बाल कविता

मोबाइल की दुनिया

मोबाइल की है ये दुनिया व्यस्त इसी में चुनिया मुनिया रहते हैं अब गुमसुम आँगन सूने सूने रहते उपवन छीन लिया बच्चों का बचपन न... Read more

बिल्ली मौसी बड़ी सयानी

*बाल कविता*- बिल्ली मौसी बड़ी सयानी, दिन भर करती है शैतानी। चूहे पर है राज चलाती, आंख दिखाकर उसे डराती। चूहे देख बिल में ... Read more

सुन्दर स्वप्न सजाओ बच्चो

सुन्दर स्वप्न सजाओ बच्चो, छुट्टी में इस बार। पुस्तक बन कर तुम्हें पुकारें, प्रेरक गाथायें। आने वाले कल की बन कर, उजली आशाये... Read more

सुन्दर स्वप्न सजाओ बच्चो

सुन्दर स्वप्न सजाओ बच्चो, छुट्टी में इस बार। पुस्तक बन कर तुम्हें पुकारें, प्रेरक गाथायें। आने वाले कल की बन कर, उजली आशाये... Read more

दुश्मन को कभी मित्र न मानो (एक बाल कविता)--आर के रस्तोगी

मिली कही तुलसी की माला | लेकर उसे गले में डाला || तन पर अपने राख लगाई | बैरागी सा रूप बनाया || बिल्ली चली प्रयाग नहाने | चूहों ... Read more

सतरंगी मीठे फल प्यारे

लाल रंग का गोल सेब है हरे रंग का है अमरूद। पीला पीला मस्त आम है और हरे भरे गुच्छे अंगूर। नारंगी होता है संतरा और चीकू क... Read more

होली बाल कविता

~ होली बाल कविता ~ चुन्नू लाया लाल गुलाल मुन्नू के रंग दिए गाल । मुनियाँ देखो दौड़ रही है गुब्बारे व... Read more

चुनमुन हूँ मैं

मैं छोटी सी चुनमुन हूँ ऊधम खूब मचाती हूँ हर दम मस्ती करती रहती चाहे जहाँ गिर जाती हूँ। कभी गिरूं मैं पलंग पर से कभी गिरूं चलत... Read more

तोता

तोता हरा होता है फर फर फर फर उड़ता है लाल मिर्ची खाता है मिट्ठू मिट्ठू कहता है पेड़ की डाली पर रहता है पिंजरा देखकर डरता ह... Read more

【5】 तितली रानी

{1} रंग बिरंगे पंखों वाली तितली रानी है मतवाली नए - नए फूलों पर जाकर फूलों का रस करते खाली ★ ★ ★ ★ ★ ★ {2} तितली उड़ती यहा... Read more

【4】 बंदर दादा

{1} बंदर दादा बंदर दादा बड़े ही नटखट लगते हो बंदर दादा बंदर दादा सुबह को जल्दी जगते हो ** ** ** ** ** ** ** ** {2} बंदर दादा... Read more

【3】 गोलू का संदेश { दूध पियो }

{1} दूध पियो सब दूध पीयो प्रतिदिन सारे दूध पियो दूध से शक्ति मिलती है चेहरे की रंगत खिलती है दूध जो प्रतिदिन पीते हैं वे ज्याद... Read more

【2】 मेरा छाता

मेरा छाता मेरा भ्राता, बारिश में ये सबको बचाता तेज धूप में छाया लाता, बहता पसीना रुक सा जाता मेरा छाता.......... {1} काला - काला ... Read more

【1】 तारे

आसमान में लाखों तारे रात को झिलमिल करते सारे गगन तले जो टिम -टिम करते ... Read more

दादू की सोनपरी

सोनपरी दादू की प्यारी दादू उस पर वारी वारी दादू की ये गुड़िया रानी सुनती उनसे रोज कहानी बाहों में भर खूब झुलाते धीरे ध... Read more

गुड़िया रानी

घर आई है गुड़िया रानी उसकी सुन लो आज कहानी पापा की है बड़ी लाडली कोमल नाजुक सी लगे कली मम्मी की आँखों का सपना गुड़िया रा... Read more

नन्हा बालक

सोच रहा है बैठा बैठा क्या क्या सपने गढ़ता है। बगिया में इक नन्हा बालक खुद से बातें करता है। उड़ता जाऊँ नील गगन में सुंदर से पर ... Read more

गणित

गणित है यह गणित है इसको पढ़ना भारत की पुरानी रीत है । आर्यभट्ट ने किया जब शून्य का खोज तो ज्ञान के क्षेत्र में भारत की यह जीत है... Read more

बालमन और नटखट यादें

बचपन के वो खिलोने कन्चे , गिल्ली डंडे, चपेटे, चक्की और चूल्हा शादी गुड्डे-गुड़िया की राधा बनी दुल्हन और किसन बने है दूल्हा ... Read more

बाल कविता : बधाई

बस्ते में है कलम और कम्पास मन में खूब उमंग और विश्वास परीक्षा का भी नही है उसे भय सुमन चली पड़ी अपने स्कूल । पढ़ने में उसे है ... Read more

जिंदगी का अनमोल रतन है दोस्ती (कविता)

" जिंदगी का अनमोल रतन है दोस्ती जिंदगी जीने का दूसरा नाम है दोस्ती " हमने मिटटी के घरों में रहकर भी हमेशा दोस्तों के साथ बैठ... Read more

सर्दी आई सर्दी आई

टप टप टप टप टप टप टप टप बूंदों ने जब सरगम गाई गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ गड़ बादल ने भी ताल मिलाई थर थर थर थर थर थर थर थर सर्दी स... Read more

मदारी आया

डमरू बजा मदारी आया दो बंदरिया बंदर लाया बंदर तो मोटा मोटा था कद लेकिन थोड़ा छोटा था बंदरिया थी छैल छबीली और बहुत थी वो... Read more

काले काले बादल छाये

काले काले बादल छाये सर्दी तन को और सताये पवन लग रही है बर्फीली धरती काँपी होकर गीली सर्दी के मौसम में भैया जरा नहीं ये मन... Read more

राष्ट्रीय विकास में विद्यार्थियों की भूमिका (कविता)

विद्यार्थी जीवन का हर एक क्षण है अविस्मरणीय सफलता की दिशा पर अग्रसर हो बनाए सार्थक भविष्य माता-पिता व शिक्षक बढ़ाए छात्र क... Read more

''फिर से आया जब रविवार''

पौधों में ना डाला पानी करते रहे अपनी मनमानी दिन गुजरे बिल्कुल बेकार फिर से आया जब रविवार । हटी नही किताबों की धूल कर बैठे... Read more

दो बिल्लियों की लड़ाई -आर के रस्तोगी

मिली कही दो बिल्लियों को एक रोटी रोटी चुपड़ी हुई पर बहुत थी मोटी एक बिल्ली बोली, पूरी रोटी मैं खाऊँगी दूसरी बिल्ली बोली,पूरी रोट... Read more

नताजी की बीमारी

नेताजी हो गए बीमार। आए डाक्टर एक हजार ।। नेताजी थे बहुत ही परेशान । चुनाव का था जो इम्तहान ।। ... Read more

कपटी को कभी न मित्र बनाओ --आर के रस्तोगी

एक बंदर जामुन के पेड़ पर रहता सदा उसके मीठे फल खाता उछल-कूद वह खूब मचाता सारे जंगल में धूम मचाता कभी इस पेड़ पर जाता कभी उस... Read more

ननकू की वीरता

बाल कविता -- #ननकू_की_वीरता सुनो बच्चो, तुम्हें मैं बताऊँ । ननकू की मैं कथा सुनाऊँ ।। ननकू था एक वीर बहादुर । समझदार था बालक ... Read more

कर्म ही जीवन है

कर्म ही जीवन है कर्म ही पूजा है कर्म ही धर्म है जीवन में है सफल वही इन्सान जो है कर्म प्रधान कृष्ण का भी यही है संदेश ... Read more

नर्सरी राइम्स

1 मछली ****** मछली रंगबिरंगी प्यारी लगती जैसे राजकुमारी पानी में ही जी सकती है तभी निकलने से डरती है 2 बंदर ***** उछल क... Read more

ठंडा ठंडा माह दिसम्बर

ठंडा ठंडा माह दिसम्बर ढका हुआ कोहरे से अंबर सूर्य नहीं जब दिया दिखाई हमने छोड़ी नहीं रजाई मम्मी को तब गुस्सा आया कान पकड़... Read more

आज -कल के बच्चे

शिष्टाचार मा पाथर पड़गा अनुशासन मा गिर गय गाज । न बड़ेन के सम्मान बचा न उनख... Read more

बचपन की दोस्ती (कविता)

बचपन के दोस्तों को कभी भुलाया नहीं जाता उनकी मीठी सी यादों को बिसराया नहीं जाता जिंदगी में कुछ ही लम्हें हम बिताते हैं द... Read more

आम

एक दिन पापा जब आम लाये तो बच्चे ने क्या कहा पापा लाये मीठे आम कितने रंग रंगीले आम मैं खाऊंगा खूब तमाम हैं ये रसीले कितने आम प... Read more

हम बच्चे हिंदुस्तान के

बच्चों को समर्पित एक रचना- हम बच्चे हिंदुस्तान के नन्हे दूत भगवान के। रल-मिल सारे रहते हैं खुशियों के सपने पलते हैं विजय पत... Read more

बाल दिवस विशेष ....

बचपन में वो गिल्ली डंडा, पढ़ने में वो ज़ीरो - अंडा, खेल - खेल में मिट्टी खाना, माँ - पापा को रोज़ सताना, याद है ना, वो बचपन का फ... Read more

बाल -दिवस

चारों ओर है मस्ती छाई। आई देखो बाल दिवस आई।। बच्चों के मन को है भाता। हरओर उमंग है छाता।। सूर्यदेव भी हर्षित से न... Read more

नहीं होता है तबतलक सवेरा

नहीं होता है तबतलक सवेरा । धरे मोबाईल जबतलक न इन्सान ।। रात से दिन तक जब तक न थकले। मोबाईल पकड़ा रहता है इन्सान ।। ... Read more

गोल दुनिया

ये दुनिया का भूगोल है, धरती हमारी गोल है, अर्थशास्त्र पर दुनिया है, दौलत ही हमारी मुनिया है, राजनीति एक स्रोत है, व्यवस्था में ... Read more

एक था जंगल ...

. एक था जंगल । था चल रहा जहाँ दंगल।। हाथी सारे जज बने थे। बंदर बना हुआ था पहलवान ।। होने को थी ही दंगल क... Read more

दरिद्र नारायण भोज

दरिद्र नारायण भोज की हो चुकी थी तैयारी । कोई लिया था लोटा ,कोई लिया था थाली ।। तलने लगी थी पूड़ियाँ, बनने लगी थी जलेबियाँ। लगने ... Read more

मच्छर संग वार्तालाप

एक दिन मच्छर आके मुझसे बोला। मान्यवर बताओ मेरा गुनाह क्या है।। मैंने तपाक से कहा रे मच्छर ... तु जो चट से आकर .... ... Read more

यमपुरी -एक व्यंग्य

था मानव का हुआ प्रयाण। अद्भुत है ये यात्रावृतान्त।। तैरते बादल से पार होकर। अति दुसह कष्ट सहकर।। मार्ग का करते अवलोकन। ... Read more

रसगुल्ले की पीटाई

रसगुल्ले की हुई पीटाई। रबड़ी जी ने शिकायत लगाई।। पकौड़ी जी को खूब हँसी आई। देख के रसगुल्ले की पीटाई।। चमचम का सजा दरबार... Read more

जलेबी का घमण्ड

जलेबी को एक बार हो गया घमण्ड । अकड़ कर बोली मैं हूँ सबसे मीठी । चाश्‍नी जब जलेबी से बोली... । वो तो ठीक है जलेबी ब... Read more

चन्दा मामा

चन्दा मामा जल्दी आओ दूध-भात भी संग में लाओ मुझको जोर से भूख लगी है मम्मी कामों में उलझी है पापा ऑफिस से ना लौटे भैया-दी लपटप पर... Read more

मैं नन्हा नन्हा बालक हूँ

नन्हा नन्हा बालक हूँ मैं मरुस्थल की सैर करता हूँ चलता चलता थक जाता हूँ ऊँट को जहाज बनाता हूँ। नन्हा नन्हा बालक हूँ मै... Read more

खूबसूरती पर एक मां द्वारा अपने पुत्र को दी गई सीख

यही तो है जीवन की असली खूबसूरती १. ज़िंदगी में अंधेरा आऐ तो सुबह का इंतजार मत करना खुद पर भरोसा रखना ओर रोशन... Read more
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