए, अब इससे परहेज !! गिनकर दिया दहेज़ में, ...एक-एक सामान ! वालिद का कुर्की ह... Read more

नारी

नारी है नारायणी, करें आप सम्मान। कहलाती अर्द्धांगिनी, इसका रखिए ध्यान।। दारू पीकर पीटते, नारी को शैतान। लज्जित करते हैं स्वयम्... Read more

दोहा गजल

अंतर्मन आहत हुआ ,दुखड़ा कहे किसान । सौभाग्य दुर्भाग्य मध्य विचलित है संसार। वायु प्रदूषण से हुआ रोगीये संसार । कब आए सौभाग्य से, ... Read more

संत विवेकानंद का करें, सभी गुणगान।

संत विवेकानंद का करें, सभी गुणगान। नमन आपको सब करें , कर भारत का मान। पावन बारह जनवरी ,कोलकता में जन्म, विश्वनाथ भुवनेश्वरी, पि... Read more

दोहे- मित्र ,निर्भया संग हुआ,बहुत बड़ा अन्याय।

मित्र ,निर्भया संग हुआ,बहुत बड़ा अन्याय । न्यायालय सर्वोच्च ने,आज कर दिया न्याय। हाथ सुमरनी जाप कर, रोज करे पाखंड । ज्ञान ध्या... Read more

कागा श्रुतिपट ले गया

कागा श्रुतिपट ले गया, सुन दौड़े इंसान । नहीं समझता है अपढ़, पहले देखे कान।। हर पल जाता छोड़कर, होता समय व्यतीत । हो जायेंगे एक दिन... Read more

तन-मन स्वच्छ बने

निश्छल होता मन नहीं,भेजें पर संदेश। प्रथम वरण हम ही करें,बदले फिर परिवेश।। नीति नियम दो देखिए,पर खुद के हैं और। ये तो मानवता नह... Read more

राजनीति मे आम

पके नही ईमान का, राजनीति मे आम ! चाहे जैसा डालिए, उसमे खाद तमाम !! डरते हो तुम व्यर्थ ही ....,मरने से इंसान ! मर तो उस दिन ही ग... Read more

मिलते नहीं विचार

किया स्वंय को और के,..आगे जैसे पेश I मिला आत्म सम्मान को, वैसा मान रमेश II साथी से अपने जहाँ, मिलते नही विचार I वहाँ भावना की ... Read more

ठीक नही आसार

भीतर घाती कर रहे,छिप-छिपकर नित वार । हाल बुरा है देश का, ......ठीक नहीं आसार ।। भारत माँ को हो रहा,इसका बड़ा मलाल ! छुरा घोंपते... Read more

हृदय अभिराम करो

1-चाहें मोती सब यहाँ,बैठे सागर तीर। चाँद मिला न चकोर को,मिली प्रेम की पीर।। 2-सेवा कर मेवा मिले,चोरी करके श्राप। नीच कर्म मत की... Read more

शुभ विचार उच्च जीवन

हँसके मिलिए प्रीत से,उज्ज्वल लिए विचार। जैसे होता फूल है,रंग गंध सम सार।। प्रीतम ऊँची सोच रख,शीतल नेक स्वभाव। जैसे छाया पेड़ दे... Read more

निष्क्रियता विद्वान की.

निष्क्रियता विद्वान की,करे सदा नुकसान ! मिलता है इतिहास से,यही कदाचित ज्ञान !! आईना क्या कर दिया,सम्मुख मैने पेश ! दुश्मन पैदा ... Read more

खुद पर जो इल्जाम

होता कैसे सोच वह,.....लोगों में बदनाम ! मैने उसका ले लिया, खुद पर जो इल्जाम !! आगे उनके तुच्छता,गई हमेशा हार ! संस्कार के संग ... Read more

दशम गुरु दशमेश

---------दोहे दशम गुरु दशमेश----------- ------------------------------------------------ दशमेश गुरु गोबिंद सिंह,कारज किए महान पित... Read more

हिंदी दिवस पर दोहे

1 बना चुकी है विश्व में, हिंदी अब पहचान हिंदी का सम्मान ही, भारत का सम्मान 2 पूरे हिंदुस्तान का, हिंदी पहला प्यार वेद पुरा... Read more

【33】 मन मूरख

मन मूरख रहो सावधान, यह सब कुछ नष्ट करायेगा। ना सोचे यह तनिक भी तेरी, धक्का दे मरवायेगा।। Read more

ठोकर से बढकर नही

ठोकर से बढकर नही,.....कोई गुरू रमेश ! खाकर जिसको ज्ञान का,होता शुरू प्रवेश !! अज्ञानी बोलें उन्हें, ....या समझें नादान ! पन्नो... Read more

दिखे काग भी मोर

दौलत से बढकर नही, .......कोई ऱिश्तेदार ! कितना भी कर लीजिए,जी भर कर इन्कार !! छज्जे पर धनवान के,दिखे काग ज्यों मोर ! त्यों बच्च... Read more

एकलव्य

हिरण्य धनु का पुत्र हैं, जाति उसकी निषाद । द्रोण पास लेने चला,धनुष विद्या प्रसाद ।।१।। द्रोण ने देख जाति को, कर दिया अस्वीकार । ... Read more

शरमाये ईमान

सच्चाई दम तोड़ती,.....शरमाये ईमान । देकर शब्द जुबान से,फिर जाए इंसान।। चले दूर तक साथ तो, ..चढ़ता उसका रंग । बनता रिश्ता स्नेह क... Read more

किस पर करें यकीन अब

किस पर करें यकीन अब,किसे कहें हम यार ! साया ही अपना अगर ,.. .निकल गया गद्दार !! मर्यादा घायल हुई, .लगे दिवस भी रात ! आदर्शों... Read more

गाँव के दोहे

गाँव के दोहे संगत में जब से पड़ा, सभ्य नगर की गाँव अपना घर वो त्याग कर, चला गैर के ठाँव।१। *** मिलना जुलना बतकही, पनघट पर थी खू... Read more

दहशत में है गाँव

हुए इकट्ठे काग फिर, लगे बोलने काँव ! मैना कोयल मोर का,दहशत में है गाँव !! सोच रहा सय्याद फिर, कहाँ बिछाऊँ जाल ! किसे फांस लूं आ... Read more

अंग्रेजी मन वर्ष की,ये कैसी शुरुआत

आई है नव वर्ष की, ...... ... नई नवेली भोर ! खिड़की से दिल की मुझे, झाँक रहा चितचोर !! पहुँची हो उन्नीस मे, लेखन से कुछ ठेस ! क्... Read more

-- दोहे --

रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाए चटकाओगे तो प्यारो उस में गाँठ पड जाए !! जो सोवत है..वो ही खोवत है पर जो जागत है, वो अब क्... Read more

दोहा गजल

तोड़फोड़ जबरन करें ,छोड़ सहज व्यापार। गंगा जमुनी सभ्यता, हुई तार ही तार। शासन होगा रुष्ट अब, देखेगा जब कृत्य, पाई पाई जेब से ,... Read more

दोहा मुक्तक

सैनिक सीमा पर डटे ,करें देश से प्यार । आल्हा गाते जोश से सारे संकट पार। छिड़ी जंग जब बर्फ से ,सांसें अपनी थाम , हिम दानव के दाँँ... Read more

दोहा

दिल में करते वास हैं ,सदा अवध पति राम । पल पल तेरे साथ है ,छोड़ जगत के काम । छलके यौवन गागरी ,धीरज खोते नैन । चंचल चितवन से न... Read more

दोहे

पाप पुण्य की लेखनी ,लिखी कर्म से जाये। ज्ञान भक्ति के योग से, सदा पुण्य फल पाये। साथ साथ रहते सदा, सुख-दुख भाव निभाय। रक्तदा... Read more

दोहा मुक्तक

गायें महिमा गीत की, कवि स्वर, लय के साथ। रचना रचते छंद की, निज जीवन के नाथ। कहते सब कविराय हैं, धर्म मर्म का सार । गीत गजल मन भा... Read more

चाहे गिरा चरित्र

गिरी जहाँ भी चाय है,...चाहे गिरा चरित्र ! लाजिम हैं लगना वहाँ,दाग बदनुमा मित्र !! चलो समय पर देश ने ,लिया कदाचित भाँप ! बिल से ... Read more

सियासती यदि खाद

दिया खेत मे ईख के,सियासती यदि खाद । हो जाता है ईख भी, .....मीठे से बे-स्वाद ।। फैलाएँ संदेह की, जहरीली जो आग ! राजनीति मे देश क... Read more

मेरा कभी मिजाज

रहा हमेशा एक सा, ..दुख-सुख मे अंदाज ! कहाँ समझता वो बता,मेरा कभी मिजाज !! आए जो भी सामने,.......करें मित्र सम्मान ! पता नही किस... Read more

तरु के दोहे

पेड़ कहे लकड़हार से तू क्यों काटे मोए एक दिन ऎसा आएगा मे जलाऊंगा तोए ।। मत लगाओ रे मेरे भैया, मन को कछु ना होए ऎसो तो मत करो ... Read more

अपनों पर हो घात

गलती पर अपनी कभी, करें नही जो खेद ! हो जाता है शर्तिया, ....उनका रक्त सफेद !! अवनति की उस रोज से, होती है शुरुआत । जब गैरों की ... Read more

माँ को सके सँभाल

नौ नौ बेटे साथ में........,लेती है माँ पाल ! बेटे मिलकर भी नही,माँ को सके सँभाल !! होगी माँ किसकी तरफ,उठी जहाँ यह बात ! सन्नाटा... Read more

दोहे

सिंधुज घाटी सभ्यता ,भारत मां की शान । सत्य सनातन धर्म है ,भारत मां की जान । वैज्ञानिक युग में मिला ,अब जीवन निस्सार। जंग छिड़ी... Read more

दोहे

1)संरक्षित करिए प्रकृति ,वसुधा भाग जगाय । धरती होकर पल्लवित, वसुंधरा कहलाय । 2) वायु प्रदूषण से हुआ, जन जीवन बीमार। ... Read more

सोच लो

अपने अपने ने लगे कोई ने लग रय मीत खुद की भरवे में लगे खुद के गा रय गीत Read more

वही पुरानी भूल

होगी बढकर दूसरी,.नही दूसरी चूक ! बने रहे जो आज भी,गूँगे बहरे मूक !! दुहराई जो आपने, .....वही पुरानी भूल ! कैसे कह दें शूल फिर ... Read more

चमकेगा सूरज पुन:

होती खंडित अनगिनत, ख्वाबों की बारात ! तब जा कर आता कहीं,अगला नवल प्रभात !! भले ग्रहण है आज यह, कुछ पल ठहर रमेश । चमकेगा सूरज ... Read more

जाति धर्म

प्रदत्त चित्र पर आधारित दोहे --------------------------------------- अलग अलग हर खोपड़ी, बोल रहा इक मंत्र। सब धर्मों को मान दो,तभ... Read more

दोहे

(1) मानवता का मूल है, क्षमा, सत्य वरदान। मानव उर में ही निहित, ईश्वर की पहचान।। (2) क्षमा शील हो मित्र ... Read more

दोहा गजल

दोहा गजल अंतर्मन आहत हुआ ,किससे कहें विचार । सुख औ दुख के मध्य ,ये विचलित है संसार। वायु प्रदूषण से हुआ ,रोगी यह जग मान। कब आए... Read more

दोहे

दिनांक , 20 दिसम्बर 2019 सिंधु घाटी सभ्यता ,भारत मां की शान । सत्य सनातन धर्म है ,भारत मां की जान। वैज्ञानिक युग में मिला ,... Read more

रूख

नहीं कर भरोसा तो चलेगा, की रहते हैं भगवान । कर भरोसा इंसान पर, कराता यही जलपान ।। पेड़ सिरा काट दिया ,पर पेड़ रहती हमेशा जान कब स... Read more

हो जाऊँ बच्चा पुन:

करूँ यही मैं कामना, सुन लेना भगवान ! हो जाऊँ बच्चा पुन:,....देदो ये वरदान !! किसके सिर पर थोप दें, ये सारा इल्जाम ! मुजरिम है ... Read more