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परिचय -
जन्म: १४ नवम्बर १९९०
शिक्षा= स्नातकोत्तर (भौतिक विज्ञान एवम् हिंदी), नेट, बी.एड.
साहित्य जगत में नव प्रवेश। पत्र पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।अंतर्जाल पर विभिन्न वेब पत्रिकाओं पर निरन्तर सक्रिय। 4 साझा संकलन प्रकाशित एवं 17 साझा संकलन प्रकाशन की प्रक्रिया में।
अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत।

मोबाइल=9166280718

ईमेल = davevinod14@gmail.com

All Postsकविता (13)गज़ल/गीतिका (12)मुक्तक (3)गीत (2)शेर (13)
शायरी
ये मौसम बदलता जा रहा है रंग अपना, और वो अपनी बात पर कायम है। सुबह आफ़ताब के आगोश में है, जिद्दी है अँधेरा, रात... Read more
रंग
रंगों की दुनिया से एक खबर लाई है, ये नमकीन हवाएँ उसे छूकर आई है। गुलाल उसके हाथों में और गुलाबी दिखता है, मुझे तो... Read more
रात की रंजिशें
रात की रंजिशें मिटाकर तो देखो, आफताब दिलों में उगाकर तो देखो। सहर कोई जादूगरी,कोई बाजीगरी नही, अंधेरों का गला दबाकर तो देखो। मुश्किलें, दुश्वारियां... Read more
ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते
ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते, मेरे गुलशन के ख़ार ताजी हवा लाने नहीं देते। वो एक नज़र देख लेते मेरे बिगड़े... Read more
घाव
नाम लिखते है मिटाते है, अपने ही नाम से अपना दिल बहलाते है, उसका नाम समाया है मेरे नाम में, इसी बहाने खुद को उसकी... Read more
वतन
उस वक़्त का इन्तजार है जब वतन में खुशहाली होगी, पतझर हो या सावन, हर मौसम हरियाली होगी, न दिन में तपन होगी,न रात काली... Read more
बारिशें
वो बारिशें अब कहाँ मयस्सर हैं, जिनमें नादान शरारतें होती थी। छतरी की छांव तले भी, भीगने की कवायदें होती थी। सर्दी जुकाम की परवाह... Read more
शायरी
फूल देखकर जिसकी याद आती थी, आज न जाने क्यों वो शख़्स कांटो सा लगता है। **** **** जिन पलों का जिंदगी भर इन्तजार करते... Read more