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चिकित्सा के दौरान जीवन मृत्यु को नजदीक से देखा है ईश्वर की इस कृति को जानने के लिए केवल विज्ञान की नजर पर्याप्त नहीं
है ,अंतर्मन के चक्षु जागृत करना होगा

All Postsकविता (6)
अनुभूतिया
जीवन की राहे सूनो हो चली मन उदासी के सागर में डूबता रहा राहे जैसे खत्म होने को है सांझ की लालिमा रात्रि की कालिमा... Read more
उड़ान
मन उमंगो के आसमान में उड़ने लगा राहे स्वयं राह दिखाने लगी राते स्वयं रोशन होने लगी जब से मिली हो तुम जिंदगी स्वयं मुस्कराने... Read more
उषा का स्वागत
प्रिय उषा को जन्म दिन पर भेंट पौष की ठिठुरन में धूप का टुकड़ा लिए अमावस की रात में अमृतमय चांदनी लिये जेठ की तपती... Read more
बचपन की बारिश
वर्षा की फुहारों में मन करता है रिमझिम के गीत गाते बिना छाते सडको पर दौड़ने का घटाओ से घिरे बादलो को छूने का अठखेलिया... Read more
ईश्वर से परिचय
आज सुबह ईश्वसर से परिचय हुआ है मेरा,- गीत गाते उमंगो से भरे परिंदो की चहचहाट मै, नव जीवन को संचार करती सूरज की रश्मियों... Read more