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रणजीत सिंह " रणदेव" चारण
गांव - मुण्डकोशियां, तहसिल - आमेट (राजसमंद) राज.
- 7300174627 (व्हाटसप न.)
मैं एक नव रचनाकार हूँ और अपनी भावोंकी लेखनी में प्रयासरत हूँ। लगभग इस पिडीया पर दी गई सभी विधाओं पर लिख सकता हूँ।
आप सभी मेरी प्रत्येक रचना को पढकर अपनी टिप्पणी देंवे और कोई गलती हो तो सुधार भी बतावें।
मेरी आशा मेरा हौंसला।
धन्यवाद

All Postsकविता (25)मुक्तक (1)गीत (7)दोहे (1)कुण्डलिया (1)
-दीवाली
दीवाली पर्व को मैं द्वार तुम्हारे* धन, हर्ष, व रंगरोचन लायी हूँ| अनुयायी धर्म हिन्दुवास हैं मेरा, सांस्कृतिक प्रदायी प्रकरण ही हूँ || उद्गम न्यारे... Read more
देशद्रोही छुप बैठे हैं
देशद्रोही छुप बैठे हैं, हिंदु वतन की रिक्तियों में। ढूंढ-ढूंढ के मार गिराओं,, जहाँ दिखे गलियों में।। कश्मिर धरा पर गद्दारों ने, ईमान का पतन... Read more
मन्दिर, मस्जिद नाम हैं मेरा , शिश झुकाने का करते फैरा।
मन्दिर, मस्जिद नाम हैं मेरा,, शिश झुकाने का करते फैरा | मन्दिर की पेढियाँ चढ जाने को,, करते हैं मंदिर से रंग सवेरा || माँ-... Read more
-वो भारत देश हैं मेरा, जिस पर जन्म लेकर किया मैंने सवेरा।
वो भारत देश हैं मेरा, जिस पर जन्म लेकर किया मैंने सवेरा। वो अनोखा भारत भू हैं मेरा,, उस पर किया मैंने रंग सवेरा,, आँखों... Read more
बदला तो लेना हैं मगर ( पाक को समझाने के लिए एक रचना)
बदला तो लेना हैं मगर, तेरा बचना हैं नामुंमकिन | आजा पाक आजा रणखेत में, तेरा जुर्म हैं संगीन || आहत हैं दिल मेरा,तेरे खाम्याजो... Read more
-मैं फौलाद ( मैं फौलाद, मैं फौलाद, हूँ हूँ, भारत माँ की औलाद।)
मैं फौलाद, मैं फौलाद, हूँ हूँ, भारत माँ की औलाद | मैं फौलाद, मैं............................1 पाक आजा, आजा, आजा तु चकले फौलादी स्वाद, मैं फौलाद, मैं... Read more
जीवन में आभा की ज्योत जगा दो ( ह्रदय की आभा)
जीवन में आभा की ज्योत जगा दो, जीवन में थोडा कुछ कर दिखलादो,, ह्रदय चाहे दर्द से ही भींच रहा हो, उद्दगारो से ही ह्रदय... Read more
प्रकृति परिवेश वर्षा से रंग - बे गुलशन खिलता
प्रकृति परिवेश वर्षा से रंग-बे गुलशन खिलता। देखकर के ये सब जग सारा झूम उठता ।। हे प्रभू प्रकृति को सजाया सँवारा तुमने ऐसा ।... Read more
-अम्बर तेरा तो धरा मेरी (भारत पाकिस्तान में सवांद सम्बंधित रचना)
अम्बर तेरा तो धरा मेरी, अंतरिक्ष बीच राह मेरी,, जल मेरा ज्वाला तेरी,, पानी ही बहा दूँगा बैरी,, शौर तु करता शांति मेरी, प्रयास मेरा... Read more
हैं सखी रंग - रंगदो ना गुलाल (होली गीत)
प्रिय मोरी सखी तुम रंग-रंग दो ना रंग गुलाल। फाग की तानें छिडती चेहरा कर दो ना लाल।। प्रिय मोरी सखी................... । सब संग खेले... Read more