बाल कविता

चिड़िया रानी

चिड़िया रानी, मन है मेरा, साथ तुम्हारे डोलूँ। जब से आंगन में तुम चहकीं, सूनापन घबराया। नित्य तुम्हारा कलरव करना, हम बच्चों को... Read more

मकरसंक्रांति

मकर संक्रांति का है त्योहार तिल की ही चारों ओर बहार गज़क रेबड़ी मन को भाये तिल का लड्डू रंग जमाये गंगा जी में भी करते हैं स्... Read more

पतंग और माँझा

लाल हरी नारंगी नीली कुछ तो पूरी ही रंगीली पापा खूब पतंगें लाये चरखी माँझा भी ले आये भागे सरपट हम भी छत पर पापा जी का हाथ... Read more

" मुन्ना राजा "

🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸🦸 मुन्ना राजा बजाए बाजा , खबर सुनाता ताज़ा - ताज़ा । सबके दिलों को छू आता , कभी ना खाता किसी से चाटा ।। सुब... Read more

लडुआयन के दिन

( लडुआन के दिना ) आज बन हैं लडुआ, और कल हम खायें, और मजा उडा़ये, कछु कुर कुरायें, और क... Read more

" बिटिया रानी "

🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚🧚 बिटिया रानी बड़ी सयानी , रोज़ सुनाती नई कहानी । कभी पीती वो सादा पानी , कभी आचार पर लार टपकानी ।। सुबह उठ... Read more

" फिर से खुल गए स्कूल "

👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼👼 खत्म हुए छुट्टियों के त्योहार , फिर से सुबह हो कर तैयार । अब न चलेगा कोई जुगाड , ना बनेगा अब कोई बहाना , फि... Read more

रघुपति राघव राजा राम

गाँधी जी के बंदर तीन लगें साधना में हैं लीन एक कहे बुरा मत बोल पहले उनको मन में तोल दूजा बोले सुनो बुरा मत पड़ने देना म... Read more

चुहिया

चुहिया करती है मनमानी, बड़ी मूॅछ है दो दो चार, इसके कई काम बेकार । बिल्ली को देखें छिप जाती लुका छिपी का खेल खिलाती कोई वस्तु ... Read more

सर्दी के दिन

फिर से सर्दी के दिन आये दिनकर जी थर थर थर्राये बैठ गये बादल में छिपकर कोहरा भी घिर आया जमकर सड़कें भी देखो ठिठुराई भीड़ नज़र क... Read more

जोकर

सर्कस की ये देखो शान छोटा सा कद बड़े हैं कान अजब गजब पहने परिधान चेहरे पर खिलती मुस्कान लंबी टोपी सर पर पहने इसकी वर्दी ... Read more

【12】 **" तितली की उड़ान "**

तितली उड़ी उड़ के चली, तितली ढूंढे फूलों की गली फूलों की गली जब उसे ना मिली, तितली ने देखी एक नई कली {1} तितली उड़ कर कली से मिली... Read more

पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षाकृष्णलता यादवविनोद सिल्ला द्वारा संपादित समीक्ष्य कृति ‘प्रकृति के शब्द शिल्पी : रूप देवगुणʼ’ में देवगुण की साहित्य को... Read more

【11】 *!* टिक टिक टिक चले घड़ी *!*

टिक टिक टिक टिक चले घड़ी इसमें लगी है तीन छड़ी दादी हमें बताती हैं समय की कीमत बहुत बड़... Read more

बिल्ली का डर

बिल्ली आई घर के अंदर चूहे भागे पूंछ दबाकर कई दिनों से वह भूखी थी चूहों के ऊपर लपकी थी चूहों की हिम्मत हुई धड़ाम मच गया कुनब... Read more

【10】 ** खिलौने बच्चों का संसार **

रंग बिरंगे खेल खिलौने, सबके मन को भाते हैं देखे खिलौने रंग-बिरंगे, सब बच्चे इतर... Read more

【9】 *"* सुबह हुई अब बिस्तर छोड़ो *"*

* सुबह हुई अभी बिस्तर छोड़ो, नींद से करो ना कोई प्यार * * नींद के चक्कर में जो पड़ गए, ... Read more

【8】 *"* आई देखो आई रेल *"*

* छुक - छुक करती आई रेल, बच्चों छोड़ो अपना खेल * * कितने सारे जुड़े हैं डिब्बे, सब ड... Read more

【7】** हाथी राजा **

* हरे भरे जंगल से देखो, एक निकल कर हाथी आया * * मोटा ताजा काला काला, अपनी सूंं... Read more

【1】*" नटखट चूहा "*

एक चूहा था बड़ा ही नटखट, नाम था उसका नटखट लाल श्याम - सुबह करता शैतानी, ... Read more

कट्टो-कटोरी

कट्टो-कटोरी --------------- अक्सर कहा जाता है कि शैतानी केवल लड़के ही किया करते हैं . लेकिन सच कहूं तो लड़कियां भी कम शैतान नहीं ह... Read more

सफर

जिंदगी की ये सफर , कट रहे थे यू डगर। रेलम पेल थी उस रेल में, बढ़ते जा रहे थे सफर। अनजान से उस राह में, सिर लटकाए बैठा था। सिख... Read more

सुंदर मेरा गाँव जी

(१) सरल स्वभाव के लोग, दिखते भोले भाले हैं। पीपल की छांव जी, सुंदर मेरा गांव जी। (२) फसल लगाते किसान, लहलहाती ह... Read more

【0】** आप सभी के लिए मेरे द्वारा लिखी हुई बाल - कविताओं की लिस्ट **

{1} तारे {2} मेरा छाता {3} गोलू का संदेश {4} बंदर दादा {5} तितली रानी {6} माँ {7} हाथी राजा {8} आई देखो आई रेल {9} ... Read more

【6】** माँ **

* मेरी माँ है जग से न्यारी, देती मुझको खुशियाँ सारी ** * मैं रोता माँ मुझे हंसाती, ... Read more

आज़ादी की चाह

प्रभु ऐसा दो हमें वरदान नापें हम तेरा आसमान नहीं है धन दौलत की चाह दिखाना आज़ादी की राह ऐ काश, होते पंख हमारे तोड़ ला... Read more

चिड़िया मैं चिड़िया

चिड़िया मैं चिड़िया घूमूँ सारी दुनियाँ जैसे पंखों वाली परियाँ। गाँव देखूँ, शहर देखूँ देखूँ फूलों वाली बगिया जहाँ खिलखिलाती कल... Read more

शांति दूत

कबूतर इस पक्षी का नाम देता है अम्न का पैग़ाम नभ में यह उड़ता जाता है बच्चों को खूब लुभाता है दूर गगन में उड़ जाता था खत ... Read more

खजाना

मेरी एक पुरानी बाल रचना आज पुनः आप सभी के समक्ष - 🙏😊👇 खजाना ---------- चलो क़िताबें करें इकट्ठी, अपनी सभी पुरानी। हम तो पढ़... Read more

काला हाथी गोरा हाथी

काला हाथी गोरा हाथी बच्चों का पर प्यारा साथी अपनी सूंड हिलाता रहता झूम झूम कर देखो चलता छोटी आँखें छोटी पूँछ बड़े कान ... Read more

बाल दिवस पर रचना

बीता बचपन *********** जब छोटे से बच्चे थे हम नहीं शान थी राजा से कम नखरे जितने दिखलाते थे उतना प्यार अधिक पाते थे सुन माँ... Read more

बाल दिवस

बाल दिवस, गोष्ठी आयोजित, “रोको बालक श्रम” शीर्षक है | अगर राह में कोई बालक, श्रम करता ही दिख जायेगा, उससे मैं अब क्या कह पाऊँ? ... Read more

बाल दिवस पर करो ओ बातें

बाल दिवस पर करो ओ बातें ========●======== (1) न सुबह का समय पता चलता, न शाम का समय पता चलता। थक कर जब स्कूल से आ... Read more

हम नन्हें नन्हें हाथों से

माना पले गरीबी में हम मगर किसी से कहीं नहीं कम कुछ बनकर हम दिखलायेंगे बड़ा हौसलों में रखते दम करनी पड़ती है मजदूरी अपनी तो य... Read more

गंगा स्नान

बिट्टू ,किट्टू ,गुड़िया, प्राची मम्मी- पापा,चाचा- चाची बड़ी कार में हुये सवार गंगा नहाने चले हरिद्वार बड़ा मजा बच्चों को आया ... Read more

तितली

रंग बिरंगे पंखों वाली, उड़ती जाए डाली-डाली, फूलों का मन पढ़ती-पढ़ती, रंगीन बनी तितली आली। तितली मन को भाती इतनी, फूलों की संगत ह... Read more

सुंदर पंखों वाला मोर

सुंदर पंखों वाला मोर, छत पर नाचे करलो गौर, नीली गर्दन मटके देख, पीहू-पीहू अद्भुत शोर। मस्ती छाई मन में मौन, सोच नहीं है देखे ... Read more

चिड़िया रानी

तिनका खूब लाती चिड़िया, घोंसला मस्त बनाती चिड़िया। दाना ढूढ़ने निकली चिड़िया, मिल बैठ के खाती चिड़िया। देख परछायी अपनी चिड़िया, फुद... Read more

बंदर

छत पर आया मोटा बंदर पक्षी खिसके पूंछ दबाकर पहले काटा सब कपड़ों को तोड़ा चिड़िया के अंडों को ऊधम कुछ ऐसे भी काटा फै... Read more

कविता: माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा।

कविता: माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा। माँ मुझको किताब मंगा दो, मैं भी पढ़ने जाऊंगा। सीख सीख कर सारी बातें, तुमको... Read more

मन्नू की आत्मजा

मि मि मि मि बोल रही है करवट लेकर वो लेटी है शायद अब पहचान हो गई ४ महीने की मेरी बेटी है मम्मी पल भर दूर चली तो उसको अब यत्र त... Read more

मीठी कविता

◆◆◆◆ 112 मीठी कविता है बात जलेबी डूबी जो चाशनी, नर्म दिल तो देखो जैसे हो रसमलाई----2 लाते जो पेड़ा बर्फी या कि गुलाब जामुन क... Read more

धरा का गहना

गर्मी सर्दी बारिश सहना पेड़ ठहरे धरा का गहना अशोक पीपल जामुन बरगद रोपकर इनको रहो गदगद इनसे ही है दुनिया की रंगत ... Read more

सीख

सीखता है मनुज जीवनपर्यन्त। देह नष्ट हो जाती मगर सीखना न अन्त है नहीं ऐसा अगर तो कहो फिर क्यों हो जन्म भला ? आत्मा ... Read more

गाँधी बापू

सत्य अहिंसा पर चलना बापू जी ने सिखलाया था। मानवता का सच्चा मतलब भी हमको समझाया था। सादा जीवन उच्च विचार नियम था उनके जीवन का। ... Read more

अच्छी सीख

आदत अच्छी ही डालो तुम सभी को अपना बना लो तुम बनाओ एक अलग पहचान मन में हो सभी का सम्मान मीठी जुबान, साफ़ किरदार सबसे... Read more

ज्ञान-विज्ञान

प्राप्त किया जब हमने ज्ञान, हमें कहाँ लाया विज्ञान। रोज रात को छत पर अपनी, देखा करते तारामंडल। ध्रुवतारा ये चाँद सलोना , ... Read more

बाल कविता:दूध के दाँत

कविता: दूध के दाँत ------------------------- नटखट छोटू लगा बिलखने उसका दाँत लगा था हिलने दाँत कहाँ से मैं लाऊँगा बाबा जैसा हो... Read more

जिम

लौकी ने जिम खोला अपना बरसों का था उसका सपना तन्वंगी सी भिंडी रानी बैठीं टीचर सी महारानी सबको उसने पाठ पढ़ाया मोटेपन स... Read more

सूरज

सोचो सूरज नहीं निकलता हमें बहुत अंधेरा खलता किरणें धरती पर आती हैं चिड़ियां मधुर गीत गाती हैं दिखता मुखड़ा इसका प्यारा र... Read more