Skip to content

I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn

All Postsकविता (22)गज़ल/गीतिका (1)मुक्तक (43)
प्यास  ....
प्यास .... होता नहीं है मन .अपना जब ये अपने पास । छलक उठती है नैनों से पिया मिलन की आस। संभव नहीं मधुपलों को... Read more
इमारत....
इमारत.... शानों पे लिख गया कोई इबारत वो रात की। ...महकती रही हिज़ाब में शरारत वो रात की। ....करते रहे वो जिस्म ..से गुस्ताखियाँ रात... Read more
उनकी यादों की ....
उनकी यादों की .... ये कैसे उजाले हैं रात कब की गुजर चुकी दूर तलक आँखों की स्याही बिखेरते तूफ़ां से भरे आरिज़ों पर ठहरे... Read more
गज़ब ...
गज़ब.... आपका आना भी गज़ब ढा गया। ....आपका जाना भी ग़ज़ब ढा गया। ........मार डाले न कहीं सादगी आपकी - ...........यूँ हौले से शरमाना गज़ब... Read more
जुलाहा   ...
जुलाहा ... मैं एक जुलाहा बन साँसों के धागों से सपनों को बुनता रहा मगर मेरी चादर किसी के स्वप्न का ओढ़नी न बन सकी... Read more
ज़रूरी तो नहीं  ...
ज़रूरी तो नहीं ... हर दर्द पे आह निकले,ये ज़रूरी तो नहीं। हर मोड़ पे राह निकले,ये ज़रूरी तो नहीं। यूँ तो है ग़ज़ल गुलदस्ता... Read more
वरदान  ...
वरदान ... मृदुल मुस्कान से घावों का निदान हो गया। मधु क्षणों के अमरत्व का सामान .हो गया। वो यौवन की देहरी पर .भ्रमरों की... Read more
तृषा  ...
तृषा ... श्वास श्वास के आलिंगन का थोड़ा तुम अभिमान करो l विरह पलों से मौन सुधा का तुम न यूँ अपमान करो l नैन... Read more
तृषा  ...
तृषा ... श्वास श्वास के आलिंगन का थोड़ा तुम अभिमान करो l विरह पलों से मौन सुधा का तुम न यूँ अपमान करो l नैन... Read more
ख़ारे धारे   ...
ख़ारे धारे ... कुछ गिले हमारे हैं और कुछ गिले तुम्हारे हैं l ...दिलों के इस खेल में हम दोनों ही दिल हारे हैं l... Read more
मेहरबान ...
मेहरबान ... ज़मीं बदल जाती है आसमान बदल जाते हैं l ...हवाओं के मिज़ाज़ से बादबान बदल जाते हैं l .....साये उम्र के भी इक... Read more
कश्तियाँ   ...
कश्तियाँ ... हौसला करते न वो ग़र होती खबर तूफ़ान की l पंखों से कह देते न करना चाहतें आसमान की l पथरीले बहुत हैं... Read more
अंतिम घट   ...
अंतिम घट ... हर आदि का ..अंत ..है मरघट l हर देह ..का ..मरघट ..पनघट l जिस तट बंधी नाव .श्वासों ..की - प्राणपथिक का... Read more
तिनका तिनका....
तिनका तिनका.... तिनका तिनका करके आशियाना बनाया जाता ..है l कतरा कतरा मोहब्बत से दिल को सजाया जाता है l राज दिल के खोल न... Read more
क्षणभंगुर ...
क्षणभंगुर ... क्षणभंगुर इस जीवन का कहाँ कोई ठिकाना है l हर कदम पे उलझन में लिपटा एक फ़साना है l हो सका न मुक्त... Read more
नेम प्लेट ...
नेम प्लेट ... कुछ देर बाद मिल जाऊंगा मैं मिट्टी में पर देखो हटाई जा रही है निर्जीव काल बेल के साथ लटकी मेरी ज़िंदा... Read more
कस्तूरी....
कस्तूरी.... बीती रात की बात वो l .... बादल की बरसात वो l ...... सांसें कस्तूरी कर गयी , ......... .. होठों की मुलाक़ात वो... Read more
प्रेम ...
प्रेम ... अनुपम आभास की अदृश्य शक्ति का चिर जीवित अहसास है प्रेम// मौन बंधनों से उन्मुक्त उन्माद की अनबुझ प्यास है प्रेम// संवादहीन शब्दों... Read more
प्रेम ...
प्रेम ... अनुपम आभास की अदृश्य शक्ति का चिर जीवित अहसास है प्रेम// मौन बंधनों से उन्मुक्त उन्माद की अनबुझ प्यास है प्रेम// संवादहीन शब्दों... Read more
तिलस्म ..
तिलस्म .. मेरी दुनिया को सितारो स्याह न करो l ...मेरे गुलिस्तां पे शरारो निग़ाह न करो l ......वाकिफ़ हूँ मैं फ़रेबी अदा से आपकी... Read more
तिलस्म ..
तिलस्म .. मेरी दुनिया को सितारो स्याह न करो l ...मेरे गुलिस्तां पे शरारो निग़ाह न करो l ......वाकिफ़ हूँ मैं फ़रेबी अदा से आपकी... Read more
मधु क्षण....
मधु क्षण.... मौन भाव ..अभिव्यक्त करो तृषित निशा को तृप्त ..करो करो समर्पण का अभिनंदन मधु क्षण न .अभिशप्त करो सुशील सरना
सुर्ख आरिज़ों पे ….
सुर्ख आरिज़ों पे …. सुर्ख आरिज़ों पे गुलाब रखते हैं ...वो चिलमन में शराब रखते हैं .......ले न ले कोई नज़र बोसा उनका ............छुपाके ज़ुल्फ़ों... Read more
स्पंदन....
स्पंदन.... झुकी नज़र रक्ताभ अधर ...हुए अंतर्मन के भाव प्रखर ......घोर तिमिर में स्पर्श तुम्हारे ............स्वप्न स्पंदन सब गए निखर सुशील सरना