Skip to content
प्यार पैसों से नहीं, नसीब से मिलता (अर्पिता की कलम से)
दोस्तों हर साल दीवाली आती है, होली आती है, रक्षाबंधन आता है उसी तरह हर साल वेलेंटाइन डे आता है । जैसे दीपावली दीपों का... Read more
मेरे गुरु
मेरे गुरु भले ही दुनिया को स्वार्थ की बेहरम जंजीरों ने क्यूँ न जकड़ लिया हो? भले ही रिश्ते,ईमान, सम्मान, स्वाभिमान पर भी अर्थ का... Read more
कहते है मुझसे
arpita patel लेख Jul 14, 2017
★■●◆ ★■●◆ कहती है ये हवाएं मुझ से क्यों बैठी हो उदास, आ चल तुझे अपने झोंको में उड़ा कर दुनिया की सैर कर दू।... Read more