बाल कविता

सोनपरी

घर आई है गुड़िया रानी उसकी सुन लो आज कहानी पापा की है बड़ी लाडली कोमल नाजुक सी लगे कली मम्मी की आँखों का सपना गुड़िया रा... Read more

नन्हा बालक

सोच रहा है बैठा बैठा क्या क्या सपने गढ़ता है। बगिया में इक नन्हा बालक खुद से बातें करता है। उड़ता जाऊँ नील गगन में सुंदर से पर ... Read more

गणित

गणित है यह गणित है इसको पढ़ना भारत की पुरानी रीत है । आर्यभट्ट ने किया जब शून्य का खोज तो ज्ञान के क्षेत्र में भारत की यह जीत है... Read more

बालमन और नटखट यादें

बचपन के वो खिलोने कन्चे , गिल्ली डंडे, चपेटे, चक्की और चूल्हा शादी गुड्डे-गुड़िया की राधा बनी दुल्हन और किसन बने है दूल्हा ... Read more

बाल कविता : बधाई

बस्ते में है कलम और कम्पास मन में खूब उमंग और विश्वास परीक्षा का भी नही है उसे भय सुमन चली पड़ी अपने स्कूल । पढ़ने में उसे है ... Read more

सर्दी आई सर्दी आई

टप टप टप टप टप टप टप टप बूंदों ने जब सरगम गाई गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ बादल ने भी ताल मिलाई थर थर थर थर थर थर थर थर सर्दी स... Read more

मदारी आया

डमरू बजा मदारी आया दो बंदरिया बंदर लाया बंदर तो मोटा मोटा था कद लेकिन थोड़ा छोटा था बंदरिया थी छैल छबीली और बहुत थी वो... Read more

काले काले बादल छाये

काले काले बादल छाये सर्दी तन को और सताये पवन लग रही है बर्फीली धरती काँपी होकर गीली सर्दी के मौसम में भैया जरा नहीं ये मन... Read more

''फिर से आया जब रविवार''

पौधों में ना डाला पानी करते रहे अपनी मनमानी दिन गुजरे बिल्कुल बेकार फिर से आया जब रविवार । हटी नही किताबों की धूल कर बैठे... Read more

दो बिल्लियों की लड़ाई -आर के रस्तोगी

मिली कही दो बिल्लियों को एक रोटी रोटी चुपड़ी हुई पर बहुत थी मोटी एक बिल्ली बोली, पूरी रोटी मैं खाऊँगी दूसरी बिल्ली बोली,पूरी रोट... Read more

नताजी की बीमारी

नेताजी हो गए बीमार। आए डाक्टर एक हजार ।। नेताजी थे बहुत ही परेशान । चुनाव का था जो इम्तहान ।। ... Read more

कपटी को कभी न मित्र बनाओ --आर के रस्तोगी

एक बंदर जामुन के पेड़ पर रहता सदा उसके मीठे फल खाता उछल-कूद वह खूब मचाता सारे जंगल में धूम मचाता कभी इस पेड़ पर जाता कभी उस... Read more

ननकू की वीरता

बाल कविता -- #ननकू_की_वीरता सुनो बच्चो, तुम्हें मैं बताऊँ । ननकू की मैं कथा सुनाऊँ ।। ननकू था एक वीर बहादुर । समझदार था बालक ... Read more

कर्म ही जीवन है

कर्म ही जीवन है कर्म ही पूजा है कर्म ही धर्म है जीवन में है सफल वही इन्सान जो है कर्म प्रधान कृष्ण का भी यही है संदेश ... Read more

नर्सरी राइम्स

1 मछली ****** मछली रंगबिरंगी प्यारी लगती जैसे राजकुमारी पानी में ही जी सकती है तभी निकलने से डरती है 2 बंदर ***** उछल क... Read more

ठंडा ठंडा माह दिसम्बर

ठंडा ठंडा माह दिसम्बर ढका हुआ कोहरे से अंबर सूर्य नहीं जब दिया दिखाई हमने छोड़ी नहीं रजाई मम्मी को तब गुस्सा आया कान पकड़... Read more

आज -कल के बच्चे

शिष्टाचार मा पाथर पड़गा अनुशासन मा गिर गय गाज । न बड़ेन के सम्मान बचा न उनख... Read more

आम

एक दिन पापा जब आम लाये तो बच्चे ने क्या कहा पापा लाये मीठे आम कितने रंग रंगीले आम मैं खाऊंगा खूब तमाम हैं ये रसीले कितने आम प... Read more

हम बच्चे हिंदुस्तान के

बच्चों को समर्पित एक रचना- हम बच्चे हिंदुस्तान के नन्हे दूत भगवान के। रल-मिल सारे रहते हैं खुशियों के सपने पलते हैं विजय पत... Read more

बाल दिवस विशेष ....

बचपन में वो गिल्ली डंडा, पढ़ने में वो ज़ीरो - अंडा, खेल - खेल में मिट्टी खाना, माँ - पापा को रोज़ सताना, याद है ना, वो बचपन का फ... Read more

बाल -दिवस

चारों ओर है मस्ती छाई। आई देखो बाल दिवस आई।। बच्चों के मन को है भाता। हरओर उमंग है छाता।। सूर्यदेव भी हर्षित से न... Read more

नहीं होता है तबतलक सवेरा

नहीं होता है तबतलक सवेरा । धरे मोबाईल जबतलक न इन्सान ।। रात से दिन तक जब तक न थकले। मोबाईल पकड़ा रहता है इन्सान ।। ... Read more

गोल दुनिया

ये दुनिया का भूगोल है, धरती हमारी गोल है, अर्थशास्त्र पर दुनिया है, दौलत ही हमारी मुनिया है, राजनीति एक स्रोत है, व्यवस्था में ... Read more

एक था जंगल ...

. एक था जंगल । था चल रहा जहाँ दंगल।। हाथी सारे जज बने थे। बंदर बना हुआ था पहलवान ।। होने को थी ही दंगल क... Read more

दरिद्र नारायण भोज

दरिद्र नारायण भोज की हो चुकी थी तैयारी । कोई लिया था लोटा ,कोई लिया था थाली ।। तलने लगी थी पूड़ियाँ, बनने लगी थी जलेबियाँ। लगने ... Read more

मच्छर संग वार्तालाप

एक दिन मच्छर आके मुझसे बोला। मान्यवर बताओ मेरा गुनाह क्या है।। मैंने तपाक से कहा रे मच्छर ... तु जो चट से आकर .... ... Read more

यमपुरी -एक व्यंग्य

था मानव का हुआ प्रयाण। अद्भुत है ये यात्रावृतान्त।। तैरते बादल से पार होकर। अति दुसह कष्ट सहकर।। मार्ग का करते अवलोकन। ... Read more

रसगुल्ले की पीटाई

रसगुल्ले की हुई पीटाई। रबड़ी जी ने शिकायत लगाई।। पकौड़ी जी को खूब हँसी आई। देख के रसगुल्ले की पीटाई।। चमचम का सजा दरबार... Read more

जलेबी का घमण्ड

जलेबी को एक बार हो गया घमण्ड । अकड़ कर बोली मैं हूँ सबसे मीठी । चाश्‍नी जब जलेबी से बोली... । वो तो ठीक है जलेबी ब... Read more

चन्दा मामा

चन्दा मामा जल्दी आओ दूध-भात भी संग में लाओ मुझको जोर से भूख लगी है मम्मी कामों में उलझी है पापा ऑफिस से ना लौटे भैया-दी लपटप पर... Read more

मैं नन्हा नन्हा बालक हूँ

नन्हा नन्हा बालक हूँ मैं मरुस्थल की सैर करता हूँ चलता चलता थक जाता हूँ ऊँट को जहाज बनाता हूँ। नन्हा नन्हा बालक हूँ मै... Read more

जगमग करती है दीवाली

रात बहुत जब होती काली जगमग करती है दीवाली दीपों की सजती है माला छा जाता हर ओर उजाला घर की साफ सफाई करती मम्मी लगता कभी ... Read more

पर्यावरण बचाओ

देख आदमी की मनमानी,पेड़ों ने इक सभा बुलाई। बिना दोष काटे जाते हम ,इसे रोकना होगा भाई। बरगद पीपल तात हमारे, प्राणवायु के ये वाहक ह... Read more

मेरी बिटिया

मेरी बिटिया चुहिया रानी। काम करे सदा मनमानी। पूरे घर में करती है राज। बिन डाँटे करती नहीं काज। खाना चुग-चुग कर खाती। कभी नहीं प... Read more

चाबी

किसी गाँव में एक ताले वाले की दुकान थी। ताले वाला रोजाना अनेकों चाबियाँ बनाया करता था। ताले वाले की दुकान में एक हथौड़ा भी था| वो हथौ... Read more

आओ भारत को स्वच्छ बनाये --आर के रस्तोगी

आओ भारत को स्वच्छ बनाये बापू के सपनो को साकार कराये तन मन धन से इसमें जुट जाये गन्दगी को भारत से दूर भगाये भारत को एक सुंदर रा... Read more

👫नन्हे मुन्ने बच्चे हम👫

नन्हे मुन्ने बच्चे हैं हम प्रातः ही उठ जाते है मात पिता का वंदन कर हम स्कूल को जाते हैं । 👫🏜👨‍👩‍👧‍👦👩‍🏫👨‍🏫 प्रभु वंदना,गुरु वंदन... Read more

लाल बहादुर शास्त्री

लाल बहादुर थे विद्वान हम सब को इन पर अभिमान सादा जीवन उच्च विचार इनके जीवन का था सार जय जवान और जय किसान दिया इन्होंने... Read more

विनती सुन लो हे भगवान

विनती सुन लो हे भगवान सदबुद्धि का दो वरदान दे दो हमें गुणों की खान करें बड़ों का हम सम्मान ठीक राह पर बढ़ें कदम हमको दे ... Read more

चाचा नेहरू

चाचा नेहरू हमको प्यारे भारत माँ के राजदुलारे बाल दिवस से इनका नाता लाल गुलाब इन्हें है भाता प्रधानमंत्री प्रथम हमारे उस... Read more

गाँधी जी

भारत माँ की आंखों के थे तारे बापू अपनी आज़ादी के हीरो प्यारे बापू । सत्याग्रह से आज़ादी की लिखी कहानी आती थी उनको अपनी बातें मन... Read more

एक बड़े राजा का बेटा--आर के रस्तोगी

एक बड़े राजा का बेटा दो दिन से मर्दा सा लेटा तीन महात्मा सुन कर आये चार दवा के टुकड़े लाये पांच मिनिट घिस गर्म कराई छ: छ: घंटे... Read more

चाँद और सूरज

आते रवि शशि बारी बारी करें सुबह और शाम हमारी दिन तो होते गोरे गोरे काली लेकिन रात बिचारी एक जगाता एक सुलाता अलग अलग दो... Read more

मकड़ी

मकड़ी बुनती रहती जाल अकड़ अकड़ कर चलती चाल कभी कहीं भी कोना पाती मकड़ी फ़ौरन जाल बनाती तन्मयता से बुनती रहती लगता जैसे कभी न ... Read more

दादा जी का छाता

दादाजी का छाता काला दादा जी का है रखवाला इसे पकड़ वो ऐसे चलते जैसे अपनी छड़ी पकड़ते कभी यही डंडा बन जाता बंदर कुत्ते दूर भ... Read more

बाल कविता

बाल कविता पंछियों को देख उड़ता मै भी अब उड़ना चाहूं पूछ रही हूं मैं मां से पंख मैं कैसे उगाऊं उड़ रही उड़न तश्तरी पर नह... Read more

अलार्म घड़ी

एक अलार्म घड़ी मँगवाई कुकड़ूँ कूं की टोन लगाई छःबजे का अलार्म लगाया स्वर भी उसका जरा बढ़ाया और तान ली सर पर चादर सोये घोड़े... Read more

हिंदी के मुहावरों पर एक नई पहल -कविता के रूप में---आर के रस्तोगी

हिन्दी के मुहावरे,बड़े ही खरे है खाने पीने की चीजो से भरे है कही पर फल है कही पर आटा दाले है कही पर मिठाई है तो कही मसाले है ... Read more

गणपति

गणपति कहती दुनिया सारी सूंड तुम्हारी लगती प्यारी लड्डू खाते भर भर थाली बात तुम्हारी बड़ी निराली सर हाथी का कितना भारी और... Read more

बिल्ली मौसी

बैठ ट्रैन में चली चंदौसी बिल्ली मौसी बिल्ली मौसी लगा गणेशचौथ का मेला खाएगी वो जम कर पेड़ा सुंदर सी पहनी है साड़ी पर्स ले ... Read more
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