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सम्प्रति-अध्यापक शासकीय हाई स्कूल खैरुआ
प्रकाशित कृतियां- गधा परेशान है, तृप्ति के तिनके, ख्वाब शशि के, मेरी तुम
संपर्क- प्रतिभा कॉलोनी गाडरवारा मप्र
चलित वार्ता- 09424750038

All Postsकविता (2)गज़ल/गीतिका (22)अन्य (4)
दफ्तर यहां
पल रहे अस्तीनों में विषधर यहां। अपनों को ही निकलते अजगर यहां।। क्या तमाशा देखिए इनका तमाशा। लड़ते हैं आपस में बाजीगर यहां।। दोस्तों किसको... Read more
हमदम
मद्धम मद्धम। ज्यादा या कम।। दस्तक देता। कोई हमदम।। इतना प्यारा। जैसे शबनम।। तुम मेरे तो। फिर कैसा गम।। विजय परेशां। हरपल हमदम।। 9424750038
बेशरम
दिल ही है बेशर्म या दिलदार बेशरम। करना नही है प्यार का व्यापार बेशरम।। लड़ने पे है अमादा तो लड़ता नही क्योकर। क्यों डर के... Read more