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मेरा जन्म 5 जून 1978 को कस्बा तोशाम जिला भिवानी के एक साधारण से परिवार में हुआ। मैंने 1998 से ही अपनी लेखनी चलानी आरंभ कर दी थी। तब से लेकर अब तक साहित्य साधना में रत हूँ। अप्रैल 2005 में 'शब्द शक्ति साहित्यिक संस्था' के तत्वावधान में आयोजित मेरी कहानी 'गुनाहों की सजा' को सांत्वना पुरस्कार मिला। पुष्पगंधा प्रकाशन (2005) कवर्धा (छत्तीसगढ) द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर प्रकाशित काव्य-संग्रह 'काव्य-सुमन' में मेरी कविता 'अभिलाषा' के प्रकाशन पर प्रशस्ति-पत्र भेंट किया गया। अब तक मेरी असंख्य रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें से कतिपय इस प्रकार हैं-
क). कहानियाँ- गुनाहों की सजा, एक बार फिर आ जाओ, वह चली गई, दोस्ती, मजाक, धोखा, अटूट-बंधन, इंतजार, सपना, प्यार की कुर्बानी, कयामत की रात आदि।
ख). कविताएँ-सपने, चक्रव्यूह, मतवाली बसंत ऋतु, मारें भर-भर कर पिचकारी, वो न आई नैनों के द्वार, आई होली आई होली, सब मेहनत गई बेकार, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, फिर रीत पुरानी याद आई, बेटी, वह घूम रही उपवन-उपवन।
ग). 'डिजिटल पेमेंट फार बेटर टूमॉरो' कविता को सोशल मीडिया द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
घ). बाल-कविताएँ-मास्टर जी, डाकिया, तारे, मछली, आगे बढते जाएंगे, सच्चाई व दया दिखाएँ (26 अप्रैल, 2017 को दैनिक पंजाब केसरी में प्रकाशित)
ड़) असंख्य अप्रकाशित बाल कविताएं एवं कविताएं।

Hometown: तोशाम जिला भिवानी हरियाणा
Published Books

लोक साहित्यकार: जयलाल दास

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All Postsकविता (14)गज़ल/गीतिका (3)मुक्तक (3)लेख (2)शेर (1)
जितनी चादर हो उतने ही पांव पसारें
गगनचुंबी महल, नोटो भरी तिजोरियां किसे सुकुन देते हैं, कब चैन की नींद सोने देते हैं। पैसा सिर्फ तृष्णा बढ़ाता है, बेचैनी बढ़ाता है। संतोष... Read more
फिर रीत पुरानी याद आई
फिर रीत पुरानी याद आई झूठे रिश्ते-नातों पर कायम अधुनातन जग का आलम, छल-कपट और राग-द्वेष में संलिप्त कलियुग का मानव। मानवता दम तोड़ रही... Read more
शोधपरक दृष्टि का परिचय देती एक कृति ‘मेरे शोध-पत्र’
पुस्तक समीक्षा: पुस्तक: मेरे शोध-पत्र लेखक: आनंद प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ प्रकाशक: सूर्य भारती प्रकाशन, नई सड़क, दिल्ली पृष्ठ संख्याः118 मूल्यः 300 रू. शोधपरक दृष्टि का परिचय... Read more
परिवेश और आदर्शवादिता का परिचय देता कहानी संग्रह ‘कितने पास कितने दूर’
पुस्तक समीक्षा: पुस्तक: कितने पास कितने दूर लेखक: आनंद प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ प्रकाशक: सूर्य भारती प्रकाशन, नई सड़क, दिल्ली पृष्ठ संख्याः96 मूल्यः 150 रू. परिवेश और... Read more
भारत माता तुम्हें बुलाती
वीरों की शहादत के बदले हमने आजादी पाई थी। बरसों अंग्रेजों का जुल्म सहा तब हमने आजादी पाई थी। त्राहि-त्राहि चहुं ओर मची थी कितने... Read more
नव वर्ष अभिनंदन
कुहरे की रजत चादर ओढे अलसाया सा आया मार्गशीर्ष, ठिठुरन, कंपन और शीतलहर संग समेटे लाया मार्गशीर्ष। चुप्पी साधे और अकुलाते दादुर, मयूर, पपीहा, कोकिल... Read more