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कहानी
कहानी..... ****सुगंधा *** यशवन्त"वीरान" उस दिन पापा की तबियत कुछ ठीक नहीं थी.मैं घर के काम में व्यस्त थी तभी पापा की आवाज सुनाई दी."बेटी... Read more
ग़ज़ल
बस तेरे चाँद की,एक झलक़ चाहिये..!! ***ग़ज़ल*** मुझको तेरी जमीं, न फलक़ चाहिये..! बस तेरे चाँद की,एक झलक़ चाहिये..!! है अमानत तेरी, मानता हूँ मगर,... Read more